'शुक्र है, पापा को ज़िंदा छोड़ दिया'

एसपी सलविंदर सिंह की बेटी
    • Author, रविंद्र सिंह रॉबिन
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
  • प्रकाशित

पठानकोट में वायुसेना के अड्डे पर चरमपंथी हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) पंजाब पुलिस के अधिकारी सलविंदर सिंह से पूछताछ कर रही है.

एनआईए के अधिकारी उन्हें उस रूट के सभी स्थानों पर ले जा रहे हैं जहां से चरमपंथियों ने उन्हें अगवा किया और बाद में छोड़ दिया था.

मीडिया में सलविंदर को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं. सवाल यह भी उठाए जा रहे हैं कि चरमपंथियों ने उन्हें ज़िंदा कैसे छोड़ दिया.

वहीं सलविंदर का कहना है कि उन्होंने समय रहते अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सारी जानकारी दे दी थी.

पंजाब पुलिस

सलविंदर सिंह पंजाब पुलिस में 1986 में बतौर एएसआई शामिल हुए थे. यह नौकरी उन्हें अनुकंपा के आधार पर मिली थी, क्योंकि उनके पिता निर्मल जीत सिंह 1965 की जंग में शहीद हो गए थे. उन्हें मरणोपरांत 1969 में पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया था.

सलविंदर सिंह पंजाब पुलिस में अब तक की नौकरी में ज़्यादातर सीमांत ज़िलों में ही तैनात रहे. सलविंदर अमृतसर में डीएसपी और तरनतारन, गुरदासपुर ज़िले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रह चुके हैं.

अभी कुछ दिन पहले ही उन्हें पंजाब आर्म्‍ड पुलिस की 75वीं बटालियन में असिस्‍टेंट कमाडेंट बनाया गया था. उन्होंने अपना कार्यभार भी संभाल लिया था.

एसपी सलविंदर सिंह की बीवी, बेटी

सलविंदर का घर अमृतसर में है. उनके परिवार में उनकी मां, पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है.

सलविंदर की बड़ी बेटी रवनीत कौर इस बात का शुक्र मनाती हैं कि उनके पापा को चमपंथियों ने मारा नहीं.

वो कहती हैं, "मैंने पापा से बात की थी. उन्होंने मुझे वह सब कुछ बताया जो उन्होंने मीडिया और जांच एजेंसी को बताया है."

एनआईए टीम

सलविंदर के पड़ोसी भी उन्हें निर्दोष मानते हैं. उनके घर के सामने रहने वाले सतिंदर पाल सलविंदर को 40 साल से जानते हैं.

सतिंदर कहते हैं कि सलविंदर भगवान को मानने वाले व्यक्ति हैं. वह जो कह रहे हैं, वह सच है.

सलविंदर सिंह ख़ुद को निर्दोष बताते हुए कहते हैं, "जांच पूरी होने दीजिए सच सामने आ जाएगा."

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