कोरोना लॉकडाउन: वो 10 नेता और अफ़सर जिन्होंने ख़ुद नियम तोड़े

राष्ट्रपति ट्रंप
इमेज कैप्शन, राष्ट्रपति ट्रंप बिना मास्क के उस राज्य में नज़र आए जहां पर मास्क पहनना अनिवार्य था
    • Author, स्वामीनाथन नटराजन
    • पदनाम, बीबीसी वर्ल्ड सर्विस
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 8 मिनट

बड़े बुज़ुर्ग अपने नवजात नाती-पोतों को गले लगाने के लिए तरस रहे हैं, रिश्तेदार अपने प्रियजनों के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, दोस्त और प्रेमी अलग रह रहे हैं.

लॉकडाउन के नियमों ने कोरोना वायरस के संक्रमण को धीमा करने में मदद की है लेकिन काफ़ी संख्या में लोगों ने इसके लिए बलिदान भी दिया है.

और जिन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं किया है, वो भारी जुर्माने का सामना कर रहे हैं लेकिन कुछ राजनेता, वैज्ञानिक और सलाहकार अपने ही बनाए नियमों को तोड़ते पाए गए हैं.

यहां हम नज़र डाल रहे हैं उन 10 जानी-मानी हस्तियों के बारे में जो नियम तोड़ते पाए गए हैं.

डोनाल्ड ट्रंप, अमरीका

कोरोना वायरस महामारी के कारण दुनिया में हुई कुल मौतों में से 30 फ़ीसदी मौतें सिर्फ़ अमरीका में हुई हैं.

ट्रंप
इमेज कैप्शन, राष्ट्रपति ट्रंप ने पत्रकारों से कहा था कि वो उन्हें मास्क पहने देखने का सुख नहीं देना चाहते

अप्रैल के पहले सप्ताह में अमरीका के सेंटर्स फ़ॉर डिसीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने यह सलाह दी थी कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सभी अमरीकियों को फ़ेस मास्क पहनना चाहिए.

अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस सलाह से दूरी बनाए रखी और कहा, "मैं इसे ख़ुद से नहीं पहनना चाहता."

उन्होंने कहा कि वो इसकी कल्पना नहीं कर सकते कि वो अपने ओवल दफ़्तर में विश्व के नेताओं का मुंह ढंककर स्वागत करें.

हालांकि, मिशिगन जैसे कई राज्यों ने सार्वजनिक जगहों पर फ़ेस मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया था.

21 मई को राष्ट्रपति ट्रंप ने फ़ोर्ड प्लांट का दौरा किया जो वेंटिलेटर का निर्माण कर रहा था.

कंपनी के कर्मचारियों ने अपने मुंह मास्क से ढंके हुए थे जबकि राष्ट्रपति ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था.

पत्रकारों ने जब ट्रंप से इससे जुड़ा सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्होंने पहना था जिसकी कैमरे में तस्वीर नहीं आ पाई है.

उन्होंने पत्रकारों से कहा, "मैं प्रेस को इसे देखने का सौभाग्य नहीं देना चाहता था."

उन्होंने कहा कि वो मास्क में ज़्यादा बेहतर दिखते हैं.

राज्य की अटॉर्नी जर्नी डाना नेसेल इससे ख़ुश नहीं हुईं बल्कि उन्होंने राष्ट्रपति की तुलना 'ढीठ बच्चे से की जो नियम मानने से इनकार कर देता है.'

हालांकि, देश की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने सीडीसी के संदेश पर ज़ोर देते हुए सार्वजनिक जगहों पर फ़ेस मास्क पहनने को कहा और सोशल मीडिया पर ख़ुद मास्क पहने तस्वीर शेयर की.

अमरीका में कोविड-19 से होने वाली मौतों की संख्या 1,00,000 के पार जा चुकी है.

व्लादिमीर पुतिन, रूस

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन काम करने वाले नेता के तौर पर अपनी सार्वजनिक छवि को बरक़रार रखने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं.

24 मार्च को जब कोरोना वायरस का प्रकोप शुरू हो रहा था तब उन्होंने मॉस्को के एक अस्पताल का दौरा किया और वहां के इंतज़ाम का जायज़ा लिया.

