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जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना

जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.

सारांश

  • नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
  • पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
  • अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
  • चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
  • पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाज़ों और नाविकों की सुरक्षा पर विदेश मंत्रालय ने क्या बताया

    भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में स्थित भारत के सभी दूतावास इस मुद्दे पर लगातार सक्रिय हैं.

    उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावास, शिपिंग मंत्रालय, समुद्री प्राधिकरणों और संबंधित स्थानीय एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में हैं, ताकि ज़रूरत पड़ने पर भारतीय नाविकों और भारतीय ध्वज वाले जहाजों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके.

    रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारतीय मिशनों ने 24x7 हेल्पलाइन भी संचालित कर रखी हैं. इन हेल्पलाइनों के जरिए न सिर्फ नाविक, बल्कि ज़रूरतमंद अन्य भारतीय नागरिक भी सहायता प्राप्त कर सकते हैं.

    उन्होंने कहा कि ये हेल्पलाइन पिछले कई महीनों से लगातार संचालित हो रही हैं और आगे भी उपलब्ध रहेंगी.

  2. यूपीआई पेमेंट विवाद पर जयराम रमेश ने वित्त मंत्री के दावों को 'भ्रामक' बताया

    यूपीआई भुगतान पर शुल्क यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान पर पलटवार किया है.

    उन्होंने वित्त मंत्री के तर्कों को "पांच संदिग्ध दावों" पर आधारित बताते हुए कहा कि सरकार ज़ीरो-एमडीआर की वैधानिक सुरक्षा को खत्म करने की दिशा में बढ़ रही है.

    दरअसल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि एमडीआर केवल व्यापारियों पर लागू होता है, ग्राहकों पर नहीं.

    उन्होंने यह भी कहा था कि यूपीआई एवं सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी को अभी एमडीआर पर फैसला लेना है और इस विषय पर संसद में रचनात्मक चर्चा हो सकती थी.

    जयराम रमेश ने कहा कि वित्त मंत्री का यह दावा भ्रामक है कि एमडीआर सिर्फ व्यापारियों पर लागू होगा, ग्राहकों पर नहीं. उनका तर्क है कि व्यापारी इस अतिरिक्त लागत को वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में जोड़कर अंततः उपभोक्ताओं पर डाल सकते हैं.

    उन्होंने कहा कि इसका असर छोटे व्यापारियों, किराना दुकानों और रेहड़ी-पटरी वालों पर भी पड़ेगा, जो यूपीआई के सबसे बड़े उपयोगकर्ताओं में शामिल हैं.

    कांग्रेस नेता ने सरकार के इस तर्क पर भी सवाल उठाया कि एमडीआर से बैंकों और फिनटेक कंपनियों को इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और सुरक्षा में निवेश करने में मदद मिलेगी.

    उन्होंने कहा कि यूपीआई एक सार्वजनिक डिजिटल व्यवस्था है और इसकी सुरक्षा व संचालन की ज़िम्मेदारी सरकार की है.

    उनके मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) बिना व्यापारियों या ग्राहकों पर शुल्क डाले भी इस व्यवस्था को समर्थन देने में सक्षम है.

    जयराम रमेश ने कहा कि सरकार का यह कहना कि एमडीआर पर अंतिम फैसला अभी होना बाकी है, पर्याप्त नहीं है.

    उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित संशोधन भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 की धारा 10ए के तहत ज़ीरो-एमडीआर की वैधानिक गारंटी को समाप्त कर देता है और भविष्य में शुल्क लगाने का अधिकार सरकार के नोटिफिकेशन पर छोड़ देता है.

    उन्होंने संशोधन के समय पर भी सवाल उठाए.

    संसद में इस मुद्दे पर चर्चा न होने के सवाल पर जयराम रमेश ने सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया.

    उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने विपक्ष की मांगों पर चर्चा से परहेज किया और जवाबदेही से बचते हुए विधेयक को लोकसभा में ध्वनिमत से पारित करा लिया.

