जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना

जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.

सारांश

  • नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
  • पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
  • अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
  • चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
  • पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. अब इस लाइव ब्लॉग को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े को दीजिए इजाज़त. कल एक नए लाइव ब्लॉग के साथ फिर हाज़िर होंगे.

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  2. रूस में बढ़ा तेल संकट, पंपों पर गाड़ियों की लंबी कतारें, स्टीव रोज़नबर्ग

    शुक्रवार को मॉस्को के एक पेट्रोल पंप पर लगी गाड़ियों की लंबी कतार

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    इमेज कैप्शन, शुक्रवार को मॉस्को के एक पेट्रोल पंप पर लगी गाड़ियों की लंबी क़तार

    यूक्रेनी ड्रोन हमलों के बीच राजधानी मॉस्को और रूस के कई हिस्सों में पेट्रोल के लिए लंबी कतारें दिख रही हैं. अधिकारियों के मुताबिक़ तेल रिफ़ाइनरियों की मरम्मत की वजह से यह स्थिति पैदा हुई है.

    अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत का काम रूसी तेल प्रतिष्ठानों पर यूक्रेनी ड्रोन हमलों के बाद शुरू किया गया गया है.

    इन हमलों के कारण इस गर्मी की शुरुआत में भी रूस में ईंधन की बड़ी कमी हुई थी और वहां तेल रिफ़ाइनरियों को निशाना बनाने का सिलसिला लगातार जारी है.

    पिछले कुछ दिनों में मॉस्को में पेट्रोल के लिए पहले से भी लंबी कतारें दिख रही हैं. वहीं अधिकारियों को रिफ़ाइनिंग क्षमता और ईंधन की आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

    साल 2022 में यूक्रेन पर रूस के पूर्ण सैन्य हमले से पहले रूसी तेल रिफ़ाइनरियों या रूस के भीतर किसी भी प्रतिष्ठान पर ड्रोन हमले नहीं होते थे.

    हालांकि इन हमलों के बाद भी क्रेमलिन ने अपनी नीति में कोई बदलाव नहीं किया है और यूक्रेन के ख़िलाफ़ रूस का युद्ध जारी है, जिसे वह 'विशेष सैन्य अभियान' कहता है.

    संकट को कम करने के लिए रूस ने पेट्रोल आयात करना शुरू कर दिया है.

    यह उस देश के लिए असाधारण स्थिति है, जिसे व्यापक रूप से ऊर्जा महाशक्ति और दुनिया के प्रमुख कच्चे तेल के निर्यातकों में से एक माना जाता है.

  3. तुर्की ने इसराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी का वारंट जारी किया

    अर्दोआन और नेतन्याहू

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    इमेज कैप्शन, इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैय्यप अर्दोआन लगातार एक-दूसरे पर तीखी टिप्पणी करते रहे हैं

    ग़ज़ा में सहायता सामग्री से भरे जहाज़ों को ज़ब्त करने के मामले में तुर्की ने इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी किया है.

    तुर्की के न्याय मंत्री अकिन गुरलेक ने शुक्रवार को एक्स सोशल नेटवर्क पर इसकी जानकारी दी.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, इस साल मई में 40 देशों के 430 से अधिक फ़लस्तीनी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को इसराइली सेना ने गिरफ़्तार कर लिया और उन्हें इसराइल के जेल में डाल दिया था.

    ये लोग में ग़ज़ा के लोगों की मदद करने की कोशिश कर रहे एक नौसैनिक बेड़े में शामिल थे.

    गिरफ़्तार कार्यकर्ताओं को तुर्की के विमानों से इसराइल से बाहर ले जाया गया और उन्हें तुर्की भेज दिया गया.

    ग्लोबल फ्लीट ऑफ़ एंड्योरेंस अभियान का हिस्सा रहे ये कार्यकर्ता ग़ज़ा की नौसैनिक नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे.

    इससे पहले तुर्की ने ग़ज़ा युद्ध में इसराइल की ओर से 'जनसंहार' के आरोपों पर नेतन्याहू और कई वरिष्ठ इसराइली अधिकारियों के लिए गिरफ़्तारी वारंट जारी किए थे.

