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जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना

जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.

सारांश

  • नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
  • पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
  • अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
  • चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
  • पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. मोरक्को से स्पेन में आ रहे प्रवासियों पर ये बोलीं यूरोपियन यूनियन की अध्यक्ष

    मोरक्को से स्पेन के स्यूटा एन्क्लेव में हज़ारों की संख्या में आ रहे प्रवासियों पर यूरोपियन यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "स्यूटा से आ रही तस्वीरें मंज़ूर करने लायक नहीं हैं. हम किसी को भी हमारे नियमों का पालन किए बिना हमारे यूनियन में आने की इजाज़त नहीं दे सकते."

    यूरोपियन यूनियन अध्यक्ष ने कहा, "ख़तरनाक रास्तों से आने-जाने का सिलसिला तुरंत बंद होना चाहिए. तस्करी करने वाले नेटवर्क को ख़त्म किया जाना चाहिए. और हमारे नियमों के मुताबिक़ लोगों की वापसी तेज़ी से होनी चाहिए."

    "मैंने हालात को काबू में लाने में मदद के लिए दो कमिश्नरों को काम सौंपा है. मुझे यकीन है कि मोरक्को के साथ हमारी करीबी साझेदारी से ठोस नतीजे मिलेंगे."

  2. मध्य प्रदेश: एम्बुलेंस में ख़त्म हुई ऑक्सीजन, युवक की मौत

  3. पीएम मोदी ने यूके के नए पीएम एंडी बर्नम को दी बधाई, बताया फ़ोन पर क्या हुई बात

    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नम को प्रधानमंत्री का पद ग्रहण करने पर बधाई दी है.

    पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री एंडी बर्नम से बात करके खुशी हुई. मैंने उन्हें पद संभालने पर बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं."

    उन्होंने लिखा, "हम टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, डिफेंस, सिक्योरिटी, क्लीन एनर्जी, एजुकेशन और लोगों के बीच आपसी संबंधों जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने और भारत-यूके कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को नई ऊंचाइयों पर ले जाने पर सहमत हुए."

    "हम दोनों देशों के लोगों की साझा समृद्धि और भलाई के लिए, हाल ही में लागू हुए भारत-यूके कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट से मिलने वाले व्यापार और निवेश के अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए भी मिलकर काम करेंगे."

  4. कार्टून: टाइम का ध्यान रखें जरा

  5. इसराइल को हथियार देने से अंतरराष्ट्रीय संगठन ने भारत को किया मना तो विदेश मंत्रालय ने गिनाए तर्क

  6. कावेरी जल बंटवारे को लेकर डीके शिवकुमार बोले- विजय अपनी बेंगलुरु यात्रा टालें, इमरान क़ुरैशी, बीबीसी हिन्दी के लिए

    कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ़ विजय से कावेरी जल बंटवारे पर बातचीत के लिए बेंगलुरु आने के उनके प्लान को टालने का अनुरोध किया है.

    दोनों मुख्यमंत्रियों की बैठक सोमवार, 3 अगस्त को होनी थी. विजय ने कुछ हफ़्ते पहले ही शिवकुमार को फ़ोन करके यह पहल की थी, जिसका मुख्य मक़सद पानी की कमी वाले साल में पानी छोड़े जाने की मांग करना था.

    गुरुवार को कावेरी वाटर मैनेजमेंट अथॉरिटी (सीडब्लूएमए) ने कर्नाटक को निर्देश दिया कि वह कावेरी वाटर रेगुलेशन कमेटी (सीडब्लूआरसी) के आदेश के अनुसार अगले 15 दिनों तक रोज़ाना 3500 क्यूसेक पानी छोड़े. इसके कारण कर्नाटक के कावेरी बेसिन इलाके में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं.

    कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "विरोध करना तमिलनाडु का अधिकार है. उन्हें अपने राज्य के हितों की रक्षा करनी है. हमें अपने राज्य के हितों की रक्षा करनी है. मुझे नहीं लगता कि अभी का माहौल सही है. मैं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूं कि वे इस समय यहां आने से बचें."

    उन्होंने कहा, "जब भी बैठक हो, उससे दोनों राज्यों को फ़ायदा होना चाहिए."

    शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक इस महीने तमिलनाडु को सिर्फ़ 0.6 टीएमसी (हज़ार मिलियन घन फ़ीट) फ़ीट पानी ही दे सकता है. यह पिछले 100 सालों में कर्नाटक की ओर से तमिलनाडु को दिया गया पानी का सबसे कम हिस्सा है.

    शिवकुमार ने कहा, "पानी की उपलब्धता के मामले में पिछले तीन साल सबसे अच्छे रहे हैं. पिछले साल ख़ूब बारिश हुई थी. हमने पूजा भी की थी. तय किए गए 177 टीएमसी फ़ीट पानी के मुकाबले, तमिलनाडु में 400 टीएमसी फ़ीट से ज़्यादा पानी बह गया. न तो हम इसे बचा पाए और न ही तमिलनाडु. वह अतिरिक्त पानी समुद्र में चला गया."

    कावेरी वाटर रेगुलेशन कमेटी (सीडब्लूआरसी) ने कर्नाटक को 15 दिनों तक हर दिन 3,500 क्यूसेक कावेरी का पानी छोड़ने का निर्देश दिया. यह कुल मिलाकर 4.50 टीएमसी फ़ीट पानी होता है. इस आदेश के ख़िलाफ़ कावेरी वाटर मैनेजमेंट अथॉरिटी में अपील की गई, जिसने सीडब्ल्यूआरसी के आदेश को बरकरार रखा.

    शिवकुमार ने विपक्ष के कुछ नेताओं के इस आरोप का खंडन किया कि सरकार ने मामले में ठीक से दलीलें पेश नहीं कीं. उन्होंने कहा, "मैं उन आरोपों का जवाब नहीं दूंगा, लेकिन मैं लोगों को यह बताना चाहता हूं कि हमारे सभी अधिकारी मौजूद थे, जिनमें बोम्मई सरकार द्वारा नियुक्त सलाहकार भी शामिल थे, जिनकी सेवाएं हमने जारी रखी हैं."

    उन्होंने कहा, "अभी हमारे पास लगभग 2 टीएमसी पानी आ रहा है. यह ऐसी बात है जिसे छिपाया नहीं जा सकता. कर्नाटक के हितों की रक्षा करना हमारी सरकार का कर्तव्य है. हमने किसानों और पीने के पानी की ज़रूरतों, दोनों के हितों की रक्षा की है. कांग्रेस ने हमेशा राज्य के हितों की रक्षा की है, यहाँ तक कि सूखे के वर्षों में भी."

    शिवकुमार ने कहा, "मैंने दिल्ली में कर्नाटक के सांसदों की सर्वदलीय बैठक बुलाई. जब भी राज्य में पानी का संकट आता है, तो सभी को एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए. बैठक में 36 सांसद और तीन केंद्रीय मंत्री शामिल हुए. अपील दायर करने से पहले, मैंने केंद्रीय मंत्रियों प्रह्लाद जोशी, वी. सोमन्ना और शोभा करंदलाजे को जानकारी दी. वे भी ईमानदारी से प्रयास कर रहे हैं."

    उन्होंने कहा, "मैंने अब सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जो रविवार को सुबह 11 बजे होगी."

  7. दिल्ली: स्टूडेंट्स के प्रदर्शन के दौरान घायल हुए सब इंस्पेक्टर के परिवार ने क्या कहा

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और स्टूडेंट्स संगठन के प्रदर्शन के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षाबलों के परिजनों ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की.

    प्रोटेस्ट के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर की बेटी ने कहा, "मेरे पिता मुख्य धरना स्थल पर मौजूद थे. जब भी मेरे पिता रात में घर आते तो वे कहते कि 'यह विरोध अब छात्रों का विरोध नहीं लग रहा'. इसमें कई असामाजिक तत्व शामिल हो गए थे."

