जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना

जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.

सारांश

  • नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
  • पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
  • अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
  • चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
  • पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. सीजेआई ने क्यों कहा- 'यह छात्रों और मेरे बीच का मामला, बीसीआई कौन होता है दखल देने वाला'

    सीजेआई सूर्यकांत

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    इमेज कैप्शन, भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) ने कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का पूरा अधिकार है (फ़ाइल फ़ोटो)

    सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा की ओर से नालसार लॉ यूनिवर्सिटी के छात्रों के एनरोलमेंट रोकने के निर्देश पर कड़ी नाराजगी जताई.

    हालांकि, मनन मिश्रा ने बाद में इन निर्देशों को वापस ले लिया था.

    भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का पूरा अधिकार है. उन्होंने बीसीआई के इस मामले में दख़ल देने पर सवाल उठाया.

    लाइव लॉ के मुताबिक़ सीजेआई ने कहा, "बीसीआई बेवजह कार्रवाई कर रहा है. अगर छात्रों के पास विरोध करने का कोई मुद्दा है तो उन्हें विरोध करने का अधिकार है. हो सकता है छात्रों ने मुझे कोई पत्र लिखा हो. यह छात्रों और मेरे बीच का संवाद है. बीसीआई कौन होता है जो बेवजह इस मुद्दे को उठाए? यह पूरी तरह अनावश्यक है. बीसीआई का इससे कोई लेना-देना नहीं है."

    सीजेआई सूर्यकांत ने अपने छात्र जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि वह खुद भी छात्र गतिविधियों में शामिल रहे हैं.

    उन्होंने कहा कि अगर छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं तो उन्हें ऐसा करने दिया जाना चाहिए.

    उन्होंने कहा, "मान लीजिए कि वे ग़लत भी हैं, फिर भी उन्हें विरोध करने का अधिकार है. उन्हें कौन रोक सकता है? जब तक वे क़ानून के दायरे में रहकर और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं, उनकी बात सुनी जानी चाहिए. बार काउंसिल या किसी अन्य संस्था को इसमें दखल क्यों देना चाहिए?"

  2. संदीप दीक्षित के मेलोनी वाले बयान पर क्या बोले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा

    जेपी नड्डा

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    इमेज कैप्शन, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा (फ़ाइल फ़ोटो)

    गुरुवार को राहुल गांधी ने एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी राजनेताओं से गले मिलने की नकल की, इसी दौरान संदीप दीक्षित ने मेलोनी का ज़िक्र किया जिसके बाद विवाद शुरू हो गया.

    केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "ऐसा विपक्ष का नेता देखना ही बाकी रह गया था. यह देश के लोकतंत्र का दुर्भाग्य है. कांग्रेस के लिए इससे ज़्यादा दुख की बात और क्या होगी कि उसे राहुल गांधी को अपना नेता मानना पड़ रहा है."

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  4. उत्तराखंड सुरंग हादसा: घायल शख़्स ने बताया, टनल के भीतर क्या हुआ था?

    सर्वाइवर

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    इमेज कैप्शन, अस्पताल में भर्ती एक सर्वाइवर ने बताया कि अचानक पानी और हवा तेज़ी से टनल के अंदर आया, संभलने का भी वक़्त नहीं मिला

    उत्तराखंड के चमोली ज़िले में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन सुरंग में पानी और मलबा घुसने से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 13 लोग घायल हुए हैं.

    हादसे के बाद सुरंग में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.

    हादसे से सुरक्षित बाहर निकले एक व्यक्ति ने बताया कि हालात बेहद ख़तरनाक थे और किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला.

    उन्होंने कहा, “अचानक तूफान जैसी तेज हवा अंदर आई. उस वक्त मैं ऊपर था, इसलिए तुरंत नीचे गया और बाहर मौजूद लोगों को इसकी जानकारी दी.”

    उन्होंने बताया, "इसके बाद फोरमैन अंदर गए और गंभीर रूप से घायल लोगों को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत की. अभी भी दो-तीन लोग अंदर फंसे हुए हैं."

    अस्पताल में भर्ती एक और सर्वाइवर ने बताया,, "पानी और हवा अचानक तेज़ी से अंदर आया. फिर पानी का बहाव धीमा हो गया. तब हम धीरे-धीरे बाहर निकल पाए. हम अंदर 15-20 लोग थे."

    वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली के पीपलकोटी में निर्माणाधीन सुरंग का मौके पर पहुंचकर जायजा लिया.

    इस दौरान सीएम धामी ने कहा, “यहां एनडीआरएफ़, एसडीआरएफ़, आईटीबीपी, राज्य आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन समेत सभी एजेंसियां रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं. राज्य मंत्री भारत सिंह चौधरी भी कल से मौके पर मौजूद हैं.”

