'छत्ते के लिए लड़ती हैं' मधुमक्खियां

मधुमक्खियां
    • Author, जॉनाथन वेब
    • पदनाम, विज्ञान संवाददाता, बीबीसी न्यूज़
  • प्रकाशित

ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में मधुमक्खियों के झुंडों की महीनों से आपस में चल रही लड़ाई लगभग ख़त्म हो चुकी है.

लड़ाई के दौरान बड़ी तदाद में मधुमक्खियों ने अपनी जान गंवाई.

लड़ाई में मारे जाने वाले मधुमक्खियों के जेनेटिक विश्लेषण में यह पता चला है कि डंकरहित मधुमक्खियों की दो प्रजातियों के बीच एक ही छत्ते पर कब्ज़े को लेकर ये लड़ाई चल रही थी.

हड़पा हुआ छत्ता

लड़ाई में मारी गई मधुमक्खियां

हमला करने वाली मधुमक्खियों के झुंड ने आख़िरकार छत्ते पर पूरी तरह से अपना कब्जा जमा लिया है और अपनी नई रानी को हड़पे हुए छत्ते में बिठा दिया है.

यह रिसर्च पेपर 'द अमरीकन नैचुरलिस्ट' जर्नल में छपा है. अध्ययन में यह बताया गया है कि आश्चर्यजनक रूप से ऐसे हड़पे हुए छत्ते एक जैसे ही होते हैं

ब्रिस्बेन और ऑक्सफोर्ड के पर्यावरण विशेषज्ञों ने एक विशेष छत्ते पर अध्ययन करने के बाद विस्तृत रिपोर्ट दी है.

इसमें ब्रिस्बेन के नज़दीक पाई जाने वाले मधुमक्खियों की प्रजाति रहती थी. क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नॉलॉज़ी के डॉक्टर पॉल कनिंघम के नेतृत्व में यह अध्ययन किया गया.

चिंता

छत्ते में मधुमक्खियां
इमेज कैप्शन, 2008 के जुलाई और अक्तूबर के बीच शोधकर्ता इस तरह के तीन हमलों के गवाह बने.

उन्होंने बीबीसी को बताया, "वे पेड़ों के खोखले छेदों में रहते हैं और शहर के आस-पास आम तौर पर पाए जाते हैं. इस साल लोगों ने इनके बड़े-बड़े झुंडों को पेड़ों और अपने घरों के आस-पास लड़ते हुए देखा."

पॉल कनिंघम कहते हैं, "अगर आप इन झुंडों के नीचे खड़े हैं तो इन्हें हवा में आपस में एक-दूसरे से लड़ते और मर कर गिरते हुए देख सकते हैं."

लड़ाई में हिस्सा लेने वाली ये मधुमक्खियां मादा सदस्य होती है जो प्रजनन नहीं कर सकतीं लेकिन पराग जमा करने और लड़ाई में काम आती है.

डॉक्टर कनिंघम ने कहा कि ब्रिस्बेन के करीब 600 घरों में लोग इन डंक रहित मधुमक्खियों को पालते हैं और उन लोगों ने छत्ते के पास चलने वाले इस 'संहार' पर चिंता व्यक्त की थी.

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