'बीजेपी को हराने नीतीश के साथ आए'

अशोक चौधरी कांग्रेस अध्यक्ष बिहार
    • Author, पंकज प्रियदर्शी
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, पटना से
  • प्रकाशित

बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी का कहना है कि उनकी पार्टी के लिए प्रदेश में अपना मुख्यमंत्री बनाने से ज़्यादा अहम अपनी विचारधारा को बचाना और राज्य में आरएसएस और बीजेपी के विस्तार को रोकना है.

कांग्रेस लालू प्रसाद यादव की राष्ट्रीय जनता दल और नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड के साथ महागठबंधन के तहत चुनाव लड़ रही है.

जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस का प्रचार नज़र नहीं आ रहा है तो उऩ्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी ने प्रचार में अपनी पूरी ताक़त लगा दी है. राहुल गांधी और सोनिया गांधी की सौलह रैलियां हुई हैं. ग़ुलाम नबी आज़ाद, मीरा कुमार, संजय निरूपम, राज बब्बर जैसे नेता प्रचार में जुटे हैं. ये कहना ग़लत है कि हम दिख नहीं रहे हैं."

राहुल गांधी और सोनिया गांधी

पारंपरिक तौर पर कांग्रेस बिहार में लालू प्रसाद यादव के अधिक नज़दीक रही है लेकिन अब बीजेपी के साथ मिलकर लंबे वक़्त तक शासन करने वाले नीतीश की ओर झुकती ज़्यादा दिखाई दे रही है इस सवाल पर अशोक चौधरी ने कहा , "भाजपा से हमारे वैचारिक मतभेद हैं. हम भाजपा के विचार को पचा नहीं सकते हैं क्योंकि हमारे पूर्वजों ने अपनी जान की क़ुर्बानी देकर इस गंगा-जमनी संस्कृति को बचाया है. ये बात सही है कि नीतीश भाजपा के साथ थे लेकिन ये भी देखना चाहिए कि आज रामविलास पासवान जो भाजपा के साथ हैं उन्होंने गोधरा कांड पर केंद्रीय मंत्रीपद से इस्तीफ़ा दिया था."

उन्होंने कहा, "हमारे नीतीश के साथ गठबंधन को लेकर भाजपा सवाल उठाती रही है. दरअसल बेमेल गठबंधन तो भाजपा का है."

नीतीश के साथ सोनिया

नीतीश के नेतृत्व में चुनाव लड़ने पर अशोक ने कहा, "हम बिहार में कमज़ोर हैं और बीजेपी से मुक़ाबला करना है इसलिए हमने नीतीश का साथ लिया है. राजनीति परिस्थिति पर निर्भर होती है. 2014 के बाद बीजेपी के विस्तार को रोकने के लिए जो भी गठबंधन हम बना सकते थे वो हमने बनाया हैं. हमारे लिए बीजेपी को रोकने के साथ-साथ बेहतर मुख्यमंत्री देना भी हमारी जवाबदेही थी इसलिए हम नीतीश के साथ आए हैं."

अशोक कहते हैं, "हम अपने दम पर मुख्यमंत्री देने जितनी सीटों पर नहीं लड़ रहे हैं लेकिन प्रदेश में अच्छा मुख्यमंत्री देने की ज़िम्मेदारी हमारी है."

महागठबंधन

हालिया सालों में कांग्रेस और राजद के बीच आई दूरियों के सवाल पर अशोक चौधरी ने कहा, "हमारे रिश्ते कैसे रहे हैं इससे ज़्यादा अहम ये है कि हम अब मज़बूती से गठबंधन में साथ हैं."

राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व करने वाली कांग्रेस बिहार में गठबंधन में पीछे-पीछे क्यों चल रही है इस सवाल पर अशोक कहते हैं, "अहंकार यहां मसला नहीं है. हम बिहार में भाजपा को रोकना चाहते हैं. उस विचारधारा को बचाना चाहते हैं जिसके लिए महात्मा गांधी और इंदिरा गांधी ने शहादत दी. हमारे लिए अपनी सरकार बनाने से अहम इस प्रदेश में आरएसएस और भाजपा को रोकना है. और हम अपनी ये भूमिका निभा रहे हैं."

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