  3. क्या शेर वाक़ई घास खाता है, वायरल वीडियो के बाद उठे सवाल

  4. कार्टून: इंस्टाग्राम और जेन ज़ी

  5. 'एक पर हमला, तीनों पर आक्रमण माना जाएगा': पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच मक्का में रक्षा समझौता

  6. एक अमेरिकी कोर्ट ने मेटा को 56.7 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त ज़ुर्माना भरने का आदेश दिया, जानिए वजह, केली हेज़, टेक्नोलॉजी रिपोर्टर

    अमेरिका के न्यू मेक्सिको में एक जज ने गुरुवार को मेटा को 56.7 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त ज़ुर्माना भरने का आदेश दिया.

    अदालत ने माना कि कंपनी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से बच्चों को होने वाले संभावित ख़तरों के बारे में लोगों को पर्याप्त चेतावनी नहीं दी.

    बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामले में मेटा के ख़िलाफ़ यह अब तक का सबसे बड़ा फ़ैसला है.

    जज ब्रायन बीडशाइड ने कहा कि मेटा एक "सार्वजनिक उपद्रव" की तरह है, जिसकी तुलना वायु प्रदूषण से की जा सकती है.

    उन्होंने निर्देश दिया कि यह राशि एक ऐसे फंड में जमा कराई जाए, जिसका इस्तेमाल भविष्य में बच्चों को होने वाले नुक़सान को कम करने के लिए किया जाएगा.

    यह आदेश पहले लगाए गए 37.5 करोड़ डॉलर के ज़ुर्माने के अतिरिक्त है. इस मामले में अब मेटा को कुल अब तक 94.2 करोड़ डॉलर का भुगतान करने को कहा गया है.

    जज ने अपने फ़ैसले में मेटा की तुलना एक फैक्ट्री से की. उन्होंने कहा कि कंपनी का उत्पाद "विज्ञापन और सोशल मीडिया कंटेंट" है, जबकि बच्चों को होने वाला मानसिक नुक़सान और उनका यौन शोषण उस प्रदूषण की तरह है, जिसे रोकना जरूरी है.

    इंस्टाग्राम, फ़ेसबुक, वाट्सऐप और थ्रेड्स का संचालन करने वाली कंपनी मेटा के प्रवक्ता ने कहा, "हम इस फ़ैसले से सहमत नहीं हैं और इसके ख़िलाफ़ अपील करेंगे."

    प्रवक्ता ने कहा, "हम अपने प्लेटफॉर्म पर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम करते हैं. ग़लत इरादे वाले लोगों और नुक़सान पहुंचाने वाले कंटेंट की पहचान कर उन्हें हटाने में आने वाली चुनौतियों के बारे में भी हम पारदर्शी रहे हैं."

  7. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बोले, 'छात्रों से बातचीत को तैयार सरकार'

    झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार छात्रों से बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है और इसके लिए पहले ही संवाद का एक माध्यम तय किया जा चुका है.

    उन्होंने कहा कि सरकार हर छात्र की समस्याओं को समझना चाहती है और उसी के आधार पर आगे का रास्ता तय करेगी.

    मुख्यमंत्री ने कहा, "हम पहले ही संवाद का एक माध्यम तय कर चुके हैं. हम बातचीत के लिए तैयार हैं. सरकार हर छात्र की समस्या को समझने की इच्छुक है."

    उन्होंने कहा कि सरकार अब छात्रों की मांगों और सुझावों को सिर्फ रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम तक सीमित नहीं रखना चाहती.

    मुख्यमंत्री ने कहा, "सरकार सभी ज़िलों के छात्रों की राय और सुझाव जुटाएगी, ताकि किसी भी फैसले में हर क्षेत्र के युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके. इससे समाधान ज्यादा व्यापक और सभी के हित में होगा."

    हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार जल्द ही झारखंड और देशभर के छात्रों, शिक्षाविदों और नीति-निर्माताओं से सुझाव एकत्र करेगी. इन सुझावों के आधार पर तय समय सीमा के भीतर ज़रूरी सुधार और सकारात्मक बदलाव की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे.

    रांची में हुए छात्र प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब छात्र विभिन्न मांगों को लेकर सरकार से संवाद और समाधान की मांग कर रहे हैं. सरकार का कहना है कि वह छात्रों की बात सुनकर आगे की रणनीति तय करेगी.