    उन्होंने कहा. "ठीक अगले दिन, 25 तारीख को एक उपद्रवी भीड़ ने मेरे पिता को खींच लिया और जंतर-मंतर पर मंच के पास उनकी पीट-पीटकर लगभग हत्या करने की कोशिश की. यह घटना दोपहर करीब 2:00 बजे हुई. वे राम मनोहर लोहिया अस्पताल में लगभग चार घंटे तक बेहोश रहे. रात क़रीब 10:00 बजे उनके साथी उन्हें घर लाए. उनकी वर्दी पूरी तरह खून से सनी हुई थी. "

    "उन्हें उस हालत में देखना हमारे लिए बहुत दर्दनाक था. जब मैंने सोशल मीडिया में देखा, तो मेरे पिता को अपराधी कहा जा रहा था. ठीक अगले दिन मुझे पता चला कि जिन लोगों ने मेरे पिता पर हमला किया था, वे अपने अपराधों को छिपाने के लिए सुप्रीम कोर्ट जा रहे थे और उनके और सभी पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ शिकायतें दर्ज करा रहे थे."

    उन्होंने कहा. "मुझे बहुत दुख हुआ और मैंने तय किया कि मुझे भी अपने पिता के लिए न्याय मांगना चाहिए. मुझे पुलिस के अन्य परिवारों से समर्थन मिला और हम सुप्रीम कोर्ट गए."

    "हमने एक वकील से माननीय सुप्रीम कोर्ट के सामने हमारा पक्ष रखने का अनुरोध किया. वकील ने हमें भरोसा दिलाया कि इस देश के नागरिक के तौर पर हमें भी समान अधिकार हैं और हमें भी न्याय मिलेगा."

    सरकार और सीजेपी के अधिकारियों के बीच हुए समझौते में स्टूडेंट्स पर दर्ज हुईं सभी एफ़आईआर को वापस लेने की मांग की गई है.

    वहीं 20 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस के एसीपी की पत्नी ने कहा, 20 जुलाई की देर रात जब वो चोटिल हालत में घर पहुंचे. वो पल मेरी और मेरी दो साल की बेटी के लिए बहुत दर्दनाक था.

  8. जंतर-मंतर पर पुलिस का फ़ायरिंग से इनकार, फिर नूतन टोप्पो को कैसे लगी 'गोली'?

  9. 23 साल पहले लापता हुए बेटे से मिलने जब तमिलनाडु से पंजाब पहुंची एक मां

  10. आरा के भरत तिवारी एनकांउटर केस में एसटीएफ़ जवान की गिरफ़्तारी, सीटू तिवारी, बीबीसी संवाददाता

    बिहार के भोजपुर ज़िले के भरत तिवारी एनकांउटर केस में एसटीएफ़ जवान अक्षय कुमार की गिरफ़्तारी हुई है.

    भोजपुर एसपी राज ने बीबीसी से इसकी पुष्टि की है. ये गिरफ़्तारी गुरुवार देर रात हुई है.

    इस गिरफ़्तारी के बाद भरत तिवारी की मां आशा देवी ने कहा, “मेरे बेटे पर पहली गोली अक्षय कुमार ने चलाई थी. जो बचे हुए हैं, उनकी भी गिरफ़्तारी होनी चाहिए. मुख्यमंत्री से मिलने के बाद ही कार्रवाई हुई है.”

    वहीं भरत के पिता काशीनाथ तिवारी ने इस गिरफ़्तारी पर कहा, "मुझे खुशी है कि एक आदमी गिरफ़्तार हुआ."

    बता दें बीती 17 जून को भोजपुर ज़िले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव के भरत तिवारी की पुलिस एनकांउटर के बाद मौत हो गई थी.

    24 जुलाई को भरत तिवारी के परिवार ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी.

    इससे पहले भरत तिवारी एनकांउटर केस की न्यायिक जांच के लिए रिटायर जज विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया था.

  11. आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या मामले में ताहिर हुसैन समेत पांच को उम्रक़ैद की सज़ा

    क़ानूनी मामलों की ख़बरों और विश्लेषण की वेबसाइट बार एंड बेंच के मुताबिक़, दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत चार अन्य दोषियों को 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई है.

    कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज प्रवीण सिंह ने अभियोजन पक्ष की मौत की सज़ा की मांग को ख़ारिज कर दिया और इसके बजाय पांचों दोषियों को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई.