पुतिन
इमेज कैप्शन, हाथ मिलाने की इस तस्वीर के बाद डॉक्टर डेनिस कोविड-19 टेस्ट में पॉज़िटिव पाए गए थे

उन्होंने अस्पताल के दौरे के वक्त हैज़मेट सूट (हेजार्ड्स मटेरियल सूट) पहन रखा था लेकिन डॉक्टरों से बात करते वक़्त उन्होंने किसी भी तरह का कोई प्रोटेक्टिव गियर इस्तेमाल नहीं किया.

यह एक जोखिम भरा व्यवहार था ख़ासतौर पर तब जब उन्होंने अस्पताल के चीफ़ डॉक्टर डेनिस प्रोत्सेनको से हाथ मिलाया. कुछ दिनों के बाद डॉक्टर प्रोत्सेनको कोरोना पॉज़िटिव पाए गए थे. इसके बाद पुतिन के स्वास्थ्य को लेकर भी अटकलें लगाई जाने लगीं.

तब से उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी मौजूदगी को कम कर दिया और बैठकों की अध्यक्षता भी अपने आवास से करने लगे. मई के महीने में वो सिर्फ़ दो बार सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए.

राष्ट्रपति पुतिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने इस बारे में समाचार एजेंसी रॉयटर्स को कुछ भी बताने से इनकार कर दिया कि राष्ट्रपति पुतिन कब अपनी पुरानी दिनचर्या पर लौटेंगे.

2 जून की तारीख़ तक रूस में 4,23,186 कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं. यह अमरीका और ब्राज़ील के बाद संक्रमितों की तीसरी सबसे बड़ी संख्या है. यहां अब तक कोरोना से मरने वालों की संख्या 5,000 से ज़्यादा हो चुकी है.

बिन्यामिन नेतनयाहू, इसराइल

इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतनयाहू और राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन उस वक़्त लोगों की आलोचना के शिकार हुए जब उन्होंने अपने व्यस्क बच्चों के साथ पासोवर त्यौहार की दावत की. जबकि कुछ ही दिन पहले उन्होंने देश के लोगों से ऐसा नहीं करने की अपील की थी.

नेतनयाहू
इमेज कैप्शन, नेतनयाहू की अपने बेटे के साथ त्योहार की दावत देने को लेकर आलोचना हुई थी.

पासोवर की शुरुआत होने से कुछ रोज़ पहले ही नेतनयाहू ने देश में लॉकडाउन की घोषणा की थी और लोगों से अपील की थी कि वो बड़े पैमाने पर किसी भी तरह के भोज के आयोजन से बचें ताकि घर के बुज़ुर्गों को संक्रमण से बचाया जा सके.

लेकिन कुछ ही दिनों के बाद अपने बेटे के साथ पासोवर के दिन की उनकी तस्वीर सामने आई जिसमें वो भोज का आयोजन करते दिख रहे हैं.

नेतनयाहू के क़रीबी लोगों ने उनके इस क़दम का बचाव यह करते हुए किया कि उनका बेटा एवनेर प्रधानमंत्री आवास में हर रोज़ कुछ घंटे गुज़ारता है और वहीं बगल में एक अपार्टमेंट में रहता है.

लेकिन इस सफ़ाई पर इसराइली मीडिया ने सवाल खड़े किए और संदेह जताया. इसी तरह से राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन की अपनी बेटी के साथ इस तरह के आयोजन को लेकर आलोचना झेलनी पड़ी. हालांकि राष्ट्रपति ने यह बात सार्वजनिक रूप से ज़ाहिर होने के बाद माफ़ी मांग ली थी.

योगी आदित्यनाथ, भारत

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च को दुनिया के सबसे बड़े लॉकडाउन की घोषणा की जिसने एक अरब 35 करोड़ की आबादी वाले देश को पूरी तरह से रोक दिया. पूजा और प्रार्थना स्थल भी बंद कर दिए गए.

लाखों प्रवासी मज़दूर बेरोज़गार हो गए. कई सारे पैदल अपने घरों की ओर चल दिए. सैकड़ों मज़दूरों की रास्ते में ही मौत हो गई.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉकडाउन लागू होने के पहले दिन ही इसका उल्लंघन कर दिया. अयोध्या के विवादित स्थल पर मंदिर निर्माण के लिए हुए धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेते हुए उनकी तस्वीर सामने आई.

एक महीने के बाद जब योगी आदित्यनाथ के पिता की मृत्यु हुई तो उन्होंने अपनी मां और परिजनों को लॉकडाउन के नियमों का अंतिम संस्कार के वक़्त पालन करने की सलाह दी लेकिन ख़ुद नहीं गए.

