कश्मीर में '1.6 किलोमीटर लंबी' इफ़्तार पार्टी

भारत प्रशासत कश्मीर स्थित डल झील के किनारे इफ़्तार पार्टी
इमेज कैप्शन, मशहूर डल झील के किनारे आयोजित हुई इफ़्तार पार्टी
    • Author, हाज़िक़ क़ादरी
    • पदनाम, श्रीनगर से, बीबीसी हिन्दी डॉट कॉम के लिए
  • प्रकाशित

भारत प्रशासित कश्मीर में एशिया की सबसे लंबी इफ़्तार पार्टी का रिकॉर्ड बनाने की कोशिश की गई.

आयोजकों के अनुसार शनिवार शाम को डल झील के किनारे क़रीब तीन हज़ार लोगों ने इसमें शिरक़त की जिसमें कई अनाथ बच्चे भी शामिल थे.

आयोजकों ने डल झील के किनारे 150 दरियां बिछाईं, जो क़रीब 1.6 किलोमीटर लंबी थीं. जिनपर रोज़ेदारों ने खजूर, फल और चिकन तहरी खाकर अपना रोज़ा तोड़ा.

इससे पहले मिस्र के शहर एलेक्जेंड्रिया में सात हज़ार लोगों ने एक साथ रोज़ा तोड़ा था. इन सभी के लिए कई मेजें लगाई गई थीं जिनकी कुल लंबाई 4.3 किलोमीटर हो गई थी.

जिसके बाद उन्होंने सबसे लंबी इफ़्तार पार्टी का विश्व रिकॉर्ड बनाया था.

ढोल बजाकर उठाते हैं

कश्मीर में एक बहुत पुराना रिवाज़ है जिसमें रोज़ा रखने वालों को सुबह होने से पहले कुछ लोग ढोल बजाकर उठाते हैं. ढोल बजाने वालों को शहरख़ान कहा जाता है.

ये शहरख़ान आमतौर पर पांच से छह किलोमीटर का दायरा तय करते हैं.

इन सभी का एक तय इलाक़ा होता है जिसमें वो ढोल बजाते हैं.

रमज़ान के आख़िरी दिन शहरख़ान घर-घर जाकर इस काम के लिए पैसे मांगते हैं. यहां के लोग भी धार्मिक और सांस्कृतिक कर्तव्य समझकर उन्हें पैसे देने से मना नहीं करते.

पहला नाइट फूड मार्केट

इस रमज़ान में पहली बार दिल्ली के कई फूड आउटलेट एक साथ मिलकर कश्मीर के लोगों को एक नया ज़ायका चखा रहे हैं.

आयोजकों ने श्रीनगर में मौजूद कश्मीर हाट में इन आउटलेट्स के स्टॉल लगवाएं हैं ,जिसमें लोगों के लिए इफ़्तार से लेकर सहरी तक खाने-पीने की व्यवस्था है.

इसमें दिल्ली के करीम, ख़ान चाचा, टुंडे कबाब और हैदराबाद सुल्तान बिरयानी और कश्मीर के काठी जंक्शन शामिल हैं.

हालांकि 1990 के बाद से कश्मीर में शाम होते ही दुकानें बंद हो जाती हैं, लेकिन रात भर खुले रहने वाले इन स्टॉलों ने लोगों में नई उम्मीद जगाई है.

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