    बार एंड बेंच के मुताबिक़ कोर्ट ने कहा कि भले ही यह अपराध बहुत ही बर्बर और घिनौना था, लेकिन दोषियों के सुधरने की गुंजाइश अभी भी है.

    दिल्ली पुलिस ने हुसैन और दूसरे दोषियों के लिए मौत की सज़ा की मांग की थी. पुलिस का कहना था कि शर्मा की हत्या बहुत बेरहमी से और सोच-समझकर की गई थी.

    अदालत ने नज़ीर, आसिम, जावेद और अनस को भी उन्हीं अपराधों के लिए दोषी ठहराया.

    कोर्ट की सुनवाई के बाद ताहिर हुसैन ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि हाई कोर्ट से इंसाफ़ मिलेगा.

  12. हमास के हथियार डालने की चर्चा के बीच इसराइल ने ग़ज़ा पर किया हमला

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हमास के हथियार डालने और इसराइली सैनिकों की वापसी से जुड़े समझौते की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद ग़ज़ा पर इसराइल के एक और हवाई हमले की ख़बरें आ रही हैं.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने स्वास्थ्यकर्मियों के हवाले से बताया है कि इस हमले में कई फ़लस्तीनी घायल हुए हैं.

    वहीं, समाचार चैनल अल जज़ीरा के अनुसार ग़ज़ा शहर के उत्तर में करामा इलाके में एक मस्जिद के पास हमला हुआ है.

    इसराइल डिफेंस फोर्सेस (आईडीएफ़) ने बीबीसी को बताया है कि वे इस घटना की जांच कर रहे हैं.

    ग़ज़ा में हमास की ओर से संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, पिछले साल अक्तूबर में इसराइल और हमास के बीच युद्धविराम लागू होने के बाद से इसराइली हमलों में कम से कम 1168 फ़लस्तीनी मारे गए हैं. वहीं इसी दौरान चार इसराइली सैनिक मारे गए हैं.

  13. पप्पू यादव के भेष पर बोले ओम बिरला, 'आप सदन की पवित्रता...'

  14. 83 हज़ार की आबादी वाले स्पेन के इस शहर में घुस गए 49 हज़ार प्रवासी, सोफ़िया फरेरा सैंटोस

    स्पेन के अधिकारियों ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटे में मोरक्को से स्पेन के स्यूटा एन्क्लेव में लगभग 49 हज़ार प्रवासी दाखिल हुए हैं.

    गुरुवार को सामने आए वीडियो और तस्वीरों में हज़ारों लोगों को तैरकर स्पेन के इस शहर में घुसते देखा जा सकता है. स्थानीय मीडिया ने दावा किया है कि लोगों के आने का सिलसिला पूरी रात जारी रहा.

    स्पेन के अधिकारियों का कहना है कि स्पेन में दाखिल होने के क्रम में कम से कम 18 लोगों की मौत हो चुकी है.

    अधिकारियों के अनुमान से पता चलता है कि पिछले कुछ दिनों में स्यूटा एन्क्लेव में आने वाले प्रवासियों की संख्या शहर की आबादी के आधे से भी ज़्यादा हो सकती है. शहर की आबादी स्थानीय आंकड़ों के अनुसार लगभग 83,600 है.

    स्पेन के अधिकारियों का कहना है कि पिछले 24 घंटे में स्पेन के स्यूटा में दाखिल होने वाले लोगों में से कम से कम 7000 बच्चे हैं.

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  15. ईरान के ख़िलाफ़ जंग में उतरने को लेकर सऊदी अरब की क्या दुविधा है

  16. चार नहीं बल्कि आठ राउंड हुई थी एके 47 से फ़ायरिंग, सिवान पुलिस की थ्योरी पर कई सवाल

  17. पीएम मोदी पर टिप्पणी करने वालीं रुचिका सिंह के मामले में क्या बोली सीजेपी

    जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने को लेकर नोएडा की युवती के ख़िलाफ़ दर्ज हुई एफआईआर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा, ''प्रदर्शन के दौरान आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल की आलोचना की जा सकती है. लेकिन पुलिस के ज़रिए उन्हें निशाना बनाना और परेशान करना बिल्कुल जायज़ नहीं है. इस देश में गाली-गलौज करना कब से अपराध हो गया?''