अब्बा क्यारी, नाइजीरिया

नाइजीरिया में कोरोना का संक्रमण सरकार में बैठे बड़े नेताओं तक पहुंच चुका है. देश के शक्तिशाली चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ अब्बा क्यारी और बाउची राज्य के गर्वनर 26 मार्च को कोरोना पॉज़िटिव पाए गए थे.

अंतिम संस्कार
इमेज कैप्शन, क्यारी के अंतिम संस्कार में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया गया

क्यारी मार्च की शुरुआत में जर्मनी से लौटे थे. उन्होंने लौटने के बाद सत्तारूढ़ दल की बैठक में हिस्सा लिया था जिसमें राष्ट्रपति मोहम्मद बुहारी और उप-राष्ट्रपति यमी ओसिनबाजो शामिल थे. इनके अलावा 16 राज्यों के गर्वनर भी इस बैठक में शामिल हुए थे.

हालांकि अधिकारियों ने बीबीसी को बताया था कि राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति का कोरोना टेस्ट का रिज़ल्ट निगेटिव आया था.

कुछ हफ़्तों के बाद 17 अप्रैल की शाम को क्यारी की मौत हो गई थी. यह कोरोना से पहला मामला था किसी हाई प्रोफ़ाइल व्यक्ति की मौत का.

नाइजीरिया में अब तक कोरोना से 300 लोगों की मौत हो चुकी है.

स्टेला नदाबेनी अब्राहम, दक्षिण अफ़्रीका

दक्षिण अफ्रीका की संचार मंत्री स्टेला नदाबेनी अब्राहम को दो महीने तक छुट्टी पर रहने और माफ़ी मांगने की सज़ा वहाँ के राष्ट्रपति सीरिल रामापोसा ने दी थी. उन्हें यह सज़ा घर पर रहने के निर्देश के पालन नहीं करने की वजह से दी गई है.

स्टेला नदाबेनी अब्राहम
इमेज कैप्शन, स्टेला नदाबेनी अब्राहम ने नियम तोड़ने के लिए माफ़ी मांगी थी

सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई तस्वीर से यह बात पता चली थी कि संचार मंत्री पूर्व उप मंत्री के घर पर पांच अन्य लोगों के साथ लंच पर गई थीं. जब इसे लेकर विवाद पैदा हुआ तो उन्होंने माफ़ी मांग ली थी.

उन्होंने कहा था, "मैं अपने इस व्यवहार की वजह से दुखी हूँ और मुझे इसका खेद है. मैं उम्मीद करती हूँ कि राष्ट्रपति और दक्षिण अफ्रीका के लोग मुझे माफ़ कर देंगे."

ऐसी रिपोर्ट है कि राष्ट्रपति ने उन्हें साफ़ कहा है कि "क़ानून से ऊपर कोई नहीं है."

नूर आज़मी ग़ज़ाली, मलेशिया

मलेशिया के उप स्वास्थ्य मंत्री पर आवाजाही पर लगे नियंत्रण का उल्लंघन करने की वजह से जुर्माना लगाया गया है.

नूर आज़मी ग़ज़ाली को 325 डॉलर जुर्माना के तौर पर देना पड़ा है. उन्हें यह जुर्माना उस तस्वीर के सामने आने के बाद देना पड़ा जिसमें वो एक इस्लामी स्कूल में खाना खा रहे हैं.

यह तस्वीर सोशल मीडिया पर अपलोड की गई थी. उन्हें अपने दोहरे मापदंड वाले आचरण के लिए आलोचना झेलनी पड़ी.

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मलेशिया ने कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए सख्त पाबंदियां और जुर्माने लगाए हुए हैं. अब तक हज़ारों लोग नियमों के उल्लंघन के दोषी पाए गए हैं.

प्रोफ़ेसर नील फ़र्ग्यूसन, ब्रिटेन

ब्रितानी प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं और उन्हें कई रोज़ आईसीयू में गुज़ारने पड़े हैं.

अस्पताल में भर्ती होने से ठीक पहले उन्होंने लोगों की आवाजाही को लेकर सख़्त पाबंदियों की घोषणा की थी. जिसकी वजह से कई लोगों को अपनी शादियां और दूसरे कार्यक्रम रद्द करने पड़े थे.

