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'ज़िंदगी खत्म करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था', त्विषा शर्मा केस में सीबीआई का चार्जशीट में दावा
- Author, विष्णुकांत तिवारी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 8 मिनट
(इस कहानी के कुछ ब्योरे आपको विचलित कर सकते हैं)
मध्य प्रदेश के भोपाल में त्विषा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई ने उनके पति समर्थ सिंह और सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाखिल की है.
सीबीआई ने अपने आरोप पत्र में कहा, "दोनों अभियुक्तों (त्विषा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह) की ओर से लगातार मानसिक क्रूरता के कारण त्विषा के पास अपनी ज़िंदगी खत्म करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था."
सीबीआई ने दोनों के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता की धारा 85 (पति या रिश्तेदार की ओर से क्रूरता), 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और 3(5) दो या अधिक लोगों द्वारा साझा तौर पर कोई जुर्म करने की मंशा के तहत आरोप लगाए हैं.
हालांकि सीबीआई ने शुरुआत में पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2) के तहत दहेज मृत्यु के लिए सज़ा के तहत एफआईआर दर्ज की थी.
त्विषा के परिवार के वकील अंकुर पांडे ने बीबीसी से कहा, "सीबीआई ने आगे की जांच की अनुमति भी मांगी है. उसके मुताबिक, जांच के दौरान सामने आए सबूतों के आधार पर कुछ और लोगों की भूमिका की जांच की जा सकती है और ज़रूरत पड़ने पर सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जा सकती है."
अंकुर पांडे ने यह भी कहा कि पहली और दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट रिकॉर्ड का हिस्सा होंगी. उन्होंने कहा, "क्योंकि, आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ी धारा सीबीआई ने लगाई हैं, इसका मतलब है कि जांच में मौत को कथित आत्महत्या माना गया है."
(आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की 'जीवन आस्था' हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)
वहीं गिरिबाला सिंह के वकील इनोश जॉर्ज कार्लो ने बीबीसी से कहा, "पहले जो दहेज प्रताड़ना और हत्या के आरोप लग रहे थे जांच में उसके कोई सबूत नहीं मिले हैं. सीबीआई ने जो बयान लिए हैं उसमें एक्सपर्ट डॉक्टर्स जिनके पास त्विषा और समर्थ सलाह के लिए गए थे उन्होंने बताया कि त्विषा ने ड्रग्स लेने के चलते गर्भपात करवाने की बात कही थी."
जॉर्ज कार्लो ने कहा, "ऐसी स्थिति में क्या पति को अपनी पत्नी से यह पूछने का अधिकार नहीं है कि उसके बच्चे का मर्डर क्यों करवा दिया गया? हम तो शुरू से कह रहे हैं लेकिन मीडिया ने कभी हमारी बात नहीं सुनी."
गिरिबाला सिंह ने मई 2026 में गिरफ्तारी से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि त्विषा मानसिक और चिकित्सकीय समस्याओं से गुज़र रही थीं." वहीं समर्थ सिंह का अब तक इस मामले में कोई बयान नहीं आया है.
वहीं अंकुर पांडे ने कहा कि सीबीआई ने दहेज प्रताड़ना के पहलू की आगे जांच करने की बात कही है.
सीबीआई चार्जशीट में और क्या?
सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक, त्विषा शर्मा की मुलाकात समर्थ सिंह से फ़रवरी 2025 में एक ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी. मार्च 2025 में त्विषा ने अपने परिवार को बताया था कि वह समर्थ सिंह को डेट कर रही हैं और उनसे शादी करना चाहती हैं.
चार्जशीट के मुताबिक, दोनों परिवारों की सहमति से शादी 9 दिसंबर 2025 को तय हुई थी. शादी का पूरा खर्च त्विषा के परिवार ने उठाया था.
जांच में सीबीआई ने कहा है कि शादी के बाद समर्थ सिंह ने कई मौकों पर त्विषा के साथ मानसिक क्रूरता की. चार्जशीट में समर्थ द्वारा त्विषा के लिए कई बार अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने का भी जिक्र है.
सीबीआई के मुताबिक, "गिरिबाला सिंह समय-समय पर अपने बेटे समर्थ सिंह को त्विषा के साथ मानसिक क्रूरता करने के लिए उकसाती थीं".
