जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना
जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.
सारांश
- नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
- पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
- अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
- चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
- पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.
लाइव कवरेज
दीपक मंडल
जयपुर ग्रामीण में स्कूल निरीक्षण करने पहुंचे आशुतोष रांका समेत सीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट, मोहर सिंह मीणा, जयपुर से बीबीसी हिन्दी के लिए

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इमेज कैप्शन, सीजेपी कार्यकर्ता रेखा शर्मा ने बताया कि जैसे ही वो गांव में दाखिल हुईं, उन पर हमला कर दिया गया आज जयपुर ग्रामीण के एक सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता आशुतोष रांका और कार्यकर्ताओं का ग्रामीणों ने विरोध किया. आरोप है कि ग्रामीणों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें गांव से बाहर जाने के लिए मजबूर किया.
वीडियो में दिख रहा है कि ग्रामीण ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते हुए सीजेपी कार्यकर्ताओं को गांव से बाहर जाने के लिए बोल रहे हैं.
सीजेपी की महिला कार्यकर्ताओं के साथ भी ग्रामीणों ने मारपीट की.
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि गांव में बीजेपी के बुलाए हुए लोग विरोध करने के लिए पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि वे इस तरह के विरोध से डरने वाले नहीं हैं.

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इमेज कैप्शन, सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा वो ऐसे मामलों से डरने वाले नहीं हैं आशुतोष रांका ने एक्स पर लिखा, "रामपुरा, कंवरपुरा स्थित सरकारी स्कूल पिछले कई सालों से भैंसों के तबेले में चल रहा है. मैं अभी वही पहुंच रहा हूं. लेकिन हमारी टीम के कुछ साथी जो वहां पहुंचे हुए थे, उनके साथ भाजपा के गुंडे फिर मारपीट पर उतर आए. भाजपा को हमारे बच्चे भैंसों के तबेले में पढ़ते रहे, यह मंज़ूर है, लेकिन इन स्कूलों को अगर हम ठीक करवाने की कोशिश करें यह मंज़ूर नहीं है. इससे शर्मनाक बात क्या हो सकती है?"
सीजेपी कार्यकर्ता रेखा शर्मा ने बताया, “हम लोग जब स्कूल का विजिट करने के लिए गांव की ओर बढ़ रहे थे, तो पूरे के पूरे गांव वाले खड़े थे. इसमें बागड़ा समाज के लोग, बीजेपी के कार्यकर्ता और गुंडे भी थे. जैसे ही हम गांव में दाखिल हुए, उन्होंने हम पर हमला शुरू कर दिया. आशुतोष रांका समेत दूसरे साथियों पर भी हमला किया. मेरे साथ भी धक्का-मुक्की की गई. बुज़ुर्ग लोगों से ऐसी उम्मीद नहीं थी कि वे हमारे साथ बदतमीज़ी करेंगे.”
एक अन्य कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि गांव वालों ने उनकी गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए और उन्हें ‘पाकिस्तानी’ कहकर बुलाया.
वहीं, सीजेपी का विरोध कर रहे एक ग्रामीण ने दावा किया कि स्कूल की मरम्मत के लिए 12 लाख रुपये पास हो चुके हैं और यह काम बीजेपी करा देगी.
उन्होंने कहा कि वे बीजेपी के लिए काम करते रहेंगे और हमेशा बीजेपी के साथ रहेंगे.
मेडिकल जांच के बाद इमरान ख़ान को फिर अडियाला जेल भेजा गया

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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान(फ़ाइल फ़ोटो) पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया पर बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को मेडिकल जांच के बाद अस्पताल से वापस अडियाला जेल भेज दिया गया है.
एक्स पर पोस्ट में अताउल्लाह तरार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत 20 और 21 अगस्त की दरमियानी रात इमरान खान को कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल ले जाया गया था.
उन्होंने बताया कि आंखों के डॉक्टर, हृदय रोग विशेषज्ञ और फिजिशियन समेत विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने इमरान खान की विस्तृत मेडिकल जांच की और उन्हें चिकित्सकीय रूप से स्वस्थ पाया.
अताउल्लाह तरार के मुताबिक, इमरान खान की बहन उजमा खान जांच और इलाज की पूरी प्रक्रिया के दौरान उनके साथ मौजूद थीं.
उन्होंने कहा कि मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद 21 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे इमरान खान को वापस अडियाला जेल भेज दिया गया.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल से अस्पताल शिफ़्ट किया गया