  4. उमर अब्दुल्लाह ने कहा- राहुल गांधी जो कर रहे हैं, वैसा ही करते रहें

    उमर अब्दुल्लाह ने राहुल गांधी का समर्थन किया है

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    इमेज कैप्शन, उमर अब्दुल्लाह ने राहुल गांधी का समर्थन किया है

    जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने कहा है कि 'अगर विपक्ष का नेता विरोध न करे तो वह किस काम का विपक्ष है.'

    उमर अब्दुल्लाह ने राहुल गांधी के मुद्दे पर पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा, "मैंने आप लोगों को जम्मू-कश्मीर के विपक्षी नेता से कुछ पूछते हुए नहीं सुना कि आप फिज़ूल में बार-बार सवाल क्यों करते हैं."

    "जब वो सवाल करते हैं तो आपको मज़ा आता है. जब राहुल गांधी करते हैं तो आप लोग कहते हैं कि राहुल गांधी सवाल क्यों कर रहे हैं."

    उन्होंने कहा, "आप विरोधी दल के नेताओं को अलग-अलग तराजू में नहीं तौल सकते हैं. राहुल गांधी वह कर रहे हैं जो देश उनसे उम्मीद करता है. विपक्ष के नेता काम है हुकूमत से जवाब मांगना, उसे जवाबदेह बनाना. राहुल गांधी वही कर रहे हैं."

    उमर अब्दुल्लाह ने कहा, "मैं तो चाहूंगा कि वह इसी तरह करते रहें, यही विपक्ष का काम है."

    इस बीच दिल्ली पुलिस ने साहिल लोचब की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत पर कार्रवाई करते हुए कथित पैलेट गन फ़ायरिंग की घटना के संबंध में एफ़आईआर दर्ज की है.

    इस मामले में एफ़आईआर दर्ज करने की मांग को लेकर शुक्रवार को राहुल गांधी कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए थे.

    एफ़आईआर दर्ज होने के बाद राहुल गाँधी ने कहा, " ये न्याय की ओर पहला क़दम है. केस लॉज हुआ है. हम सुबह 11:30 बजे आए थे पौने सात बजे एफ़आईआर दर्ज हुई है."

  5. रिस्क लेने का मनोविज्ञान: क्या आप सीधे 50 हज़ार डॉलर लेंगे या 10 लाख डॉलर जीतने के लिए टॉस करना चाहेंगे?

  6. जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन को संघ ने बताया 'सिस्टम की नाकामी का मुद्दा'

    संघ की बैठक में राजधानी दिल्ली में हाल में हुए प्रदर्शनों पर चर्चा की गई

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    इमेज कैप्शन, संघ के नेता सीआर मुकुंद (बाएं) ने बताया कि संघ की बैठक में राजधानी दिल्ली में हाल में हुए छात्र प्रदर्शनों पर चर्चा की गई

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने कहा है कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन, सिस्टम की नाकामियों को दिखाते हैं.

    आरएसएस ने कहा कि सरकार को इन कमियों को दूर करने के लिए कदम उठाने चाहिए.

    संघ के नेता सीआर मुकुंद ने कहा कि देशभर की व्यवस्थाओं में कमियां हैं, लेकिन बदलाव तोड़फोड़ या व्यवस्था में व्यवधान पैदा करके नहीं लाया जा सकता.

    विशाखापत्तनम में आरएसएस की तीन दिवसीय समन्वय समिति की बैठक के अंत में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने यह टिप्पणी की.

    उन्होंने कहा कि बैठक में राजधानी दिल्ली में हाल में हुए प्रदर्शनों पर चर्चा की गई.

    उन्होंने इसे एक बड़ी समस्या के लक्षण के तौर पर बताया. मुकुंद ने कहा कि सरकार को उन चिंताओं पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए, जो नीट जैसे किसी एक मुद्दे तक सीमित नहीं हैं.