  5. अश्विन ने सरफराज़ को लेकर मैनेजमेंट से पूछा- 'बताएं कि टीम में उनकी भूमिका क्या है'

    सरफ़राज़ ख़ान और आर. अश्विन

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    इमेज कैप्शन, सरफराज़ को चोटिल साई सुदर्शन की जगह टीम में शामिल किया गया है. भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सिरीज़ शनिवार से शुरू हो रही है (फ़ाइल फ़ोटो)

    पूर्व भारतीय ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन ने श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सिरीज़ के लिए टीम में चुने गए सरफराज खान को लेकर भारतीय टीम मैनेजमेंट से स्पष्टता की मांग की है.

    सरफराज़ को चोटिल साई सुदर्शन की जगह टीम में शामिल किया गया है. भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सिरीज़ शनिवार से शुरू हो रही है.

    28 साल के सरफराज़ ने नवंबर 2024 के बाद से भारत के लिए कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है. जब अश्विन से प्लेइंग XI में ध्रुव जुरेल और सरफराज़ खान में से किसी एक को चुनने के लिए कहा गया, तो उन्होंने कहा, "मैं जुरेल के साथ शुरुआत करूंगा.”

    अपने यूट्यूब चैनल ‘अश की बात’ पर अश्विन ने सरफराज़ की भूमिका को लेकर कहा, “आपको उन्हें बताना होगा कि वह उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में टीम के लिए क्या भूमिका निभा सकते हैं.”

    उन्होंने आगे कहा, "इस तरह, सरफ़राज़ बाकी चीज़ों में अपना समय बर्बाद नहीं करेंगे. वह अच्छी स्पिन खेलने पर ध्यान दे सकते हैं और सब-कॉन्टिनेंटल कंडिशन्स के किंग बन सकते हैं. वह अपना करियर बना सकते हैं. अगर आपको लगता है कि वह कुछ खास कंडिशन्स में अच्छा नहीं खेल सकते, तो उन्हें यह बात बताएं."

    सरफराज ने फरवरी 2024 में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टेस्ट डेब्यू किया था. अपने डेब्यू के बाद उन्होंने शानदार शुरुआत की और पहली तीन पारियों में लगातार तीन अर्धशतक जड़े थे.

    उन्होंने आगे कहा, "इस तरह, सरफ़राज़ बाकी चीज़ों में अपना समय बर्बाद नहीं करेंगे. वह अच्छी स्पिन खेलने पर ध्यान दे सकते हैं और सब-कॉन्टिनेंटल कंडिशन्स के किंग बन सकते हैं. वह अपना करियर बना सकते हैं. अगर आपको लगता है कि वह कुछ खास कंडिशन्स में अच्छा नहीं खेल सकते, तो उन्हें यह बात बताएं."

  6. मिथुन चक्रवर्ती का बंगाल सरकार पर तंज, ‘मुझे छोटा कलाकार समझते हैं, इसलिए...'

    मिथुन चक्रवर्ती

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    इमेज कैप्शन, बीजेपी नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने पश्चिम बंगाल सरकार पर तंज कसा है (फ़ाइल फ़ोटो)

    कोलकाता में महान बंगाली अभिनेता उत्तम कुमार की जन्म शताब्दी समारोह को लेकर सीएम शुभेंदु अधिकारी से मुलाक़ात के बाद बीजेपी नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने बंगाल फिल्म फेस्टिवल में न्योता नहीं मिलने पर नाराज़गी जताई.

    मिथुन ने कहा, “मुझे फिल्म फेस्टिवल में नहीं बुलाया गया. अब मैं मॉस्को जा रहा हूं, शायद वहां मुझे बुला लें. वे मुझे मॉस्को फिल्म फेस्टिवल में बुला रहे हैं, लेकिन यहां बंगाल में मुझे न्योता नहीं दिया गया.”

    उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शायद उन्हें इसलिए नहीं बुलाया जाता क्योंकि उन्हें ‘छोटा कलाकार’ समझा जाता है.

    मिथुन ने यह भी कहा कि बंगाल से कोई संबंध नहीं रखने वाले बाहर के बड़े लोगों को यहां बुलाया जाता है, जबकि बंगाल के कलाकारों को नजरअंदाज़ किया जाता है.

