सऊदी और ईरान के बीच संबंधों की बहाली पर इसराइल के पूर्व पीएम ने क्या कहा

सऊदी अरब और ईरान के कूटनीतिक संबंध बहाल होने को लेकर इसराइल के पूर्व पीएम नफ्ताली बेनेट ने नेतन्याहू सरकार को निशाने पर लिया है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and कमलेश मठेनी

  1. शी जिनपिंग लगातार तीसरी बार बने चीन के राष्ट्रपति

    शी जिनपिंग

    शुक्रवार को शी जिनपिंग तीसरी बार चीन के राष्ट्रपति बने. कहा जा रहा है कि माओत्से तुंग के बाद उन्होंने देश के सबसे ताक़तवर नेता के रूप में ख़ुद को स्थापित किया है.

    चीन की संसद, नेशनल पीपल्स कांग्रेस (एनपीसी) के लगभग 3,000 सदस्यों ने सर्वसम्मति से शी जिनपिंग को वोट दिया. 69 साल के शी जिनपिंग के सामने कोई और उम्मीदवार इस चुनाव में शामिल ही नहीं हुआ. चीन की इस संसद को राष्ट्रपति का रबर स्टांप कहा जाता है.

    वोटिंग की प्रक्रिया एक घंटे तक चली और वोटों की गिनती 15 मिनट में पूरी कर ली गई.

    शी जिनपिंग का ये चुनाव जीतना तब से ही तय था जब साल 2018 में चीन के संविधान में बदलाव करके राष्ट्रपति बनने की सीमा ख़त्म कर दी गई थी.

    तभी ये मान लिया गया था कि शी के साल 2023 में तीसरी बार सत्ता में बने रहने के लिए ये बदलाव किया गया है.

    सोमवार को शी जिनपिंग सालाना संसद सत्र में भाषण देंगे. चीन इन दिनों तीन साल तक चली कड़ी कोविड पॉलिसी के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहा है.

    बीते सप्ताह शी जिनपिंग ने अमेरिका और पश्चिमी देशों को चीन के आर्थिक संकट का ज़िम्मेदार बताया था.

    राष्ट्रपति चुनाव जीतना क़ाफी हद तक औपचारिकता है. शी जिनपिंग को केंद्रीय सैन्य आयोग की अध्यक्षता के लिए उनकी पार्टी ने पहले ही चुना है. वह चीनी सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ़ के रूप में अपना तीसरा का कार्यकाल पहले ही शुरू कर चुके हैं.

  2. सऊदी अरब इन देशों के लोगों को देगा इलेक्ट्रॉनिक वीज़ा

    सऊदी अरब

    सऊदी अरब के पर्यटन मंत्रालय ने कहा है कि खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के सभी नागरिक, चाहे वो किसी भी पेशे से जुड़े हों,अब सऊदी अरब के पर्यटक वीज़ा के लिए इलेक्ट्रॉनिक रूप से आवेदन कर सकते हैं.

    जीसीसी खाड़ी देशों का समूह है जिसमें बहरीन, कुवैत, ओमान, क़तर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात शामिल है.

    सऊदी की प्रेस एजेंसी ने बताया कि पर्यटक वीज़ा धारकों को सऊदी अरब के विभिन्न इलाक़ों का दौरा करने और उमराह करने की अनुमति मिलेगी.

    किसी भी पेशे से जुड़े जीसीसी निवासियों को सऊदी अरब आने की इजाज़त उस पहल का हिस्सा है, जिसके तहत किंगडम चाहता है कि उसका इतिहास और विरासत ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचे.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    सऊदी अरब के पर्यटन मंत्री अहमद अल-ख़तीब ने कहा, "जीसीसी के निवासियों के लिए वीज़ा आवेदन अब सरल और अधिक सुविधाजनक होगा. आवेदन करने वाले किसी भी पेशे से जुड़े हों, इसका कोई फ़र्क नहीं पड़ता."

    मंत्रालय ने कहा है कि सभी जीसीसी निवासी "विजिट सऊदी" प्लेटफॉर्म के माध्यम से आवेदन करके इलेक्ट्रॉनिक पर्यटक वीज़ा पा सकते हैं और इस वीज़ा से सीधे सऊदी में एंट्री मिल जाएगी.

    बशर्ते जाने वाले का रेसीडेंसी परमिट कम से कम तीन महीने और पासपोर्ट कम से कम छह महीने के लिए वैध हो.

    हालांकि हज के सीज़न में इस वीज़ा से उमराह नहीं करने दिया जाएगा.

  3. अमेरिका ने भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत शुरू करने को लेकर क्या कहा

    अमेरिका

    अमेरिका ने कहा है कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच रचनात्मक और सार्थक बातचीत का समर्थन करता है लेकिन इस बातचीत का तरीक़ा क्या होगा ये भारत और पाकिस्तान तय करें.

    अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने एक सवाल के जवाब में भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत के लिए अमेरिका की किसी भी भूमिका से इनकार किया.

    प्राइस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "ये इन देशों का लिया जाने वाला निर्णय हैं. यदि वे अमेरिका के लिए विशेष भूमिका पर सहमत होते हैं, तो अमेरिका दोनों देशों के भागीदार के रूप में उस प्रक्रिया का समर्थन करने के लिए तैयार है, ये हम ज़िम्मेदारी से कर सकते हैं."

    इस पर पत्रकार ने सवाल किया कि “विश्लेषकों का मानना ​​है कि अमेरिका के पास दोनों भागीदारों के बीच मध्यस्थता करने की शक्ति और अधिकार है. पाकिस्तान और भारत आपके सहयोगी हैं, तो आप मध्यस्थता क्यों नहीं करते?”