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इमेज कैप्शन, 18 अगस्त को पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को दो दिनों के भीतर अडियाला जेल से शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में शिफ्ट करने का आदेश दिया था (फ़ाइल फ़ोटो) पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को गुरुवार देर रात रावलपिंडी की अडियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाया गया.
हालांकि, इस मामले में अभी तक अधिकारियों और अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
बीबीसी न्यूज़ उर्दू के मुताबिक, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के एक प्रवक्ता और इस्लामाबाद पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इमरान खान को अस्पताल ले जाने की पुष्टि की है.
हालांकि, इस्लामाबाद प्रशासन या पाकिस्तान सरकार ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है.
गौरतलब है कि 18 अगस्त को पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को दो दिनों के भीतर अडियाला जेल से शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में शिफ्ट करने का आदेश दिया था.
कोर्ट ने एक मेडिकल बोर्ड बनाने का भी निर्देश दिया था, जिसमें इमरान खान के निजी डॉक्टर डॉ. फैसल और उनकी बहन डॉ. उजमा खान को शामिल किया जाना है.
वंदे मातरम को लेकर रवींद्रनाथ टैगोर की क्या राय थी, उन्होंने कांग्रेस से क्या कहा था?
'वंदे मातरम' को लेकर क्या बोलीं बीएसपी प्रमुख मायावती?

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इमेज कैप्शन, बीएसपी प्रमुख मायावती ने कहा, "इस समय सरकारों और सभी राजनीतिक दलों को देश और जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए" (फ़ाइल फ़ोटो) बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती ने ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा कि देश में इस बात को लेकर राजनीति करना ठीक नहीं है कि वंदे मातरम पूरा गाया जाए, इसके शुरुआती दो छंद गाए जाएं या इसे न गाया जाए.
मायावती ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वंदे मातरम् के गायन को लेकर हाल ही में संसद में जो कानून पास किया गया है, ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है.
उन्होंने कहा, "केंद्र और राज्यों में सत्ता परिवर्तन के दौरान राजनीतिक दल अक्सर अपने राजनीतिक स्वार्थ या फायदे के हिसाब से पहले की सरकारों द्वारा बनाए गए कानूनों में बदलाव करते रहते हैं."
बीएसपी प्रमुख ने कहा, "इस समय सरकारों और सभी राजनीतिक दलों को देश और जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए."
उन्होंने खास तौर पर बेरोजगार युवाओं, छात्रों, ‘जेन-जी’ और स्कूली बच्चों की समस्याओं का जिक्र किया.
मायावती ने देश के कुछ हिस्सों में आई भयंकर बाढ़ से हो रही जान-माल की भारी क्षति का भी मुद्दा उठाया.
उन्होंने कहा, "ऐसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ सभी राजनीतिक दलों को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए."
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश और जनहित में यही सबसे जरूरी मांग है.
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जादवपुर यूनिवर्सिटी में लेफ्ट और एबीवीपी के बीच हुई झड़प पर क्या बोले दिलीप घोष?

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इमेज कैप्शन, दिलीप घोष ने कहा, “जादवपुर यूनिवर्सिटी में कुछ ऐसे ग्रुप सक्रिय हैं, जो हमेशा राष्ट्रविरोधी नारे लगाते रहते हैं" पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित जादवपुर यूनिवर्सिटी में बुधवार देर रात हंगामा हुआ. इस दौरान लेफ़्ट छात्र संगठन और एबीवीपी के बीच झड़प की ख़बरें सामने आईं.
इस घटना पर पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी है.
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने कहा, “जादवपुर यूनिवर्सिटी में कुछ ऐसे ग्रुप सक्रिय हैं, जो हमेशा राष्ट्रविरोधी नारे लगाते रहते हैं. इससे पहले राज्यपाल के साथ भी बदसलूकी की जा चुकी है. यूनिवर्सिटी में किसी भी तरह की राष्ट्रविरोधी या असामाजिक गतिविधियां नहीं होनी चाहिए. यूनिवर्सिटी का माहौल शांतिपूर्ण होना चाहिए.”
आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बंगाल दौरे पर उन्होंने कहा, “बंगाल की सीमा सबसे संवेदनशील है. केंद्रीय गृह मंत्री हमेशा इस बात पर ध्यान देते रहे हैं कि बंगाल की सीमा को कैसे सुरक्षित बनाया जाए.”
इस घटना के बाद सीपीआई(एम) ने गुरुवार को एक्स पर एबीवीपी के कार्यकर्ताओं पर हिंसा फैलाने का आरोप लगाया.
सीपीआई(एम) ने लिखा, "आधी रात को एबीवीपी-बीजेपी-आरएसएस के गुंडे बाइक पर सवार होकर जाधवपुर यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंचे और वहां हिंसा फैलाई; उन्होंने हथियारों से छात्रों पर हमला किया, यूनियन रूम में तोड़-फोड़ की, पत्थर और ईंटें फेंकीं और छात्रों का सामान जला दिया."
इसराइल का वेस्ट बैंक सेटलमेंट प्रोजेक्ट क्या है जिस पर ब्रिटेन समेत पांच देशों ने जताई कड़ी आपत्ति

