ईरान बनाम इसराइल: किसके पास कितनी ताक़त

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली ख़ामनेई और इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू
इमेज कैप्शन, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली ख़ामनेई और इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू
    • Author, आरिफ़ शमीम
    • पदनाम, बीबीसी उर्दू
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 10 मिनट

इसराइल ने शनिवार को ईरान के ख़िलाफ़ हमले शुरू किए हैं और इसे 'सतर्कता में किया गया हमला' बताया है. इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल कात्स ने बयान जारी कर पूरे इसराइल में 'विशेष और स्थायी आपातकाल स्थिति' की घोषणा कर दी है.

फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि तेहरान के डाउनटाउन में कई धमाकों की आवाज़ें सुनी गई हैं. एजेंसी ने तेहरान के डाउनटाउन में हुए तीन विस्फोटों की तस्वीरें प्रकाशित की हैं.

इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेस (आईडीएफ़) ने एक ताज़ा एक्स पोस्ट में बताया है कि देश में ज़रूरी सेवाओं को छोड़कर सभी तरह की गतिविधियों पर रोक रहेगी. इसराइल ने नागरिक उड़ानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है.

इस बीच ईरान ने भी अलगी सूचना तक अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है.

इसराइल के ईरान पर हमलों के बाद मध्य पूर्व में तनाव का ख़तरा फिर से बढ़ गया है. क़रीब दो महीने पहले भी दोनों देशों के बीच 12 दिनों तक युद्ध चला था, जिसमें दोनों पक्षों के कई लोगों की मौत हुई थी.

ईरान या इसराइल: सैन्य ताक़त में कौन आगे

ईरान की मिसाइल क्षमता उसकी सैन्य ताक़त का अहम हिस्सा है
इमेज कैप्शन, ईरान की मिसाइल क्षमता उसकी सैन्य ताक़त का अहम हिस्सा है

बीबीसी ने कई स्रोतों से इसकी पड़ताल करने की कोशिश की है कि ईरान और इसराइल में से किसकी सैन्य क्षमता ज्यादा मजबूत है. हालांकि इन देशों ने अपनी कुछ सैन्य क्षमताओं को गुप्त भी रखा होगा.

इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज ने दोनों देशों के हथियारों, मिसाइलों और हमला करने की ताकतों की तुलना की है.

इसके लिए कई तरह के आधिकारिक और सार्वजनिक स्रोतों का इस्तेमाल किया गया है.

कुछ अन्य संगठन जैसे स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट भी देशों की सैन्य क्षमताओं का आकलन करते हैं. लेकिन जो देश अपनी सैन्य क्षमताओं के आंकड़े जाहिर नहीं करते उनका सटीक आकलन मुश्किल है.

हालांकि पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ओस्लो के निकोलस मार्स कहते हैं कि सैन्य क्षमता के आकलन के मामले में आईआईएसएस को बेंचमार्क माना जाता है.

ईरान और इसराइल

आईआईएसएस के मुताबिक़ ईरान की तुलना में इसराइल का रक्षा बजट सात गुना बड़ा है.

इससे किसी भी संभावित संघर्ष में उसका पलड़ा मजबूत दिखाई पड़ता है.

आईआईएससएस के मुताबिक़ 2022 और 2023 में ईरान का रक्षा बजट 7.4 अरब डॉलर का था.

जबकि इसराइल का रक्षा बजट 19 अरब डॉलर के आसपास है.

जीडीपी की तुलना में इसराइल का रक्षा बजट ईरान से दोगुना है.

टेक्नोलॉजी में कौन आगे

एफ-35 लड़ाकू विमानों दुनिया के सबसे अत्याधुनिक विमानों में माना जाता है
इमेज कैप्शन, एफ-35 लड़ाकू विमानों दुनिया के सबसे अत्याधुनिक विमानों में माना जाता है

आईआईएसएस के आंकड़ों के मुताबिक़, इसराइल के पास हमले के लिए तैयार 340 लड़ाकू विमान हैं. इससे इसराइल सटीक हमले करने में मजबूत स्थिति में है. इसराइल के पास एफ-15 विमान हैं जो लंबी दूरी तक मार कर सकते हैं.

