महिला वर्ल्ड कप: एक-एक मैच बाक़ी फिर भी भारत सेमीफ़ाइनल में और न्यूज़ीलैंड बाहर क्यों

स्मृति मंधाना
इमेज कैप्शन, स्मृति मंधाना को उनकी 109 रनों की पारी के लिए प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया
    • Author, मनोज चतुर्वेदी
    • पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिन्दी के लिए
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 8 मिनट

स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल के शानदार प्रदर्शन ने भारत को आईसीसी महिला वनडे विश्व कप के सेमीफ़ाइनल में पहुंचा दिया. भारत ने न्यूज़ीलैंड को डकवर्थ लुइस नियम से 53 रनों से हराया है.

अब भारत और न्यूज़ीलैंड दोनों के एक-एक मैच बाक़ी हैं. रविवार को दोनों टीमें अपना आख़िरी लीग मैच खेलेंगी. भारत को बांग्लादेश के ख़िलाफ़ खेलना है और न्यूज़ीलैंड का सामना इंग्लैंड से होगा.

भारत के पास छह मैच में तीन जीत के साथ छह पॉइंट्स हैं जबकि न्यूज़ीलैंड छह में से एक मैच जीतकर चार पॉइंट्स जुटा पाई है. न्यूजीलैंड के दो मैच- पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ बारिश के कारण बेनतीजा रहे थे.

भारतीय टीम अगर बांग्लादेश से हार जाती है तो छह पॉइंट्स पर रहेगी और न्यूज़ीलैंड की टीम इंग्लैंड से जीत जाती है तो उसके भी छह पॉइंट्स हो जाएंगे. लेकिन भारतीय टीम सेमीफ़ाइनल में पहुंच चुकी है और न्यूज़ीलैंड का वर्ल्ड कप में सफ़र ख़त्म हो गया है. ऐसा क्यों हुआ?

क्या है नियम?

हरमनप्रीत कौर
इमेज कैप्शन, भारत को लीग स्टेज में अपना आख़िरी मुक़ाबला बांग्लादेश के ख़िलाफ़ खेलना है

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के अनुसार, अगर लीग स्टेज में दो या उससे ज़्यादा टीमों के अंक बराबर रहते हैं, तो कौन सी टीम आगे रहेगी, वह इन नियमों से तय होगा-

  • जिस टीम की लीग मैचों में सबसे ज़्यादा जीतें होंगी, वह ऊपर रहेगी
  • अगर टीमों के पॉइंट्स और जीतों की संख्या दोनों बराबर हों, तो ऐसे में लीग मैचों में उनके नेट रन रेट के आधार पर क्रम तय किया जाएगा
  • अगर दो या ज़्यादा टीमें अब भी बराबरी पर रहें, तो उनके आपसी (हेड-टू-हेड) मुक़ाबलों के नतीजे के आधार पर क्रम तय होगा. पहले पॉइंट्स को देखा जाएगा और अगर फिर भी बराबरी रहे तो उन मैचों का नेट रन रेट देखा जाएगा
  • अगर ऊपर दिए सभी नियमों से भी स्थिति साफ़ न हो या लीग स्टेज के सभी मैच बिना नतीजे के समाप्त हों, तो टीमों का क्रम उनके शुरुआती लीग सीडिंग के आधार पर तय किया जाएगा.

सीडिंग एक ऐसा तरीक़ा है जिससे टीमों को टूर्नामेंट से पहले उनकी क्षमता या रैंकिंग के आधार पर क्रम या ग्रुप में रखा जाता है.

वर्तमान स्थिति में, भले ही न्यूज़ीलैंड, इंग्लैंड के ख़िलाफ़ जीत हासिल कर ले तो भी उसके पास दो जीतें ही हो पाएंगी. भारतीय टीम अगर बांग्लादेश से हार जाती है तब भी उसके पास जीत के रूप में तीन मैच होंगे और इसी के कारण भारतीय टीम सेमीफ़ाइनल के लिए क्वालिफ़ाई कर चुकी है.

मंधाना और प्रतिका की साझेदारी का जलवा

प्रतिका रावल
इमेज कैप्शन, शतक लगाने के अलावा प्रतिका रावल ने एक विकेट भी लिया

स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल की जोड़ी ने जिस समय टीम को सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी, तब अपनी चमक बिखेरी. इस जोड़ी ने 212 रन की रिकॉर्ड ओपनिंग साझेदारी बनाकर मैच को भारत के पक्ष में मोड़ने में अहम भूमिका निभाई.

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आईसीसी महिला वर्ल्ड कप में भारत के लिए किसी भी विकेट की यह सबसे बड़ी साझेदारी है. इससे पहले भारत की सबसे बड़ी साझेदारी स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर के नाम 188 रन की थी. यह साझेदारी उन्होंने 2022 के वर्ल्ड कप में वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ चौथे विकेट के लिए बनाई थी.

यह न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ किसी भी विकेट के लिए अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी है. यह महिला वनडे में भारत की चौथी सबसे बड़ी ओपनिंग और किसी भी विकेट के लिए पांचवीं सबसे बड़ी साझेदारी है. भारत की सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी दीप्ति शर्मा और पूनम राउत के नाम 320 रनों की है. यह उन्होंने आयरलैंड के ख़िलाफ़ 2017 में बनाई थी.

प्रतिका और मंधाना ने बहुत ही सजगता से पारी की शुरुआत की और पहले दो ओवर मेडन खेले. इसके बाद धीरे-धीरे पारी को गति देना शुरू किया और 17.4 ओवरों में सातवीं शतकीय साझेदारी पूरी कर ली. इस तरह वह मिताली राज और पूनम राउत के रिकॉर्ड के बराबर पहुंच गई हैं.