  7. सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका के साथ मारपीट पर अरविंद केजरीवाल ने ये कहा

    केजरीवाल ने जयपुर में सीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है

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    इमेज कैप्शन, केजरीवाल ने जयपुर में सीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है

    राजस्थान में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनकी टीम के साथ मारपीट के मामले पर अरविंद केजरीवाल ने प्रतिक्रिया दी है.

    आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर लिखा, "ये सब क्या हो रहा है देश में? बीजेपी के गुंडों ने सीजेपी के वॉलंटियर्स पर बुरी तरह से हमला कर दिया. मार-पीट की, कपड़े फाड़े और गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए."

    "ये सब सिर्फ इसलिए कि वे बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए आवाज़ न उठा सकें? बच्चे पढ़-लिख गए, तो इससे बीजेपी को क्या तकलीफ़ है? ये हमारे बच्चों को अनपढ़ क्यों रखना चाहते हैं?"

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने कहा है कि राजस्थान के बगरू विधानसभा क्षेत्र के एक स्कूल में पहुँचे उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई.

    सीजेपी कार्यकर्ता

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    इमेज कैप्शन, सीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट करते लोग

    दरअसल सीजेपी के सदस्य इस इलाक़े के एक स्कूल तक जाना चाहती थी, जिसकी हालत काफ़ी जर्जर है. सीजेपी ने कहा है कि उनके राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के साथ भी मारपीट की गई और कुछ लोगों ने उनपर पथराव भी किया.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की टीम घटना के दौरान मौक़े पर मौजूद थी.

    इस दौरान सीजेपी कार्यकर्ताओं को गांव में घुसने से रोका गया, उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया, पथराव कर उनकी गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए. इस हमले में सीजेपी के कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं.

  8. सूरत के कुछ कारखानों में बिना वीकली ऑफ़ 12 घंटे काम, मज़दूरों ने उठाई आवाज़

  9. पैलेट गन के मामले में साहिल लोचब की शिकायत पर एफ़आईआर दर्ज, राहुल गांधी ने क्या कहा?

  10. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने क्यों कहा, 'जंग ख़त्म करने का समय आ गया है'

    ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान

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    इमेज कैप्शन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने दावा किया कि ईरान मजबूत स्थिति में है

    ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान का कहना है कि अमेरिका के साथ जंग ख़त्म करने का समय आ गया है क्योंकि अमेरिका के मुक़ाबले ईरान 'ताक़तवर' स्थिति में है.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, पेज़ेश्कियान ने कहा, "पूरी दुनिया हमारी जीत को स्वीकार करती है और इस बात पर जोर देती है कि अमेरिका ने सभी नियमों के उलट हमारे स्कूलों, अस्पतालों और बुनियादी ढांचे पर हमला किया और दुनिया भर में उससे नफ़रत की जा रही है."

    ईरानी राष्ट्रपति ने ईरान-अमेरिका वार्ता के नतीजे में इस्लामाबाद एमओयू पर हस्ताक्षर को एक 'बड़ी उपलब्धि' बताया.

    पेज़ेश्कियान ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि उनके बयानों का मतलब संभावित आक्रामकता के आगे आत्मसमर्पण करना नहीं है और कहा, "इसमें कोई संदेह नहीं है कि हम किसी भी तरह से दादागिरी के आगे नहीं झुकेंगे. हम अपनी आखिरी सांस तक उनके ख़िलाफ़ खड़े रहेंगे और उन्हें जोरदार जवाब देंगे."

    उधर, ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ़ ऑफ स्टाफ ने कहा था कि 'दुश्मनों की ओर से किसी भी प्रकार की ग़लतफ़हमी और नए ख़तरों का विनाशकारी' जवाब दिया जाएगा.

    मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने कहा कि ईरान के रक्षा मंत्रालय ने "हाल के सालों में सैन्य उपकरणों के उत्पादन से आगे बढ़कर एक प्रभावी रक्षा औद्योगिक क्रांति खड़ी की है."

    यह ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के ख़िलाफ़ अपनी कार्रवाई का ध्यान सैन्य अभियानों से हटाकर आर्थिक दबाव पर केंद्रित कर दिया है.