इसराइल के पास छिप कर वार करने वाले एफ-35 लड़ाकू विमान भी हैं जो रडार को चकमा दे सकते हैं. उसके पास तेज हमले करने वाले हेलीकॉप्टर भी हैं.

आईआईएसएस का आकलन है कि ईरान के पास 320 लड़ाकू विमान हैं. उसके पास 1960 के दशक के लड़ाकू विमान भी हैं, जिनमें एफ-4एस, एफ-5एस और एफ-14एस जैसे विमान शामिल हैं (1986 की फिल्म टॉप गन से ये विमान मशहूर हुए थे)

लेकिन पीआरआईओ के निकोलस मार्श का कहना है कि ये साफ़ नहीं है कि इन पुराने विमानों से कितने उड़ान भरने की स्थिति में हैं. क्योंकि इनके रिपेयरिंग पार्ट्स मंगाना बहुत मुश्किल होगा.

आयरन डोम और ऐरो सिस्टम

अमेरिकी नौसेना ने बीस साल पहले एफ-14 टॉमकैट विमानों को सेवा से हटा दिया था लेकिन ईरान अभी भी इनका इस्तेमाल कर रहा है
इमेज कैप्शन, अमेरिकी नौसेना ने बीस साल पहले एफ-14 टॉमकैट विमानों को सेवा से हटा दिया था लेकिन ईरान अभी भी इनका इस्तेमाल कर रहा है

इसराइल की सेना की रीढ़ की हड्डी है इसका आयरन डोम (लोहे का गुंबद) और ऐरो सिस्टम.

मिसाइल इंजीनियर उज़ी रहमान देश के रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले इसराइल मिसाइल डिफेंस ऑर्गेनाइजेशन के संस्थापक हैं.

अब यरूशलम इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजी एंड सिक्योरिटी में सीनियर रिसर्चर रहमान ने बीबीसी को बताया कि पिछले शनिवार को जब आयरन डोम और इसराइल के सहयोगी देशों ने मिल कर ईरान की ओर से दागी गईं मिसाइलों और ड्रोन को नाकाम कर दिया था तो उन्होंने कितना सुरक्षित महसूस किया था.

उन्होंने कहा, "मैं बहुत खुश और संतुष्ट था. लक्ष्य को भेदने में ये काफी सटीक है. इसमें छोटी दूरी का मिसाइल डिफेंस है. ऐसे किसी दूसरे सिस्टम में ये नहीं है."

ईरान इसराइल से कितनी दूर है

इसराइल के आयरन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ओर से दागी गई 300 से भी अधिक मिसाइलों और ड्रोन्स को नाकाम कर दिया था
इमेज कैप्शन, इसराइल के आयरन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ओर से दागी गई 300 से भी अधिक मिसाइलों और ड्रोन्स को नाकाम कर दिया था

इसराइल ईरान से 2100 किलोमीटर की दूरी पर है.

डिफेंस आई के संपादक टिम रिप्ले ने बीबीसी को बताया कि अगर इसराइल को ईरान पर हमला करना होगा तो उसे मिसाइलों का सहारा लेना होगा.

बीबीसी

ईरान का मिसाइल प्रोग्राम मध्य पूर्व का सबसे बड़ा और सबसे अधिक विविधता वाली मिसाइल परियोजना माना जाता है.

अमेरिकी सेंट्रल कमान के जनरल केनेथ मैकेंजी ने 2022 में कहा था कि ईरान के पास 3000 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें हैं.

सीएसआईएस मिसाइल डिफेंस प्रोजेक्ट के मुताबिक़, इसराइल कई देशों को मिसाइलें निर्यात भी करता है.

ईरान की मिसाइलें और ड्रोन

ईरान ने 13 अप्रैल को इसराइल पर 300 से अधिक मिसाइलें और ड्रोन दागे थे
इमेज कैप्शन, ईरान ने पिछले साल 13 अप्रैल को इसराइल पर 300 से अधिक मिसाइलें और ड्रोन दागे थे

ईरान ने अपने मिसाइल सिस्टम और ड्रोन पर काफी काम किया है. खास कर 1980 से 1988 में पड़ोसी देश इराक़ के साथ युद्ध के दौरान उसने इस पर काम शुरू किया था.

