अब इस लाइव ब्लॉग को विराम देने का वक़्त आ गया है. चंदन कुमार जजवाड़े को दीजिए इजाज़त. कल सुबह एक नए ब्लॉग के साथ फिर हाजि़र होंगे.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.
जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.
दीपक मंडल
अब इस लाइव ब्लॉग को विराम देने का वक़्त आ गया है. चंदन कुमार जजवाड़े को दीजिए इजाज़त. कल सुबह एक नए ब्लॉग के साथ फिर हाजि़र होंगे.
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कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया, "अंकिता भंडारी के परिवार से दो दिन पहले मिला. चार साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी वो न्याय का इंतज़ार कर रहे हैं. अपनी बच्ची के ख़िलाफ़ एक ऐसे अपराध के लिए जिसकी कोई माफ़ी नहीं."
"सिर्फ 19 साल की अंकिता वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं जहां एक "वीआईपी" मेहमान की शर्मनाक मांग का विरोध करने पर चीला नहर में डुबो कर उनकी हत्या कर दी गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हिंसा और डुबोने के सबूतों की पुष्टि भी की."
राहुल गांधी ने लिखा, "मगर, रिसॉर्ट में अंकिता के रूम की किसी भी तरह की जांच होने से पहले ध्वस्त कर दिया गया जो ख़ुद में संदेहपूर्ण है."
राहुल गांधी ने आरोप लगाया, "इस दुखद मामले में सबसे शर्मनाक बात है कि राज्य सरकार ख़ुद आज तक उस 'वीआईपी' को संरक्षण दे रही है. क्यों? क्योंकि वह बीजेपी-आरएसएस के बड़े नेता हैं."
"यही बीजेपी की विकृत मानसिकता है.यहां तक कि बलात्कार के दोषियों का फूल-मालाओं से स्वागत करना. दुनिया में सबसे घिनौने इंसान वो होते हैं जो बलात्कारियों की रक्षा करते हैं और बीजेपी में ऐसे लोगों की भरमार है."
19 वर्षीय अंकिता, पौड़ी ज़िले के यमकेश्वर स्थित वनंतरा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं.
सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी और लापता होने के लगभग एक सप्ताह बाद उनका शव चीला शक्ति नहर से बरामद हुआ था.

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बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन मिश्रा ने नालसार दीक्षांत समारोह विवाद के बाद कानून के छात्रों से माफ़ी मांगी है.
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के चेयरपर्सन मनन कुमार मिश्रा ने स्वतंत्रता दिवस पर जारी एक पत्र में कानून के छात्रों से माफ़ी मांगी है.
यह पत्र हैदराबाद की नेशनल एकेडमी ऑफ़ लीगल स्टडीज़ एंड रिसर्च (नालसार) लॉ यूनिवर्सिटी और बेंगलुरु की एनएलएसआईयू के छात्रों की आलोचना के बाद आया है.
छात्रों ने नालसार के 2026 के दीक्षांत समारोह में सीजेआई सूर्यकांत की भागीदारी से जुड़े विवाद से बीसीआई के निपटने के तरीके पर सवाल उठाए थे.
बार एंड बेंच के मुताबिक़, हालांकि, माफ़ी में किसी विश्वविद्यालय या सीधे तौर पर विवाद का नाम नहीं लिया गया है. इसमें हाल के घटनाक्रमों का जिक्र किया गया है, जिनके बारे में मिश्रा ने कहा कि उन्होंने छात्रों के बीच चिंता पैदा की.
बयान में कहा गया, "अगर मौजूदा विवाद से जुड़ी किसी बात, मेरे किसी शब्द या पत्र से हमारे कानून के छात्रों की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मुझे इसका ईमानदारी से खेद है और मैं इसके लिए माफ़ी मांगता हूं."
विवाद तब शुरू हुआ जब बीसीआई ने 13 अगस्त को नालसार के 2026 में स्नातक होने वाले छात्रों के नामांकन पर रोक लगाने का आदेश दिया था. छात्रों ने अपने दीक्षांत समारोह में सीजेआई सूर्यकांत की मुख्य अतिथि के रूप में भागीदारी पर आपत्ति जताई थी.
हालांकि, कानूनी समुदाय की आलोचना के बाद बीसीआई ने कुछ ही घंटों के भीतर अपना फैसला वापस ले लिया.
इसके बाद नालसार की स्टूडेंट बार काउंसिल ने एक बयान जारी कर मिश्रा से पूरे घटनाक्रम से निपटने के तरीके को लेकर सार्वजनिक माफी की मांग की थी.
भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत ने भी बीसीआई की आलोचना करते हुए इसे 'अपने और छात्रों के बीच का मामला' बताया और बीसीआई को 'बेवजह दख़ल' देने के लिए लताड़ लगाई थी.

