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पप्पू यादव ने किया चाकू से जानलेवा हमले का दावा, कथित हमलावर ने क्या कहा?
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव अपने दिल्ली स्थित आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे, तभी वहां अचानक हंगामा हो गया.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, इसी दौरान झड़प की स्थिति बन गई.
बताया जा रहा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक व्यक्ति ने कथित रूप से सांसद पर हमला करने की कोशिश की. इसके बाद पप्पू यादव के समर्थकों ने उस व्यक्ति की पिटाई कर दी.
घटना के बाद पप्पू यादव ने कहा, "क्या कोई मेरे घर में घुसकर मुझ पर हमला कर सकता है? वह चाकू लेकर मुझ पर हमला करने आया था."
हालांकि आरोपियों में से एक हैप्पी शर्मा ने चाकू ले जाने की बात से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि उनके पास कोई हथियार नहीं था और सवाल पूछने के दौरान सिर्फ़ जूते चप्पल फेंके थे.
वहीं पप्पू यादव के साथ मौजूद एक व्यक्ति ने आरोप लगाया, "वह व्यक्ति हमला कर रहा था, फिर भी दिल्ली पुलिस उसे बचा रही थी."
इस मामले में अभी तक दिल्ली पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि उन्हें रोज़ ही जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, "बाबा लोग रोज़ ही कह रहे हैं मारो, जलाओ, 51 हज़ार रुपये देंगे."
उन्होंने कहा, "जिस व्यक्ति पर हमले का आरोप था, उसकी पिटाई हो रही थी, उसे बचाने की मैंने पूरी कोशिश की."
पप्पू यादव ने कहा, "मुझे मारने की साज़िश थी. वो तो मिलने वाले लोगों की वजह से मैं बच गया."
उन्होंने कहा, "हनुमान को आप नचा रहे हो. राम को पतंग में उड़ा रहे हो. शंकराचार्य को पीट रहे हो. चंपत राय और गिरी ने मिलकर सोना और संपत्ति का गबन कर लिया. आप उसपर क्यों नहीं बोल रहे हो."
कथित हमले को लेकर उन्होंने कहा, "मैं पहले ही कई एफ़आईआर दर्ज करा चुका हूं. इस घटना के बाद मैं डरूंगा नहीं. जिसे मारना हो मार दे."
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर में घुसकर उन पर हमला करने की कोशिश की गई.
वहां मौजूद सांसद के समर्थकों ने कहा कि कथित हमलावर ने उनपर धारदार हथियार से हमला किया.
पप्पू यादव ने कहा, "वह चाकू लेकर मारने आया था."
क्या है पूरा मामला
इससे पहले प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान पप्पू यादव संसद में भगवा वस्त्र पहन कर पुजारी का अभिनय करने पर सफ़ाई दे रहे थे.
उन्होंने कहा, "सनातन हमारी तहजीब है, हमारे जीने का एक रास्ता है."
समाचार एजेंसी पीटीआई के एक वीडियो में दिखता है कि इसी बीच एक व्यक्ति ने कहा, "भगवा पहनकर आप भगवान राम की मूर्ति लेकर दूसरे आदमी के पैरों में रख रहे हैं. ये कहां का सम्मान किया आपने?"
इस पर पप्पू यादव ने पूछा, "आप कौन हैं?" दो तीन बार पूछने के बाद ही सांसद पर कोई चीज़ फेंकी गई.
इसी बीच उनके समर्थकों ने उन्हें बचाने और उस व्यक्ति को काबू करने की कोशिश की.
इसके बाद समर्थकों ने उस व्यक्ति को पकड़ लिया और पीटने लगे. वीडियो में दिखाई देता है कि वहां मौजूद पुलिस अधिकारी उसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं.
दरअसल बीते शुक्रवार को सांसद पप्पू यादव भगवा रंग का वस्त्र पहनकर पुजारी के भेष में संसद पहुंचे थे, जहां उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का आरोप लगाते हुए विरोध-प्रदर्शन किया था.
इस मामले को लेकर शनिवार को वाराणसी के कोतवाली थाने में महंत बालक नाथ ने सांसद पप्पू यादव के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई थी.
काशी ज़ोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) गौरव बंसवाल ने बताया, "शिकायत सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो से संबंधित है, जिनमें सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव संत के भेष में दिखाई दे रहे हैं."
डीसीपी ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है और आगे की कानूनी कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी.
महंत बालक नाथ ने कहा, "आज पप्पू यादव के खिलाफ हमने एफ़आईआर दर्ज करवाई है. जिस प्रकार से उन्होंने सनातन, भगवा वस्त्र और साधु-संतों का अपमान किया है, उसी को लेकर हमने यह शिकायत दर्ज कराई है."
आरोपियों में से एक ने क्या कहा
कथित हमलावरों में से एक हैप्पी शर्मा ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि उनके पास चाकू नहीं था.
हैप्पी शर्मा ने कहा, "वहां साधू संतों का प्रोटेस्ट चल रहा था. हम बुलंदशहर से आए थे. हम सांसद से मिलने गए. बकायदा सिक्युरिटी चेकिंग हुई थी."
उन्होंने बताया कि वे दो लोग थे.
हैप्पी शर्मा ने कहा, "हमारे पास कुछ भी नहीं था, इसलिए हमें अंदर जाने दिया गया. वहां प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रही थी. हमने सिर्फ इतना कहा, 'पप्पू यादव जी, आप सम्मानित जनप्रतिनिधि हैं, लेकिन आप हमारे साधु-संतों का अपमान कर रहे हैं और उनके भगवा वस्त्रों का मजाक उड़ा रहे हैं. आप सांसद अवधेश प्रताप के पैरों में हमारे अराध्य को रख रहे हैं. इसका क्या मतलब है? कृपया ऐसा करना बंद कीजिए."
"सिर्फ इतना कहने पर उन्होंने और उनके समर्थकों ने हमें पीटना शुरू कर दिया. भीड़ ने हम पर बहुत बेरहमी से हमला किया. मुझे बहुत मारा गया. मैं किसी तरह बाहर निकल आया, लेकिन मेरा दोस्त नहीं निकल पाया. उसका नाम सुमित है. उसे पुलिस थाने ले जाया गया है. हमारे पास कोई चाकू या कोई दूसरा हथियार नहीं था."
"हां, चप्पलें हमने बाद में फेंकी थीं, जब हमारे साथ मारपीट की गई."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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