  11. पवन खेड़ा ने कहा, क्या अमित शाह की चुप्पी अपराध को स्वीकार करना है?

    पवन खेड़ा

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    इमेज कैप्शन, पवन खेड़ा ने आरोप लगाया है कि बीजेपी अमित शाह को बचाने के लिए अन्य नेताओं को आगे कर देती है (फ़ाइल फ़ोटो)

    राहुल गांधी के धरने को लेकर बीजेपी नेताओं की टिप्पणी पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने निशाना साधा है.

    पवन खेड़ा ने एक्स पर लिखा, "नड्डा जी बिना कोई सार्थक बात कहे बहुत शोर मचाते हैं. किसी को उन्हें चुप रहने के लिए कहना चाहिए. लेकिन यह देखना दिलचस्प है कि मोदी जी अमित शाह को बचाने के लिए एक के बाद एक मंत्री को आगे कर रहे हैं."

    "रविशंकर जी, नड्डा जी, राजनाथ जी, किरेन रिजिजू जी. हमेशा ये जी या वो जी. लेकिन कभी 'उस' संबंधित जी को सामने नहीं लाया जाता."

    पवन खेड़ा ने कहा, "यह गृह मंत्रालय से जुड़ा मामला है और इसके लिए गृह मंत्री ही जवाबदेह हैं. वह सामने क्यों नहीं आते? क्या वह कायर हैं? या उनकी यह चुप्पी अपराध को स्वीकार करना है?"

    इससे पहले बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी बच्चों और छात्रों के भविष्य को ख़त्म करने पर आमदा है. उन्होंने कहा कि देश संविधान, क़ानून और न्यायिक प्रक्रिया से चलता है.

    दरअसल लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठे हुए थे, प्रियंका गांधी समते कांग्रेस के अन्य नेता और कार्यकर्ता भी उनके साथ मौजूद थे.

    राहुल गांधी के साथ जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान ज़ख़्मी हुए छात्र साहिल लोचब भी थे. आरोप है कि साहिल 20 जुलाई को पैलेट गन से ज़ख़्मी हुए थे.

    राहुल गांधी की मांग थी कि साहिल लोचब की ओर से दी गई लिखित पुलिस शिकायत के आधार पर एफ़आईआर दर्ज की जाए.

    बीजेपी ने राहुल गांधी पर ''अराजकता की राजनीति'' का आरोप लगाते हुए पूछा कि 'क्या वह क़ानून का सम्मान नहीं करते हैं?'

  12. राहुल गांधी संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठे, ये है माँग

  13. कार्टून: आपको आता है?

    वन्दे मातरम को लेकर जारी बहस पर आज का कार्टून
    इमेज कैप्शन, वन्दे मातरम को लेकर जारी बहस पर आज का कार्टून
  14. भागवत के दौरे से पहले संघ पर बैन लगाने की अमेरिकी संस्था की मांग, विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

    आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत

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    इमेज कैप्शन, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 25 अगस्त से अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन का दौरा करने वाले हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर बैन लगाने की सिफ़ारिश करने के 'यूएस कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ़्रीडम' के बयान पर भारत ने प्रतिक्रिया दी है.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हम सभी जानते हैं कि जिस संगठन या संस्था की आप बात कर रहे हैं, वह एक पक्षपाती संस्था है. यह कई साल से भारत के बारे में उल्टी-सीधी बातें और साथ में भड़काने वाली बातें करती रही है."

    उन्होंने कहा, "मैं तो कहूंगा कि हमें ऐसे संस्थानों हमें दूर रहना चाहिए, क्योंकि ऐसे संस्थान के पास अपना एक एजेंडा होता है और उनकी कोई विश्वसनीयता या साक्ष्य नहीं होते हैं."

    दरअसल आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 25 अगस्त से अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन का दौरा करेंगे.

    लेकिन उनके दौरे से पहले ही अमेरिका के भीतर ही विरोध की आवाज़ें उठने लगी हैं.

    यूएस कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ़्रीडम (यूएससीआईआरएफ़) नाम के संगठन ने उनकी यात्रा का विरोध किया है.

