भागवत के दौरे से पहले संघ पर बैन लगाने की अमेरिकी संस्था की मांग पर विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर बैन लगाने की सिफ़ारिश करने के 'यूएस कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ़्रीडम' के बयान पर भारत ने प्रतिक्रिया दी है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हम सभी जानते हैं कि जिस संगठन या संस्था की आप बात कर रहे हैं, वह एक पक्षपाती संस्था है. यह कई साल से भारत के बारे में उल्टी-सीधी बातें और साथ में भड़काने वाली बातें करती रही है."
उन्होंने कहा, "मैं तो कहूंगा कि हमें ऐसे संस्थानों हमें दूर रहना चाहिए, क्योंकि ऐसे संस्थान के पास अपना एक एजेंडा होता है और उनकी कोई विश्वसनीयता या साक्ष्य नहीं होते हैं."
दरअसल आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 25 अगस्त से अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन का दौरा करेंगे.
लेकिन उनके दौरे से पहले ही अमेरिका के भीतर ही विरोध की आवाज़ें उठने लगी हैं.
यूएस कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ़्रीडम (यूएससीआईआरएफ़) नाम के संगठन ने उनकी यात्रा का विरोध किया है.
इसने आरएसएस को 'भारत में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करने वाला संगठन' क़रार दिया है.
यूएससीआईआरएफ़ अमेरिका के धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा एक संघीय सलाहकार आयोग है.
20 अगस्त को इस आयोग से जुड़े अधिकारियों ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी.