नेपाल बाढ़ में लापता भारतीयों के बारे में अब तक क्या जानकारी है?

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नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है. हादसे में 165 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है.

आपदा प्रभावित इलाक़े तक राहत और बचाव दलों के पहुंचने में लगातार मुश्किलें आ रही हैं.

नेपाल की नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) के मुताबिक़ 826 लोगों के लापता होने की पुष्टि हुई है.

नेपाल के विदेश मंत्री ने दावा किया है कि भारत के भी क़रीब 300 लोग लापता हैं. इनमें बड़ी संख्या में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री शामिल हैं.

इसके अलावा अमेरिका के 54, ऑस्ट्रेलिया के 34 और ब्रिटेन के 33 नागरिक भी लापता हैं.

तमिलनाडु के 37 पर्यटकों का अब तक पता नहीं

तमिलनाडु सरकार के अनुसार, नेपाल गए 57 पर्यटकों में से 37 के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है. बताया जा रहा है कि ये पर्यटक हिमालय स्थित एक मंदिर की ओर जा रहे थे.

न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के अनुसार, काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के अलावा तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकारों ने हेल्पलाइन शुरू की हैं.

हालांकि, नेपाल में संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होने के कारण प्रभावित भारतीय नागरिकों के बारे में अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आ सकी है.

कोयंबटूर स्थित ईशा फाउंडेशन ने भी दावा किया है कि उसके 80 सदस्य नेपाल के एक इमिग्रेशन सेंटर में मौजूद थे और बाढ़ के बाद उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है.

ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु ने कहा कि इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद लोगों के बारे में अब तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. उन्होंने बताया कि फाउंडेशन के 495 लोग सुरक्षित वापस लौट चुके हैं.

बाढ़ में अपने समूह के 80 लोगों के लापता होने के बाद सद्गुरु ने संबंधित अधिकारियों और प्रशासन से घटनास्थल पर जाने की अनुमति देने की अपील की है.

तमिलनाडु सरकार में मंत्री राजमोहन ने विधानसभा में कहा, "हम हालात पर नज़र बनाए हुए हैं और राज्य के सभी पर्यटकों को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास कर रहे हैं. हम नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के लगातार संपर्क में हैं."

पश्चिम बंगाल के 32 यात्रियों से संपर्क टूटा

पीटीआई ने पश्चिम बंगाल के एक अधिकारी के हवाले से बताया, कोलकाता से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गया 32 सदस्यीय दल भी बाढ़ के बाद लापता लोगों में शामिल है. दल में 30 यात्री और दो टूर मैनेजर हैं.

अधिकारी ने बताया कि बाढ़ आने के बाद से दल के सभी 32 सदस्यों से कोई संपर्क नहीं हुआ है. राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित इलाकों में अभियान चला रही हैं.

चीन के सरकारी मीडिया आउटलेट सीसीटीवी ने नेपाल से सटे तिब्बत की ओर एक ट्रेड हब पर कीचड़ और पानी की बाढ़ से "बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने" की ख़बर दी है.

ग्यिरोंग काउंटी के बॉर्डर पोस्ट पर तबाही का मंज़र सीसीटीवी फ़ुटेज में साफ़ दिख रहा है. इस पोस्ट से व्यापार होता है और श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर भी जाते हैं.

नेपाल को भारतीय मदद

नेपाल में आई बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए भारत ने दूसरी राहत उड़ान रवाना कर दी है.

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इसका वीडियो साझा किया है.

उन्होंने एक्स पर लिखा कि भारत नेपाल में राहत कार्यों के लिए हर संभव मदद करता रहेगा.

एस जयशंकर ने गुरुवार को एक्स पर लिखा, "दूसरी उड़ान अभी रवाना हुई है, जिसमें नेपाल के लिए 37.5 टन राहत सामग्री, दवाइयां और खाने के पैकेट भेजे गए हैं. भारत नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है."

उन्होंने लिखा, "हम राहत कार्यों में हर संभव मदद करते रहेंगे."

इससे पहले राहत और बचाव कार्यों में सहयोग के लिए भारत ने 10 टन मानवीय मदद भेजी थी.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार देर रात को बताया था कि भारत की ओर से भेजी गई यह सहायता नेपाल को सौंप दी गई है.

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार "नेपाल को हर तरह की मानवीय मदद देने के लिए तैयार है."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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