इसी आरोपपत्र के मुताबिक, जब त्विषा समर्थ के ख़िलाफ़ मानसिक क्रूरता की शिकायत गिरिबाला सिंह से करती थीं तो वह अपने बेटे का बचाव करती थीं.
चार्जशीट में कहा गया है कि दोनों अभियुक्तों ने एक साथ मिलकर त्विषा को मानसिक और मनोवैज्ञानिक तौर पर परेशान किया. उस समय त्विषा अपने पिता की देखभाल कर रही थीं, जिन्हें मार्च 2026 में दिल का दौरा पड़ा था.
चार्जशीट के मुताबिक, पिता के इलाज और सर्जरी के दौरान त्विषा उनके साथ रहीं. इस दौरान दोनों अभियुक्तों ने उन पर भोपाल लौटने का दबाव बनाया. वह 24 मार्च 2026 को भोपाल लौट आई थीं.
गर्भावस्था और उस दौरान क्या क्या हुआ इसका भी ज़िक्र
सीबीआई की जांच के मुताबिक, 16 अप्रैल 2026 को त्विषा ने अपने वैवाहिक घर में प्रेग्नेंसी किट से जांच की और उन्हें खुद के गर्भवती होने का पता चला. अगले दिन वह समर्थ सिंह के साथ भोपाल के हजेला अस्पताल गईं, जहां गर्भावस्था की पुष्टि हुई.
चार्जशीट में कहा गया है कि त्विषा गर्भ रखना चाहती थीं या नहीं, इस पर फ़ैसला लेने के लिए कुछ समय चाहती थीं.
जांच के मुताबिक, उन्होंने कहा था, "प्रेग्नेंसी अन्प्लान्ड थी और समर्थ सिंह की मानसिक क्रूरता तथा अपमानजनक व्यवहार की वजह से वह इस बारे में सोचने के लिए समय चाहती थीं."
सीबीआई के मुताबिक, समर्थ सिंह ने अपनी मां गिरिबाला सिंह को त्विषा की प्रेग्नेंसी के बारे में बताया. 17 अप्रैल को इस मुद्दे पर दोनों के बीच बहस हुई और समर्थ सिंह ने त्विषा के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया.
चार्जशीट के मुताबिक, मानसिक क्रूरता और अपमानजनक व्यवहार से त्विषा की तबीयत भी बिगड़ गई थी और वह 17 अप्रैल को ससुराल का घर छोड़कर चली गईं.
उस समय उनके माता-पिता राजस्थान के नसीराबाद में थे. उन्होंने अपनी मां को बताया कि समर्थ सिंह के साथ झगड़े के बाद वह घर छोड़कर आई हैं.
त्विषा के निवेश किए हुए 20 लाख रुपये पर नज़र?
चार्जशीट में त्विषा के डीमैट खाते का भी जिक्र है. सीबीआई के मुताबिक, त्विषा ने करीब 20 लाख रुपये शेयर बाज़ार में निवेश किए हुए थे.
जांच के मुताबिक, इस निवेश की जानकारी मिलने के बाद दोनों अभियुक्तों ने त्विषा पर इन पैसों को समर्थ सिंह के साथ संयुक्त खाते में ट्रांसफर करने का दबाव बनाया. यह संयुक्त खाता भारतीय स्टेट बैंक की बागमुगलिया शाखा में 7 अप्रैल 2026 को खोला गया था.
चार्जशीट के मुताबिक, इस रकम को चीनी शेयर बाजार में निवेश करने के लिए ट्रांसफर किया जाना था. त्विषा ने रकम ट्रांसफर करने से इनकार कर दिया और कहा कि यह पैसा उसके पिता का है. इसके बाद भी, जांच के मुताबिक, वह दोनों अभियुक्तों की ओर से लगातार मानसिक क्रूरता का सामना करती रहीं.
सीबीआई ने यह भी कहा है कि नौकरी जाने के बाद समर्थ सिंह त्विषा का मज़ाक उड़ाते थे और उसकी अंग्रेज़ी को लेकर टिप्पणी करते थे.
मौत से पहले की घटनाओं पर सीबीआई ने क्या कहा?
चार्जशीट में 12 मई 2026 यानी जिस रात त्विषा की मृत्यु हुई, उस रात के उनके और उनके मायके पक्ष के रिश्तेदारों तथा परिवार के सदस्यों के बीच हुई बातचीत का भी जिक्र है.