फ़र्ग्यूसन
इमेज कैप्शन, प्रोफ़ेसर फ़र्ग्यूसन ने सरकार को लॉकडाउन लागू करने की सलाह दी थी

प्रोफ़ेसर नील फ़र्ग्यूसन की सलाह पर प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ब्रिटेन में लॉकडाउन की घोषणा की थी. लेकिन उनके यह मानने के बाद कि उनसे ग़लती हुई है, उन्हें सरकार के वैज्ञानिक मामलों के सलाहकार दल से अपना पद छोड़ना पड़ा था.

एक अख़बार में रिपोर्ट छपी थी कि लॉकडाउन के दौरान मिलने के लिए उनके घर एक महिला आई थीं. कहा जाता है कि इस महिला के साथ उनके संबंध हैं. प्रोफ़ेसर नील ने कहा कि उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग के संदेश को 'कमतर' कर के आंकने का अफ़सोस है.

यह ख़बर उस दिन आई जब ब्रिटेन में इटली से भी ज़्यादा संक्रमण के मामले हो गए और यूरोप में सबसे ज़्यादा संक्रमण से मरने वालों की संख्या यहाँ हो गई.

कैथरीन
इमेज कैप्शन, नियम तोड़कर यात्राएं करने के लिए डॉक्टर कैथरीन कैल्डरवुड ने इस्तीफ़ा दे दिया था.

डॉक्टर कैथरीन कैल्डरवुड, स्कॉटलैंड

प्रोफ़ेसर नील अकेले विशेषज्ञ नहीं हैं जिन्हें लॉकडाउन के नियमों का पालन नहीं करने का दोषी पाया गया है.

अप्रैल में स्कॉटलैंड की मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी को अपने पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था क्योंकि वो लॉकडाउन के दौरान दो बार अपने दूसरे घर पर गई थीं.

लेकिन ऐसी ही ग़लती के लिए एक दूसरे ब्रिटिश सरकार के सलाहकार को अपना पद नहीं गंवाना पड़ा है.

डॉमिनिक कमिंग्स
इमेज कैप्शन, डॉमिनिक कमिंग्स लॉकडाउन में अपने लंदन के घर से 260 मील का सफ़र तय करके इंग्लैंड के उत्तरी हिस्से के डर्हम गए थे

डॉमिनिक कमिंग्स, ब्रिटेन

जब यह ख़बर आई की कि जॉनसन के क़रीबी और भरोसेमंद सलाहकार डॉमिनिक कमिंग्स ने लॉकडाउन में अपने लंदन के घर से 260 मील का सफ़र तय करके इंग्लैंड के उत्तरी हिस्से के डरहम गए थे तब प्रधानमंत्री को लोगों का ग़ुस्सा झेलना पड़ा.

हालांकि कमिंग्स ने इस बात पर ज़ोर दिया कि उन्होंने कोई नियम नहीं तोड़ा है और अपने पद से इस्तीफ़ा देने की मांग ख़ारिज कर दी.

पुलिस का कहना है कि उनकी हरकत को नियमों का हल्के तौर पर उल्लंघन माना जा सकता है लेकिन ऐसा लगता है कि कमिंग्स को प्रधानमंत्री का पूरा साथ मिला हुआ है और वो अपने पद पर बरक़रार रहेंगे.

ब्रिटेन दुनिया में कोरोना से अमरीका के बाद दूसरा सबसे बुरी तरह से प्रभावित देश है. यहाँ मरने वालों की संख्या 40,000 के क़रीब पहुँच चुकी है.

(नाइजीरिया पर अतरिक्त रिपोर्टिंग के साथ कैथरीन बेरहांगा)

सवाल और जवाब

कोरोना वायरस के बारे में सब कुछ

आपके सवाल

  • कोरोना वायरस क्या है? लीड्स के कैटलिन से सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले

    कोरोना वायरस एक संक्रामक बीमारी है जिसका पता दिसंबर 2019 में चीन में चला. इसका संक्षिप्त नाम कोविड-19 है

    सैकड़ों तरह के कोरोना वायरस होते हैं. इनमें से ज्यादातर सुअरों, ऊंटों, चमगादड़ों और बिल्लियों समेत अन्य जानवरों में पाए जाते हैं. लेकिन कोविड-19 जैसे कम ही वायरस हैं जो मनुष्यों को प्रभावित करते हैं

    कुछ कोरोना वायरस मामूली से हल्की बीमारियां पैदा करते हैं. इनमें सामान्य जुकाम शामिल है. कोविड-19 उन वायरसों में शामिल है जिनकी वजह से निमोनिया जैसी ज्यादा गंभीर बीमारियां पैदा होती हैं.

