जलवायु परिवर्तन: ग्रेटा थनबर्ग ने दुनियाभर के नेताओं को डाँटते हुए क्या कुछ कहा?

ग्रेटा थनबर्ग
इमेज कैप्शन, ग्रेटा थनबर्ग
प्रकाशित
पढ़ने का समय: 3 मिनट

स्वीडन की 16 साल की पर्यावरण ऐक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण से विश्व नेताओं को झकझोर कर रख दिया.उन्होंने विश्व नेताओं पर जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाई करने में विफल रहने का आरोप लगाया.

ग्रेटा थनबर्ग ने न्यूयॉर्क में जलवायु परिवर्तन पर शिखर सम्मेलन में कहा, "आपने हमारे सपने, हमारा बचपन अपने खोखले बयानबाज़ी से छीन लिया है."

बीसवीं सदी के औसत तापमान के साथ सालों की तुलना

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस द्वारा आयोजित एक दिवसीय बैठक में दुनिया भर के क़रीब 60 नेता हिस्सा ले रहे हैं.

उन्होंने पूर्व में कहा है कि देशों को शिखर सम्मेलन में केवल तभी बोलने दिया जाएगा अगर वह कार्बन उत्सर्जन कटौती पर कार्रवाई की योजना के साथ आएंगे.

छोड़िए YouTube पोस्ट
Google YouTube सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट YouTube समाप्त

जलवायु परिवर्तन पर संदेह रखने वाले अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बैठक में भाग लेने की संभावना नहीं है. हालांकि, वह कुछ देर के लिए दर्शक दीर्घा में नज़र आए.

ब्राज़ील और सउदी अरब उन देशों में शामिल हैं जो बैठक में हिस्सा नहीं ले रहे हैं.

ग्रेटा थनबर्ग ने क्या कहा?

एक भावुक भाषण में उन्होंने कहा, "यह पूरी तरह से ग़लत है. मुझे यहां नहीं होना चाहिए था. मुझे महासागर पार स्कूल में होना चाहिए था.. उन्होंने अपनी पढ़ाई से एक साल का अवकाश ले रखा है."

संयुक्त राष्ट्र

16 वर्षीय लड़की ने कहा , "आपने अपने खोखले बयानबाज़ी से मेरे सपनों और मेरा बचपन छीन लिया."

और उसने विश्व के नेताओं से तत्काल कार्रवाई करने का अनुरोध ​करते हुए कहा, "हम आप पर नज़र रखेंगे."

विश्व नेताओं ने क्या कहा?

बैठक का आयोजन करने वाले गुटेरेस ने कहा कि दुनिया में एक गहरा जलवायु संकट है और इसके लिए तत्काल कार्रवाई की ज़रूरत है.

उन्होंने कहा, "समय भागा जा रहा है, लेकिन अभी बहुत ज़्यादा देर नहीं हुई है."

जर्मनी के चांसलर एंगेला मार्केल ने कहा कि दुनिया में बढ़ती गर्मी से मुक़ाबला करने के लिए उनका देश दोगुना ख़र्च करेगा.

फ्रांस के राष्ट्रपति एमुनैल मैक्रों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने उष्णकटिबंधीय वनों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सहायता 50 करोड़ अमरीकी डॉलर जारी करने का वचन दिया था.

न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने कहा कि दुनिया में चीज़ें बदलनी शुरू हो गई है.

एंटोनियो गुटेरेस

वैज्ञानिकों ने चेताया

वैश्विक जलवायु परिवर्तन को लेकर युवा कार्यकर्ताओं की अगुवाई में कई लाख लोगों के प्रदर्शन के कुछ दिनों के बाद शिखर सम्मेलन हो रहा है.

बैठक से पहले वैज्ञानिकों ने वैश्विक तापमान बढ़ने के संकेतों और प्रभावों को लेकर चेतावनी दी थी.

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले पाँच साल की तुलना में कार्बन उत्सर्जन 20 प्रतिशत बढ़ी है. अब तक रिकॉर्ड में दर्ज सबसे गर्म साल रहे, यानी 2014 से 2019 के बीच रिकॉर्ड गर्मी रही.

ग्रैंथम इंस्टीच्यूट, इम्पीरियल कॉलेज लंदन के अध्यक्ष और रीडिंग विश्वविद्यालय में मौसम विभाग के प्रोफ़ेसर ब्रायन होस्किन्स ने कहा कि हमें स्कूली बच्चों की आवाज़ सुननी चाहिए.

जलवायु परिवर्तन

ग़ौरतलब है कि पेरिस में 2015 में दुनिया भर के नेताओं ने उतर्सजन करने के लिए दृढ़ संकल्प व्यक्त किया था जिसके कारण जलवायु गर्म हो रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संयुक्त राष्ट्र में जलवायु परिवर्तन पर भाषण से पहले 16 साल की एक ऐक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने दुनियाभर के नेताओं के समक्ष अपने सवाल रखे और उन्हें अपनी चिंताओं से अवगत कराया.

ये भी पढ़ें—

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)