जांच के मुताबिक, 12 मई को रात करीब 7 बजकर 51 मिनट पर त्विषा ने राशि अबरोल (जो रिश्ते में त्विषा की भाभी लगती हैं) को फोन किया और बताया कि उन्होंने वापस आने का फ़ैसला किया है. उन्होंने यह भी बताया कि समर्थ सिंह उन पर अपने निवेश को ट्रांसफर करने का दबाव बना रहे हैं, ताकि वह उसे चाइनीज़ शेयर बाजार में निवेश कर सकें.
रात करीब 9 बजकर 20 मिनट पर त्विषा ने राशि से दोबारा बात की. चार्जशीट के मुताबिक, वह लगातार रो रही थीं. उन्होंने बताया कि कमर में दर्द होने के कारण उन्होंने समर्थ सिंह से बेडरूम में सोने का अनुरोध किया था. इसके बाद समर्थ सिंह उनके प्रति आक्रामक और हिंसक हो गए.
रात करीब 9 बजकर 36 मिनट पर त्विषा ने राशि अबरोल को संदेश भेजा. चार्जशीट में इस संदेश को दर्ज किया गया है, जिसमें उन्होंने लिखा था, "उससे (समर्थ सिंह) कहो कि अपनी पत्नी के बचे हुए हिस्से को कल ले जाए. लेकिन अभी मुझे शांति से मरने दो."
सीबीआई के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में रात करीब 9 बजकर 40 मिनट पर त्विषा ग्राउंड फ्लोर से ऊपर आती हुई और अकेले छत की तरफ जाती हुई दिखाई दीं.
रात करीब 9 बजकर 41 मिनट पर उन्होंने अपने पिता को व्हॉट्सऐप कॉल किया. चार्जशीट के मुताबिक, वह रो रही थीं और उन्होंने बताया कि समर्थ सिंह उनके प्रति बहुत आक्रामक और हिंसक हो गए हैं. उन्होंने डर लगने की बात कही और परिवार से जल्द से जल्द उनके पास आने को कहा.
रात करीब 10 बजकर 5 मिनट पर त्विषा ने अपनी मां को फोन किया. चार्जशीट के मुताबिक, उनकी मां ने उन्हें रोते हुए पाया. त्विषा ने अपनी मां से भी कहा कि समर्थ सिंह उनके प्रति बहुत आक्रामक और हिंसक हो गए हैं.
मौत और जांच को लेकर सीबीआई का निष्कर्ष
चार्जशीट में सीबीआई ने कहा है कि दोनों अभियुक्तों की ओर से लगातार मानसिक क्रूरता के कारण त्विषा के पास अपनी ज़िंदगी ख़त्म करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था.
सीबीआई के मुताबिक, 12 मई 2026 को त्विषा ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली.
सीबीआई ने त्विषा की डायरी, घटना के दिन के सीसीटीवी फुटेज और अन्य संबंधित सामग्री के आधार पर फॉरेंसिक मनोवैज्ञानिक आकलन और व्यवहार संबंधी विश्लेषण भी कराया. चार्जशीट के मुताबिक, इसमें त्विषा के मानसिक क्रूरता से गुजरने की बात सामने आई, जिसमें निराशा, मनोवैज्ञानिक रूप से लगातार परेशान रहना और ससुराल में सहयोग की कमी जैसे कारण शामिल थे.
सीबीआई ने त्विषा के आईफोन का डेटा निकालने के लिए नई दिल्ली स्थित केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा है. चार्जशीट के मुताबिक, फ़ोन से अभियुक्तों के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक सामग्री, दूसरे अभियुक्तों की संभावित भूमिका या नए गवाहों के बारे में जानकारी मिल सकती है. इसकी रिपोर्ट का इंतज़ार है.
आरोपियों के घर में लगे डीवीआर से निकाला गया डेटा भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. इसका उद्देश्य रिकॉर्ड में किसी तरह की छेड़छाड़ की जांच करना है. इसकी रिपोर्ट भी लंबित है.
चार्जशीट के निष्कर्ष में सीबीआई ने कहा है कि जांच के दौरान गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता की धारा 85, 108 और 3(5) के तहत दंडनीय अपराध किए जाने की बात स्थापित हुई है. साथ ही, दहेज की मांग और दहेज मृत्यु के पहलू पर आगे की जांच जारी रखने की मांग की गई है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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