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उत्तराखंड के चमोली ज़िले में पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग से रेस्क्यू अभियान के दौरान एक और लापता श्रमिक का शव बरामद किया गया है, जबकि टनल में लापता दो अन्य श्रमिकों की तलाश लगातार जारी है.
मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त की शाम को पानी भर गया था.
शनिवार को रेस्क्यू अभियान के दौरान देवनाथ नाम के मज़दूर के शव को टनल से बाहर निकाला गया. वह छत्तीसगढ़ के दहीकोंगा गांव के रहने वाले थे. इस घटना के बाद अब तक कुल 22 श्रमिकों में से 12 को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि 8 की मृत्यु हो चुकी है.
इन आठ मृतकों में 3 छत्तीसगढ़, 2 उत्तर प्रदेश, 2 उत्तराखंड और 1 झारखंड से हैं.
वहीं लापता 2 श्रमिकों की खोजबीन की लगातार जारी हैं. इनमें से एक श्रमिक छत्तीसगढ़ और एक झारखंड से है.
ज़िला प्रशासन के मुताबिक़ रेस्क्यू ऑपरेशन की लगातार निगरानी की जा रही है.
इस अभियान में एसडीआरएफ़, एनडीआरएफ़, ज़िला पुलिस, प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियां शामिल हैं.

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अयोध्या के राम मंदिर में शनिवार से पुजारियों के लिए ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है. तय पोशाक के अनुसार, पुजारी नीचे हल्के पीले रंग की (पीतांबर) 'धोती' और ऊपर 'उत्तरीय' (पारंपरिक, बिना सिला हुआ लंबा और लपेटा जाने वाला वस्त्र) पहनेंगे.
यह वस्त्र रेशम का होगा और इसका रंग हल्का पीला रखा गया है. यह नियम 15 अगस्त से लागू हो गया है.
मंदिर में पूजा की व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की पूजा सेवा में लगे पुजारियों के लिए यह बड़ा बदलाव किया गया है.

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राम मंदिर ट्रस्ट की धार्मिक समिति के सदस्य मिथिलेश नंदिनी शरण ने बताया कि रामलला के पुजारियों की पोशाक को लेकर फ़ैसला लिया गया है.
उन्होंने कहा, "रामलला की पूजा करने वाले पुजारियों की पोशाक रामानंद परंपरा के अनुसार होगी."
मिथिलेश नंदिनी शरण ने कहा, "वे नीचे धोती और ऊपर हल्के पीले रंग के रेशमी का उत्तरीय पहन सकेंगे."
शरण ने कहा, "बाल और दाढ़ी को लेकर भी व्यवस्था तय की गई है. पुजारी या तो पंचकेश परंपरा का पालन करेंगे या पूरी तरह से बाल रहित रहेंगे. केवल बाल रखकर दाढ़ी मुंडवाने की व्यवस्था नहीं होगी. रामानंद परंपरा के अनुसार पुजारियों के लिए तिलक लगाना भी सुनिश्चित किया जाएगा."
धार्मिक समिति के सदस्य महंत राजकुमार दास ने कहा कि रेशमी वस्त्र की पवित्रता और शुद्धता को ध्यान में रखते हुए इसे पुजारियों की पोशाक में शामिल किया गया है.
उन्होंने कहा कि रामलला की सेवा में नियमित रूप से लगे सभी पुजारी अब एक जैसी पोशाक में नज़र आएंगे.