    इसने आरएसएस को 'भारत में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करने वाला संगठन' क़रार दिया है.

    यूएससीआईआरएफ़ अमेरिका के धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा एक संघीय सलाहकार आयोग है.

    20 अगस्त को इस आयोग से जुड़े अधिकारियों ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी.

    यूएससीआईआरएफ़ ने अपनी 2026 की रिपोर्ट में भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति को लेकर चिंता जताई है और आरएसएस समेत कुछ संगठनों के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों की सिफ़ारिश की है.

    यूएससीआईआरएफ़ पहले भी अपनी सालाना रिपोर्ट में भारत को लेकर इस तरह की चिंता ज़ाहिर करता रहा है. भारत इन रिपोर्ट्स को पक्षपातपूर्ण बताकर ख़ारिज करता है.

  15. अभिजीत दीपके का अल्टिमेटम, 48 घंटे में कार्रवाई न होने पर स्कूल के सामने धरने पर बैठेंगे

    अभिजीत दीपके ने अपने समर्थकों से जयपुर आने की अपील की

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    इमेज कैप्शन, अभिजीत दीपके ने अपने समर्थकों से जयपुर आने की अपील की

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने एक वीडिया जारी कर कहा है कि आशुतोष रांका और उनकी टीम के साथ इसलिए गुंडागर्दी हुई क्योंकि बच्चों को भैंस के तबेले में पढ़ाया जा रहा था और वे इस बात को सबके सामने लाना चाहते थे.

    उन्होंने इस मारपीट का आरोप बीजेपी के समर्थकों पर लगाया है.

    अभिजीत दीपके ने कहा, "अगर 48 घंटे के अंदर स्कूल को ठीक करने का काम शुरू नहीं होता है और मारपीट करने वालों को गिरफ़्तार नहीं किया जाता है तो मैं ख़ुद जयपुर जाऊंगा और स्कूल के सामने धरने पर बैठा रहूंगा."

    उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की, "आप सब लोग जयपुर आइए और हम सब जयपुर में वैसे ही बैठे रहेंगे, जैसे जंतर-मंतर पर बैठे थे और पीछे नहीं हटेंगे."

    उन्होंने कहा, "इसके साथ ही जो सर्कुलर निकाला गया है, जिसमें लिखा है कि कोई भी स्कूल की टूटी हुई फ़ोटो और वीडियो न निकाले. उस सर्कुलर को वापस लिया जाए. मैं बीजेपी वालों से कहना चाहूंगा कि हम पर चाहे जितने हमले करा लो, हम स्कूल ठीक करवा कर रहेंगे."

    दरअसल राजस्थान के जयपुर ग्रामीण में रामपुरा, कंवरपुरा स्थित सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने गए आशुतोष रांका और कार्यकर्ताओं के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की है.

    इससे पहले अभिजीत दीपके ने कहा, "आज आशुतोष पर जो हमला हुआ है वह बीजेपी वालों का डर दिखाता है. उन्हें डर है कि सीजेपी वालों के डर से सच में स्कूल न ठीक हो जाएं, क्योंकि लोग पढ़ लिख जाएंगे तो बीजेपी वालों को वोट नहीं देंगे."

    उन्होंने कहा, "जब एक भैंस से तबेले में सरकारी स्कूल चल रहा था. आशुतोष वहां जाने वाले थे तो और यह दिखाने वाले थे कैसे भैंस के तबेले में ग़रीबों के बच्चों को बैठाया गया था. इसी के डर से बीजेपी के लोगों ने आशुतोष पर हमला किया."

  16. तमिलनाडु के सीएम विजय ने अमित शाह से मिलने के बाद क्या अपना रुख़ नरम कर लिया?

  17. रेवंत रेड्डी को क्यों नहीं मिली अमेरिका जाने की अनुमति, विदेश मंत्रालय ने ये बताया

    रणधीर जायसवाल

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    इमेज कैप्शन, रणधीर जायसवाल ने बताया कि रेवंत रेड्डी को ब्रिटेन जाने की मंज़ूरी दी गई

    तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को अमेरिका यात्रा की अनुमति नहीं मिलने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, "मुख्यमंत्रियों और अन्य गणमान्य लोगों की विदेश यात्राओं का विदेश मंत्रालय आकलन करता है, ताकि राजनीतिक मंज़ूरी दी जा सके. ऐसे मामलों में प्रस्तावित कार्यक्रम पद और यात्रा के मक़सद के अनुरूप होना चाहिए."

