जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना

जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.

सारांश

  • नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
  • पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
  • अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
  • चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
  • पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. झारखंड हाई कोर्ट ने 11वीं और 13वीं जेपीएससी परीक्षाएं रद्द करने के फ़ैसले पर स्टे लगाया

    झारखंड हाई कोर्ट ने जेपीएससी की परीक्षाएं रद्द करने के हेमंत सोरेन सरकार के फ़ैसले पर स्टे लगा दिया है

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    इमेज कैप्शन, झारखंड हाई कोर्ट ने जेपीएससी की परीक्षाएं रद्द करने के हेमंत सोरेन सरकार के फ़ैसले पर स्टे लगा दिया है

    झारखंड हाई कोर्ट ने 11वीं और 13वीं जेपीएससी परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर स्टे लगा दिया है.

    इन परीक्षाओं में सफल और इनके आधार पर नियुक्त हुए अभ्यर्थियों की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि सरकार ने उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिए बिना एकतरफ़ा तरीके से परीक्षाएं और उनके बाद हुई नियुक्तियां रद्द कर दीं.

    इनमें से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी चयन के बाद सरकारी नौकरी ज्वाइन भी कर चुके थे. सरकार के फ़ैसले से उनकी नौकरियां सीधे ख़तरे में पड़ गईं.

    झारखंड

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    इमेज कैप्शन, झारखंड की राजधानी रांची में इन परीक्षाओं को रद्द करने, कथित गड़बड़ियों की जांच कराने और परीक्षा में सुधार की मांग को लेकर स्टूडेंट्स ने आंदोलन किया था

    झारखंड सरकार ने कहा था कि झारखंड लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित और एजेंसी टीडीपीएल के ज़रिए कराई जा रही परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं.

    सरकार के मुताबिक, सीआईडी की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर इन परीक्षाओं को रद्द किया गया.

    झारखंड की राजधानी रांची में इन परीक्षाओं को रद्द करने, कथित गड़बड़ियों की जांच कराने और परीक्षा में सुधार की मांग को लेकर स्टूडेंट्स ने आंदोलन किया था. इसके बाद राज्य सरकार ने परीक्षाओं को रद्द करने का फ़ैसला किया था.

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  4. बांग्लादेश के अधिकारी ने कहा - तारिक़ रहमान की भारत यात्रा की संभावना कम, बताई वजह

    तारिक़ रहमान

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    इमेज कैप्शन, बांग्लादेशी अधिकारी के मुताबिक़ पीएम तारिक़ रहमान की भारत यात्रा की संभावना कम

    बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा कि भारत की ओर से सम्मानजनक निमंत्रण और पारस्परिक विश्वास पर आधारित माहौल बनने तक यात्रा की संभावना कम है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा है कि पीएम तारिक़ रहमान की अगले महीने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत यात्रा की संभावना कम है.

    उन्होंने बांग्लादेश की सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस से बातचीत में कहा कि जब तक पारस्परिक विश्वास पर आधारित उपयुक्त माहौल नहीं बनता और भारत की ओर से "सम्मानजनक निमंत्रण" नहीं मिलता, तब तक दौरे की संभावना कम है.

    कबीर ने कहा कि राष्ट्रीय हितों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किए बिना बांग्लादेश किसी शीर्ष स्तर की यात्रा कराने की जल्दबाजी में नहीं है.

    उनका इंटरव्यू गुरुवार को प्रकाशित हुआ है, लेकिन बातचीत 17 अगस्त को रिकॉर्ड की गई थी.

    ये टिप्पणियां 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए रहमान की नई दिल्ली यात्रा को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच आई हैं.

    बांग्लादेश की ओर से अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के प्रत्यर्पण की मांग को लेकर द्विपक्षीय संबंधों में तनाव बना हुआ है.

    उन्होंने कहा कि अगर दोनों देशों के बीच "पारस्परिक विश्वास" और सहमति के आधार पर "उपयुक्त" द्विपक्षीय माहौल तैयार किया जाता है, तो बांग्लादेश ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भागीदारी को सकारात्मक रूप से देख सकता है.

    कबीर सत्तारूढ़ बीएनपी की अंतरराष्ट्रीय मामलों की समिति के संयुक्त महासचिव भी हैं.

    उन्होंने कहा कि बांग्लादेश-भारत संबंधों की दिशा और पीएम की यात्रा का फ़ैसला भारतीय नेतृत्व के दृष्टिकोण में बदलाव और बांग्लादेश के सियासी हालात पर निर्भर करेगा.

    हुमायूं ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि शेख़ हसीना को भारत में सियासी गतिविधियों की अनुमति दी जा रही है.