    ज्यादातर संक्रमित लोगों में बुखार, हाथों-पैरों में दर्द और कफ़ जैसे हल्के लक्षण दिखाई देते हैं. ये लोग बिना किसी खास इलाज के ठीक हो जाते हैं.

    कोरोना वायरस के अहम लक्षणः ज्यादा तेज बुखार, कफ़, सांस लेने में तकलीफ़

    लेकिन, कुछ उम्रदराज़ लोगों और पहले से ह्दय रोग, डायबिटीज़ या कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ रहे लोगों में इससे गंभीर रूप से बीमार होने का ख़तरा रहता है.

  • एक बार आप कोरोना से उबर गए तो क्या आपको फिर से यह नहीं हो सकता? बाइसेस्टर से डेनिस मिशेल सबसे ज्यादा पूछे गए सवाल

    जब लोग एक संक्रमण से उबर जाते हैं तो उनके शरीर में इस बात की समझ पैदा हो जाती है कि अगर उन्हें यह दोबारा हुआ तो इससे कैसे लड़ाई लड़नी है.

    यह इम्युनिटी हमेशा नहीं रहती है या पूरी तरह से प्रभावी नहीं होती है. बाद में इसमें कमी आ सकती है.

    ऐसा माना जा रहा है कि अगर आप एक बार कोरोना वायरस से रिकवर हो चुके हैं तो आपकी इम्युनिटी बढ़ जाएगी. हालांकि, यह नहीं पता कि यह इम्युनिटी कब तक चलेगी.

    यह नया वायरस उन सात कोरोना वायरस में से एक है जो मनुष्यों को संक्रमित करते हैं.
  • कोरोना वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड क्या है? जिलियन गिब्स

    वैज्ञानिकों का कहना है कि औसतन पांच दिनों में लक्षण दिखाई देने लगते हैं. लेकिन, कुछ लोगों में इससे पहले भी लक्षण दिख सकते हैं.

    कोविड-19 के कुछ लक्षणों में तेज बुख़ार, कफ़ और सांस लेने में दिक्कत होना शामिल है.

    वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि इसका इनक्यूबेशन पीरियड 14 दिन तक का हो सकता है. लेकिन कुछ शोधार्थियों का कहना है कि यह 24 दिन तक जा सकता है.

    इनक्यूबेशन पीरियड को जानना और समझना बेहद जरूरी है. इससे डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों को वायरस को फैलने से रोकने के लिए कारगर तरीके लाने में मदद मिलती है.

  • क्या कोरोना वायरस फ़्लू से ज्यादा संक्रमणकारी है? सिडनी से मेरी फिट्ज़पैट्रिक

    दोनों वायरस बेहद संक्रामक हैं.

    ऐसा माना जाता है कि कोरोना वायरस से पीड़ित एक शख्स औसतन दो या तीन और लोगों को संक्रमित करता है. जबकि फ़्लू वाला व्यक्ति एक और शख्स को इससे संक्रमित करता है.

    फ़्लू और कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए कुछ आसान कदम उठाए जा सकते हैं.

    • बार-बार अपने हाथ साबुन और पानी से धोएं
    • जब तक आपके हाथ साफ न हों अपने चेहरे को छूने से बचें
    • खांसते और छींकते समय टिश्यू का इस्तेमाल करें और उसे तुरंत सीधे डस्टबिन में डाल दें.
  • आप कितने दिनों से बीमार हैं? मेडस्टोन से नीता

    हर पांच में से चार लोगों में कोविड-19 फ़्लू की तरह की एक मामूली बीमारी होती है.

    इसके लक्षणों में बुख़ार और सूखी खांसी शामिल है. आप कुछ दिनों से बीमार होते हैं, लेकिन लक्षण दिखने के हफ्ते भर में आप ठीक हो सकते हैं.

    अगर वायरस फ़ेफ़ड़ों में ठीक से बैठ गया तो यह सांस लेने में दिक्कत और निमोनिया पैदा कर सकता है. हर सात में से एक शख्स को अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ सकती है.