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इमेज कैप्शन, ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी, इटली और कनाडा ने एक संयुक्त बयान में इस फैसले को “अस्वीकार्य” बताया है इसराइल ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक के रणनीतिक रूप से एक महत्वपूर्ण इलाक़े में करीब 12 सौ नए सेटलमेंट घर बनाने के लिए टेंडर जारी करने की योजना बनाई है.
इस फैसले की अमेरिका के कुछ प्रमुख सहयोगी देशों ने भी कड़ी आलोचना की है.
ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी, इटली और कनाडा ने एक संयुक्त बयान में इस फैसले को “अस्वीकार्य” बताया और इसराइल से इन योजनाओं को तुरंत वापस लेने की अपील की.
अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी इसराइली सेटलमेंट को अवैध माना जाता है. अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण इसराइल ने यरूशलम के पूर्व में स्थित ई1 इलाक़े में निर्माण की योजनाओं को कई दशकों तक रोक रखा था.
कई देशों और फ़लस्तीनियों का कहना है कि अगर यहां निर्माण होता है तो टू-नेशन समाधान की उम्मीदों को बड़ा झटका लगेगा.
उनका मानना है कि इससे वेस्ट बैंक प्रभावी तौर पर दो हिस्सों में बंट जाएगा और पूर्वी यरूशलम अलग-थलग पड़ जाएगा.
यूरोपीय देशों और कनाडा ने गुरुवार को जारी अपने बयान में कहा, “वेस्ट बैंक में इस समय गंभीर अस्थिरता है. आम लोगों के ख़िलाफ़ इसराइलियों की हिंसा अप्रत्याशित स्तर पर है और फ़लस्तीनी अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर पाबंदियां हैं. ऐसे समय में यह फैसला और भी चिंताजनक है.”
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न्यूयॉर्क कैपिटल पर हमले की साज़िश के आरोप में महिला गिरफ़्तार, मैक्स मात्ज़ा

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इमेज कैप्शन, पुलिस ने बोवी की तस्वीरें जारी कीं, जिसमें वह एक शॉपिंग ट्रॉली के साथ स्थानीय हार्डवेयर स्टोर पर कथित तौर पर बम बनाने के पार्ट्स खरीदते हुए दिखाई दे रही हैं अमेरिकी जांच एजेंसी एफ़बीआई ने न्यूयॉर्क की एक महिला को गिरफ़्तार किया है. उस पर आरोप है कि वह ऑल्बनी में राज्य की कैपिटल बिल्डिंग को बम से उड़ाकर वहां मौजूद सांसदों को मारने की योजना बना रही थी.
अभियोजकों के मुताबिक, 35 साल की जेसिका बोवी ने पहले ही इस्लामिक स्टेट के प्रति अपनी वफादारी जताई थी. उस पर एक ऐसे विदेशी आतंकी संगठन को मदद या संसाधन देने का आरोप लगाया गया है, जिसे अमेरिका ने आतंकी संगठन घोषित कर रखा है.
अभियोजकों का कहना है कि बोवी ने इस इमारत की कई बार निगरानी की थी. गिरफ़्तारी के समय उसके पास एक नकली बम और एक ख़राब बंदूक थी. ये दोनों चीजें कथित तौर पर अंडरकवर एजेंटों ने उसे दी थीं, क्योंकि उन्हें उस पर शक था.
क्रिमिनल शिकायत के मुताबिक, बोवी ने कथित तौर पर अंडरकवर एजेंटों से कहा था, “मैं इमारत का जितना हो सके उतना हिस्सा नष्ट करना चाहती हूं और सीनेटरों को मारना चाहती हूं."
अभी यह साफ नहीं है कि बोवी अपने ऊपर लगे आरोपों के ख़िलाफ़ अदालत में मुकदमा लड़ेंगी या नहीं.
ऑल्बनी की रहने वाली बोवी ने कथित तौर पर एफ़बीआई के मुखबिरों के साथ अपनी योजना पर चर्चा की थी. वह कई हफ्तों तक ऐसे एजेंटों के संपर्क में भी रही, जो खुद को आईएस के सदस्य बताकर उससे मिले थे.
अभियोजकों के मुताबिक, बोवी ने न्यूयॉर्क की स्टेट कैपिटल बिल्डिंग को इसलिए चुना क्योंकि उसे लगा कि यह व्हाइट हाउस की तुलना में आसान निशाना होगा.
डोनाल्ड ट्रंप: ज़रूरत पड़ती तो ईरान पर 100 बार और हमला करता