    उन्होंने कहा कि इस मुद्दे ने बांग्लादेश में नाराजगी पैदा की है और आरोप लगाया कि जिन लोगों के ख़िलाफ़ आपराधिक मामले दर्ज हैं या जिन्हें सजा सुनाई जा चुकी है, उन्हें राजनीतिक या मीडिया मंच उपलब्ध कराना भारत की लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है.

    भारतीय विदेश मंत्रालय कह चुका है कि हसीना से जुड़े मीडिया कार्यक्रम में उसकी कोई भूमिका नहीं थी और उस मंच से बांग्लादेश सरकार के बारे में कही गई किसी भी बात का वह समर्थन नहीं करता.

  5. अमित शाह ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?

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  8. इसहाक़ डार ने हूती विद्रोहियों के हमले में घायल पाकिस्तानी नाविकों के बारे में क्या बताया?

    इसहाक डार
    इमेज कैप्शन, इसहाक़ डार ने पाकिस्तानी नाविकों के शव पाकिस्तान पहुंचाने में मदद करने के लिए यमन की तारीफ़ की है

    पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक़ डार ने कहा है कि तंज़ानिया के झंडे वाले एक कमर्शियल जहाज़ पर हूती विद्रोहियों के हमले में घायल हुए छह पाकिस्तानी नाविक सुरक्षित पाकिस्तान लौट आए हैं.

    इस हमले में दो पाकिस्तानी नाविक मारे गए थे. दोनों के शव पाकिस्तान पहुंचा दिए गए हैं.

    सभी संबंधित पक्षों को उनके सुरक्षित, सम्मानजनक और जल्द से जल्द स्वदेश लौटने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था.

    इसहाक़ डार ने कहा है कि यमन में पाकिस्तान का कोई राजनयिक मिशन नहीं है. इसके बावजूद यमन ने पाकिस्तान के नाविकों को वापस लेने में अहम भूमिका निभाई.

    इसहाक़ डार ने कहा कि समुद्री जहाज़ों पर काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा हर समय सुनिश्चित की जानी चाहिए.

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  11. कीएव पर रूस के हमले में 13 लोगों की मौत, यूक्रेन के पास एयर डिफ़ेंस मिसाइलों की कमी

    कीएव

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    इमेज कैप्शन, यूक्रेन की राजधानी कीएव में रूसी हमले में 13 लोगों की मौत हुई है

    रूस के ताज़ा हमलों में यूक्रेन की राजधानी कीएव में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई है और 40 लोग घायल हुए हैं.

    यूक्रेन के प्रधानमंत्री ने यह जानकारी दी. यूक्रेन लगातार एयर डिफ़ेंस मिसाइलों की कमी का सामना कर रहा है.

    यूक्रेन की स्टेट इमरजेंसी सर्विस के मुताबिक़ रातभर हुए हमलों में शहर के कई अपार्टमेंट ब्लॉक और गोदामों को निशाना बनाया गया. एक बच्चों के अस्पताल और स्कूल को भी नुक़सान पहुंचा है.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि एयर डिफ़ेंस मिसाइलों की कमी की वजह से ये मौतें हुईं. यूक्रेन अपने एयर डिफ़ेंस के लिए पश्चिमी देशों से मिलने वाली मिसाइलों पर निर्भर है.

    कीएव

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    इमेज कैप्शन, लारिसा बोंदारुक उन लोगों में शामिल हैं, जिनका घर इन हमलों में तबाह हो गया

    कीएव के मेयर विताली क्लित्स्को ने बीबीसी न्यूज़ से एक तबाह अपार्टमेंट ब्लॉक के बाहर कहा कि यूक्रेन को "गोला-बारूद और मिसाइल रोधी सिस्टम की ज़रूरत है. हमें अपने सहयोगियों के समर्थन की ज़रूरत है."

    क्लित्स्को नुक़सान का जायज़ा लेने सोलोमियांस्की ज़िले में पहुंचे थे.

    उनके आसपास राहत और बचावकर्मी मलबे को हटाकर लोगों की तलाश कर रहे थे, जबकि कई लोग अपने तबाह हो चुके घरों के बाहर खड़े थे.

  12. कोलकाता: जादवपुर विश्वविद्यालय में एबीवीपी और लेफ़्ट छात्र संगठनों के बीच झड़प

    जादवपुर यूनिवर्सिटी
    इमेज कैप्शन, कोलकाता स्थित जादवपुर यूनिवर्सिटी में छात्र संगठनों के बीच झड़प की ख़बर है. (फ़ाइल फ़ोटो)

    पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित जादवपुर यूनिवर्सिटी में देर रात हंगामा हुआ है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, एबीवीपी के साथ एसएफ़आई समेत कई छात्र संगठनों के बीच झड़प हुई. एसएफ़आई की ओर से बुलाई गई जनरल बॉडी की बैठक को लेकर तनाव पैदा हुआ. इस बैठक को बुलाने के अधिकार पर एबीवीपी ने सवाल उठाया था.

