नाकाबंदी के बाद पहली बार बोले क़तर के अमीर

क़तर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी
प्रकाशित

क़तर के अमीर ने खाड़ी के चार पड़ोसी देशों के साथ विवादों को बातचीत से निपटाने का आह्वान किया है.

सऊदी अरब, मिस्र, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात की ओर से आर्थिक नाकाबंदी के बाद क़तर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी का ये पहला बयान है.

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान
इमेज कैप्शन, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान

क़तर के इन चार पड़ोसी देशों ने उस पर चरमपंथी समूहों का समर्थन करने का आरोप लगाया था और इसी बुनियाद पर संबंध तोड़ लिए थे.

क़तर के अमीर ने कहा कि उसकी घेराबंदी के बाद भी जनजीवन पहले की तरह चल रहा है.

उन्होंने ये भी कहा कि क़तर किसी बाहरी दबाव की वजह से चरमपंथ से नहीं लड़ रहा है.

अमरीकी विदेश मंत्री रैक्स टिलरसन

इससे पहले, अमरीकी विदेश मंत्री रैक्स टिलरसन ने कहा था कि जिहादी समूहों को आर्थिक मदद रोकने के समझौते को लागू करने के लिए क़तर से प्रयासों से अमरीका संतुष्ट है.

अमरीका ने खाड़ी देशों से भी कहा था कि वे क़तर के बहिष्कार में थोड़ी ढील दें.

टिलरसन ने ये भी कहा था कि नाकेबंदी से लोगों को परेशानी हो रही है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)