जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना

जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.

सारांश

  • नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
  • पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
  • अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
  • चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
  • पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. क्या सीजेपी अब अमित शाह के इस्तीफ़े के लिए सड़कों पर उतरेगी

  2. इराक़ के सुलेमानिया में ड्रोन हमले के बाद लगी भीषण आग

    आग

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    इमेज कैप्शन, हमलावर ड्रोन को रोक दिया गया था, लेकिन इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन का मलबा मुख्यालय के पास गिरने के बाद आग लग गई (सांकेतिक तस्वीर)

    इराक़ी मीडिया ने बताया है कि कुर्दिस्तान के शहर सुलेमानिया में ड्रोन हमले के बाद एक इलाक़े में भीषण आग लग गई.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, इस हमले में कुर्द पेशमर्गा (कुर्द क्षेत्र के सशस्त्र सुरक्षा बल) की 70वीं ब्रिगेड के मुख्यालय को निशाना बनाया गया था.

    हमलावर ड्रोन को रोक दिया गया था, लेकिन इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन का मलबा मुख्यालय के पास गिरने के बाद आग लग गई.

    घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें मौके पर लगी भीषण आग दिखाई दे रही है. ये वीडियो रुडॉ न्यूज़ नेटवर्क की ओर से प्रकाशित किए गए हैं.

    अब तक किसी भी संगठन ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है. हालांकि, लेबनान के समाचार नेटवर्क अल-मयादीन ने दावा किया है कि यह हमला इराक़ में सक्रिय ईरान समर्थित समूहों की ओर से किया गया.

    वहीं, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी फ़ार्स ने बताया कि हमले का निशाना ईरान के विरोधी समूहों का मुख्यालय था.

  3. कॉमनवेल्थ गेम्स: महिला खिलाड़ियों ने लगाई गोल्ड की झड़ी, मेडल लिस्ट में भारत इस मुकाम पर

  4. सिंधु जल संधि विवाद पर भारत का बड़ा बयान, पाकिस्तान को लेकर ये कहा

    विनय मोहन क्वात्रा

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    इमेज कैप्शन, अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने सिंधु जल संधि लेकर पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि यह संधि 'भारत और पाकिस्तान के बीच सद्भावना और दोस्ती की भावना' से हुई थी, लेकिन 'पाकिस्तान ने पांच दशकों में इस भावना को ख़त्म' कर दिया.

    न्यूज़वीक मैगज़ीन में प्रकाशित अपने लेख में क्वात्रा ने कहा, "भारत का सिंधु जल संधि को संधि को स्थगित करना केवल उस वास्तविकता को स्वीकार करना है, जिसे पाकिस्तान की नीतियों ने जन्म दिया."

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, क्वात्रा का यह बयान पाकिस्तान की ओर से हाल ही में आयोजित उस सम्मेलन के बाद आया है, जिसमें भारत के सिंधु जल संधि को स्थगित रखने के फ़ैसले का विरोध किया गया था.

    भारत ने यह फ़ैसला पहलगाम हमले के एक दिन बाद लिया था, जिसमें चरमपंथियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी थी.

    क्वात्रा ने कहा कि संधि की प्रस्तावना में इसे ‘सद्भावना और मित्रता की भावना’ से किया गया समझौता बताया गया था, लेकिन पाकिस्तान ने वर्षों तक अपने क़दमों से इस भावना को कमज़ोर किया.

    क्वात्रा ने आरोप लगाया, "पाकिस्तान ने 1965, 1971 और 1999 में भारत के ख़िलाफ़ युद्ध किए और इसके अलावा लंबे समय तक सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा दिया."

    इस दौरान उन्होंने संसद हमले (2001), मुंबई हमला (2008), पठानकोट और उरी हमले (2016), पुलवामा हमला (2019) और पहलगाम हमले (2025) का भी उल्लेख किया.

    विनय मोहन क्वात्रा ने कहा, "अगर पाकिस्तान वास्तव में द्विपक्षीय मुद्दों पर भारत का सहयोग चाहता है तो उसे सबसे पहले वर्षों से बनाए गए आतंकी ढाँचे को ख़त्म करना होगा."

    उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में जल संकट के लिए वहां की सरकार की ख़राब जल प्रबंधन नीतियां ज़िम्मेदार हैं.