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लेबनानी अधिकारियों के मुताबिक़, देश के दक्षिणी इलाक़े में इसराइली हमलों में 11 लोगों की मौत हो गई है. जून में तनाव कम करने के मक़सद से एक समझौते की घोषणा के बाद यह सबसे घातक हमलों में से एक है.
लेबनान के प्रधानमंत्री ने कहा कि नबातियेह ज़िले के अंसार के बाहरी इलाक़े में एक घर पर हुए हमले में सात लोगों की मौत हुई. सरकारी मीडिया के मुताबिक़, मृतकों में तीन बच्चे और दो महिलाएं शामिल थीं.
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि शनिवार को बाद में देइर अल-ज़हरानी शहर में हुए एक और हमले में चार लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए.
इसराइल की सेना ने कहा कि उसने "हिज़्बुल्लाह के आतंकी ढांचे" पर हमला किया. सेना के मुताबिक़, यह कार्रवाई उसके सैनिकों के ख़िलाफ़ की गई एक कार्रवाई के जवाब में की गई.
अधिकारियों के मुताबिक़, अंसार में क़रीब 04:30 बजे हुआ हमला उस जगह पर हुआ, जहां विस्थापित परिवार रह रहे थे.
सोशल मीडिया पर सामने आए फुटेज में गांव की सड़कों पर धुएं के बड़े गुबार दिखाई दे रहे हैं और सायरन की आवाज़ सुनाई दे रही है.
लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ़ सलाम ने हमलों की निंदा करते हुए कहा कि मारे गए सात नागरिक "सैन्य ढांचा" नहीं थे.
उन्होंने कहा, "इसराइल को यह तनाव बढ़ाना बंद करना चाहिए. हमारे लोगों की सुरक्षा और अपनी ज़मीन पर जीने का उनका अधिकार बातचीत या सौदेबाज़ी का विषय नहीं है."

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ईरान के सशस्त्र बलों की लापता लोगों की तलाश करने वाली कमेटी ने कहा कि तीन ईरानी पायलट क़तर में बंदी हैं. कमेटी के कमांडर ने रेड क्रॉस से उनकी स्थिति स्पष्ट करने में मदद करने का अनुरोध किया है.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद बग़रज़ादेह ने इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस की प्रमुख मारियाना स्पोलियारिक को इस मुद्दे पर एक पत्र लिखा है.
इसमें कहा गया है, "दो एसयू-24 लड़ाकू विमान क़तर में एक दुश्मन सैन्य अड्डे की ओर एक मिशन को अंजाम देने के लिए रवाना हुए थे, लेकिन वापसी के दौरान दुश्मन के डिफ़ेंस सिस्टम के हमले के बाद पायलटों को विमान से बाहर निकलना पड़ा."
इस पत्र को ईरानी मीडिया ने प्रकाशित किया है.
ब्रिगेडियर जनरल बग़रज़ादेह के अनुसार, "इस घटना में शामिल तीन पायलटों को क़तर की सेना ने जिंदा पकड़ लिया."
उन्होंने पायलटों के नाम जवाद सालेही, अब्दुल मजीद दश्तियन और इमरान बहरोशियन बताए.
ब्रिगेडियर जनरल बग़रज़ादेह ने पत्र में लिखा, "क़तर सरकार ने इन क़ैदियों के अधिकारों का उल्लंघन किया है, जो सभी अंतरराष्ट्रीय कानूनों और नियमों के विपरीत है. जिसमें युद्धबंदियों के अधिकारों से जुड़ा जेनेवा कन्वेंशन भी शामिल हैं."
उन्होंने लिखा, "छह महीने गुज़र जाने के बाद सभी राजनयिक प्रयासों के बावजूद, क़ैदियों को अपने परिवारों और निगरानी कर रहे अधिकारियों से मिलने, बातचीत करने और संपर्क करने की अनुमति नहीं दी है."

