लंदन की सड़कों पर क्यों उतर आए 1.5 लाख लोग? जानिए पूरा मामला

वेस्टमिनस्टर ब्रिज
इमेज कैप्शन, वेस्टमिनस्टर ब्रिज के पास जुटे प्रदर्शनकारी.
    • Author, थॉमस मैकिन्टॉश
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 6 मिनट

सेंट्रल लंदन में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में 26 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. यह विरोध प्रदर्शन धुर-दक्षिणपंथी कार्यकर्ता टॉमी रॉबिन्सन ने आयोजित किया था. इसमें लगभग डेढ़ लाख लोग शामिल हुए.

'यूनाइट द किंगडम' रैली में तनाव उस वक़्त बढ़ गया जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बोतलें और दूसरी चीज़ें फेंकीं. मेट्रोपोलिटन पुलिस के अनुसार चार पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आई हैं.

इस दौरान टेस्ला के मालिक अरबपति एलन मस्क ने वीडियो लिंक के ज़रिए व्हाइटहॉल में मौजूद प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया.

वहीं पास में इस रैली के विरोध में 'स्टैंड अप टू रेसिज़्म' (नस्लवाद का विरोध करें) द्वारा आयोजित एक और विरोध प्रदर्शन हो रहा था जिसमें क़रीब पांच हज़ार लोग शिरकत कर रहे थे.

'यूनाइट द किंगडम' रैली
इमेज कैप्शन, लंदन में सरकार की प्रवासन नीतियों के ख़िलाफ़ 'यूनाइट द किंगडम' रैली का आयोजन किया गया था

ब्रिटेन में हाल के दिनों में प्रवासियों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन बढ़े हैं.

शरणार्थियों को जिन होटलों में जगह दी जाती है उनके सामने भी 'यूनाइट द किंगडम' की तरफ़ से बीते दिनों विरोध प्रदर्शन हुए हैं.

जहां ये प्रदर्शन प्रवासियों के विरोध में हो रहे हैं, वहीं इन प्रदर्शनों के ख़िलाफ़ 'स्टैंड अप टू रेसिज़्म' के समर्थक इसके विरोध में रैली आयोजित कर रहे हैं.

'स्टैंड अप टू रेसिज़्म' के समर्थक प्रवासियों के हकों की बात करते हैं. इसके समर्थक मानते हैं कि विरोधी पक्ष "झूठी बातों पर यकीन कर रहा है."

पुलिस ने क्या बताया?

पुलिस
इमेज कैप्शन, दोनों गुटों के प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग करने के लिए पुलिस ने दंगा रोधी दस्ते, घोड़े और कुत्ते तैनात किए थे.
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मेट्रोपोलिटन पुलिस ने इस दौरान हुई हिंसा को "पूरी तरह अस्वीकार्य" बताया है और कहा है कि अलग-अलग अपराधों में 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

रैली के मद्देनज़र सेंट्रल लंदन में बड़े पैमाने पर पुलिसबलों की तैनाती की गई थी.

मेट्रोपोलिटन पुलिस की तरफ़ से यहां एक हज़ार पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे. साथ ही लीसेस्टरशायर, नॉटिंघमशायर, डेवोन और कॉर्नवाल से 500 अतिरिक्त पुलिसबलों को भी लगाया गया था.

असिस्टेंट कमिश्नर मैट ट्विस्ट ने कहा कि यह जानते हुए कि हालात चुनौतीपूर्ण होंगे पुलिसकर्मियों ने "निडर और निष्पक्ष होकर पुलिसिंग की."

उन्होंने कहा, "इस बात में कोई संदेह नहीं है कि कई लोग यहां पर विरोध करने के अपने हक़ का इस्तेमाल करने पहुंचे थे. लेकिन कई ऐसे भी थे जिनका इरादा हिंसा फैलाना था."

मैट ट्विस्ट ने बताया कि पुलिसकर्मियों में किसी के दांत टूट गए हैं, किसी को सिर पर चोट आई है, किसी को रीढ़ की हड्डी में चोट है तो कोई संभवत: नाक टूटने जैसी गंभीर चोटों का सामना कर रहे हैं.

असिस्टेंट कमिश्नर मैट ने कहा कि पुलिस उन लोगों की पहचान करेगी जो हिंसा फैलाने के लिए ज़िम्मेदार हैं.

उन्होंने कहा, "अब तक हमने 25 लोगों को गिरफ्तार किया है, ये अभी शुरुआत है."

गृह मंत्री शबाना महमूद ने "पुलिसकर्मियों पर हमला करने और उन्हें घायल करने वालों" की कड़ी आलोचना की.

उन्होंने कहा, "जो लोग आपराधिक गतिविधियों में शामिल हैं उन्हें क़ानून का सामना करना पड़ेगा."

दो गुटों के प्रदर्शनकारी जुटे

'स्टैंड अप टू रेसिज़्म' की रैली
इमेज कैप्शन, 'यूनाइट द किंगडम' की रैली के विरोध में 'स्टैंड अप टू रेसिज़्म' की रैली आयोजित की गई थी

दोपहर के बाद, व्हाइटहॉल पर पुलिस अधिकारियों की कतारों ने दोनों प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग कर दिया.