    पीटीआई के मुताबिक़, एबीवीपी का आरोप है कि एसएफ़आई समेत वामपंथी छात्र संगठनों के समर्थकों ने उनके समर्थकों पर हमला किया.

    इसके बाद एबीवीपी समर्थक जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में दाखिल हुए और आरोप है कि उन्होंने एसएफ़आई समेत वामपंथी छात्र संगठनों के समर्थकों पर हमला किया.

    पीटीआई के मुताबिक़, फ़िलहाल यूनिवर्सिटी में स्थिति सामान्य है.

  13. अब मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को इजाज़त दीजिए. अब से रात दस बजे तक बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी हिन्दी के पेज पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए लिंक्स पर क्लिक करें.

    - 91 फ़ीसदी पाकिस्तानियों की इंडिया पर है ये राय, प्यू रिसर्च के सर्वे पर क्या बोले विशेषज्ञ

  14. अमित शाह ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस पर क्या आरोप लगाया

    अमित शाह

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    इमेज कैप्शन, अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि कांग्रेस कार्यसमिति का यह फैसला “देशविरोधी” है (फ़ाइल फ़ोटो)

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘वंदे मातरम्’ पूरा गाने की जगह केवल दो अंतरे गाने के कांग्रेस कार्यसमिति के फैसले को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है.

    अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि कांग्रेस कार्यसमिति का यह फैसला “देशविरोधी” है और संसद द्वारा बनाए गए कानून की खुली अवहेलना है.

    दरअसल कांग्रेस पार्टी ने वंदे मातरम के शुरुआती दो छंद ही गाने का फ़ैसला किया है.

    उन्होंने दावा किया कि 1937 में तुष्टीकरण की राजनीति के तहत कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम्’ के दो हिस्से किए, जिससे दो-राष्ट्र सिद्धांत को ताकत मिली और आगे चलकर देश का विभाजन हुआ.

    शाह ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष पर मोदी सरकार ने इस ऐतिहासिक ग़लती को सुधारते हुए पूरे गान को कानूनी स्वरूप दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस एक बार फिर वोट बैंक की राजनीति के लिए तुष्टीकरण के रास्ते पर जा रही है.

    अमित शाह ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस के इस फैसले के ख़िलाफ़ एकजुट होकर आवाज़ उठानी चाहिए. उन्होंने कहा कि देश पहले ही ‘वंदे मातरम्’ को लेकर हुई इस ग़लती के परिणाम भुगत चुका है.

    कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने क्या कहा

    कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, "हम 1937 से ‘वंदे मातरम्’ गाते आ रहे हैं, यानी 90 साल से भी ज़्यादा समय से. हमारे लिए इसमें नया क्या है? बीजेपी स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा नहीं थी. ‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा था. यह हमारे लिए भावनात्मक मुद्दा है, लेकिन उनके (बीजेपी) लिए राजनीतिक मुद्दा है. वे पेपर लीक, चंदे की चोरी और अरुणाचल प्रदेश में चीन की घुसपैठ जैसे वास्तविक मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाना चाहते हैं."

  15. झारखंडः छात्रों का आंदोलन हुआ ख़त्म, जिनकी नौकरी गई, अब वो धरने पर, आनंद दत्त, बीबीसी हिन्दी के लिए रांची से

    जयपाल  सिंह मुंडा स्टेडियम

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    इमेज कैप्शन, प्रदर्शन खत्म होने के बाद जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम बुधवार की शाम तक खाली हो गया

    झारखंड में बीते 25 जुलाई से चल रहा छात्रों का आंदोलन बुधवार, 19 अगस्त को ख़त्म हो गया. आंदोलन में मौजूद छात्र अपने घरों को लौट गए हैं.

    छात्रों का ये प्रदर्शन जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हो रहा था. बुधवार की शाम तक ये स्टेडियम खाली हो गया था.

    इससे पहले आंदोलन समाप्ति की घोषणा करते हुए जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने कहा कि फिलहाल इसे स्थगित किया जाता है. हम सरकार को अगले 60 दिनों का समय दे रहे हैं. इस अवधि में अगर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, तो हम दोबारा आंदोलन पर विचार करेंगे.

    छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि आंदोलन खत्म करने का मतलब मांगों से पीछे हटना नहीं है. आगामी 60 दिनों के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो छात्र दोबारा आंदोलन शुरू करेंगे.

    वहीं, दूसरी तरफ झारखंड सरकार ने जिन परीक्षाओं और उनके परिणामों को रद्द करने की घोषणा की है, उनमें पूर्व में पास हुए और नौकरी कर रहे लोगों ने आंदोलन शुरू कर दिया है.

