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नेपाल बाढ़: सुरंग में नौ दिनों तक फंसे दो लोगों को ऐसे ज़िंदा निकाला गया
नेपाल के त्रिशूली 3-ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में 9 दिनों तक फंसने के बाद ज़िंदा निकाले गए संजय शाह के पिता रामफल शाह ने कहा है कि उनके परिवार में ख़ुशी का माहौल है.
उन्होंने बीबीसी को बताया, "ऐसा लग रहा है जैसे मैं उससे दोबारा मिलने वाला हूं, मेरे सीने में जैसे आग जल रही हो. वह बहुत दर्द में था, उसकी मां बेहोश थी."
उन्होंने कहा, "हम सुबह घर पर थे जब संजय के बचने की ख़बर आई. हमने अपने मोबाइल फोन पर तस्वीरें और वीडियो देखे. हम पर ईश्वर की कृपा थी."
शाह ने कहा कि उनके भाई और परिवार के सदस्य काठमांडू के लिए रवाना हो रहे हैं.
बीबीसी नेपाली के मुताबिक़, त्रिशूली 3-ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे दो लोगों को ज़िंदा बचा लिया गया है.
नेपाल विद्युत प्राधिकरण के जॉइंट मैनेजर सुरेश राउत ने बीबीसी न्यूज़ नेपाली से इसकी पुष्टि की है.
सबसे पहले बचाए गए व्यक्ति संजय शाह हैं. वह परियोजना में मैकेनिकल फोरमैन हैं.
राउत के मुताबिक़, दूसरे व्यक्ति मैकेनिकल सुपरवाइजर कबीर महर्जन हैं.
राउत ने कहा, "उन्होंने थोड़ा हंसते हुए बचावकर्मियों के प्रति आभार जताया और उनकी ओर इशारा किया."
नेपाल विद्युत प्राधिकरण की कर्मचारी शोभा पौडेल ने बीबीसी को बताया कि सुरंग में नौ दिनों तक फंसे रहने के बाद दसवें दिन दोनों लोगों के ज़िंदा पाए जाने की ख़बर से बचावकर्मी और एनईए के कर्मचारी भावुक हो गए.
इनमें से एक व्यक्ति को सेना के हेलीकॉप्टर से नुवाकोट के बत्तर ले जाया गया है.
इससे पहले आज सुबह नेपाल सेना के नेतृत्व में एक बचाव दल त्रिशूली 3-ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग के अंदर फंसे लोगों से संपर्क करने में सफल रहा था.
बचाव कार्य में लगे विशेषज्ञ श्रीराम नेउपाने ने सोशल मीडिया पर लिखा, "यह पुष्टि हो गई है कि अंदर से एक से अधिक लोगों की आवाज़ें सुनी गईं."
श्रीराम नेउपाने नेपाल के सांसद भी हैं.
उन्होंने फ़ेसबुक पर एक संक्षिप्त पोस्ट में कहा, "जब बचाव दल ने कहा, 'घबराओ मत, हम बचा रहे हैं', तो अंदर से जवाब आया, 'हां'."
उन्होंने इससे पहले लिखा था कि यह जानकारी बचाव कार्य में लगी सेना से मिली है.
नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के जॉइंट मैनेजर सुरेश राउत ने बीबीसी नेपाली को बताया था कि त्रिशूली 3-ए प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे लोगों की आवाज़ें सुनाई देने की सूचना मिली थी.
राउत ने कहा, "खोज और बचाव अभियान का नेतृत्व कर रहे सेना के कर्नल गंगा बराल ने हमें बताया कि अंदर से आवाज़ आ रही थी."
नेपाली सेना ने बीबीसी न्यूज़ नेपाली को बताया कि बचावकर्मी सुरंग से 100 मीटर की दूरी तक पहुंच गए थे. हालांकि, उन्हें अभी भी मलबे से बचते हुए आगे बढ़ना पड़ रहा था.
इससे पहले श्रीराम नेउपाने ने आज सुबह एक अन्य पोस्ट में लिखा था, "नेपाल सेना और सशस्त्र पुलिस बल का बचाव दल सुरंग में प्रवेश कर चुका है और बचाव अभियान तेज़ कर रहा है. सुरंग के अंदर से लोगों की आवाज़ें सुनाई देने की सूचना एक उम्मीद की किरण है."
उन्होंने लिखा, "मैं कल शाम तक घटनास्थल पर इंजीनियर के रूप में बचाव और खोज अभियान में शामिल था."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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