इसने छोटी रेंज की मिसाइलें और ड्रोन विकसित किए हैं. इसराइल पर हाल के हमलों में ऐसी ही मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था.

सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गई मिसाइलों का अध्ययन करने वाले विश्लेषकों का कहना है कि ये ईरान में ही बने थे.

नौसेना की ताक़त

ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के नौसैनिक स्पीडबोट्स अबू मूसा आईलैंड पर युद्धाभ्यास करते हुए
इमेज कैप्शन, ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के नौसैनिक स्पीडबोट्स अबू मूसा आईलैंड पर युद्धाभ्यास करते हुए

आईआईएसएस की रिपोर्ट के मुताबिक़, ईरानी नौसेना का आधुनिकीकरण नहीं हुआ है हालांकि उसके पास 220 जहाज हैं, वहीं इसराइल के पास इनकी संख्या 60 है.

साइबर हमले

आईआईएसएस का कहना है कि इसराइली नौसेना के पास लगभग 60 जहाज हैं
इमेज कैप्शन, आईआईएसएस का कहना है कि इसराइली नौसेना के पास लगभग 60 जहाज हैं

अगर साइबर हमले हुए तो ईरान को ज्यादा नुक़सान उठाना पड़ सकता है क्यों उसका डिफेंस सिस्टम टेक्नोलॉजी के लिहाज से ज्यादा विकसित नहीं है.

इसलिए इसराइल की सेना पर साइबर अटैक हुआ तो ईरान को ज्यादा बढ़त मिल सकती है.

इसराइली सरकार के राष्ट्रीय साइबर निदेशालय का कहना है कि पहले की तुलना में साइबर हमले की तीव्रता ज्यादा हो सकती है. ये तीन गुना तेज़ हो सकता है और हर इसराइली सेक्टर पर हमला हो सकता है. क्योंकि युद्ध के दौरान ईरान और हिज़्बुल्लाह में सहयोग और मजबूत हो गया है.

इसकी रिपोर्ट के मुताबिक़, सात अक्टूबर से लेकर 2023 के आख़िर तक 3380 साइबर अटैक हुए हैं.

ईरान के सिविल डिफेंस ऑर्गेनाइजेशन के ब्रिगेडियर जनरल गुलामरज़ा जलाली ने कहा कि ईरान ने हाल के संसदीय चुनाव से पहले 200 साइबर अटैक नाकाम किए हैं.

दिसंबर में ईरान के पेट्रोल मंत्री जवाद ओजी ने कहा था कि साइबर अटैक की वजह से पूरे देश में पेट्रोल स्टेशनों में दिक्कतें आई थीं.

परमाणु ख़तरा

साल 2008 में तत्कालीन ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने नतांज़ स्थित परमाणु प्लांट में यूरेनियम का उत्पादन बढ़ाने की घोषणा की थी
इमेज कैप्शन, साल 2008 में तत्कालीन ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने नतांज़ स्थित परमाणु प्लांट में यूरेनियम का उत्पादन बढ़ाने की घोषणा की थी

माना जाता है कि इसराइल के पास परमाणु हथियार हैं लेकिन वो इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी देने से बचता है.

ईरान के पास परमाणु हथियार होने की संभावना कम है.

उस पर ऐसे हथियार बनाने की कोशिश करने के आरोप हैं.

लेकिन वो इससे इनकार करता है.

भूगोल और जनसांख्यिकी

वीडियो कैप्शन, ईरान के मिसाइल हमलों के बादअब इसराइल क्या करेगा

क्षेत्रफल के लिहाज से ईरान इसराइल की तुलना में कहीं बड़ा देश हैं.

ईरान की आबादी 89 मिलियन है जो इसराइल की आबादी (10 मिलियन) से लगभग दस गुनी अधिक है.

इसराइली सैनिकों की तुलना में ईरानी सैनिकों की संख्या भी छह गुनी अधिक है.

आईआईएसएस के मुताबिक़, ईरान की सेना में छह लाख सक्रिय सैनिक हैं तो इसराइल के पास एक लाख 70 हज़ार सक्रिय सैनिक.

अमन ख्वाज़ा, कार्ला रोश, रेजा सबेती और क्रिस प्रेट्रिज की अतिरिक्त रिपोर्टिंग के साथ

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