    क्वात्रा ने कहा कि पाकिस्तान को भारत पर आरोप लगाने के बजाय अपनी जल उत्पादकता और घरेलू व्यवस्था सुधारने पर ध्यान देना चाहिए.

  5. पहली मोहब्बत को भुलाना इतना मुश्किल क्यों होता है?

  6. डोनाल्ड ट्रंप ने किसके कहने पर रोके ईरान पर हमले?

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर हमले रोकने का एलान किया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमले रोकने का एलान किया है. ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर इसकी जानकारी दी.

    इससे पहले समाचार वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप से फ़ोन पर बातचीत की थी.

    इस दौरान उन्होंने ईरान के ख़िलाफ़ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर चिंता जताई और दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने की अपील की.

    रिपोर्ट के मुताबिक़, अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए क़तर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), तुर्की और पाकिस्तान भी कूटनीतिक प्रयासों में जुटे हुए थे.

    वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर किए गए अपने पोस्ट में दावा किया कि ईरान और मध्य-पूर्व के कुछ अन्य देशों की ओर से हमले रोकने का आग्रह किया गया था.

    दरअसल, तनाव कम करने की कोशिशों के तहत क़तर के मध्यस्थों ने शनिवार को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ और ओमानी अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें की थीं.

    इन बैठकों में होर्मुज़ स्ट्रेट को दोबारा खोलने के लिए संभावित समझौते पर चर्चा हुई.

    ट्रंप ने यह भी दावा किया है कि प्रस्तावित समझौते में होर्मुज़ स्ट्रेट को बिना किसी बाधा के खोलने की बात शामिल है.

  7. विशेषज्ञों का दावा- 'दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान सीजेपी समर्थकों की चोटें पैलेट गन से लगने जैसी'

  8. ब्रेकिंग न्यूज़, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले रोकने का किया एलान, बताई ये वजह

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा किया है कि एक समझौते की रूपरेखा तय हो गई है (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर एलान किया है कि ईरान पर फ़िलहाल के लिए हमले रोक दिए गए हैं.

    डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया है कि एक समझौते की रूपरेखा तय हो गई है.

    ट्रंप ने कहा, "अमेरिका के पास द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अब तक की सबसे बड़ी सैन्य ताक़त है और वो ईरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए तैयार है. लेकिन ईरान और कुछ अन्य मध्य-पूर्वी देशों की ओर से हमला रोकने का अनुरोध किया गया, क्योंकि समझौते की रूपरेखा तय हो गई है."

    अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक़, प्रस्तावित समझौते में होर्मुज़ स्ट्रेट को तत्काल, पूरी तरह और बिना किसी बाधा के खोलना होगा. इसके अलावा, ईरान के परमाणु ख़तरे को ख़त्म करना शामिल होगा.

    ट्रंप ने कहा, "दुनिया के भविष्य और ईरान की स्थिरता और समृद्धि को ध्यान में रखते हुए हमले को रद्द करने का फ़ैसला किया है."

    ट्रंप ने यह भी कहा कि इस फ़ैसले में इसराइल भी उनके साथ है. उन्होंने ट्रुथ सोशल के पोस्ट में सभी पक्षों से समझौते को जल्द पूरा करने के लिए कहा है.

  9. 'गृह मंत्री अमित शाह इस्तीफ़ा दें', 23 दिन भूख हड़ताल पर रहीं नेहा बोरा ने और क्या कहा

    नेहा बोरा

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    इमेज कैप्शन, आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि जवाबदेही गृह मंत्री और पुलिस आयुक्त की बनती है (फ़ाइल फ़ोटो)

    ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने 20 जुलाई को दिल्ली में पेपर लीक विरोधी प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफ़े की मांग दोहराई है.

    नेहा बोरा ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि आंदोलन अब केवल पेपर लीक के मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार की जवाबदेही तय करने का अभियान बन चुका है.

    23 दिनों तक भूख हड़ताल पर रहीं बोरा ने स्पष्ट किया कि अमित शाह के इस्तीफ़े और दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार को हटाने की मांग तब तक जारी रहेगी, जब तक गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की रिहाई सुनिश्चित नहीं हो जाती.

    उन्होंने कहा कि जवाबदेही केवल निचले स्तर के अधिकारियों तक सीमित नहीं रह सकती.

    बोरा ने आरोप लगाया कि जवाबदेही गृह मंत्री और पुलिस आयुक्त की बनती है. उन्होंने कहा कि किसी निचले स्तर के अधिकारी का निलंबन पर्याप्त नहीं है.

