बाग़ों में बहार आई..

चिनार पेड़ कश्मीर
    • Author, माजिद जहाँगीर
    • पदनाम, कश्मीर से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
  • प्रकाशित

भारत प्रशासित कश्मीर में हर मौसम अपनी आन बान शान के साथ दस्तक देता है. हर मौसम यहां आने वालों का मन मोह लेता है.

आजकल कश्मीर में पतझड़ के मौसम का आख़िरी समय है. इसके बाद यहां सर्दियां शुरू हो जाएंगी और तीन महीने तक कंपकंपा देने वाली ठंड के साथ घाटी में बर्फ़बारी होती रहेगी.

चिनार पेड़ कश्मीर

पतझड़ के मौसम में कश्मीर में कई सारी फ़सलें तैयार होती हैं, जिनमें सेब, बादाम, केसर आदि प्रमुख हैं.

इसी मौसम में कश्मीर में चिनार के पत्ते सूखकर जब ज़मीन पर गिरते हैं तो पूरा मंज़र ही बदल जाता है.

चिनार पेड़ कश्मीर

लोग अक्सर घरों से निकलकर इस ख़ूबसूरत पतझड़ का आनंद लेते हैं. चिनार के पत्तों पर चलना एक अलग अहसास देता है.

मुश्ताक़ अहमद कहते हैं, "हालांकि यहां के हर मौसम की अपनी ख़ासियत है, लेकिन पतझड़ में इन चिनारों की बात ही कुछ और होती है. ऐसे लगता है जैसा चारों ओर सोना बिखर गया हो."

चिनार पेड़ कश्मीर

चिनार के बाग़ में चहलक़दमी करते हुए फ़ारुक़ कहते हैं, "जब ये पत्ते ज़मीन पर गिरते हैं तो इनका अंदाज़ ही निराला होता है और पैर के नीचे इनके टूटने की आवाज़ दिल को छू जाती है."

फ़्लोरीकल्चर विभाग के डायरेक्टर सुनील मिस्री के मुताबिक़, "कश्मीर में पतझड़ का मौसम देखने के लिए ख़ासी तादाद में पर्यटक आते हैं. इस वर्ष भी काफ़ी संख्या में लोग आए हैं."

चिनार पेड़ कश्मीर

सुनील कहते हैं, "जब चिनार से पत्ते गिरना शुरू हो जाते हैं तो लोग इनको साफ़ न करने की ज़िद करते हैं, क्योंकि इस मौसम से हर कोई प्यार करना चाहता है."

वह कहते हैं, "ये मौसम जब शुरू होता है तो हमें इस बात इशारा मिलता है कि अब आने वाले मौसम का हमें मुक़ाबला करना पड़ेगा."

चिनार पेड़ कश्मीर

सितंबर में भयानक बाढ़ के बावजूद पर्यटक पतझड़ का मौसम देखने पहुंच गए हैं. दिल्ली से आए संजीव कुमार कहते हैं, "वैसे तो कश्मीर का हर मौसम ख़ूबसूरत होता है, पर मैं इस बार कश्मीर का पतझड़ देखने आया हूं."

चिनार के पेड़, कश्मीर

वहीं मज़ीद कहते हैं, "जो अनुभव मुझे कश्मीर के इस मौसम में हुआ है वैसा पहले कभी नहीं हुआ. यहां शाम अलग है, दिन अलग है और सुबह का नज़ारा सबसे अलग है."

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