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इमेज कैप्शन, एक रेडियो इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि अगर वो ईरान पर कार्रवाई नहीं करते, तो आज इसराइल और पूरा मध्य-पूर्व तबाह हो चुका होता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए ज़रूरत पड़ती, तो वह ईरान पर 100 बार और हमला करने से भी पीछे नहीं हटते.
एक रेडियो इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि अगर वो ईरान पर कार्रवाई नहीं करते, तो आज इसराइल और पूरा मध्य-पूर्व तबाह हो चुका होता.
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले का आदेश उस समय दिया था, जब उनके मुताबिक ईरान परमाणु हथियार बनाने से सिर्फ दो हफ्ते दूर था.
होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर भी ट्रंप ने दावा किया कि इसका नियंत्रण अमेरिका के हाथ में है. उन्होंने एक बार फिर कहा कि अमेरिकी कार्रवाई ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को काफी कमज़ोर कर दिया है और उसकी अर्थव्यवस्था ढहने की कगार पर है.
ट्रंप ने ईरान परमाणु समझौते (बराक ओबामा के दौर का परमाणु समझौता) को “एक आपदा” बताया.
उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए अमेरिका का इस समझौते से बाहर निकलना ज़रूरी था.
ट्रंप ने ईरान को “मध्य-पूर्व का दबंग” बताते हुए कहा कि ईरान ने क़तर, बहरीन, कुवैत और यूएई जैसे देशों पर भी हमला किया, जो कुछ हद तक ईरान का समर्थन कर रहे थे.
उन्होंने दावा किया कि अगर अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई नहीं की होती, तो ईरान इन सभी देशों को तबाह कर देता और इसके बाद अमेरिकी ज़मीनी हमला करने की तैयारी करता.
क्या बोले अमेरिकी वित्त मंत्री
अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने अमेरिकी सहयोगी देशों से ईरान की अर्थव्यवस्था को “तहस-नहस” करने की अमेरिका की कोशिश में साथ देने की अपील की है.
बेसेंट ने न्यूज चैनल सीएनबीसी से बातचीत में कहा, “हम इस शासन को गिराने जा रहे हैं. अब वक्त आ गया है कि हमारे सहयोगी और दुनिया के बाकी देश फैसला करें.”
उन्होंने आगे कहा, “या तो आप हमारे साथ हैं या हमारे ख़िलाफ़.”
बेसेंट का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जो भी देश ईरान के शासन को “किसी भी तरह की मदद या सहारा” देगा, उसे “भयंकर आर्थिक नतीजे” भुगतने पड़ेंगे.
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- ग़ज़ा में अब भी हज़ारों लापता, जवाब तलाशने में परिजन तय कर रहे एक दर्दनाक यात्रा
मिर्ज़ा फ़ख़रुल इस्लाम आलमगीर बने बांग्लादेश के नए राष्ट्रपति

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इमेज कैप्शन, आलमगीर सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेता हैं बांग्लादेश की संसद ने मिर्ज़ा फ़ख़रुल इस्लाम आलमगीर को देश का नया राष्ट्रपति चुन लिया है.
लगभग 35 वर्षों के बाद, बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति का चुनाव प्रत्यक्ष मतदान के ज़रिए हुआ.
सत्तारूढ़ बीएनपी की ओर से मनोनीत उम्मीदवार मिर्ज़ा फ़ख़रुल इस्लाम आलमगीर 255 वोटों से राष्ट्रपति चुने गए.
आलमगीर सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेता हैं. वह पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के प्रमुख विरोधियों में रहे हैं. साल 2024 में स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बाद शेख़ हसीना को सत्ता से बेदख़ल कर दिया गया था.
शेख़ हसीना फ़िलहाल भारत में रह रही हैं. बांग्लादेश ने भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग की है.
आलमगीर ने मुश्किल दौर में बीएनपी का नेतृत्व संभालने में अहम भूमिका निभाई और उन्हें कई बार गिरफ़्तार भी किया गया.
बांग्लादेश में राष्ट्रपति का पद मुख्य रूप से औपचारिक है.
हालांकि, प्रस्तावित सुधारों के तहत राष्ट्रपति के पद को अधिक शक्तियां दी जा सकती हैं, ताकि देश के शीर्ष नेताओं के बीच सत्ता का संतुलन बनाया जा सके.
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महाराष्ट्र में सीजेपी का 'स्कूल ठीक करो' अभियान, अभिजीत दीपके ने मंत्री का इस्तीफ़ा मांगा