    इस सवाल के जवाब में नेड प्राइस ने कहा, “ये काम अमेरिका का नहीं है कि वह तय करे कि भारत और पाकिस्तान एक दूसरे से कैसे जुड़ना चाहते हैं. हम दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष को हल करने के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच रचनात्मक बातचीत, सार्थक कूटनीति का समर्थन करते हैं.”

  4. विदेश में संसद के ख़िलाफ़ बयानबाज़ी नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते- धनखड़

    जगदीप धनख

    उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा.

    धनखड़ ने कहा, ''एक सासंद का विदेशी धरती से देश की संसद को लेकर अपमानजनक बातें करना और कहना कि भारतीय संसद में माइक बंद कर दिया जाता है, इसे माफ़ नहीं किया जा सकता.''

    राहुल गांधी का नाम लिए बिना उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा, “जब दुनिया एक लोकतंत्र के रूप में हमारी ऐतिहासिक उपलब्धियों की सराहना कर रही है, कुछ सांसद हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों का बिना सोचे समझे अपमान करने में लगे हुए हैं. हम एक तथ्यात्मक रूप से ग़लत और बेवकूफ़ी को कैसे सही ठहरा सकते हैं?”

    उपराष्ट्रपति ने ये बात कर्ण सिंह की किताब 'मुंडक उपनिषद' के विमोचन कार्यक्रम में कही.

    धनखड़ ने कहा, “ये बयान कि संसद में माइक बंद कर दिए जाते हैं इसे हम कैसे मान सकते हैं. लोग ऐसा कैसे कह सकते हैं? केवल इमरजेंसी के दौरान ही ऐसा कुछ हमने देखा है लेकिन तब से अब तक हमारा लोकतंत्र काफ़ी परिपक्व हो चुका है.”

    “कोई भी राजनीतिक रणनीति हमारे राष्ट्रवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों से समझौता करने को सही नहीं ठहरा सकती.”

    ब्रिटेन दौरे पर गए राहुल गांधी ने एक कार्यक्रम में कहा था- संसद में बहस के दौरान हमारे माइक ऑफ कर दिए जाते हैं.

    राहुल के इस बयान पर बीजेपी नेताओं ने पलटवार किया था और आरोप लगाया था कि वो विदेशी धरती में जाकर भारत का अपमान करते हैं.

  5. जर्मनी के हैम्बर्ग शहर में गोलीबारी, कई लोगों की मौत

    हैम्बर्ग

    उत्तरी जर्मनी के हैम्बर्ग शहर में स्थित यहोवा विटनेस के एक मीटिंग हॉल में हुई गोलीबारी में कई लोग मारे गए हैं. मरने वालों की सटीक संख्या सामने नहीं आई है.

    यहोवा विटनेस एक ईसाई-आधारित धार्मिक आंदोलन से जुड़ा संप्रदाय है. 19वीं सदी में अमेरिका में इस संप्रदाय की स्थापना की गई थी.

    पुलिस का कहना है कि ‘माना जा रहा है बंदूकधारी की मौत हो गई है. हालांकि अब तक ये साफ़ नहीं है कि जर्मन स्थानीय मीडिया इस हादसे में मारे गए जिन छह-सात लोगों की पुष्टि कर रहा है, उसमें बंदूकधारी शामिल है या नहीं.

    पुलिस का कहना है कि “गोलीबारी करने के पीछे बंदूकधारी की मंशा क्या थी इसे लेकर कोई सही जानकारी नहीं है.”

    इसके अलावा ग्रॉस बोरस्टेल ज़िले के डीलबॉज स्ट्रीट पर हुई गोलीबारी में भी कई लोग घायल हुए हैं.

    पुलिस प्रवक्ता होल्गर वेहरेन ने कहा कि पुलिस को 21:15 (स्थानीय समयानुसार) के आसपास जानकारी दी गई कि मीटिंग हॉल की इमारत में गोली चली है.

    उन्होंने बताया कि जो अधिकारी मौक़े पर पहुंचे उन्होंने पाया कि "कुछ लोग फ़ायर आर्म से गंभीर रूप से घायल थे और ज़मीन पर पड़े हुए थे, उनमें से कुछ की हालत बेहद नाज़ुक थी.”

    “इसके बाद हमें इमारत के ऊपरी हिस्से से गोली चलने की आवाज़ आई जब हम वहां पहुंचे तो हमें एक व्यक्ति की लाश मिली. अब तक इस बात के संकेत नहीं मिले हैं कि अपराधी घटनास्थल से बच निकला है.”

    वेहरेन ने कहा, “हमें अब तक ये पता है कि कई लोग इस हादसे में मारे गए हैं, कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया है.”

    आस-पास के इलाकों में रहने वालों को कहा गया था कि वह घर से बाहर ना निकलें. जो फ़ुटेज सामने आई है उसमें पुलिस लोगों को मीटिंग हॉल से बाहर ले जाती नज़र आ रही है.

    हैम्बर्ग के आंतरिक मामलों के मंत्री एंडी ग्रोटे ने ट्विटर पर लिखा, “घटनास्थल पर पुलिस विशेष बल और बड़ी संख्या में अधिकारियों को तैनात किया गया है.”

    पुलिस ने जनता से सुनी-सुनाई बातें और अफ़वाह ना फैलाने की अपील की है.

  6. नमस्कार!

    बीबीसी हिंदी के लाइव पेज में आपका स्वागत है. ये लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध रहेगा.

    9 मार्च के अपडेट्स के लिए आपयहाँ क्लिककर सकते हैं.