श्रीलंका में सियासी संकट के बीच चली गोली, एक की मौत

अर्जुन रणतुंगा
इमेज कैप्शन, घटना के बाद अर्जुन रणतुंगा को हेलमेट और सुरक्षा कवच पहनाकर ले जाया गया
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श्रीलंका के बढ़ते राजनीतिक संकट के बीच पूर्व क्रिकेट कप्तान और सांसद अर्जुन रणतुंगा के बॉडीगार्ड ने कोलंबो में भीड़ पर फ़ायरिंग की है. इस घटना में एक व्यक्ति की मौत की ख़बर है.

रणतुंगा शुक्रवार को बर्खास्त किए गए रनिल विक्रमसंघे की सरकार में पेट्रोलियम मंत्री थे. रणतुंगा की अगुवाई में श्रीलंका ने पहली बार क्रिकेट विश्व कप का खिताब भी जीता था.

पुलिस का कहना है कि ये घटना तब हुई जब रणतुंगा अपने कार्यालय में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, तभी वहाँ मौजूद प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की.

अर्जुन रणतुंगा

इससे पहले शुक्रवार को एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना ने विक्रमसिंघे को प्रधानमंत्री पद से हटाकर पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया था. इसके साथ ही सिरिसेना ने संसद को भी निलंबित कर दिया था.

आलोचक सिरिसेना के इस फ़ैसले को असंवैधानिक बता रहे हैं.

कैसे हुई फ़ायरिंग

राजपक्षे के समर्थक

रणतुंगा सिलोन पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन स्थित अपने कार्यालय में जा रहे थे, तभी वहाँ मौजूद प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की. प्रदर्शनकारियों ने रणतुंगा के ख़िलाफ़ नारे लगाए.

इसके बाद रणतुंगा के बॉडीगार्ड ने भीड़ को निशाना बनाते हुए गोलियां चला दी. इस घटना में घायल हुए एक 34 वर्षीय व्यक्ति की अस्पताल ले जाने के बाद मौत हो गई. स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार गोलीबारी के चलते दो और लोग घायल हुए हैं.

समाचार एजेंसी एएफपी ने एक चश्मदीद के हवाले से बताया है कि माहौल तनावपूर्ण होने के बाद पुलिस कमांडो 54 वर्षीय रणतुंगा को हेलमेट और सुरक्षा कवच पहनाकर घटनास्थल से ले गई.

पुलिस के मुताबिक बॉडीगार्ड को गिरफ़्तार कर लिया गया है और मामले की जाँच जारी है.

तनाव के संकेत

श्रीलंका

श्रीलंका की संसद के स्पीकर कारु जयसूर्या ने सिरिसेना से संसद निलंबित करने के अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है. जयसूर्या ने कहा है कि ऐसा नहीं होने पर नतीजे ख़तरनाक हो सकते हैं.

विक्रमसिंघे और राजपक्षे के समर्थक कोलंबो में जगह-जगह इकट्ठा हो रहे हैं . राजपक्षे की पार्टी से जुड़े मजदूर संगठन भी विक्रमसिंघे की पार्टी के सदस्यों और पूर्व मंत्रियों का विरोध कर रहे हैं.

इस बीच, विक्रमसिंघे के सैकड़ों समर्थक प्रधानमंत्री के सरकारी निवास पर इकट्ठा हैं.

महिंदा राजपक्षे

राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे को बर्खास्त कर राजपक्षे को शपथ दिलाई है. विक्रमसिंघे ने इसे अवैध और असंवैधानिक बताया है और कहा है कि वो संसद में बहुमत साबित करेंगे.

श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने संसद को स्थगित कर दिया है. श्रीलंकाई संसद के स्पीकर ने स्थगन की जानकारी दी और कहा है कि संसद के नए सत्र की शुरुआत 16 नवंबर से होगी.

प्रधानमंत्री से बर्खास्त किए जाने के बाद विक्रमासिंघे ने स्पीकर से रविवार को संसद का सत्र बुलाने को कहा था ताकि वो बहुमत साबित कर सकें. इसी मांग के बाद राष्ट्रपति ने संसद का निलंबन कर दिया. विक्रमसिंघे ने संसद में आपातकालीन सत्र की भी मांग की थी. विक्रमसिंघे का कहना है कि 225 सदस्यों वाली संसद में उनके पास बहुमत है और उन्हें पद से हटाया जाना असंवैधानिक है.

सिरीसेना और विक्रमसिंघे में आर्थिक और सुरक्षा के मुद्दों पर बढ़ते मतभेदों के कारण यह नाटकीय घटनाक्रम सामने आया है. सिरीसेना के यूनाइटेड पीपल्स फ़्रीडम गठबंधन ने विक्रमासिंघे की यूनाइटेड नेशनल पार्टी से अलग होने की घोषणा की है.

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