  8. मंदिरों को दिया गया आपका डोनेशन कितना सुरक्षित है?

  9. झारखंड विधानसभा मार्च के दौरान नेहा बोरा पर फेंकी गई स्याही, स्टूडेंट लीडर ने किस पर लगाया आरोप

    झारखंड विधानसभा की ओर छात्रों के मार्च के दौरान आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेता नेहा बोरा पर स्याही फेंकने का मामला सामने आया.

    इस घटना के बाद नेहा बोरा ने बीजेपी और आरएसएस पर आरोप लगाए.

    नेहा बोरा ने कहा, "जो बीजेपी और आरएसएस के लोग छात्रों के साथ होने का दावा करते हैं, वही छात्र मार्च के दौरान मुझ पर स्याही फेंक रहे हैं. छात्र जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को लेकर विधानसभा की ओर मार्च कर रहे थे."

    उन्होंने कहा, "क्या उन्हें लगता है कि स्याही फेंकने से छात्रों और युवाओं का गुस्सा दब जाएगा? हम खुली चुनौती देते हैं कि अगर उभरता हुआ छात्र आंदोलन उनकी नफ़रत की राजनीति की नींव नहीं हिला पाया, तो यह छात्र राजनीति के लिए शर्म की बात होगी."

    आइसा नेता ने आरोप लगाया कि जिन लोगों का छात्रों के मुद्दों से कोई लेना-देना नहीं है, वे अपने राजनीतिक हितों के लिए छात्रों के मुद्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं.

    नेहा बोरा पर स्याही फेंकने वाले शख्स को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.

    झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी (झारखंड लोक सेवा आयोग) और अन्य परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के ख़िलाफ़ 14 दिनों से स्टूडेंट्स का विरोध प्रदर्शन चल रहा है.

    स्टूडेंट्स का आरोप है कि जेपीएससी के पेपर लीक किए गए, सीटें बेची गई हैं और उन्हें सीआईडी जांच पर भरोसा नहीं है, मामले की जांच ईडी या सीबीआई को सौंपी जाए.

    रांची में दो छात्र संगठनों ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा तक मार्च निकालने की घोषणा की थी. झारखंड में फ़िलहाल विधानसभा का सत्र चल रहा है.

  10. एवरेस्ट से 30 साल बाद लाया जाएगा भारतीय पर्वतारोही मोरुप का शव, परिवार को इंतज़ार

  11. बीजेपी अब आरएसएस और मोहन भागवत की नहीं सुनती- अभिजीत दीपके

    जेन ज़ी को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया दी है.

    अभिजीत दीपके ने कहा, "मैं चाहता हूं कि बीजेपी वाले एक बार मोहन भागवत की सुनें. क्योंकि मोहन भागवत बीजेपी के मेंटर हैं. आरएसेस बीजेपी की गॉडफ़ादर है. बीजेपी ने आरएसएस और मोहन भागवत को सुनना बंद कर दिया है."

    "मोहन भागवत जी कहते हैं इनको (जेन ज़ी) एंटी नेशनल मत कहिए. बीजेपी के नेता हमें वायरस कहते हैं. नितिन नबीन कहते हैं कि ये कॉकरोच वायरस है. धर्मेंद्र प्रधान हमें आतंकवादियों की बी टीम कहते थे."

    अभिजीत दीपके ने कहा, "मुझे लग रहा है कि बीजेपी वाले आरएसएस से अलग जाकर बोल रहे हैं. मुझे लगता है कि लोकतंत्र में सरकार को जनता का डर होना चाहिए."

    उन्होंने कहा, "हमारे प्रधानमंत्री हर साल स्वतंत्रता दिवस पर लाल क़िले से भाषण करते हैं, मैं चाहता हूं कि इस बार का उनका भाषण देश के युवाओं के लिए हो, देश के जेन ज़ी के लिए. प्रधानमंत्री बताएं कि बेरोज़गारी पर उन्होंने क्या किया है और वो बेरोज़गारी को कैसे कम करेंगे."

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत गुरुवार को जेन ज़ी से जुड़े एक कार्यक्रम में शामिल हुए.

    वहां पर उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि हाल में हुए जेन-ज़ी प्रदर्शन में जो शिकायतें थीं, वो जायज़ हैं.

  12. अभी तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी हिन्दी पर मौजूद अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करें.

  13. रांची- भूख हड़ताल पर बैठे एक शख़्स की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में किया गया शिफ़्ट

    झारखंड की राजधानी रांची में भूख हड़ताल पर बैठे एक शख़्स की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से सदर अस्पताल में शिफ़्ट किया गया है.

    मौक़े पर मौजूद डॉक्टर दिव्यांशु ने कहा, "उनका ब्लड प्रेशर काफ़ी बढ़ गया है, जिसकी वजह से उसे तेज सिरदर्द हो रहा है. उन्हें बुखार की भी शिकायत है, इसलिए तुरंत सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है. बाक़ी लोगों की स्थिति सामान्य है. उनके वाइटल्स और अन्य स्वास्थ्य संबंधी जांच की गई है और सभी रिपोर्ट सामान्य हैं."

    झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी (झारखंड लोक सेवा आयोग) और अन्य परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के ख़िलाफ़ 14 दिनों से स्टूडेंट्स का विरोध प्रदर्शन चल रहा है.

    स्टूडेंट्स का आरोप है कि जेपीएससी के पेपर लीक किए गए, सीटें बेची गई हैं और उन्हें सीआईडी जांच पर भरोसा नहीं है, मामले की जांच ईडी या सीबीआई को सौंपी जाए.

    इन्हीं मांगों को लेकर 25 जुलाई से रांची में छात्रों का प्रदर्शन चल रहा है.

    इस दौरान छह प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर हैं.

    रांची में दो छात्र संगठनों ने घोषणा की है कि वे शुक्रवार को राज्य विधानसभा तक मार्च निकालेंगे. झारखंड में फ़िलहाल विधानसभा का सत्र चल रहा है.

  14. कांवड़ यात्रा में 12 साल की बेटी को लेकर पहुँचे पिता ने क्या बताया?

  15. झारखंड में जारी प्रोटेस्ट में एक छात्र ने बताई अपनी तकलीफ़

  16. कश्मीरी पंडित घाटी में वापसी पर क्या बोले

  17. भारत का श्रीलंका दौरा- शुभमन गिल को लगी चोट, आज नहीं होंगे मैदान पर

    बीसीसीआई ने बताया है कि गुरुवार को अभ्यास के दौरान कप्तान शुभमन गिल के दाएं हाथ की रिंग फ़िंगर में चोट लग गई.

    बीसीसीआई ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया, “शुभमन गिल एहतियात के तौर पर श्रीलंका-11 के ख़िलाफ़ अभ्यास मैच के पहले दिन मैदान पर नहीं उतरेंगे. बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी प्रगति पर नज़र रख रही है.”

    गिल की ग़ैर-मौजूदगी में केएल राहुल टीम की कमान संभालेंगे.

    भारत और श्रीलंका-11 के बीच कोलंबो में तीन दिवसीय वार्म अप मैच खेला जा रहा है. इस मैच में श्रीलंका-11 ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया है.

    श्रीलंका के ख़िलाफ़ भारत की पुरुष क्रिकेट टीम दो टेस्ट मैचों की एक सिरीज़ खेलने वाली है. इस सिरीज़ का पहला मैच 15 अगस्त से खेला जाएगा, जबकि दूसरा टेस्ट मैच 23 अगस्त से शुरू होगा.

  18. मोहम्मद यूनुस की सरकार में बांग्लादेश के 'विदेश मंत्री' रहे तौहीद हुसैन ने भारत को लेकर किए कई दावे

  19. चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा- आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत हमें नहीं, सरकार को बताएं

    आज़ाद समाज पार्टी के संस्थापक और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा है कि 'जिन लोगों का उत्थान हो चुका है, उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं लेना चाहिए' यह बात आरएसएस प्रमुख को हमें या देश को कहने के बजाय अपनी सरकार को कहना चाहिए.