भारतीय ओपनर प्रतिका रावल इस विश्व कप में रन तो बना रही हैं पर उनकी धीमी रफ़्तार से खेलने की आलोचना होती रही है. अब उन्होंने 134 गेंदों में 122 रन की पारी खेलकर अपने आलोचकों को जवाब दे दिया है. इसमें उन्होंने 13 चौके और दो छक्के लगाए. उनका स्ट्राइक रेट 91.04 का रहा.

प्रतिका का यह वर्ल्ड कप का पहला और वनडे का दूसरा शतक है. उनकी ओपनिंग जोड़ीदार मंधाना कहती हैं कि उसने बहुत जल्दी अपने को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ढाल लिया है.

मंधाना ने जमाया 14वां वनडे शतक

स्मृति मंधाना
इमेज कैप्शन, मंधाना अपने वनडे करियर में अब तक 14 शतक लगा चुकी हैं

स्मृति मंधाना पर भारतीय उम्मीदें बहुत निर्भर करती हैं. इस साल बल्ले से उनका प्रदर्शन शानदार रहा है. उन्होंने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ इस वर्ल्ड कप का पहला शतक लगाया है. यह वनडे में उनका 14वां शतक है. अब वह ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी मेग लेनिंग से सिर्फ़ एक शतक पीछे हैं.

अगर सभी फ़ॉर्मेट में लगाए शतकों की बात करें तो उन्होंने लेनिंग के 17 शतकों की बराबरी कर ली है. लेनिंग ने यह शतक 235 पारियों में और मंधाना ने 272 पारियों में यह शतक बनाए हैं.

मंधाना का यह 2025 के कैलेंडर साल में पांचवां वनडे शतक है. इस तरह वह दक्षिण अफ़्रीकी खिलाड़ी ताज़मिन ब्रित्स के पांच शतकों के बराबर पहुंच गई हैं. ब्रित्स ने भी यह शतक इस कैलेंडर साल में ही बनाए हैं. मंधाना इस साल 1259 रन बना चुकी हैं, यह एक कैलेंडर साल में बनाया गया सर्वाधिक स्कोर है.

रेणुका ने की भारत की राह आसान

रेणुका सिंह ठाकुर
इमेज कैप्शन, रेणुका सिंह ठाकुर

तेज़ गेंदबाज़ रेणुका सिंह ठाकु इस वर्ल्ड कप से कुछ ही समय पहले चोट की समस्या से लौटी थीं. वह शुरुआत में बहुत रंगत में नहीं दिखीं थीं. लेकिन इस मैच में 325 रन का लक्ष्य मिलने पर उन्होंने प्लिमर और सोफ़ी डिवाइन के विकेट निकालकर न्यूजीलैंड को तगड़े झटके दे दिए, जिससे वह कभी उबर नहीं सकी.

सोफ़ी डिवाइन का विकेट इसलिए भी महत्वपूर्ण था, क्योंकि वह इस मैच से पहले एक शतक और दो अर्धशतकों की मदद से से 266 रन बनाकर आई थीं.

बारिश की के कारण पहले मैच को 49-49 ओवर का किया गया, जिसमें भारत ने तीन विकेट पर 340 रन बनाए. लेकिन फिर से बारिश आने पर न्यूजीलैंड के लिए 44 ओवरों में 325 रन का लक्ष्य रखे जाने से उसकी मुश्किलें और बढ़ गईं.

जेमिमा को तीसरे नंबर पर खिलाना रहा कारगर

जेमिमा रोड्रिग्स को पिछले मैच में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ बाहर बैठाकर छठे गेंदबाज़ को खिलाया गया था. लेकिन इस मैच में जेमिमा की टीम में वापसी हुई और उन्हें हरलीन देओल की जगह तीसरे नंबर पर खिलाना कारगर रहा.

जेमिमा को इस जगह पर लाने की वजह तेज़ी से रन बनाना था. वह इस जिम्मेदारी को निभाने में पूरी तरह से सफल रहीं. उन्होंने 138 से ज़्यादा के स्ट्राइक रेट से बैटिंग करके नाबाद 76 रन बनाए, जिसमें 11 चौके शामिल हैं.

जेमिमा के तीसरे नंबर पर खेलने से अब भारतीय टीम मैनेजमेंट को यह सोचना होगा कि हरलीन को कहां फिट किया जाए.

प्रतिका के रूप में मिलीं छठी गेंदबाज़

प्रतिका रावल

टीम में पांच या छह, कितने गेंदबाज़ों को जगह दी जाए, भारतीय टीम अक़्सर इस सवाल से जूझती नज़र आई. वैसे तो वह एक मैच को छोड़कर टीम ज़्यादातर मैचों में पांच गेंदबाज़ों के साथ उतरी. लेकिन दिक्कत यह आ रही है कि छह गेंदबाज़ के साथ उतरने पर बल्लेबाज़ी कमजोर हो रही है और पांच गेंदबाज खिलाने पर गेंदबाज़ी कमजोर हो रही है.

न्यूज़ीलैंड के खिलाफ प्रतिका रावल को छठे गेंदबाज़ के तौर पर आजमाया गया. उन्होंने चार ओवर में 19 रन देकर मैडी ग्रीन का विकेट निकालकर यह दिखा दिया कि वह ज़रूरत पड़ने पर गेंदबाज़ी में भी एक भरोसेमंद विकल्प हो सकती हैं.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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