मणिपुर के कांगपोकपी पुलिस थाना क्षेत्र के तहत गुरुवार की सुबह हुए एक सशस्त्र हमले में 4 लोगों की मौत हो गई है. यह हमला गुरुवार सुबह इंफाल-तामेई आईटी रोड पर किया गया.
इस हमले के बाद नगा पीपल्स ऑर्गनाइज़ेशन ने विरोध जताते हुए सेनापति ज़िला मुख्यालय में सभी दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को तुरंत बंद करवा दिया.
कांगपोकपी थाने में तैनात एक पुलिस अधिकारी ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर इस हमले की पुष्टि की है.
उन्होंने बताया, "यह हमला आज सुबह क़रीब साढ़े 8 बजे कांगपोकपी में आईटी रोड के पास मकुई आशांग से मकुई थानाम्बा गांव के बीच हुआ है. हमले में चार लोगों की मौत हुई है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है."
इस बीच हमले में मारे गए लोगों की शिनाख्त की गई है और सभी मृतक नगा समुदाय से बताए गए है.
मणिपुर में बसे नगा जनजाति के प्रमुख संगठन यूनाइटेड नगा काउंसिल ने लियांगमाई समुदाय के निर्दोष नगा नागरिकों पर हुए इस हमले को सुनियोजित बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है.
यूनाइटेड नगा काउंसिल के सूचना और प्रचार सचिव एच. जेम्स हाउ ने बीबीसी को बताया, "यह हमला सस्पेंशन ऑफ़ ऑपरेशन्स में चल रहे हथियारबंद कुकी उग्रवादियों ने किया है. इस सोची-समझी और कायरतापूर्ण हरकत के कारण नगा समुदाय के चार होनहार युवाओं की दुखद मौत हुई है. सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर यहां कुछ नहीं बचा है."
नगा नेता ने आरोप लगाते हुए कहा, "यह सरकार की तरफ से पूरी तरह भेदभावपूर्ण सुरक्षा तैनाती और 'सस्पेंशन ऑफ़ ऑपरेशन' के तहत कुकी उग्रवादियों को खुली छूट देने जैसा लगता है, जो सरकार के पेरोल पर हैं."
इस हमले में मारे गए लोगों की शिनाख्त विसोबौ चारेनामाई, टडसोंगबौ रिंगकांगमाई, मारियाकदिबौ विजुनामाई, अनिल विजुनामाई के तौर पर की गई है.
जबकि हमले में घायल हुए व्यक्ति का नाम गाइकमांग रिंगकांगमाई बताया गया है. नगा काउंसिल ने मारे गए लोगों के प्रति शोक और सम्मान के लिए 28 अगस्त सुबह 6 बजे से नगा बहुल इलाक़ों में 12 घंटे का बंद क एलान किया है.