हमले के बाद पहली बार पाकिस्तान लौटीं मलाला यूसुफ़ज़ई

Ms Yousafzai pictured in a close-up headshot at an event in Norway in late 2017
इमेज कैप्शन, मलाला यूसुफ़ज़ई फ़िलहाल ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ रही हैं. जब वो 15 साल की थीं तो तालिबानियों ने उन्हें निशाना बनाया था.
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नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफ़ज़ई तालिबान चरमपंथियों द्वारा गोली मारे जाने के बाद पहली बार पाकिस्तान लौटी हैं.

साल 2012 में महिला शिक्षा के प्रचार में जुटीं मलाला को तालिबान के चरमपंथियों ने निशाना बनाया था.

मलाला अब 20 वर्ष की हो गई हैं और एक मुखर मानवाधिकार कार्यकर्ता के तौर पर उन्होंने अपनी एक मज़बूत पहचान बना ली है.

उम्मीद की जा रही है कि अपने इस पाकिस्तान दौरे पर वो प्रधानमंत्री शाहिद ख़ाक़ान अब्बासी से मुलाक़ात करेंगी.

एक सरकारी अधिकारी ने बताया है कि 'संवेदनशीलता के लिहाज़ से' उनके इस दौरे की जानकारी गुप्त रखी गई है.

पाकिस्तान की स्थानीय मीडिया ने इस्लामाबाद के बेनज़ीर भुट्टो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के जो वीडियो प्रसारित किए हैं, उनमें सख़्त सुरक्षा के बीच मलाला को उनके माता-पिता के साथ देखा गया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, मलाला का ये दौरा चार दिन तक चलने की उम्मीद है.

A car is photographed arriving at a hotel in Islamabad
इमेज कैप्शन, ये उस काफ़िले की तस्वीर बताई गई है जिसमें मलाला यूसुफ़ज़ई को लेने पहुँची काली कार दिखाई दे रही है.

अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि मलाला अपने परिवार के साथ उत्तर-पश्चिम में स्थित स्वात घाटी में बने अपने पुराने घर का भी दौरा करेंगी या नहीं.

मलाला पर हमला क्यों हुआ था?

11 साल की उम्र में मलाला ने बीबीसी उर्दू सेवा के लिए एक गुमनाम ब्लॉग लिखना शुरू किया था.

इस ब्लॉग में वो तालिबान शासन के दौरान अपने जीवन के बारे में लिखा करती थीं.

मलाला महिला शिक्षा को लेकर शुरुआत से ही मुखर रही हैं, इसलिए तालिबान ने जान-बूझकर उन्हें निशाना बनाया.

वो पंद्रह साल की थीं जब उनकी स्कूल बस पर हमला किया गया. उस वक़्त इस घटना ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था.

पाकिस्तानी तालिबान ने इस हमले के बाद जारी किए बयान में कहा था कि मलाला पश्चिमी सभ्यता की समर्थक हैं और पश्तो इलाक़े में वो इसका प्रचार कर रही हैं.

Malala in hospital bed surrounded by her family
इमेज कैप्शन, पाकिस्तान में एक छोटे ऑपरेशन के बाद साल 2012 में ही मलाला को आगे का उपचार कराने के लिए ब्रिटेन भेजा गया था

मलाला ने तब से अब तक क्या किया?

पूरी तरह से फ़िट होने के बाद मलाला ने बच्चों की शिक्षा और उनके अधिकारों के बारे में बोलना शुरू किया.

इसके बाद अपने पिता ज़ियाउद्दीन के साथ मिलकर उन्होंने 'मलाला फ़ंड' नाम की एक चैरिटी संस्था की स्थापना की जिसका मक़सद दुनिया की हर लड़की के लिए शिक्षा की व्यवस्था करना है.

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Presentational white space

साल 2014 में मलाला नोबेल शांति पुरस्कार जीतने वाली सबसे युवा हस्ती बनीं. साथ ही पहली पाकिस्तानी भी जिसने ये अवॉर्ड जीता.

फ़िलहाल वो ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ रही हैं और पढ़ाई के साथ अपने अभियान पर काम कर रही हैं.

क्या पाकिस्तान में अब भी ख़तरा है?

पाकिस्तानी फ़ौज की तमाम कोशिशों के बावजूद पाकिस्तानी तालिबान सक्रिय हैं.

वीडियो कैप्शन, अफ़गानिस्तान के सत्तर फ़ीसदी हिस्से में सक्रिय हैं तालिबान लड़ाके

पाकिस्तानी तालिबान कई स्कूलों और कॉलेजों पर हमला कर सैकड़ों बच्चों की जान ले चुका है.

मलाला यूसुफ़ज़ई ने अपने कई साक्षात्कारों में कहा है कि वो पाकिस्तान जाना चाहती हैं और स्वात घाटी में अपने घर को देखना चाहती हैं.

स्वात घाटी के बारे में मलाला ने कहा था कि वो जगह धरती का स्वर्ग है.

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