    आइसा अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि सरकार अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि सुरक्षा बलों को पेलेट गन और कीलें लगी लाठियां क्यों दी गई थीं.

    उन्होंने कहा कि चाहे कार्रवाई मजिस्ट्रेट के आदेश पर हुई हो या वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर, इसकी राजनीतिक ज़िम्मेदारी अंततः केंद्रीय गृह मंत्री की है.

    नेहा बोरा ने कहा, "अगर यह मजिस्ट्रेट के आदेश पर हुआ तो गृह मंत्री की भूमिका पर सवाल उठता है. अगर यह आपके आदेश पर हुआ तो यह सवाल है कि आम नागरिकों पर पैलेट गन चलाने वाला कैसा राज्य चलाया जा रहा है."

    उन्होंने कहा कि आंदोलन अब केवल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल है कि क्या सरकार आम नागरिकों के साथ इतना कठोर व्यवहार कर सकती है.

    बोरा ने कहा कि छात्रों और युवाओं में उपजा असंतोष अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस आयुक्त की ओर केंद्रित हो गया है.

  10. पेरू में टूरिस्ट प्लेन क्रैश, क्रू समेत 13 लोगों की मौत, ग्रेस एलिज़ा गुडविन

    पेरू

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    इमेज कैप्शन, हादसे का शिकार हुए विमान में 11 पर्यटक और दो पायलट सवार थे

    पेरू में एक छोटा विमान शनिवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार सभी 13 लोगों की मौत हो गई. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और पेरू के अधिकारियों ने हादसे की पुष्टि की है.

    जानकारी के अनुसार, सेसना कैरावान सी-208 विमान शनिवार को दक्षिणी पेरू स्थित विश्व प्रसिद्ध नाज़्का लाइन्स के ऊपर उड़ान भर रहा था, तभी वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान में 11 पर्यटक और दो पायलट सवार थे.

    पेरू की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक़, मृतकों में दो जर्मन, दो स्पेनिश और सात इटैलियन पर्यटक शामिल हैं. फ़िलहाल हादसे के कारणों का पता नहीं चल सका है और मामले की जांच जारी है.

    पुलिस मेजर जॉर्ज एंड्रेड ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा कि दुर्घटना बेहद भीषण थी और इसमें किसी के भी जीवित बचने की संभावना नहीं रही.

    उन्होंने बताया कि अब तक चार शव बरामद किए जा चुके हैं.

    हादसा स्थानीय समयानुसार दोपहर क़रीब एक बजे हुआ, जब विमान ने पिस्को हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी. विमान नाज़्का लाइन्स के ऊपर टूरिस्टों को एयर ट्रैवल करा रहा था.

    प्रशासन के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान स्थानीय एयरलाइन एरोडियाना का था. एयरलाइन ने अपने बयान में कहा है कि वह संबंधित अधिकारियों के निर्देशों के हिसाब से अपने फ़्लाइट शेड्यूल की समीक्षा करेगा.

    गौरतलब है कि नाज़्का लाइन्स के ऊपर पर्यटक विमानों के हादसे पहले भी हो चुके हैं.

    साल 2022 में यहां एक छोटा पर्यटक विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें सात लोगों की मौत हुई थी. इससे पहले 2010 में भी इसी क्षेत्र में हुए विमान हादसे में छह लोगों की जान चली गई थी.

    नाज़्का लाइन्स पेरू का एक मशहूर पर्यटन स्थल है और इसे यूनेस्को ने विश्व धरोहर का दर्जा दिया है.

    यहां रेगिस्तान की ज़मीन पर बने हज़ारों साल पुराने बड़े-बड़े चित्र देखने के लिए पर्यटक छोटे विमानों से हवाई सैर करते हैं.

  11. अमेरिका ने अपने नागरिकों को किया अलर्ट, मध्य पूर्व से किसी भी वक़्त निकलने के लिए रहें तैयार

  12. रूस: मॉस्को में रेस्तरां के बाहर ब्लास्ट- तीन लोगों की मौत, 21 घायल, रॉबर्ट ग्रीनॉल

    मॉस्को

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    इमेज कैप्शन, रूसी सरकारी मीडिया ने सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया कि धमाका एक होममेड विस्फोटक उपकरण के कारण हुआ

    रूस की राजधानी मॉस्को में रविवार शाम एक इटैलियन रेस्तरां के बाहर हुए विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 अन्य घायल हो गए.

    रूसी सरकारी मीडिया ने सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया कि धमाका एक घरेलू (होममेड) विस्फोटक उपकरण के कारण हुआ.

    जानकारी के मुताबिक़, यह धमाका स्थानीय समयानुसार रात क़रीब 8 बजे शहर के मध्य स्थित कुड्रिंस्काया स्क्वायर के पास हुआ.

    नेशनल एंटी-टेररिस्ट कमेटी के मुताबिक़, एक महिला विस्फोटक लेकर रेस्तरां के अंदर जाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन सुरक्षा गार्ड ने उसे रोक दिया.

    इसी दौरान विस्फोट हो गया, जिसमें महिला, सुरक्षा गार्ड और रेस्तरां में मौजूद एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई.

    घटना के समय वहां एक निजी कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था.

    फ़िलहाल अधिकारियों ने कार्यक्रम में शामिल लोगों की सूची सार्वजनिक नहीं की है और न ही यह बताया है कि हमले का संभावित निशाना कौन था.

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़, विस्फोट के बाद कई लोगों को ख़ून से लथपथ हालत में रेस्तरां से बाहर निकाला गया.

    गौरतलब है कि हाल के वर्षों में मॉस्को और उसके आसपास कई वरिष्ठ रूसी सैन्य अधिकारियों की हत्या की घटनाएं सामने आई हैं. इन हमलों के लिए मॉस्को यूक्रेन पर आरोप लगाता रहा है.

  13. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.

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  14. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को दीजिए इजाज़त.

    कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  15. मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा, अमेरिका ने अलर्ट जारी कर अपने नागरिकों को सावधान रहने की दी सलाह

    सांकेतिक तस्वीर

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी दूतावास ने एक्स पर जारी बयान में कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति लगातार जटिल बनी हुई है और इसके अचानक और अधिक खराब होने की आशंका है

    मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच बग़दाद स्थित अमेरिकी दूतावास और इराक़ के एरबिल में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास ने सुरक्षा अलर्ट जारी करते हुए क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को मध्य पूर्व छोड़ने की तैयारी करने की सलाह दी है.

    अमेरिकी दूतावास ने एक्स पर जारी बयान में कहा है, "क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति लगातार जटिल बनी हुई है और इसके अचानक और अधिक खराब होने की आशंका है."

    "नागरिकों से अत्यधिक सतर्क रहने तथा उड़ानों के रद्द होने, हवाई क्षेत्र के अस्थायी रूप से बंद होने और अन्य यात्रा संबंधी बाधाओं की संभावना को ध्यान में रखने को कहा गया है."

    यह चेतावनी ऐसे समय में जारी की गई है जब ईरानी सेना ने अमेरिका पर मध्य पूर्व में तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया है.

    इससे पहले अमेरिकी मीडिया में ऐसी रिपोर्टें आई थीं कि अमेरिका और इसराइल इस सप्ताह ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमले की तैयारी कर रहे हैं.

    दूतावास ने कहा कि क्षेत्र की कुछ एयरलाइंस ने उड़ानों की बहाली की योजना टाल दी है, जबकि कुछ ने चुनिंदा मार्गों पर अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं.

    अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे क्षेत्र से बाहर निकलने पर विचार करें या हालात बिगड़ने की स्थिति में तत्काल निकासी के लिए तैयार रहें.

    बीबीसी अरबी के अनुसार, काहिरा सहित क्षेत्र के कई शहरों में स्थित अमेरिकी दूतावासों ने भी इसी तरह के सुरक्षा संदेश जारी किए हैं.

    इनमें कहा गया है कि ईरानी सरकार का व्यवहार अप्रत्याशित है और हालिया घटनाएं संकेत देती हैं कि वह बिना पूर्व चेतावनी या स्पष्ट उकसावे के क्षेत्र के विभिन्न स्थानों को निशाना बना सकती है.

    जॉर्डन की राजधानी अम्मान और यरुशलम स्थित अमेरिकी दूतावासों ने भी इसी तरह के सुरक्षा अलर्ट जारी किए हैं.

    इन बयानों में यह भी कहा गया है कि ईरान ने अपने हमलों का दायरा उन इलाक़ों तक बढ़ा दिया है जो पहले उसकी कार्रवाई का लक्ष्य नहीं रहे थे.

  16. गाली देने वालों को 'माफ़ी देने' के पीएम मोदी के वीडियो पर कैसी बहस, विपक्ष ने क्यों घेरा?

  17. संसद में गेरुआ वस्त्र पहनने की आलोचना पर क्या बोले पप्पू यादव?

    सांसद पप्पू यादव

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    इमेज कैप्शन, पप्पू यादव ने शुक्रवार को संसद परिसर में पुजारी बनने की नकल की थी (फ़ाइल फ़ोटो)

    पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान अपने ख़िलाफ़ हो रही आलोचना पर प्रतिक्रिया दी है.

    दरअसल, वह शुक्रवार को संसद भवन परिसर में गेरुआ वस्त्र में पहुंचे थे, जहां उन्होंने राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया था.

    इसके बाद वाराणसी में उनके ख़िलाफ़ सनातन धर्म के अपमान का आरोप लगाते हुए एफ़आईआर दर्ज कराई गई है.

    पत्रकारों से बातचीत में पप्पू यादव ने कहा, "मतलब सनातन और मंदिर के पैसे को लूटने वालों का पर्दाफाश करना और उनके ख़िलाफ़ लड़ना ग़लत है? क्या मंदिर की रक्षा करना ग़लत है? मंदिर के पैसे की रक्षा करना ग़लत है? देश के 100 करोड़ लोगों की आस्था की रक्षा करना ग़लत है?"

    उन्होंने आगे कहा, "राम मंदिर चंदा चोरी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री चुप हैं. हम इसके ख़िलाफ़ लड़ेंगे. इसके लिए जितना विरोध सहना पड़े या जितनी गोलियां खानी पड़ें, हम तैयार हैं."

    संत का वेश धारण कर संसद भवन जाने के सवाल पर पप्पू यादव ने कहा, "मैं पुजारी और संत हूं. अगर मैं संत नहीं हूं, तो क्या वे लोग संत हैं जो पैसे लूटते हैं?"

  18. अभिजीत दीपके बोले- मुझे उम्मीद है कि आज रात प्रधानमंत्री माफ़ी मांगेंगे

    अभिजीत दीपके

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    इमेज कैप्शन, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके (फ़ाइल फ़ोटो)

    कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार रात एक्स पर एक वीडियो जारी कर कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आज रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 जुलाई को हुए लाठीचार्ज के लिए माफ़ी मांगेंगे.

    उन्होंने कहा, "कल हम सभी ने मोदी जी का वीडियो देखा, जिसमें वह कह रहे थे कि वह बच्चों को माफ़ कर रहे हैं. मुझे लगता है कि मोदी जी आज भी एक वीडियो जारी करेंगे और मैं उम्मीद करता हूं कि उस वीडियो में वह 20 जुलाई को हुए लाठीचार्ज के लिए माफ़ी मांगेंगे."

    जारी वीडियो में दीपके ने आगे कहा, "पुलिस ने 12-12 साल की लड़कियों के सिर फोड़ दिए और पुरुष पुलिसकर्मियों ने लड़कियों के कपड़े तक फाड़ दिए. लड़कियों के निजी अंगों पर भी पुलिस ने लाठियां चलाईं. मैं चाहता हूं कि आज रात जारी होने वाले वीडियो में मोदी जी उन सभी लड़कियों से माफ़ी मांगें, जिन पर पुलिस ने इतनी बर्बरता की."

    दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार रात इंस्टाग्राम पर एक रील शेयर की, जिसमें उन्होंने कहा कि "जंतर-मंतर पर कुछ शरारती बच्चों ने मुझे और मेरी मां को भद्दी-भद्दी गालियां दीं."

    उन्होंने कहा, "बचपन ग़लतियों को सुधारने का अवसर भी होता है. ये गुमराह बच्चे हैं, इन्हें राह दिखाने का समय है, मैं इन्हें माफ़ करना चाहता हूं."

  19. केरल में भारी बारिश से आठ लोगों की मौत, नौ ज़िलों में रेड अलर्ट जारी, इमरान क़ुरैशी, बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए

    पीड़ितों को बचाने की कोशिश करते बचावकर्मी

    इमेज स्रोत, Kuttan Batheri

    इमेज कैप्शन, राज्य सरकार ने पतनमतिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, त्रिशूर, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड ज़िलों में रेड अलर्ट जारी किया है

    केरल में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण अब तक आठ लोगों की मौत हो गई है, जबकि कम से कम छह लोगों के लापता होने की खबर है.

    शनिवार तड़के से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी है. राज्य सरकार ने 14 में से नौ ज़िलों में रेड अलर्ट जारी किया है.

    भारी बारिश और पंपा नदी में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए त्रावणकोर देवासम बोर्ड ने श्रद्धालुओं से 2 और 3 अगस्त को सबरीमाला मंदिर यात्रा से बचने की अपील की है. बोर्ड ने यात्रा मार्ग में भूस्खलन की आशंका भी जताई है.

    केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव शेखर कुरियाकोस ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "यह एक बेहद गंभीर मौसम घटना है. पठानमथिट्टा ज़िले के वडाचेरी में तीन से चार घंटे के भीतर 361 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि पंपा क्षेत्र में करीब 200 मिलीमीटर बारिश हुई. इतनी मात्रा में पानी को कोई भी नदी तंत्र नहीं संभाल सकता."

    राज्य सरकार ने पतनमतिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, त्रिशूर, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड ज़िलों में रेड अलर्ट जारी किया है. हालांकि, रविवार के लिए इन सभी ज़िलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है.

    इन ज़िलों में कई प्रमुख पर्यटन स्थल भी हैं, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं.

    प्रशासन ने चेतावनी दी है कि राज्य के कई हिस्सों में अचानक बाढ़, निचले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन, मलबा खिसकने और शहरी क्षेत्रों में जलभराव की आशंका बनी हुई है. इसके अलावा तेज़ हवाओं के कारण पेड़, बिजली के खंभे और होर्डिंग गिरने का भी ख़तरा है.

    Rannii in Pathanamthitta.

    इमेज स्रोत, Shaji Vettipuram

    इमेज कैप्शन, पतनमतिट्टा के रनी में बाढ़ से प्रभावित लोगों को बचाते बचावकर्मी

    केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव शेखर कुरियाकोस ने बताया, "इडुक्की में पहला भूस्खलन शनिवार सुबह करीब 3:30 बजे हुआ, जिसके बाद अन्य इलाक़ों में भी भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं. दक्षिणी ज़िलों में बारिश की तीव्रता अब कम हो रही है, लेकिन उत्तरी ज़िलों में अब भी भारी बारिश जारी है."

    केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने पिछले कुछ दिनों से ऑरेंज अलर्ट जारी किया हुआ था, लेकिन शुक्रवार देर रात हुई अचानक मूसलाधार बारिश ने व्यापक नुक़सान पहुंचाया.

    प्राधिकरण के सचिव शेखर कुरियाकोस ने कहा, “दक्षिणी ज़िलों में बारिश की तीव्रता कम होने के कारण वहां का पानी धीरे-धीरे समुद्र की ओर निकल जाएगा.”

    हालांकि, उन्होंने आगे कहा, “मौजूदा स्थिति की तुलना वर्ष 2018 की विनाशकारी बाढ़ से नहीं की जा सकती. 2018 की आपदा ने पूरे केरल को प्रभावित किया था.”

    भारी बारिश और भूस्खलन के बीच राज्य सरकार ने 1,338 लोगों को सुरक्षित निकालकर 62 राहत शिविरों में पहुंचाया है. सबसे अधिक प्रभावित मध्य केरल के ज़िलों में 17 मकान पूरी तरह तबाह हो गए हैं, जबकि 127 मकानों को आंशिक नुक़सान पहुंचा है.

    इडुक्की में भूस्खलन से छह और कोट्टायम में दो लोगों की जान गई. वहीं, कोट्टायम और मलप्पुरम में डूबने से दो-दो लोगों की मौत हुई. विजिनजम और मुथलाप्पोझी क्षेत्रों से दो-दो लोगों के लापता होने की सूचना है.

    मुख्यमंत्री ने क्या कहा

    केरल में भारी बारिश

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    इमेज कैप्शन, भारी बारिश और भूस्खलन के बीच राज्य सरकार ने 1,338 लोगों को सुरक्षित निकालकर 62 राहत शिविरों में पहुंचाया है

    मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने इडुक्की, कोट्टायम और पतनमतिट्टा के ज़िला कलेक्टरों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं.

    उन्होंने संबंधित ज़िलों में मंत्रियों को कैंप कर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने को भी कहा है.