झारखंड के जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे स्टूडेंट्स के प्रदर्शन के बीच प्रदेश सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि मामले की जांच दो अलग-अलग पहलुओं से की जाएगी.
उन्होंने कहा कि कथित आपराधिक साजिश की जांच राज्य की सीआईडी करेगी, जबकि वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय को ज़िम्मेदारी देना बेहतर होगा.
सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा, "हमने इस राज्य में सीबीआई की जांच का तरीका पहले भी देखा है. जेपीएससी की पहली और दूसरी परीक्षाओं की जांच सीबीआई ने की थी. उस जांच को हुए 20 साल से ज्यादा समय बीत चुका है."
"जब हमने उन्हें भरोसा दिया कि हमारी सीआईडी फास्ट-ट्रैक कोर्ट की प्रक्रिया के तहत 90 दिनों के भीतर जांच पूरी कर देगी, तो उन्हें इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेना चाहिए था.”
उधर, झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रविवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के तीन सदस्यों का इस्तीफ़ा मंज़ूर कर लिया.
इस्तीफ़ा देने वाले सदस्यों में अजिता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद शामिल हैं.
उन्होंने बताया, "सरकार ने टीडीपीएस एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं की सीआईडी और ईडी से जांच कराने का प्रस्ताव रखा है. साथ ही, सरकार ने सुधारों से जुड़ी हमारी लगभग सभी मांगें मान ली हैं, सिवाय एक-दो मुद्दों के, जैसे उम्र में छूट, जिन पर कोई सहमति नहीं बन पाई."
"सीजीएल परीक्षा के मामले में, स्टूडेंट्स ने सीबीआई जांच की मांग की थी, लेकिन सरकार इसके लिए सहमत नहीं हुई. इसके बजाय, सरकार ने कहा कि एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच कराई जाएगी और अगर कोई वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है, तो ईडी को भी इसमें शामिल किया जाएगा. फिर भी, हम स्टूडेंट सीबीआी जांच की मांग पर अड़े हुए हैं."
सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक क्या बोले
सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) मनोज कौशिक ने कहा, "छात्रों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और किसी भी छात्र को नुक़सान न पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाएगा."
मनोज कौशिक ने कहा कि कल के प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए जा रहे हैं. उन्होंने छात्रों से अपील की कि अगर वे प्रदर्शन करना चाहते हैं तो पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से करें.
उन्होंने बताया, "मामले में 19 आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया है और काफ़ी मात्रा में डिजिटल सबूत इकट्ठा किए गए हैं. मैं सभी को भरोसा दिलाता हूं कि पूरी तरह निष्पक्ष जांच की जाएगी. जांच के संबंध में पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है. यह एक कानूनी प्रक्रिया है और जो भी व्यक्ति उस नोटिस के जवाब में पेश होगा, उससे विस्तार से पूछताछ की जाएगी."