ट्रंप की ईरान को धमकीः युद्ध हुआ तो सर्वनाश कर देंगे

ड्रोन की तस्वीरें
इमेज कैप्शन, ईरान के सरकारी टीवी पर मार गिराए गए अमरीकी ड्रोन की ये तस्वीरें प्रसारित की गई हैं
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अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो युद्ध नहीं चाहते हैं लेकिन यदि युद्ध छिड़ा तो ईरान को पूरी तरह बर्बाद कर देंगे.

एनबीसी से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमरीका बातचीत चाहता है लेकिन वह ईरान को परमाणु हथियार विकसित नहीं करने देगा.

ट्रंप ने ईरान पर मिसाइल हमले रोकने के अपने फ़ैसले के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्हें बताया गया था कि यदि अमरीका ने हमला किया तो 150 लोग मारे जाएंगे.

उन्होंने कहा, "मुझे ये अच्छा नहीं लगा, मुझे नहीं लगा कि ये एक माकूल जवाब होगा."

ईरान के मानवरहित अमरीकी ड्रोन को मार गिराने के बाद से अमरीका और ईरान के बीच तनाव बेहद बढ़ा हुआ है.

अमरीका का कहना है कि ये विमान अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में था जबकि ईरान का दावा है कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में दख़ल देने के बाद इस ड्रोन को मारा.

राष्ट्रपति ट्रंप ईरान पर जवाबी मिसाइल हमले करना चाहते थे लेकिन अंतिम समय में उन्होंने अपना मन बदल लिया.

तेल टैंकर
इमेज कैप्शन, ईरान अमरीका के बीच ताज़ा तनाव तेल टैंकरों पर हमले के बाद शुरू हुआ है

दोनों देशों के बीच ये ताज़ा तनाव तब शुरू हुआ जब अमरीका ने ईरान पर होरमुज़ की खाड़ी में तेल टैंकरों पर हमला करने के आरोप लगाए.

ईरान ने इन आरोपों को भी सिरे से ख़ारिज किया है. वहीं अमरीका ने वीडियो और तस्वीरें जारी करके ये दावा किया है कि दो तेल टैंकरों पर हुए हमले के पीछे ईरान ही था.

होरमुज़ की खाड़ी तेल के परिवहन का सबसे व्यस्त क्षेत्र है और हर साल यहां से अरबों डॉलर का तेल लाया ले जाया जाता है.

बीते साल अमरीका ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते से अलग हो गया था. अमरीका ने ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध भी बढ़ा दिए हैं. ट्रंप के इन फ़ैसलों के बाद ही ईरान और अमरीका के बीच तनाव शुरू हुआ.

ट्रंप ने एनबीसी से क्या कहा?

अमरीका का ड्रोन
इमेज कैप्शन, ईरान ने अमरीका का एक ऐसा ही जासूसी ड्रोन मार गिराया

ट्रंप ने कहा, 'मेरी अनुमति मिलने पर तुरंत हमला करने की योजना तैयार थी.' ट्रंप ने कहा कि फिर उन्होंने जरनलों से पूछा कि कितने लोग मारे जाएंगे.

"मैंने कुछ पल के लिए इस बारे में सोचा और फिर कहा, आप जानते हैं कि, उन्होंने एक मानवरहित विमान मारा है, विमान या जो कुछ भी आप उसे कहें, और हम यहां 150 लोगों की लाशों के साथ बैठे हैं, मेरे हां कहने के संभवतः आधा घंटा बाद ऐसा हो गया होता."

ट्रंप ने इस बात से इनकार किया कि अमरीकी विमान ईरान के रडार और और मिसाइल ठिकानों पर हमला करने के लिए उड़ चुके थे. उन्होंने कहा, "कोई विमान हवा में नहीं था."

ईरान के नेता को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, "आप परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकते. और अगर आप इस बारे में बात करना चाहते हैं तो अच्छी बात है. अन्यता, आप बर्बाद अर्थव्यवस्था में बहुत लंबे समय तक जी सकते हैं."

इससे पहले शुक्रवार को एक ट्वीट में ट्रंप ने कहा ता कि अमरीका ईरान पर हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार है.

