राष्ट्रपति बनने के बाद ये हैं ट्रंप के ताबड़तोड़ आदेश

डोनल्ड ट्रंप, अमरीकी राष्ट्रपति
प्रकाशित

अमरीकी राष्ट्रपति बनने के बाद राजनीतिक ताक़त दिखाने के लिए जिस क़दम का आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है, वह है एकतरफा कार्यकारी आदेश जारी करना.

विधेयक पारित होने में समय लग सकता है. लेकिन व्हाइट हाउस में बैठे बैठे कलम के एक झटके से सरकार की नीतियों में बड़ा फेरबदल करना मुमकिन है.

डोनल्ड ट्रंप ने समय जाया किए बग़ैर राष्ट्रपति बनते ही एक बाद एक, कई कार्यकारी आदेश जारी कर दिए.

सीमा सुक्षा

अमरीका-मेक्सिको सीमा सीमा पर बाड़

ट्रंप ने सीमा सुरक्षा से जुड़े दो कार्यकारी आदेशों पर दस्तख़त कर दिए हैं.

पहले कार्यकारी आदेश में मेक्सिको सीमा पर 'अभेद्य, मजबूत, लंबी दीवार' खड़ी करने की बात कही गई है.

दूसरे आदेश में 10,000 आप्रवासन अधिकारियों को नियुक्त करने की बात कही गई है. यह भी कहा गया है कि जो शहर बिना वैध दस्तावेजों के आने वाले आप्रवासियों को निर्वासित करने से इनकार करेंगे, उनको मिलने वाला केंद्रीय अनुदान रोक दिया जाएगा.

दो आदेश, दो पाइपलाइन

कीस्टोन एक्सएल पाइपलाइन
इमेज कैप्शन, कीस्टोन एक्सएल पाइपलाइन से पर्यवारण को ख़तरा बताया गया था.

नए राष्ट्रपति ने दो विवादित पाइपलाइनों के निर्माण से जुड़े दो कार्यकारी आदेशों पर दस्तख़त किए हैं. ये पाइपलाइन हैं कीस्टोन एक्सएल और डकोटा एक्सेस.

उन्होंने कहा कि पाइपलाइन बनाने की शर्तों पर फिर से बातचीत होनी चाहिए.

कनाडा से अमरीकी तट तक तेल लाने वाली पाइपलाइन कीस्टोन एक्सेस के निर्माण पर रोक तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 2015 में लगा दी थी. कहा गया था कि इससे जलवायु परिवर्तन को बढ़ावा मिलेगा.

उत्तर डकोटा में स्टैंडिग रॉक सूज़ इलाक़े में मूल निवासियों के विरोध की वजह से डकोटा एक्सेस पाइपलाइन के निर्माण पर रोक लगा दी गई थी. सेना वैकल्पिक रास्ता तलाशने लगी थी.

ओबामाकेयर को कमज़ोर करने के निर्देश

ओबामाकेयर के समर्थन में पोस्टर

स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया कि वह एफ़ोर्डेबल केयर एक्ट के उन हिस्सों को 'हटा दे, टाल दे, या उनमें छूट दे' जिनसे राज्यों, लोगों या स्वास्थ्य सेवा देने वालों पर आर्थिक बोझ पड़ता हो.

इसमें एजेंसियों को ऐसा कोई अधिकार नहीं दिया गया है, जो उनके पास पहले से ही न हो. पर इसके संकेत स्पष्ट है कि जहां तक मुमकिन होगा, ओबामाकेयर के प्रावधान हटा दिए जाएंगे.

अंतरराष्ट्रीय गर्भपात सलाह पर लगी रोक की बहाली

गर्भपात के समर्थन में प्रदर्शन

तत्कालीन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने 1984 में यह प्रावधान लागू किया था कि जो विदेशी ग़ैर सरकारी संगठन 'गर्भपात की सलाह देंगे या गर्भपात सेवा देने वालो की वकालत' करेंगे, उन्हें अमरीकी अनुदान नहीं दिया जाएगा. रीगन रिपब्लिकन थे.

इसके बाद हर डेमोक्रेट राष्ट्रपति इसे हटाता रहा और हर रिपब्लिकन राष्ट्रपति इसे लागू करता रहा.

डोनल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति रीगन के आदेश को एक बार फिर लागू कर दिया.

केंद्र सरकार ने भर्ती पर लगाई रोक

राष्ट्रपति ने आदेश जारी कर दिया कि केंद्रीय एजेंसियां किसी तरह की नई नियुक्ति ना करें. उन्होंने यह ज़रूर कहा कि सेना के ख़र्च पर इससे कोई असर नहीं पड़ेगा.

उनकी यह कोशिश सरकारी कर्मचारियों की तादाद कम करने और कर्ज़ घटाने के लिए है.

टीपीपी से बाहर निकलने का ऐलान

काम करते कर्मचारी
इमेज कैप्शन, टीपीपी बराक ओबामा की बड़ी कामयाबी मानी जाती थी.

ट्रांस पैसिफ़िक पार्टनशिप पर बराक ओबामा ने दस्तख़त कर दिया था, लेकिन इसे कांग्रेस की मंज़ूरी नहीं मिली थी.

इस समझौते से 40 फ़ीसद अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित होता. इसे ओबामा की बड़ी कामयाबी माना जा रहा था.

पर डोनल्ड ट्रंप शुरू से ही इसके ख़िलाफ़ थे. उन्होंने इस क़रार से बाहर निकलने के आदेश पर दस्तख़त कर दिए.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)