दार्जिलिंग: हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारी की मौत, कई पुलिसकर्मी घायल

गोरखा जनमुक्ति मोर्चा
इमेज कैप्शन, गोरखा जनमुक्ति मोर्चा समर्थकों को रोकने की कोशिश करते सुरक्षाबल
    • Author, रवि प्रकाश
    • पदनाम, दार्जिलिंग से, बीबीसी हिंदी के लिए
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दार्जिलिंग में सुरक्षाबलों और गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के समर्थकों के बीच जारी हिंसक संघर्ष में शनिवार को एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई है.

हिंसक झड़पों के दौरान इंडियन रिजर्व बटालियन (आइआरबी) के एक असिस्टेंट कमांडेंट बुरी तरह घायल हो गए.

इसके अलावा 35 पुलिसकर्मी और दर्जनों बंद समर्थकों के घायल होने की सूचना है.

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इमेज कैप्शन, गोरखा जनमुक्ति मोर्चा समर्थकों के साथ संघर्ष में घायल हुई महिला पुलिसकर्मी की मदद करते साथी पुलिसकर्मी

संघर्ष में अब तक कई पुलिसकर्मी जख्मी

पश्चिम बंगाल के एडीजी (ला एंड आर्डर) अनुज शर्मा ने बीबीसी को बताया कि आइआरबी के असिस्टेंट कमांडेंट किरोण तमांग को सिलिगुड़ी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है.

उनके सर पर गहरी चोट लगने के कारण काफ़ी ख़ून निकल चुका है.

एडीजी अनुज शर्मा ने कहा- झड़पों के दौरान पुलिस के एक जवान को गोली भी लगी है. पुलिस ने कोई फ़ायरिंग नहीं की. अलबत्ता, प्रदर्शनकारियों ने ही पुलिस पर पत्थरबाज़ी की. हमले किए और हमारे 35 जवानों को घायल कर दिया.

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उन्होंने कहा कि इस दौरान एक आम नागरिक भी मारा गया. बंद समर्थकों ने पुलिस की दो गाड़ियों में आग भी लगा दी. इसके बाद हमने सात लोगों को गिरफ़्तार किया.

वहीं, दूसरी ओर गोरखा जनमुक्त मोर्चा के सह सचिव विनय तमांग ने पुलिस पर सच को छिपाने का आरोप लगाया है.

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इमेज कैप्शन, भारतीय सेना के जवान जलाई गई गाड़ियों के पास से निकलते हुए

उन्होंने मीडिया को बताया कि पुलिस ने सिंगमारी में शांति मार्च कर रहे लोगों पर गोली चलायी. इसमें पार्टी के दो कार्यकर्ताओं की मौत हो गयी.

तनाव का कारण - डेस्टिनेशन पाटलेबास

दरअसल, गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) और दूसरे संगठनों ने आज 'डेस्टिनेशन पाटलेबास' नाम से विरोध मार्च निकाला था.

पाटलेबास में जीजेएम प्रमुख विमल गुरुंग का घर एवं दफ़्तर है. इसके लिए कर्सियांग, कलिम्पोंग, घूम, मिरिक और दूसरी जगहों से सैकड़ों लोग दार्जिलिंग पहुंचे थे. इस कारण तनाव का माहौल था.

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पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की. इन्हीं जगहों पर पुलिस और प्रदशनकारियों में हिंसक झड़पें हुईं.

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए कई जगहों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. इसमें दर्जनों प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं.

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इस बीच दार्जिलिंग समेत संपूर्ण पहाड़ पर तनाव का माहौल है. इस कारण सेना के जवानों को भी गश्त पर लगाया गया है.

दार्जिलिंग के चौक बाज़ार, पाटलेबास, सिंगमारी समेत तमाम संवेदनशील इलाकों में सेना के जवान तैनात किए गए हैं.

इनकी कुछ टुकड़ियां कर्सियांग और कलिम्पोंग भी भेजी गयी हैं.

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इमेज कैप्शन, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए कई जगहों पर बैरिकैडिंग लगाई

इस बीच गोरखा जनमुक्ति मोर्चा प्रमुख विमल गुरुंग ने एक समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में आज के प्रदर्शन के दौरान मारे गए जीजेएम समर्थक को शहीद बताया है.

गुरुंग ने कहा है कि यह गोरखालैंड की अंतिम लड़ाई है. अलग राज्य के बगैर हम किसी भी शर्त पर मानने को तैयार नहीं हैं.

ममता का आरोप - बंद में विदेशी ताकतें शामिल

इधर, कोलकाता में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहाड़ के लोगों से शांति की अपील की है.

उन्होंने कहा कि हम बातचीत करना चाहते हैं क्योंकि राजनीतिक समस्याएं हिंसा के बजाय बातचीत से हल की जाती हैं.

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि दार्जिलिंग में बंद करा रहे लोगों को दूसरे देशों से भी सहायता मिल रही है. क्योंकि, अचानक से इतने हथियार जमा नहीं किए जा सकते.

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