अरविंद केजरीवाल ने कहा- हाँ मैं दिमाग़ी नक्सल हूं क्योंकि मैं देशभक्त हूं
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी को संबोधित करते हुए ख़ुद को 'दिमाग़ी नक्सल' कहा है.
केजरीवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया और कहा, "प्रधानमंत्री जी के हिसाब से दिमाग़ी नक्सल कौन है, जो इस देश में प्रश्न उठाने की हिम्मत करता है, जो सड़ी-गली व्यवस्था को बदलना चाहता है, जो अच्छे सरकारी स्कूल, अच्छे सरकारी अस्पताल चाहता है."
केजरीवाल ने आगे कहा, "जो बिजली चाहता है, पानी चाहता है, जो सीवर-ड्रेनेज और अच्छी व्यवस्था चाहता है, जो भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना देखता है वो प्रधानमंत्री जी के हिसाब से दिमाग़ी नक्सली है."
उन्होंने कहा, "जो प्रधानमंत्री और बीजेपी से डरता नहीं है, जो एक विकसित भारत का सपना देखता है, वो प्रधानमंत्री जी के हिसाब से दिमाग़ी नक्सली है. मैं प्रधानमंत्री जी को कहना चाहता हूं कि 'मैं अरविंद केजरीवाल आपके हिसाब से दिमाग़ी नक्सली हूं, क्योंकि मैं देशभक्त हूं' और मुझे इस बात का गर्व है."
दरअसल 15 अगस्त को लाल क़िले से अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा था, "हथियारी नक्सल तो गए, लेकिन दिमाग़ी नक्सल मौक़े की तलाश में हैं. हिंसा अराजकता के वो रास्ते खोज रहे हैं. इन दिमाग़ी नक्सलियों को पहचानना होगा. इन दिमाग़ी नक्सलियों को आइसोलेट करना होगा."
पीएम मोदी की इस टिप्पणी के बाद विपक्षी दलों और आलोचकों ने पूछा कि 'दिमाग़ी नक्सल' से उनका मतलब किन लोगों से है.
कुछ आलोचकों का आरोप है कि सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वाले युवाओं, बुद्धिजीवियों और विचारकों को इस तरह के शब्दों के ज़रिए निशाना बनाया जा रहा है.