मेट्रोपोलिटन पुलिस का कहना है कि 'यूनाइट द किंगडम' रैली की शुरुआत शांतिपूर्ण तरीके़ से हुई लेकिन जैसे ही पुलिस ने दोनों प्रदर्शनकारियों को अलग रखने की कोशिश की, कुछ पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया.

पुलिस ने कहा कि "यूनाइट द किंगडम" रैली में आए लोगों की संख्या आयोजकों के अनुमान से कहीं अधिक थी. इसका मतलब ये था कि व्हाइटहॉल और पार्लियामेंट स्क्वायर में उनके लिए पर्याप्त जगह नहीं थी.

भीड़ ने पुलिस के निर्देशों की अनदेखी की और उन इलाक़ों में घुसने की कोशिश की जहां पर पहले से ही 'स्टैंड अप टू रेसिज़्म' में शामिल प्रदर्शनकारी मौजूद थे.

मेट्रोपोलिटन पुलिस का कहना है कि "जब पुलिस अधिकारियों ने उनका रास्ता रोकना चाहा तो उन पर लात और मुक्कों से हमला किया गया."

पुलिस ने बताया कि दूसरे समूह में शामिल प्रदर्शनकारियों को पहले समूह से दूर रखने के लिए दंगा रोधी पुलिसबल, घोड़े और कुत्ते तैनात किए गए.

व्हाइटहॉल के आसपास लगाए गए बैरिकेड्स और मचान के ऊपर लोग चढ़ गए जिससे उन्होंने "खु़द की और दूसरों की ज़िंदगी ख़तरे में डाल दी."

एक मौके़ पर, कांच की एक बोतल आकर पुलिस के घोड़े से टकराती दिखाई दी, जिसकी वजह से घोड़ा और उस पर सवार अधिकारी पीछे की ओर लड़खड़ा गए.

किसने क्या कहा?

टॉमी रॉबिनसन के समर्थक
इमेज कैप्शन, टॉमी रॉबिन्सन के समर्थकों का मानना है कि सभी प्रवासियों को डिपोर्ट कर दिया जाना चाहिए

व्हाइटहॉल और ट्राफ़लगर स्क्वायर में मौजूद टॉमी रॉबिन्सन के समर्थकों को पीछे धकेलने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा.

टॉमी रॉबिन्सन का असली नाम स्टीवन याक्सली-लेनन है. उन्होंने इस मौक़े पर दिए अपने भाषण में राजनेताओं पर अपने आइडियाज़ की "नक़ल करने" का आरोप लगाया और उनकी आलोचना की.

उन्होंने दावा किया कि ब्रिटेन की अदालतों ने बिना दस्तावेज़ वाले प्रवासियों के अधिकारों को "स्थानीय समुदाय" के अधिकारों से ऊपर जगह दी है.

कोर्ट ऑफ़ अपील ने पिछले महीने एस्सेक्स के एपिंग में बेल होटल में शरणार्थियों को ठहराने पर लगी रोक हटा दी थी.

शनिवार को हुए इस विरोध प्रदर्शन में एलन मस्क ने वीडियो लिंक के ज़रिए शामिल होकर "बड़े पैमाने पर अनियंत्रित प्रवासन" पर चिंता जताई और ब्रिटेन में "सरकार बदलने" की मांग की.

मस्क ने कहा, "कुछ किया जाना चाहिए. संसद को भंग कर फिर से चुनाव कराना ज़रूरी है."

वॉटरलू स्टेशन के पास मार्च में टॉमी रॉबिन्सन, लॉरेन्स फ़ॉक्स और एंट मिडलटन के साथ टीवी प्रेजेंटर केटी हॉपकिंस भी नज़र आईं. बाद में उन्होंने मंच से भाषण दिया.

पुलिस बलों की तैनाती
इमेज कैप्शन, इस दौरान अरबपति एलन मस्क ने भी वीडियो लिंक के ज़रिए प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया

वहीं 'यूनाइट द किंगडम' की रैली की जगह के पास हो रहे 'स्टैंड अप टू रेसिज़्म' की रैली में स्वतंत्र सांसद डायने एबट ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया.

उन्होंने कहा, "हम जानते हैं कि नस्लवाद, हिंसा और फ़ासीवाद कोई नई चीज़ नहीं है. लेकिन क्या आपको पता है कि हमने हमेशा इस नस्लवाद और हिंसा को हराया है."

शाम के साढ़े छह बजे के बाद रॉबिन्सन ने अपने कार्यक्रम को ख़त्म किया. साथ ही उन्होंने इसी तरह के अगले कार्यक्रम का वादा किया.

42 साल के रॉबिनसन को इसी साल जेल से रिहा किया गया था.

अक्तूबर में उन्हें एक सीरियाई शरणार्थी के बारे में झूठे दावे करने से रोकने के आदेश की अवमानना करने के लिए जेल हुई थी. इस शरणार्थी ने उनके ख़िलाफ़ मानहानि का केस जीत लिया था.

अतिरिक्त रिपोर्टिंग: डेनियल सैंडफ़ोर्ड, निक जॉनसन और माया डेविस

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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