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पीएम मोदी ने लाल क़िले से महिला आरक्षण के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों से सहयोग करने की मांग की, इस मुद्दे पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, "प्रधानमंत्री ने आज लाल क़िले से अपने संबोधन में महिला आरक्षण को लेकर एक ग़लत दावा किया. उन्हें मालूम होना चाहिए कि सितंबर 2023 में संसद ने सर्वसम्मति से 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित किया था."
"लेकिन मोदी सरकार के दोहरे मानदंड और ढोंग के कारण यह 2024 के चुनावों से ही लागू नहीं हो सका. इस अधिनियम को 16 अप्रैल 2026 की देर शाम आनन-फानन में और चुपचाप अधिसूचित किया गया."
जयराम रमेश ने कहा कि महिला आरक्षण को लोकसभा की मौजूदा सदस्य संख्या के भीतर ही 2029 के लोकसभा चुनावों से लागू करने के अपने स्टैंड पर लगातार कायम रही है.
इससे पहले पीएम मोदी ने लाल क़िले से अपने भाषण में कहा, "मैं देश के सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं कि आइए महिला आरक्षण लागू कर के महिला सम्मान में आप भी जुड़िए."
दरअसल केंद्र सरकार साल 2023 में संसद में नारी शक्ति वंदन विधेयक लेकर आई थी. इसे कांग्रेस समेत ज़्यादातर विपक्षी दलों के सहयोग से पारित कर दिया गया था.
इस अधिनियम में महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में 33% आरक्षण का प्रावधान किया गया था, लेकिन इसके लागू होने को सरकार ने ही भविष्य में होने वाली जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ दिया था.
फिर इसी साल 16 से 18 अप्रैल को बुलाए गए संसद के विशेष सत्र इसमें संशोधन के लिए विधेयक पेश किया गया, लेकिन महिला आरक्षण क़ानून में संशोधन वाला बिल (131वां) पास नहीं हो सका था.
एनडीए बिल के पक्ष में दो तिहाई वोट हासिल करने में नाकाम रहा था.
इसके बाद राहुल गांधी ने तमिलनाडु में एक जनसभा में कहा था, "वे महिलाओं के प्रतिनिधित्व के लिए एक बिल पास करने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन उस बिल के पीछे एक बहुत ही ख़तरनाक इरादा छिपा था. वे भारत के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश कर रहे थे.''
कांग्रेस पार्टी लगातार साल 2023 में पारित क़ानून के आधार पर महिलाओं को आरक्षण देने की मांग करती रही है.

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श्रीलंका के ख़िलाफ़ गॉल स्टेडियम में खेले जा रहे टेस्ट मैच में भारतीय बल्लेबाज़ देवदत्त पडिक्कल शानदार शतक लगाया है.
यह टेस्ट क्रिकेट में देवदत्त पडिक्कल का पहला शतक है.
भारत इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी कर रहा है.
ख़बर लिखे जाने तक भारतीय टीम ने एक विकेट के नुक़सान पर 219 रन बना लिए हैं.
भारत का पहले विकेट 47 रनों पर गिर गया था जब यशस्वी जायसवाल 32 रन बनाकर रन आउट हो गए.
इसके बाद 77 के निजी स्कोर पर के एल राहुल भी रिटायर्ड हर्ट हो गए. लेकिन मैदान से बाहर होने से पहले उन्होंने देवदत्त के साथ मिलकर भारत की पारी को मज़बूत स्थिति में पहुंचा दिया है.
श्रीलंका के दौरे पर भारत की पुरुष टीम को दो टेस्ट मैच खेलने हैं.

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क की एक रैली में कहा कि वो जल्द ही होर्मुज़ स्ट्रेट को अमेरिका का क्षेत्र घोषित कर देंगे, इसे ईरान ने हास्यास्पद कहा है.
ईरान के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि ट्रंप की टिप्पणी ईरानी संसद की ओर से होर्मुज़ पर नियंत्रण करने की योजना के जवाब में थी.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, ईरानी विदेश मंत्रालय के संसदीय महानिदेशक हुसैन नौशाबादी ने सरकारी न्यूज़ एजेंसी आईआरएनए से कहा, "इस तरह के हास्यास्पद, बेतुके और विवादास्पद बयान केवल डोनाल्ड ट्रंप अपने देश के लोगों को ख़ुश करने के लिए देते हैं."
नौशाबादी ने कहा, "ईरान और ओमान की ओर से शांति काल के लिए इस समुद्री मार्ग के प्रबंधन की व्यवस्था तैयार करने का नज़रिया ईरान की स्थिति को प्रभावी रूप से स्थिर करेगा, लेकिन ऐसा लगता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति एक रणनीतिक दुविधा में हैं और झूठे दावों से दुनिया का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं."
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे होर्मुज़ स्ट्रेट से होकर एक अस्थायी मार्ग के लिए ओमान के साथ बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी के बावजूद, इस समझौते को अंतिम रूप देने का मतलब यह नहीं होगा कि ईरान इस समुद्री मार्ग को फिर से खोल देगा.
ट्रंप ने कहा था, "ईरान को हराने के बाद, जो कि बुरी तरह हार चुका है बहुत जल्द ही हम होर्मुज़ स्ट्रेट को अमेरिकी क्षेत्र घोषत कर रहे हैं. हमने वहां नाकेबंदी कर रखी है. हमारी अनुमति के बिना वहां से कोई जहाज़ नहीं गुज़र सकता."

