बीबीसी कैंपस हैंगआउट: क्या सब पर भारी पड़ेंगे युवा मतदाता?

बीबीसी हिंदी
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क्या पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान आपने अपनी फ़ेसबुक वॉल पर किसी राजनीतिक मसले पर बहस की थी, किसी नेता को ट्विटर पर फ़ॉलो किया था या आप फ़ेसबुक और ट्विटर पर सक्रिय थे भी?

इन सवालों के ज़्यादातर लोगों के जवाब न में होंगे.

मगर ज़रा इस चुनाव पर नज़र डालिए. फ़ेसबुक, ट्विटर, यू-ट्यूब या वॉट्सऐप इस नेता नगरी के चर्चे कहाँ नहीं हैं!

इन सभी <link type="page"><caption> सोशल नेटवर्किंग साइट्स</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/03/140321_social_media_pictivism_pa.shtml" platform="highweb"/></link> पर सबसे ज़्यादा सक्रिय वर्ग है 18 से 35 साल के लोगों का.

इसी 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग में मौजूद है वो <link type="page"><caption> युवा मतदाता</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/04/140401_social_media_election_battle_election2014_pk.shtml" platform="highweb"/></link> जिसकी चर्चा आपने पिछले दिनों शायद हर नेता के भाषण में सुनी भी होगी.

क्या ये युवा मतदाता जाति, संप्रदाय, क्षेत्र का दायरा तोड़कर मतदान करेगा या क्या वो भी उन्हीं बंधनों का शिकार है?

बीबीसी कैंपस हैंगआउट

बस्तर विश्वविद्यालय
इमेज कैप्शन, कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है चार अप्रैल को बस्तर विश्वविद्यालय से

चुनाव के ऐलान से पहले से ही ये सवाल हमारे मन में भी थे और इन चुनाव में ऐसे सवालों के जवाब समझने की कोशिश कर रही है बीबीसी हिंदी ‘बीबीसी कैंपस हैंगआउट’ कार्यक्रम के ज़रिए.

एक कार्यक्रम जो विश्वविद्यालयों में पहुँचकर युवाओं के मन में झाँकने की कोशिश करने जा रहा है. इस कोशिश में हमारे और आपके बीच की प्रमुख कड़ी बनने वाला है ये <link type="page"><caption> सोशल मीडिया</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/03/140320_social_media_campaigners_an.shtml" platform="highweb"/></link>.

हम चाहते थे हर ऐसे शहर पहुँचना जहाँ सामान्य मीडिया की चकाचौंध नहीं पहुँच पाती मगर सीमित समय और संसाधनों के साथ ऐसा करना संभव नहीं था. इसे देखते हुए हमने देश के अलग-अलग हिस्सों से छह शहर चुने जो इन युवाओं की बात सामने रख सकें.

कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है चार अप्रैल को बस्तर विश्वविद्यालय से. साल 2008 में स्थापित हुआ बस्तर विश्वविद्यालय जगदलपुर में स्थित है और यहाँ के आदिवासी समाज के लोगों के बीच उच्च शिक्षा के एक केंद्र के रूप में इसे विकसित करने की कोशिश हो रही है.

एक ऐसा क्षेत्र जिसकी अब पहचान बन गई है नक्सली हिंसा. बीबीसी हिंदी ने संघर्ष के उस केंद्र में स्थापित विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं से बात करने की ठानी.

जुड़िए इस कार्यक्रम से

बस्तर विश्वविद्यालय में ‘बीबीसी कैंपस हैंगआउट’ में चर्चा का विषय है आदिवासियों के हितों और उनके प्रति सामाजिक नज़रिए से जुड़ा. ये कार्यक्रम गूगल हैंगआउट के ज़रिए सीधे <bold>बीबीसी हिंदी</bold> के यू-ट्यूब पेज <link type="page"><caption> (http://www.youtube.com/user/bbchindi)</caption><url href="https://www.youtube.com/watch?v=0bzHlSUR5Ng" platform="highweb"/></link> पर दोपहर एक बजे से दो बजे तक लाइव देखा जा सकेगा.

आप इस कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय बीबीसी हिंदी के फ़ेसबुक पन्ने पर भी रख सकते हैं, जहाँ इस कार्यक्रम का लाइव अपडेट हम आप तक पहुँचाएँगे.

भारत के युवा मतदाता

आप अगर इस कार्यक्रम में अपनी बात रखना चाहते हैं तो हमारे फ़ेसबुक पन्ने पर या ट्विटर पर #CampusHangout और #Election2014 का इस्तेमाल करते हुए विचार व्यक्त करिए.

इसके बाद 11 अप्रैल को बंगलौर के नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया यूनिवर्सिटी, 18 अप्रैल को अहमदाबाद के गुजरात विद्यापीठ, 25 अप्रैल को श्रीनगर के कश्मीर विश्वविद्यालय, दो मई को मुज़फ़्फ़रपुर के भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय और नौ मई को काशी हिंदू विश्वविद्यालय में ये कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है.

<bold>(बीबीसी हिंदी का <link type="page"><caption> एंड्रॉयड मोबाइल ऐप</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> डाउनलोड करने के लिए <link type="page"><caption> क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. आप हमारे <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> पन्ने पर भी आ सकते हैं और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>