  7. राहुल गांधी से संदीप दीक्षित ने मेलोनी के बारे में क्या कहा कि बीजेपी हो गई नाराज़

  8. पूर्वी जापान में रिकॉर्ड बारिश से भारी नुक़सान, चार लोगों की मौत; हज़ारों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे

    जापान बारिश

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    इमेज कैप्शन, गुरुवार को भारी बारिश के कारण चीबा मेट्रो स्टेशन के शॉपिंग मॉल में फँसे यात्री फ़र्श पर आराम करते दिखे

    जापान के चिबा प्रांत में रिकॉर्ड बारिश के चलते चार लोगों की मौत हो गई है, जबकि हज़ारों यात्री टोक्यो के नारिता एयरपोर्ट पर रातभर फंसे रहे.

    राजधानी टोक्यो के पास स्थित चिबा में गुरुवार दोपहर से हर घंटे 100 मिलीमीटर से ज़्यादा बारिश दर्ज की गई है. अधिकारियों के मुताबिक, यह अगस्त में होने वाली औसत बारिश से करीब तीन गुना ज़्यादा है और देश में अब तक दर्ज की गई सबसे ज़्यादा बारिश है.

    मूसलाधार बारिश के कारण ट्रेन, बस और टैक्सी सेवाएं ठप हो गईं. वहीं, चिबा में 20 हज़ार से ज़्यादा घरों की बिजली भी गुल हो गई.

    हालात को देखते हुए राहत और बचाव अभियान जारी है. अधिकारियों की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.

    जापान

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    इमेज कैप्शन, शुक्रवार को जापान के चिबा प्रान्त के ओमिशिरासातो में भारी बारिश के बाद बाढ़ प्रभावित इलाकों का दृश्य
    जापान

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    इमेज कैप्शन, गुरुवार को चिबा में भारी बारिश के बीच, चिबा मेट्रो स्टेशन के पास पानी से भरी सड़क से गुज़रती गाड़ियां
    जापान

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    इमेज कैप्शन, शुक्रवार को जापान के चिबा प्रान्त में भारी बारिश के कारण सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बाधित होने से जो लोग घर नहीं लौट पाए, वे चिबा प्रान्त सरकार के कार्यालय में बनाए गए अस्थायी निकासी केंद्र में रुके हुए हैं
    जापान बारिश

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    इमेज कैप्शन, गुरुवार को जापान में टोक्यो के पास चिबा प्रांत के इचिकावा में भारी बारिश के बाद पानी से भरी सड़क
  9. पैकेज्ड फूड पर चेतावनी को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, एफ़एसएसएआई से पूछा- आदेश क्यों नहीं माना?

    पैकेज़्ड फूड

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    इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर

    सुप्रीम कोर्ट ने ज़्यादा शुगर, नमक और सैचुरेटेड फैट वाले पैकेज्ड फूड पर फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी लेबल लगाने में एफ़एसएसएआई की कथित हिचकिचाहट पर गुरुवार को कड़ी नाराज़गी जताई.

    जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही थी. कोर्ट ने पहले भी एफ़एसएसएआई से जनस्वास्थ्य के हित में ऐसे चेतावनी लेबल लागू करने पर विचार करने को कहा था.

    गुरुवार को कोर्ट ने एफ़एसएसएआई की एक बैठक के मिनट्स का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि आखिर ऐसी व्यवस्था लागू करने में इतनी हिचकिचाहट क्यों है. कोर्ट ने यहां तक पूछा कि क्या एफ़एसएसएआई खाद्य उत्पाद बनाने वाली बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों के दबाव में आ रहा है.

    बार एंड बेच के मुताबिक. बेंच ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, “क्या आप कोर्ट के आदेश को मज़ाक समझ रहे हैं? इन कॉरपोरेट घरानों का आप पर काफी दबाव है और आप उस दबाव के आगे झुक रहे हैं. हम यह जनहित में कर रहे हैं, अपने लिए नहीं.”

    कोर्ट ने एफ़एसएसएआई से यह भी पूछा कि उसके आदेश के बाद अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और चेतावनी लेबल लागू करने के लिए उसे खुद पहल करनी होगी या कोर्ट को इस संबंध में आदेश जारी करना पड़ेगा.

    सुनवाई के दौरान एफ़एसएसएआई की इस दलील पर भी कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ कि अगर ऐसे लेबल लागू किए गए तो नमकीन जैसे कई भारतीय खाद्य पदार्थ भी ज्यादा फैट, शुगर या नमक वाले उत्पादों की श्रेणी में आ जाएंगे.

    कोर्ट ने सवाल किया, “क्या आप चाहते हैं कि इस देश के लोग स्वस्थ न रहें? खासकर बढ़ते हुए बच्चे?”

    कोर्ट ने आगे कहा कि वह किसी खास खाद्य उत्पाद के ख़िलाफ़ नहीं है, बल्कि उसका मकसद सिर्फ़ ऐसे मामलों में लोगों को जागरूक करना है.