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मेरी स्वास्थ्य स्थितियां

आपके सवाल

  • अस्थमा वाले मरीजों के लिए कोरोना वायरस कितना ख़तरनाक है? फ़ल्किर्क से लेस्ले-एन

    अस्थमा यूके की सलाह है कि आप अपना रोज़ाना का इनहेलर लेते रहें. इससे कोरोना वायरस समेत किसी भी रेस्पिरेटरी वायरस के चलते होने वाले अस्थमा अटैक से आपको बचने में मदद मिलेगी.

    अगर आपको अपने अस्थमा के बढ़ने का डर है तो अपने साथ रिलीवर इनहेलर रखें. अगर आपका अस्थमा बिगड़ता है तो आपको कोरोना वायरस होने का ख़तरा है.

  • क्या ऐसे विकलांग लोग जिन्हें दूसरी कोई बीमारी नहीं है, उन्हें कोरोना वायरस होने का डर है? स्टॉकपोर्ट से अबीगेल आयरलैंड

    ह्दय और फ़ेफ़ड़ों की बीमारी या डायबिटीज जैसी पहले से मौजूद बीमारियों से जूझ रहे लोग और उम्रदराज़ लोगों में कोरोना वायरस ज्यादा गंभीर हो सकता है.

    ऐसे विकलांग लोग जो कि किसी दूसरी बीमारी से पीड़ित नहीं हैं और जिनको कोई रेस्पिरेटरी दिक्कत नहीं है, उनके कोरोना वायरस से कोई अतिरिक्त ख़तरा हो, इसके कोई प्रमाण नहीं मिले हैं.

  • जिन्हें निमोनिया रह चुका है क्या उनमें कोरोना वायरस के हल्के लक्षण दिखाई देते हैं? कनाडा के मोंट्रियल से मार्जे

    कम संख्या में कोविड-19 निमोनिया बन सकता है. ऐसा उन लोगों के साथ ज्यादा होता है जिन्हें पहले से फ़ेफ़ड़ों की बीमारी हो.

    लेकिन, चूंकि यह एक नया वायरस है, किसी में भी इसकी इम्युनिटी नहीं है. चाहे उन्हें पहले निमोनिया हो या सार्स जैसा दूसरा कोरोना वायरस रह चुका हो.

    कोरोना वायरस की वजह से वायरल निमोनिया हो सकता है जिसके लिए अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ सकती है.
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अपने आप को और दूसरों को बचाना

आपके सवाल

  • कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सरकारें इतने कड़े कदम क्यों उठा रही हैं जबकि फ़्लू इससे कहीं ज्यादा घातक जान पड़ता है? हार्लो से लोरैन स्मिथ

    शहरों को क्वारंटीन करना और लोगों को घरों पर ही रहने के लिए बोलना सख्त कदम लग सकते हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं किया जाएगा तो वायरस पूरी रफ्तार से फैल जाएगा.

    क्वारंटीन उपायों को लागू कराते पुलिस अफ़सर

    फ़्लू की तरह इस नए वायरस की कोई वैक्सीन नहीं है. इस वजह से उम्रदराज़ लोगों और पहले से बीमारियों के शिकार लोगों के लिए यह ज्यादा बड़ा ख़तरा हो सकता है.

  • क्या खुद को और दूसरों को वायरस से बचाने के लिए मुझे मास्क पहनना चाहिए? मैनचेस्टर से एन हार्डमैन

    पूरी दुनिया में सरकारें मास्क पहनने की सलाह में लगातार संशोधन कर रही हैं. लेकिन, डब्ल्यूएचओ ऐसे लोगों को मास्क पहनने की सलाह दे रहा है जिन्हें कोरोना वायरस के लक्षण (लगातार तेज तापमान, कफ़ या छींकें आना) दिख रहे हैं या जो कोविड-19 के कनफ़र्म या संदिग्ध लोगों की देखभाल कर रहे हैं.

    मास्क से आप खुद को और दूसरों को संक्रमण से बचाते हैं, लेकिन ऐसा तभी होगा जब इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए और इन्हें अपने हाथ बार-बार धोने और घर के बाहर कम से कम निकलने जैसे अन्य उपायों के साथ इस्तेमाल किया जाए.

