क्यों हाथ पकड़ कर फ़ोटो खिंचवा रहे हैं पुरुष ?

उप प्रधानमंत्री का ट्वीट
इमेज कैप्शन, उप प्रधानमंत्री भी आए समलैंगिकों के साथ
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नीदरलैंड्स में रविवार को दो समलैंगिक पुरुषों पर कथित हमले के बाद सोशल मीडिया पर ऐसी तस्वीरों की बाढ़ आ गई है जिसमें पुरुष एक दूसरे का हाथ पकड़े हुए हैं.

समलैंगिक पुरुषों पर कथित हमले की ख़बर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर #handinhand और #allemannenhandinhand ट्रेंड करता रहा.

नेता और मशहूर हस्तियां ही नहीं, नीदरलैंड्स के उप प्रधानमंत्री भी इस अभियान में जुड़ गए.

उप प्रधानमंत्री लोडेवाइक फ्रांस आशर ने सोशल मीडिया वेबसाइट ट्विटर पर अपनी एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें वो एक अन्य पुरुष का हाथ पकड़े नज़र आ रहे हैं.

हाथ पकड़े नेताओं की फ़ोटो
इमेज कैप्शन, ले हेग में बैठक के लिए पहुंचे डेमोक्रैट 66 पार्टी के नेता एलेग्ज़ेंडर पकटोल्ड और वूटर कूलमीस

नीदरलैंड्स के अलावा कई जगहों पर नेता, जानी-मानी हस्तियां और फ़ुटबॉल के दिग्गज होमोफ़ोबिया या समलैंगिकता से डर के ख़िलाफ़ अपनी तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं.

माइकल बेर्डेलस्टन की तस्वीर
इमेज कैप्शन, रेडिया और टीवी होस्ट माइकल बेर्डेलस्टन ने इंस्टाग्राम पर अपनी तस्वीर पोस्ट की

35 साल के जास्पर वेर्नेस सेवरतन और 31 साल के रॉनी सेवरतन वेर्नेस का कहना है कि उन पर नीदरलैंड्स के दक्षिणी शहर आर्नहेम में रविवार सुबह कुछ लोगों ने हमला कर दिया.

इस घटना के बारे में नीदरलैंड्स के एक कार्यक्रम पॉ में बताया गया कि दोनों ने हाथ पकड़े जिसके बाद उन पर कथित हमला किया गया.

ऑस्ट्रिया के नेता एंड्रियस शाइडर की तस्वीर
इमेज कैप्शन, ऑस्ट्रिया के नेता एंड्रियस शाइडर ने अपनी तस्वीर के साथ लिखा, 'नीदरलैंड्स या ऑस्ट्रिया में होमोफ़ोबिया की कोई जगह नहीं है'

हालांकि संदिग्ध हमलावरों में से एक के वकील ने इस कार्यक्रम में कहा था कि पहले समलैंगिक जोड़े की तरफ़ से हमला किया गया लेकिन समलैंगिक पुरुषों ने इस आरोप से इनकार किया है.

नीदरलैंड्स का प्रतिनिधि मंडल
इमेज कैप्शन, न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में यूं पहुंचा नीदरलैंड्स का प्रतिनिधि मंडल
दो स्वास्थ्यकर्मियों की तस्वीर
इमेज कैप्शन, दो स्वास्थ्यकर्मियों ने अपनी तस्वीर के साथ लिखा, '' क्योंकि प्यार सबके लिए है.''

नीदरलैंड्स में मीडिया के मुताबिक पिछले हफ़्ते एमस्टरडैम और आइंटहोवन में भी समलैंगिकता के आधार पर हमलों की शिकायतें सामने आ चुकी हैं.

नीदरलैंड्स 2011 में समलैंगिक शादियों को कानूनी दर्जा देने वाला पहला देश बन गया था.

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