  10. मॉनसून सत्र में विपक्ष क्या वाकई सरकार पर दबाव बनाने में कामयाब हुआ?

  11. सिंधु जल समझौते पर बोले पाकिस्तानी पीएम शहबाज़ शरीफ़, 'भारत ने राह नहीं बदली तो सीधे जवाब देंगे'

    शहबाज़ शरीफ़

    इमेज स्रोत, Arif Hudaverdi Yaman/Anadolu via Getty Images

    इमेज कैप्शन, इस्लामाबाद में गुरुवार को ‘यादगार-ए-फतह’ के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए शहबाज़ शरीफ ने भारत की ओर से सिंधु जल संधि को ‘निलंबित’ किए जाने पर टिप्पणी की (फ़ाइल फ़ोटो)

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत को सीधी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पानी की एक-एक बूंद उसकी रेडलाइन है और अगर भारत ने अपना रुख़ नहीं बदला तो उसे सीधे जवाब दिया जाएगा.

    इस्लामाबाद में गुरुवार को ‘यादगार-ए-फतह’ के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए शहबाज़ शरीफ ने भारत की ओर से सिंधु जल संधि को ‘एकतरफा तौर पर निलंबित’ किए जाने पर टिप्पणी की.

    दरअसल, अप्रैल 2025 में पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाते हुए जवाबी कदम के तौर पर सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था.

    अपने संबोधन में शहबाज़ शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के साथ-साथ सऊदी अरब और तुर्की के साथ हुए समझौतों का भी जिक्र किया.

    उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दुनिया को सभी तरह के संघर्षों से मुक्त देखना चाहता है और नए विवादों को रोकने की कोशिश करता रहेगा.

    शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि इसी वजह से पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच ‘ज़िम्मेदार मध्यस्थ’ की भूमिका निभाई. उन्होंने मध्य पूर्व में शांति के लिए फील्ड मार्शल असीम मुनीर के ‘ऐतिहासिक किरदार’ की तारीफ़ की. साथ ही, सऊदी अरब और तुर्की के साथ समझौतों को लेकर उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक़ डार के प्रयासों की भी सराहना की.

    पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी शुक्रिया अदा किया.

    उन्होंने दावा किया कि ट्रंप ने पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराने में भूमिका निभाकर लाखों लोगों की जान बचाई.

    वहीं, अफगानिस्तान के साथ तनावपूर्ण संबंधों का ज़िक्र करते हुए शहबाज़ शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में भी शांति और स्थिरता चाहता है, लेकिन अफ़ग़ान धरती का पाकिस्तान के ख़िलाफ़ इस्तेमाल होना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

  12. उत्तराखंड: निर्माणाधीन सुरंग में बचाव अभियान जारी, अब तक 4 शव बरामद

    टीएचडीसी टनल

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    इमेज कैप्शन, टीएचडीसी प्रोजेक्ट हेड अजय वर्मा के मुताबिक हादसा सुरंग के पोर्टल से करीब दो किलोमीटर अंदर हुआ

    उत्तराखंड के चमोली ज़िले में पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग में पानी और मलबा भरने के बाद रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है.

    एनडीआरएफ़ के मुताबिक अभी तक चार शव बाहर निकाले गए हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक हादसे में सात लोगों की मौत हुई है और 11 लोग घायल हैं.

    पीपलकोटी में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (टीएचडीसी) की निर्माणाधीन सुरंग में गुरुवार शाम मलबा और पानी घुस गया था.

    एनडीआरएफ़ के टीम कमांडर अमृत लाल मीणा ने बताया, "टीम के मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू शुरू करने के वक्त सुरंग में काफी ज़्यादा पानी भरा हुआ था और किनारों से भी लगातार पानी रिस रहा था. इसके बाद पानी का स्तर और बढ़ गया."

    उन्होंने बताया, एनडीआरएफ़ के जवानों ने विशेष उपकरणों की मदद से अब तक पानी से चार शव बाहर निकाल लिए हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है और जब तक सुरंग में फंसे सभी लोगों को बाहर नहीं निकाल लिया जाता, तब तक अभियान चलता रहेगा."

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अभी तक इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो चुकी है और 11 लोग घायल हैं.

    टीएचडीसी प्रोजेक्ट हेड अजय वर्मा ने बताया, "हादसा सुरंग के पोर्टल से करीब दो किलोमीटर अंदर हुआ. उस वक्त सुरंग के अंदर करीब 20 से 22 लोग काम कर रहे थे. अचानक पानी का स्रोत फट गया और तेज़ रफ्तार से पानी सुरंग में घुस आया. कुछ लोग किसी तरह पानी के बहाव के साथ बाहर निकलकर सुरक्षित बच गए, जबकि कुछ लोग अभी भी अंदर फंसे हुए हैं. उन्हें बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है."