क्या प्रतिक्रिया हुई है?

ट्रंप
इमेज कैप्शन, डोनल्ड ट्रंप

डेमोक्रेट नेता और कांग्रेस की स्पीकर नेंसी पलोसी ने कहा है कि उन्हें ख़ुशी है कि राष्ट्रपति ने हवाई हमले नहीं किए. पलोसी ने कहा कि राष्ट्रपति को सैन्य कार्रवाई का आदेश देने से पहले संसद की अनुमति लेनी चाहिए.

संसद की सैन्य सेवा समिति के डेमोक्रेट अध्यक्ष एडम स्मिथ ने कहा है कि जानकारियां सार्वजनिक करना राष्ट्रपति की कोई समझदारी नहीं है बल्कि इससे अमरीकी योजना ही प्रभावित हो रही है.

कुछ अमरीकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक हमले का सुझाव पेंटागन ने दिया था जबकि अन्य रिपोर्टों में कहा गया है कि शीर्ष पेंटागन अधिकारियों ने चेताया था कि यदि हमले किए गए तो बात बहुत ज़्यादा बढ़ जाएगी और अमरीका को मध्य पूर्व में सैनिक तक भेजने पड़ सकते हैं.

एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन सख़्त जवाब देना चाहते थे लेकिन कांग्रेस के अन्य नेताओं ने सावधानी बरतने पर ज़ोर दिया.

अमरीका के संघीय उड्डयन प्रशासन (एफ़एए) ने गुरुवार को आपात दिशानिर्देश जारी कर सभी अमरीकी एयरलाइनों से तेहरान के नियंत्रण वाले हवाई क्षेत्र से उड़ाने न भरने के लिए कहा था.

ब्रितानी एयरवेज़, अमीरात एयरवेज़ समेत दुनियाभर की तमाम बड़ी एयरलाइनें इस हवाई क्षेत्र के बाहर से उड़ रही हैं.

इसी बीच ब्रितानी सरकार के एक मंत्री रविवार को तेहरान में ईरानी सरकार के अधिकारियों से वार्ता करेंगे.

ब्रितानी विदेश विभाग के मुताबिक एंड्रयू मरीसन ईरान से तुरंत तनाव कम करने के लिए कहेंगे.

ईरान का क्या कहना है?

हसन रूहानी

एक ईरानी अधिकारी ने चेताया, "ईरान के ख़िलाफ़ किसी भी हमले के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव होंगे."

ईरान के उप विदेश मंत्री सैयद सज्जादपुर ने बीबीसी से कहा, "अगर आप ईरानी सीमाओं का उल्लंघन करेंगे तो हम रक्षा करेंगे."

उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन में कुछ लोग ऐसे हैं जो ईरानी सरकार को गिराने पर आमदा हैं.

ईरान को मिले मिश्रित संकेत?

वीडियो कैप्शन, ईरान का दावा कि उसने एक अमरीकी जासूसी ड्रोन को मार गिराया

बीबीसी रक्षा संवाददाता जोनाथन मार्कस के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप के हमला करने और फिर पीछे हटन के आदेश ने एक बड़ा संदेश ईरान को दिया है.

दोनों देश सीधे युद्ध के मुहाने पर खड़े थे. लेकिन संकेतों के इस जटिल खेल में ईरान ने क्या संदेश लिया होगा?

अमरीका के जासूसी ड्रोन को मार गिराकर उसने अपना बड़ा संदेश तो दे ही दिया है.

ट्रंप ने शुरू में इसे छोटी घटना माना. फिर हमले तक का आदेश दे दिया और फिर अंतिम समय में मन बदल लिया.

अब ख़तरा ये है कि ईरान को मिश्रित संदेश मिला है जो अनिश्चितता और संकल्प की कमी दर्शाता है. इससे ईरान में कुछ लोगों को अमरीका को और पीछे धकेलने का हौसला मिलेगा.

इस संकट में कहीं भी कूटनीतिक प्रयास नहीं दिख रहे हैं.

अमरीका के आर्थिक प्रतिबंधों का असर हो रहा है. ईरान दबाव में है. तनाव बढ़ने का ख़तरा सदैव बरक़रार है.

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