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इससे पहले ईरान के उप विदेश मंत्री काज़िम ग़रीबाबादी ने ट्रंप को संबोधित करते हुए कहा, "जब तक आप भ्रम में जीना जारी रखेंगे, ईरान नाकेबंदी जारी रखेगा."
ग़रीबाबादी ने एक्स पर लिखा, "ट्रंप ने कहा है कि ईरान की हार के बाद वह जल्द ही होर्मुज़ स्ट्रेट को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करेंगे. होर्मुज़ को किसी ट्वीट, विमानवाहक पोत, कार्यकारी आदेश या चुनावी भाषण के ज़रिए क़ब्ज़े में नहीं लिया जा सकता. ईरान न तो धमकियों से डरता है और न ही ताक़त के प्रदर्शन से पीछे हटता है."
भारत में ईरान के दूतावास ने एक्स पर अपने पोस्ट में ग़रीबाबादी के जवाब को शेयर करते हुए लिखा, "हक़ीक़त को एक बार, और हमेशा के लिए स्वीकार करें. अब तक आपको गंभीर और रणनीतिक हार का सामना करना पड़ा है. होर्मुज़ पहले भी ईरान का था, अब भी ईरान का है और आगे भी ईरान का रहेगा."
"यह केवल ईरान के आदेश पर बंद है और ईरान के आदेश पर ही दोबारा खोला जाएगा. जब तक आप अपनी हार की हक़ीक़त को मानने से इनकार करते रहेंगे और भ्रम में रहेंगे, ईरान नाकेबंदी जारी रखेगा."

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इंडोनेशिया में शनिवार तड़के 7.7 तीव्रता का भूकंप आने के बाद कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई है, देश की डिज़ास्टर मिटिगेशन एजेंसी ने कहा है.
भूकंप प्रभावित इलाक़ों में खोज और बचाव अभियान शुरू होने के साथ ही आधिकारिक मृतकों की संख्या बढ़ रही है. भूकंप और उसके बाद आए दर्जनों झटकों से क्षेत्र की इमारतों को नुक़सान पहुंचा है.
इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान और जियोफ़िज़िक्स एजेंसी ने बताया कि शनिवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 05:00 बजे से कुछ पहले फ्लोरेस द्वीप पर भूकंप आया. इसकी गहराई 15 किलोमीटर थी.
भूकंप जितना कम गहराई पर आता है, सतह पर उसका असर उतना ही विनाशकारी होता है.
इसी क्षेत्र में तेज झटके महसूस किए गए, जिनमें 6.1 तीव्रता का एक झटका भी शामिल था.
मौमेरे बंदरगाह पर बनाए गए वीडियो में टर्मिनल की इमारत से कंक्रीट के बड़े टुकड़े यात्रियों के ऊपर गिरते दिखाई दिए, जो एक द्वीप से दूसरे द्वीप जाने वाली नौक़ा पर सवार होने का इंतज़ार कर रहे थे. जहाज़ तक जाने वाला रास्ता ढहने के बाद कुछ लोग समुद्र में गिर गए.
पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत के गवर्नर इमैनुएल मेल्कियाडेस लाका लेना ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मलबा गिरने से लोग सोते समय मारे गए.
पूर्वी नुसा तेंगारा के सिका में तट के पास स्थित गांव तालिबुरा में रहने वाले अर्नोल्ड वेलियंटो ने कहा कि "बहुत तेज झटकों" से उनकी नींद खुल गई. उन्होंने कहा, "मैं चौंककर उठा और तुरंत अपने बच्चे के कमरे में गया."
उन्होंने बीबीसी को बताया कि कई लोग पहले ही पहाड़ियों की ओर भाग चुके थे.
उन्होंने बताया, "कुछ अन्य निवासी सड़क किनारे खड़े थे क्योंकि समुद्र भी पीछे हट गया था. पानी काफ़ी समय तक निचले स्तर पर रहा, इसलिए सभी घबरा गए और भागने लगे. मैं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर गया और वहां के लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा चुका था."