    फ़ेस मास्क पहनने की सलाह को लेकर अलग-अलग चिंताएं हैं. कुछ देश यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके यहां स्वास्थकर्मियों के लिए इनकी कमी न पड़ जाए, जबकि दूसरे देशों की चिंता यह है कि मास्क पहने से लोगों में अपने सुरक्षित होने की झूठी तसल्ली न पैदा हो जाए. अगर आप मास्क पहन रहे हैं तो आपके अपने चेहरे को छूने के आसार भी बढ़ जाते हैं.

    यह सुनिश्चित कीजिए कि आप अपने इलाके में अनिवार्य नियमों से वाकिफ़ हों. जैसे कि कुछ जगहों पर अगर आप घर से बाहर जाे रहे हैं तो आपको मास्क पहनना जरूरी है. भारत, अर्जेंटीना, चीन, इटली और मोरक्को जैसे देशों के कई हिस्सों में यह अनिवार्य है.

  • अगर मैं ऐसे शख्स के साथ रह रहा हूं जो सेल्फ-आइसोलेशन में है तो मुझे क्या करना चाहिए? लंदन से ग्राहम राइट

    अगर आप किसी ऐसे शख्स के साथ रह रहे हैं जो कि सेल्फ-आइसोलेशन में है तो आपको उससे न्यूनतम संपर्क रखना चाहिए और अगर मुमकिन हो तो एक कमरे में साथ न रहें.

    सेल्फ-आइसोलेशन में रह रहे शख्स को एक हवादार कमरे में रहना चाहिए जिसमें एक खिड़की हो जिसे खोला जा सके. ऐसे शख्स को घर के दूसरे लोगों से दूर रहना चाहिए.

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मैं और मेरा परिवार

आपके सवाल

  • मैं पांच महीने की गर्भवती महिला हूं. अगर मैं संक्रमित हो जाती हूं तो मेरे बच्चे पर इसका क्या असर होगा? बीबीसी वेबसाइट के एक पाठक का सवाल

    गर्भवती महिलाओं पर कोविड-19 के असर को समझने के लिए वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं, लेकिन अभी बारे में बेहद सीमित जानकारी मौजूद है.

    यह नहीं पता कि वायरस से संक्रमित कोई गर्भवती महिला प्रेग्नेंसी या डिलीवरी के दौरान इसे अपने भ्रूण या बच्चे को पास कर सकती है. लेकिन अभी तक यह वायरस एमनियोटिक फ्लूइड या ब्रेस्टमिल्क में नहीं पाया गया है.

    गर्भवती महिलाओंं के बारे में अभी ऐसा कोई सुबूत नहीं है कि वे आम लोगों के मुकाबले गंभीर रूप से बीमार होने के ज्यादा जोखिम में हैं. हालांकि, अपने शरीर और इम्यून सिस्टम में बदलाव होने के चलते गर्भवती महिलाएं कुछ रेस्पिरेटरी इंफेक्शंस से बुरी तरह से प्रभावित हो सकती हैं.

  • मैं अपने पांच महीने के बच्चे को ब्रेस्टफीड कराती हूं. अगर मैं कोरोना से संक्रमित हो जाती हूं तो मुझे क्या करना चाहिए? मीव मैकगोल्डरिक

    अपने ब्रेस्ट मिल्क के जरिए माएं अपने बच्चों को संक्रमण से बचाव मुहैया करा सकती हैं.

    अगर आपका शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज़ पैदा कर रहा है तो इन्हें ब्रेस्टफीडिंग के दौरान पास किया जा सकता है.

    ब्रेस्टफीड कराने वाली माओं को भी जोखिम से बचने के लिए दूसरों की तरह से ही सलाह का पालन करना चाहिए. अपने चेहरे को छींकते या खांसते वक्त ढक लें. इस्तेमाल किए गए टिश्यू को फेंक दें और हाथों को बार-बार धोएं. अपनी आंखों, नाक या चेहरे को बिना धोए हाथों से न छुएं.

  • बच्चों के लिए क्या जोखिम है? लंदन से लुइस

    चीन और दूसरे देशों के आंकड़ों के मुताबिक, आमतौर पर बच्चे कोरोना वायरस से अपेक्षाकृत अप्रभावित दिखे हैं.

    ऐसा शायद इस वजह है क्योंकि वे संक्रमण से लड़ने की ताकत रखते हैं या उनमें कोई लक्षण नहीं दिखते हैं या उनमें सर्दी जैसे मामूली लक्षण दिखते हैं.

    हालांकि, पहले से अस्थमा जैसी फ़ेफ़ड़ों की बीमारी से जूझ रहे बच्चों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए.

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