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इमेज कैप्शन, अभिजीत दीपके ने सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति के लिए नेताओं को ज़िम्मेदार ठहराया है (फ़ाइल फ़ोटो) कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजीत दीपके ने गुरुवार को कहा कि महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए, क्योंकि राज्य के सरकारी स्कूलों की हालत बेहद ख़राब है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, दीपके अपनी पार्टी के 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत लातूर ज़िले के औसा में एक स्कूल का दौरा कर रहे थे.
उन्होंने दावा किया कि स्कूल की कक्षाओं में कुछ ऐसे ''स्टूडेंट्स'' बैठे मिले, जिनका नाम स्कूल के रिकॉर्ड में नहीं था. उन्होंने स्कूल परिसर में शराब की बोतलें मिलने का भी दावा किया.
उन्होंने सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति के लिए नेताओं को ज़िम्मेदार ठहराया और उन नेताओं पर भी निशाना साधा जो धर्म के ख़तरे में होने की बात करते रहते हैं.
दीपके ने सबसे पहले उजनी गांव के एक ज़िला परिषद स्कूल का दौरा किया. इसके बाद उन्होंने ज़िले के औसा कस्बे में एक अन्य स्कूल का जायज़ा लिया.
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि स्कूलों की हालत के लिए चुने हुए जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.
ईरान बड़ा तेल उत्पादक देश फिर भी क्यों हो रही है वहां किल्लत

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इमेज कैप्शन, ईरान में खपत और उत्पादन के बीच का अंतर अभी भी बना हुआ है ईरान के सरकारी अधिकारियों ने बताया है कि देश में पेट्रोल की रोज़ाना खपत लगभग 13.5 करोड़ लीटर तक पहुंच गई है. लेकिन सीमित उत्पादन, आयात संबंधी दिक्कतों और रिज़र्व पर दबाव की वजह से देश में तेल संकट बढ़ता जा रहा है.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़ ईरान के ऊर्जा विभाग से जुड़े अधिकारी यासिर मिर्ज़ाई के मुताबिक, "युद्ध के हालात और आर्थिक दिक्कतों" के बावजूद पेट्रोल की खपत ऊंचे स्तर पर बनी हुई है.
हालांकि,उन्होंने कहा कि खपत और उत्पादन के बीच का अंतर अभी भी बना हुआ है. पेट्रोल की खपत में लगातार और तेज़ी से बढ़ोतरी हो रही है. सीएनजी का इस्तेमाल घट रहा है.
सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की हालत ख़राब हो रही है. ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब ईरानी सरकार पेट्रोल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में बदलाव के लिए प्रस्तावों पर विचार कर रही है.
इन प्रस्तावों में एक निश्चित दैनिक उत्पादन सीमा तक पहुंचने के बाद पेट्रोल की सप्लाई बंद करने जैसे विकल्पों पर विचार हो रहा है.
'वंदे मातरम्' पर कांग्रेस का नौ दशक पुराना प्रस्ताव क्या है और बीजेपी ने क्यों उठाए सवाल?
वर्ल्ड कप महिला हॉकी में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ मैच ड्रॉ रहने के बाद भारत दूसरे दौर में पहुंचा

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इमेज कैप्शन, दोनों टीमें कोई भी गोल नहीं कर पाईं और मैच ड्रॉ रहा (फ़ाइल फ़ोटो) नीदरलैंड्स में महिला हॉकी वर्ल्ड कप में भारत और इंग्लैंड के बीच मैच बराबरी पर ख़त्म हो गया.
लेकिन भारत दूसरे दौर के लिए क्वालीफ़ाई कर गया है. दोनों टीमों के लिए ये मैच करो या मरो जैसा था.
भारतीय महिला टीम ने अपने पहले मैच में चीन के ख़िलाफ़ ड्रॉ खेला था, जबकि साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ जीत हासिल की थी.
पहले क्वार्टर में भारत को तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारतीय टीम इसका फ़ायदा नहीं उठा सकी और कोई गोल नहीं हो सका.
इंग्लैंड को भी एक पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन उसकी टीम भी गोल नहीं कर सकी. इंग्लैंड की सोफी हैमिल्टन को खेल के 13वें मिनट में ग्रीन कार्ड दिया गया.
दोनों टीमें कोई भी गोल नहीं कर पाईं और मैच ड्रॉ रहा.