  13. बीबीसी हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.

    कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.

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  15. अब इस लाइव ब्लॉग को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल को दीजिए इजाज़त. कल सुबह एक नए ब्लॉग के साथ फिर हाजि़र होंगे.

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  18. आईआरजीसी ने कहा- 'वर्षों युद्ध चले तो भी आख़िर तक मिसाइलें दागता रहेगा ईरान'

    ईरान और अमेरिका युद्ध

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    इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) के प्रमुख कमांडर के एक वरिष्ठ सलाहकार ने कहा कि ईरान पर हाल में थोपा गया युद्ध यह दिखाता है कि अमेरिकी सेना उतनी मजबूत नहीं है, जितना ईरान उसे पहले समझता था.

    उन्होंने कहा कि अगर यह संघर्ष कई वर्षों तक भी चलता है, तब भी इस्लामिक रिपब्लिक अपने दुश्मनों के ठिकानों पर मिसाइलें दागता रहेगा.

    ईरान की अर्द्धसकारी फ़ार्स न्यूज के मुताबि़क अमेरिकी प्रसारक पीबीएस को दिए एक इंटरव्यू में आईआरजीसी के एक प्रमुख कमांडर के वरिष्ठ सलाहकार मोहम्मद रज़ा नक़दी ने कहा कि पिछले पांच महीनों में ईरान को अमेरिकी सेना की क्षमताओं की पहले से कहीं ज्यादा साफ़ तस्वीर मिली है.

    उन्होंने कहा, "इन पांच महीनों में हमने यह भी देखा है कि अमेरिकी सेना उतनी मजबूत नहीं है, जितना हमने समझा था."

    नक़दी ने जोर देकर कहा कि ईरान ने यह युद्ध जीत लिया है. उन्होंने कहा कि युद्ध जितना लंबा चलेगा, ईरान को उतना ही अधिक अनुभव मिलेगा.

    उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से जीत हमारी तरफ है, क्योंकि अमेरिका के दो मुख्य उद्देश्यों को नाकाम कर दिया गया है. नेतृत्व को सत्ता से हटाना और ईरान को विभाजित करना."

  19. उत्तराखंड: चमोली में टीएचडीसी के निर्माणाधीन टनल में पानी और मलबा घुसा, 16 लोग सुरक्षित निकाले गए, आसिफ़ अली, देहरादून से बीबीसी हिन्दी के लिए

    चमोली में टनल हादसा

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    उत्तराखंड के चमोली ज़िले में मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी के निर्माणाधीन टनल में पानी और मलबा भरने के बाद रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है.

    जिला प्रशासन के मुताबिक़, गुरुवार शाम करीब 7:05 बजे टनल में पानी और मलबा भरने की सूचना मिली थी.

    शुरुआती जानकारी में टनल में काम कर रहे 18 से 19 लोगों के फंसे होने की बात सामने आई थी.

    प्रशासन की ओर से जारी दूसरे अपडेट के मुताबिक़,अब तक 16 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. बाकी लोगों की तलाश और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अभियान जारी है.

    एक मजदूर को अस्पताल ले जाते राहतकर्मी

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    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, सीआईएसएफ और डीआईआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू अभियान शुरू किया.

    इसके बाद एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और सेना की टीमें भी घटनास्थल के लिए रवाना की गईं.

    जिलाधिकारी गौरव कुमार भी मौके पर पहुंचे हैं और राहत और बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं.

    उत्तराखंड में टनल हादसा

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    प्रशासन के मुताबिक़, टनल में फंसे लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीमें लगातार काम कर रही हैं. टनल का निर्माण एचसीसी कंपनी की ओर से किया जा रहा था.

    प्रशासन ने घटनास्थल पर आवश्यक संसाधन जुटाए हैं और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.

    इस बीच, उत्तराखंड के सीएम दफ़्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ‘’सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चमोली के पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी टनल के भीतर मलबा एवं पानी आने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं.

    ''मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ़ और एसडीआरएफ़ की टीमों को तत्काल घटनास्थल पर भेज दिया गया है. जिला प्रशासन सहित सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को को-ऑर्ड़िनेशन के साथ तुरंत राहत और बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं.''

    ''मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वो खुद सीनियर अधिकारियों से निरंतर संपर्क में हैं और स्थिति की पल-पल की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं.उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है और इस दिशा में सभी जरूरी संसाधन लगाए गए हैं.''