ऊर्जा संकट से निपटने के लिए यूरोप क्या कर रहा है?

यूरोपीय संघ ने तेल-गैस और कोयले के बढ़ते दामों से निपटने के लिए क़दम उठाए हैं. तेल-गैस और कोयले की बढ़ती कीमतों का प्रभाव उद्योग-धंधों पर पड़ रहा है. आम लोगों के लिए घरों में लगे हीटिंग सिस्टम को चलाना मंहगा पड़ रहा है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे, पवन सिंह अतुल and विभुराज

  1. वीडियो: पाकिस्तान में बेकाबू महंगाई, मंत्री ने दी कम खाने की सलाह

    वीडियो कैप्शन, पाकिस्तान में महंगाई बेकाबू, मंत्री ने दी कम खाने की सलाह

    पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान मामलों के संघीय मंत्री अली अमीन गंडापुर ने बढ़ती महंगाई की वजह से पाकिस्तान के लोगों को 'चाय में कम चीनी डालने और रोटी कम खाने' की सलाह दी है.

    वह पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में एक सभा को संबोधित कर रहे थे.

    इसी दौरान उन्होंने महंगाई पर होने वाली बहस पर टिप्पणी करते हुए कहा, "अगर मैं चाय में चीनी के सौ दाने डालता हूँ और नौ दाने कम डाल दूं, तो क्या वह कम मीठी हो जाएगी."

    उन्होंने कहा, "क्या हम अपने देश के लिए, अपनी आत्मनिर्भरता के लिए इतनी सी क़ुर्बानी भी नहीं दे सकते? अगर मैं रोटी के सौ निवाले खाता हूँ तो उसमे नौ निवाले कम नहीं कर सकता हूँ?''

  2. जैक मा: महीनों बाद हॉन्ग कॉन्ग में नज़र आए चीन के अरबपति कारोबारी

    जैक मा

    महीनों तक लोगों की निगाहों से लगभग ‘ओझल’ रहने के बाद चीन के अरबपति कारोबारी जैक मा आख़िरकार हॉन्ग कॉन्ग में नज़र आए.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार उन्होंने यहां कुछ कारोबारी सहयोगियों से खाने पर मुलाकात की.

    पिछले साल अक्टूबर में चीन सरकार की नीतियों की आलोचना करने के बाद जैक मा महीनों तक ‘ग़ायब’ रहे थे. हालाँकि इसके बाद वो जनवरी में नज़र आए थे.

    मगर अक्टूबर वाली घटना के बाद अलीबाबा के संस्थापक जैक मा बहुत कम ही मौकों पर सार्वजनिक रूप से लोगों के सामने आए.

    शी जिनपिंग

    चीनी अधिकारियों के ग़ुस्से का शिकार बने

    अक्टूबर 2020 में जैक मा ने अपने भाषण में चीन की नियामक प्रणाली पर सवाल उठाए थे.

    इसकी वजह से उन्हें चीनी अधिकारियों के ग़ुस्से का सामना करना पड़ा था.

    इतना ही नहीं उनके एंट ग्रुप फ़िनटेक आर्म के 37 अरब डॉलर के आईपीओ को निलंबित भी कर दिया गया था.

    जैक मा

    अब कम ही नज़र आते हैं जैक मा

    अक्टूबर के भाषण के बाद सेचीनी नियामकों ने अक्टूबर में उनके भाषण के बाद से जैक मा के कारोबार पर नज़रें टेढ़ी की थीं और अलीबाबा के ख़िलाफ़ एंटी-ट्रस्ट जाँच शुरू कर दी थी.

    यही नहीं, उन्होंने एंट को क़र्ज़ देने के अपने मुख्य कारोबार को इसके ऑनलाइन पेमेंट डिविज़न से अलग करने का भी आदेश दिया था.

    एक समय में चीन के सबसे मुखर कारोबारियों में शुमार जैक मा अब महीनों तक लोगों की नज़रों में नहीं आते और न ही सार्वजनिक तौर पर कोई बयान देते हैं.

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