    उन्होंने कहा, "आरएसएस प्रमुख सरकार को कहें कि जल्दी जातीय जनगणना करवाए और उसके आंकड़े सार्वजनिक कर दे ताकि लोगों को पता चल सके किनका उत्थान हो चुका है, कौन मज़बूत हो चुका है, कौन-सा समाज आगे बढ़ गया है, किसकी हिस्सेदारी पूरी हो गई है."

    उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि नौजवानों को लेकर आरएसएस के मन में विरोध है. नौजवान उन्हें साल 2014 में कंधे पर बैठाकर लाए थे और इस बार उन्हें प्रदेशों और देश से, हर जगह से छोड़कर आएगा."

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत गुरुवार को जेन ज़ी से जुड़े एक कार्यक्रम में शामिल हुए. वहां पर उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि हाल में हुए जेन-ज़ी प्रदर्शन में जो शिकायतें थीं, वो जायज़ हैं.

    इसी कार्यक्रम में मोहन भागवत ने कहा, "सामाजिक कारणों से आरक्षण है. जब तक सामाजिक भेदभाव है, आरक्षण चलेगा. जिनको मिल गया और जिनका ठीक हो गया, उन्हें बड़ा दिल दिखाकर दे देना चाहिए. और अगर ठीक से होता है तो वहां ऐसे स्वर भी उठ रहे हैं, ऐसे थोड़े कम स्वर हैं लेकिन उठ रहे हैं कि अब हमारा हो गया तो दूसरे को दे दो."

    चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा, "प्रधानमंत्री जी को 'हैंडलूम दिवस' याद है, जबकि आज ही के दिन यानी 7 अगस्त 1990 को तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह ने मंडल कमीशन की सिफ़ारिशों को लागू करने की बात कही थी. कमीशन की 40 में से 2 सिफ़ारिशें लागू हुई हैं. मुझे अच्छा लगता कि प्रधानमंत्री जी लोगों को 'मंडल दिवस' की भी बधाई देते."

    हर साल 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा (हथकरघा) दिवस मनाया जाता है. गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर हैंडलूम दिवस को लेकर संदेश दिया था.

  20. थाईलैंड: स्कूल में गोलीबारी में कम से कम 7 लोगों की मौत, क़रीब 15 घायल

    थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक से सटे नॉनथाबुरी प्रांत के बैंक क्रुआई ज़िले में एक स्कूल में गोलीबारी हुई है. इस गोलीबारी में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई है.

    थाईलैंड के स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक़, आशंका है कि संदिग्ध ने स्कूल जाने से पहले अपने दादा और दादी की भी हत्या कर दी, क्योंकि उन दोनों के शव घर पर मिले हैं.

    थाइलैंड के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि स्कूल में हुई गोलीबारी में पांच शिक्षकों की मौत हुई है.

    संदिग्ध छात्र ने गोलीबारी करने के बाद ख़ुद को जिस बंदूक से गोली मारी, वह उसके दादा की थी, जो पहले एक स्कूल टीचर थे.

    थाईलैंड के प्रधानमंत्री ने स्कूल में हुई इस घटना की आलोचना की है.

    उन्होंने कहा, "यह बहुत बुरा हुआ है. ऐसा नहीं होना चाहिए था. मैं केवल पीड़ितों के लिए दुखी नहीं हू बल्कि मुझे इस बात का भी अफ़सोस है कि यह नहीं होना था. ऐसा हमारे देश में कैसे हो सकता है?"

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, पुलिस ने हमलावर की पहचान स्कूल के एक स्टूडेंट के रूप में की है.

    पुलिस के अनुसार, स्थानीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए थे.

    रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, हमलावर ने बाद में खुद को भी गोली मार ली.

    नॉनथाबुरी प्रांत के पुलिस प्रमुख डेचरापी कोंगदी ने बीबीसी को बताया कि हमलावर नौवीं कक्षा का स्टूडेंट था.

    थाईलैंड में नौवीं कक्षा के स्टूडेंट्स की उम्र आमतौर पर क़रीब 14 वर्ष होती है. पुलिस ने पुष्टि की है कि हमलावर की भी मौत हो चुकी है.