वाई-फाई एन्क्रिप्ट न किया तो होगी मुश्किल

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घर के वाई-फाई राउटर में पासवर्ड नहीं रखना ख़तरनाक हो सकता है.

आपके डेटा सर्विस का कोई और इस्तेमाल तो कर ही सकता है, लेकिन अगर किसी ने उस कनेक्टिविटी का इस्तेमाल करके कोई ग़लत काम कर दिया तो यह आपके लिए बड़ी परेशानी का सबब भी बन सकता है.

इसलिए राउटर का पासवर्ड रखना तो ज़रूरी है ही, लेकिन आप अपने वाई-फाई को एन्क्रिप्ट भी कर दें तो और भी बढ़िया होगा.

वाई-फाई को एन्क्रिप्ट करना बहुत मुश्किल काम नहीं हैं. लेकिन एन्क्रिप्शन का तरीका जानने से पहले कुछ बातें जान लें तो बढ़िया रहेगा.

WEP वाई-फाई को एन्क्रिप्ट करने का सबसे पुराना तरीका है और इसके पासवर्ड का पता लगाना हैकर के लिए बहुत आसान है.

WPA का मतलब है 'वाई-फाई प्रोटेक्टेड एक्सेस'. WPA और WPA2 में से आप कोई भी चुन सकते हैं, लेकिन WPA2 एन्क्रिप्शन के लिए बेहतर तरीका है.

घर पर जो भी वाई-फाई इस्तेमाल होता है उसके लिए आपको WPA-पर्सनल मोड में इसे इस्तेमाल करना होगा. वाई-फाई सेट अप करते समय आप इसे चुन सकते हैं.

किसी भी डिवाइस को जब इस वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट करना होगा तो उस डिवाइस पर ये पासवर्ड होना ज़रूरी है.

इससे भी बेहतर एन्क्रिप्शन की क्वालिटी है जब आप अपने राउटर में WPA-एंटरप्राइज चुनते हैं. लेकिन ये सिर्फ कंपनियों में इस्तेमाल होता है क्योंकि इसके सिक्योरिटी को कारगर बनाने के लिए एक अलग से सर्वर इनस्टॉल करना पड़ता है.

इसके कई और फायदे हैं जो कि सिर्फ कंपनियों के लिए फायदेमंद होते हैं.

जब भी अपने वाई-फाई के पासवर्ड को आप तय करें तो वो ऐसा शब्द, नंबर और स्पेशल करैक्टर वाला होना चाहिए जिसका कोई अंदाज़ा नहीं लगा सके.

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