    बीते मंगलवार की शाम जैसे ही सीएम हेमंत सोरेन ने जेपीएससी-जेएसएससी से संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने की बात कही, नौकरी कर रहे छात्रों का हुजूम राज्य सचिवालय परिसर में उमड़ पड़ा.

    इन छात्रों का कहना है कि सरकार हमारी जांच कर ले कि कौन पैसे देकर नौकरी कर रहा है और कौन मेरिट के बूते. जो दोषी पाए जाते हैं, उन्हें जेल भेजे और नौकरी से निकाले. लेकिन जो अपनी मेहनत और ईमानदारी के बल पर नौकरी पाए हैं, उन्हें एक झटके में नौकरी से नहीं निकाल सकती है.

    इन छात्रों ने बुधवार की दोपहर सरकार के इस फैसले को चुनौती देने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया है.

    वहीं, मुख्य विपक्षी दल बीजेपी के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर आरोप लगाया है कि सीआईडी से जांच कराने का फैसला ही विवादास्पद है. जब तक इसकी जांच सीबीआई को नहीं सौंपी जाती, इसकी निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं की जा सकती है.

  16. जम्मू-कश्मीर पर सर्जियो गोर के बयान से ख़ुश होना क्या दोधारी तलवार की तरह है?

  17. अमेरिका का साथ लेकर क्या इराक़ अपना पाला बदल रहा है?

  18. अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ पर क्या बोले किरेन रिजिजू

    किरेन रिजिजू

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    इमेज कैप्शन, रिजिजू ने कहा कि मोदी सरकार सीमा के आसपास के इलाक़ों में सड़क, कनेक्टिविटी और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को तेज़ी से मज़बूत कर रही है (फ़ाइल फ़ोटो)

    केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को अरुणाचल प्रदेश में चीन की कथित नई घुसपैठ के दावों को खारिज करते हुए कहा कि पहले सीमा से लगे इलाक़ों की अनदेखी की जाती थी, लेकिन अब ये नरेंद्र मोदी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है.

    रिजिजू ने कहा कि मोदी सरकार सीमा के आसपास के इलाक़ों में सड़क, कनेक्टिविटी और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को तेज़ी से मज़बूत कर रही है.

    उन्होंने इस दौरान पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी के 2013 में संसद में दिए बयान का भी ज़िक्र किया. एंटनी ने उस समय माना था कि भारत की पुरानी नीति सीमा से लगे इलाक़ों को विकसित नहीं करने की थी.

    हालांकि, एंटनी ने अपने बयान में यह भी कहा था कि यह नीति यूपीए सरकार के सत्ता में आने से काफी पहले ही खत्म कर दी गई थी और उसके बाद की सरकारों ने भी इस नीति को जारी नहीं रखा.

    रिजिजू का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अरुणाचल प्रदेश में चीन की कथित घुसपैठ को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. उन्होंने सरकार की मौजूदा सीमा नीति और बॉर्डर इलाकों में किए जा रहे विकास कार्यों को सामने रखते हुए इन दावों का जवाब दिया.

  19. अब्बास अराग़ची ने ट्रंप के ‘इकोनॉमिक डी-डे’ पर साधा निशाना, क्या कहा

    अब्बास अराग़ची

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    इमेज कैप्शन, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने अमेरिका की ओर से ईरान के ख़िलाफ़ घोषित किए गए तथाकथित “इकोनॉमिक डी-डे” पर निशाना साधा है.

    उन्होंने कहा कि अमेरिका का यह कदम असल में उसकी अपनी आर्थिक परेशानियों से ध्यान भटकाने की कोशिश है.

    अराग़ची ने एक्स पर लिखा कि अमेरिका का “इकोनॉमिक डी-डे” उसकी अपनी आर्थिक मुश्किलों से ध्यान हटाने का तरीका है.

    बुधवार शाम को सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के खिलाफ़ "इकोनॉमिक डी-डे" (आर्थिक मोर्चे पर निर्णायक कार्रवाई) शुरू कर रहे हैं, क्योंकि ईरान अमेरिका के साथ समझौता करने में नाकाम रहा था.

    इसके बाद अब्बास अराग़ची ने अमेरिका के बढ़ते सरकारी कर्ज और ब्याज के बढ़ते खर्च का जिक्र करते हुए कहा कि पुरानी और नाकाम नीतियों को दोहराने से अमेरिका को आगे भी हार और ईरानियों की नाराज़गी ही मिलेगी.

    उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी आर्थिक आतंकवाद पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और देशों की संप्रभुता के लिए ख़तरा बन रहा है.

    अराग़ची की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज 40 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है. अमेरिकी ट्रेजरी के आंकड़ों के मुताबिक, 18 अगस्त तक कुल राष्ट्रीय कर्ज करीब 40.05 ट्रिलियन डॉलर था. यानी पिछले करीब एक दशक में अमेरिकी कर्ज दोगुने से भी ज्यादा हो गया है.

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