    "इस विशेष मामले में अमेरिका के संबंध में ऐसा नहीं था और इसलिए मंज़ूरी नहीं दी गई. हालांकि, मैं यह भी बताना चाहूंगा कि उनकी ब्रिटेन यात्रा के लिए मंज़ूरी दे दी गई थी."

    रेवंत रेड्डी

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    इमेज कैप्शन, रेवंत रेड्डी, तेलंगाना के मुख्यमंत्री

    इससे पहले तेलंगाना के मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया था कि विदेश मंत्रालय ने सीएम रेवंत रेड्डी को अमेरिका जाने की अनुमति नहीं दी, जिसकी वजह से उनकी यात्रा रद्द कर दी गई है.

    हालांकि मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल को यूके और अमेरिका की यात्रा करनी थी, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से यह बताए जाने पर कि राजनीतिक कारणों से अनुमति नहीं दी जा रही है, रेवंत रेड्डी ने अमेरिकी दौरा रद्द कर दिया.

    मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस बात पर हैरानी जताई की कि इस यात्रा के लिए, राजनीतिक कारणों से अनुमति नहीं दी गई जबकि इसका मक़सद तेलंगाना का विकास करना, शिक्षा क्षेत्र को आगे बढ़ाना और 'विकसित भारत' के निर्माण में योगदान देना था.

    सीएमओ ने बताया कि 'केंद्र के फैसले का सम्मान करते हुए रेवंत रेड्डी ने अमेरिका जाने के बजाय लंदन से हैदराबाद लौटने का फ़ैसला किया.'

  18. क्या है राजस्थान के उस स्कूल का हाल जहाँ सीजेपी के कार्यकर्ताओं के साथ हुई मारपीट?

  19. नक्सली, माओवादी, लेफ़्टिस्ट और कम्युनिस्ट में क्या फर्क़ है ?

  20. पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर राहुल गांधी के बैठने पर क्या बोले जेपी नड्डा

    जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के धरने पर सवाल खड़े किए

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    इमेज कैप्शन, जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के धरने पर सवाल खड़े किए (फ़ाइल फ़ोटो)

    संसद मार्ग थाने के बाहर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के धरने पर बीजेपी नेता और केंद्रीय मंंत्री जेपी नड्डा ने सवाल खड़े किए हैं.

    जेपी नड्डा ने कहा, "आज पूरा देश एक बार फिर से राहुल गांधी की सस्ती और ध्यान भटकाने वाली राजनीति का गवाह बन रहा है, जिसका प्रदर्शन उन्होंने आज संसद मार्ग थाने के बाहर किया."

    उन्होंने कहा "राहुल गांधी का आज का धरना न तो छात्रों के लिए है और न ही न्याय के लिए. यह कांग्रेस पार्टी की राजनीतिक हताशा और राहुल गांधी की मीडिया का ध्यान खींचने की भूख है."

    उन्होंने आगे कहा, "मामले की जांच के लिए एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति भी गठित की गई है. जब देश की सर्वोच्च अदालत पहले से ही मामले की जांच कर रही है, तो आज थाने के बाहर बैठकर राहुल गांधी क्या साबित करना चाहते हैं?

    इससे पहले राहुल गांधी संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए हैं. उनकी बहन और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी भी थाने पहुंच गई हैं.

    राहुल गांधी के साथ जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान ज़ख़्मी हुए छात्र साहिल लोचव भी हैं. आरोप है कि साहिल 20 जुलाई को पैलेट गन से ज़ख़्मी हुए थे.

    राहुल गांधी की मांग है कि साहिल लोचव की ओर से दी गई लिखित पुलिस शिकायत के आधार पर एफ़आईआर दर्ज की जाए.