    उन्होंने कहा, ''लोग रोज़मर्रा की ज़िंदगी में हर समय ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं. लोकसभा के 50 प्रतिशत सांसदों के ख़िलाफ़ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें बलात्कार, हत्या और डकैती जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं, फिर भी उनके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं होती. आप सिर्फ़ इन्हें निशाना बनाना और इनके लिए मिसाल कायम करना चाहते हैं.''

    उन्होंने कहा, ''यह पूरी तरह निंदनीय है. मैं एक बार फिर सरकार और उसकी पुलिस मशीनरी से अपील करता हूं कि युवाओं को परेशान करना बंद करें. इस तरह युवाओं को निशाना बनाना बंद करें और इस लड़की को अकेला छोड़ दें. इस तरह के मामलों में पुलिस बल का दुरुपयोग पूरी तरह अस्वीकार्य है.”

    टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, "25 साल की प्रदर्शनकारी रुचिका सिंह के ख़िलाफ़ सरकारी मशीनरी का इतनी बदले की भावना से इस्तेमाल करना शर्मनाक है. यह सरकार कभी नहीं सुधरेगी. किसी को भी इन पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए."

    अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस को एक अधिकारी ने बताया कि ग़ाज़ियाबाद निवासी स्मृति सिंह ने बुधवार को एक्सप्रेसवे थाने में नोएडा निवासी रुचिका सिंह के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई.

    शिकायत में स्मृति सिंह ने आरोप लगाया कि रुचिका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ अपमानजनक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया.

    शिकायत में यह भी कहा गया है कि "इन टिप्पणियों ने न केवल संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई बल्कि जानबूझकर नफ़रत फैलाने और सार्वजनिक शांति भंग करने का भी प्रयास किया."

  18. स्पेन में घुसे हज़ारों प्रवासी, यूरोप में सुरक्षा को लेकर जताई जा रही चिंता

  19. उमर अब्दुल्लाह के तलाक को सुप्रीम कोर्ट से मिली मंजूरी

    जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने पत्नी पायल अब्दुल्ला के साथ तलाक से जुड़े विवाद को मध्यस्थता के ज़रिये सुलझा लिया है.

    क़ानूनी मामलों की ख़बरों और विश्लेषण की वेबसाइट बारएंडबेंच के मुताबिक़ जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच को उमर अब्दुल्लाह के वकील कपिल सिब्बल ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच सभी विवाद आपसी सहमति से सुलझा लिए गए हैं.

    सिब्बल ने कहा, “दोनों ने आज़ादी अपना ली है. सब कुछ सुलझ गया है. अदालत तलाक की मंज़ूरी दे सकती है. बाकी सभी मामले वापस ले लिए जाएंगे.”

    इस पर बेंच ने कहा, ''यह अच्छी बात है. हम इन्हीं शर्तों के आधार पर मामले का निपटारा कर देंगे.''

    उमर अब्दुल्लाह और पायल अब्दुल्ला ने सितंबर 1994 में शादी की थी, लेकिन दोनों लंबे समय से अलग रह रहे हैं.

    उमर अब्दुल्लाह की तलाक की याचिका को पहली बार 30 अगस्त 2016 को पारिवारिक अदालत ने खारिज कर दिया था. अदालत ने कहा था कि वह यह साबित करने में नाकाम रहे कि उनका वैवाहिक संबंध इस हद तक टूट चुका था कि उसे फिर से बहाल करना संभव नहीं था.

    पारिवारिक अदालत ने यह भी कहा था कि उमर अब्दुल्लाह अपने साथ हुई “क्रूरता” या पत्नी द्वारा “परित्याग” के आरोपों को साबित नहीं कर सके. अदालत के मुताबिक, वह ऐसी एक भी परिस्थिति नहीं बता पाए जिससे यह साबित हो कि पायल के साथ संबंध जारी रखना उनके लिए असंभव हो गया था.

    इसके बाद उमर अब्दुल्लाह ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया. हालांकि, हाई कोर्ट ने भी उनकी तलाक की याचिका खारिज कर दी. इसके बाद उन्होंने राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया.