महिला समूहों और प्रमुख नारीवादियों ने बृजभूषण शरण सिंह की निंदा की

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भारत में 250 से ज़्यादा प्रमुख नारीवादियों और महिला समूहों के सदस्यों ने यौन उत्पीड़न के मामले में बरी किए गए पूर्व बीजेपी सांसद और रेसलर फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की निंदा की है.
साथ ही, उन्होंने उन पहलवानों के प्रति एकजुटता ज़ाहिर की है जिन्होंने इस मामले में बृजभूषण सिंह का विरोध किया और अदालती लड़ाई लड़ी.
महिला अधिकार कार्यकर्ताओं की संयुक्त पहल की ओर से जारी एक प्रेस नोट में कहा गया है कि इन लोगों ने तमाम मुश्किलों के बावजूद बहादुरी से न्याय की लड़ाई लड़ी है.
बयान पर दस्तख़्त करने वाली नारीवादियों और महिला समूहों में वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह, शिक्षाविद उमा चक्रवर्ती, सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय, शबनम हाशमी, पीयूसीएल इंडिया की अध्यक्ष कविता श्रीवास्तव, कल्याणी मेनन सेन, उवर्शी बुटालया, सुजाता गोथोस्कर, तीस्ता सीतलवाड़, मल्लिका साराभाई, जगमती सांगवान, मीना सरस्वती शेषु, ट्रांसपेरेंसी कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज, वकील लारा जेसानी, गोविंद केलकर, शिक्षाविद शिल्पा फड़के और पत्रकार रितुपर्णा चटर्जी और लक्ष्मी मूर्ति शामिल हैं.

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एनएफ़आईडब्ल्यू की पूर्व महासचिव एनी राजा और वर्तमान महासचिव जीएस निशा सिद्धू और एआईडीब्ल्यूए की सचिव मैमूना मोल्लाह ने भी इसका समर्थन किया.
अपने बयान में उन्होंने कहा कि कानूनी लड़ाई पहले दिन से ही आसान नहीं थी. पहलवानों के हिंसक हो चुके सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शन के बाद एफ़आईआर दर्जन करने से लेकर दो साल से ज़्यादा समय तक चले पूरे ट्रायल के दौरान, वरिष्ठ वकील रेबेका जॉन के नेतृत्व वाली कानूनी टीम ने पहलवानों से ठोस गवाही दिलाने और अदालत के सामने मज़बूत तर्क पेश करने में कोई कसर नहीं छोड़ी.
बयान में कहा गया है कि "फ़ैसले ने आरोपी को बरी कर दिया है, लेकिन न्याय के लिए लड़ाई जारी रहेगी."
बृजभूषण शरण सिंह को सोमवार को दिल्ली की एक अदालत ने महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के मामले में बरी कर दिया था.
फ़ैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा था, ''पूरा भरोसा था कि मेरे साथ न्याय होगा. मैंने कभी ख़ुद को अपराधी महसूस नहीं किया.''
जबकि उनके ख़िलाफ़ अदालती लड़ाई लड़ रही पहलवान विनेश फोगाट ने कहा था कि शुरू से ही ये सरकार और सिस्टम बृजभूषण को बचाने के लिए लगा हुआ था.











