सत्य निकेतन हादसा: ढही इमारत से सटी दूसरी बिल्डिंग को गिराने का काम शुरू

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दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने गुरुवार को राजधानी दिल्ली के सभी 12 ज़ोन में ख़तरनाक इमारतों, अवैध निर्माण और भवन नियमों के उल्लंघन के ख़िलाफ़ कार्रवाई की है.
यह कार्रवाई सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने की घटना के कुछ दिन बाद तेज़ की गई है. इस बिल्डिंग में छात्रों के लिए पीजी चलता था. इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी और पाँच लोग घायल हुए थे.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के अनुसार, लक्ष्मी नगर, जगतपुरी और पांडव नगर समेत कई इलाक़ों में एमसीडी की टीमों ने भवन नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की. निगम की ओर से अवैध और असुरक्षित निर्माण को चिन्हित कर उन्हें हटाने की कार्रवाई की जा रही है.
पिछले दो से तीन दिनों के दौरान एमसीडी ने विश्वास नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग़, तिलक नगर, करमपुरा, करोल बाग़, रमेश नगर, मानसरोवर गार्डन, चांदनी चौक और नेहरू विहार में भी कार्रवाई की है. अधिकारियों के मुताबिक़, इन इलाक़ों में अभियान आगे भी जारी रहने की उम्मीद है.
सत्य निकेतन में भी नियंत्रित तरीक़े से तोड़फोड़
इस बीच, एमसीडी ने सत्य निकेतन में ढही इमारत से सटी दूसरी इमारत को भी नियंत्रित तरीक़े से गिराने का काम दोबारा शुरू कर दिया है. अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इमारत को नियंत्रित तरीक़े से ध्वस्त किया जा रहा है.
हादसे के बाद शुरू किए गए सेफ़्टी असेसमेंट एक्सरसाइज़ के तहत एमसीडी ने 7 से 9 सितंबर के बीच दिल्ली में 1,252 पीजी इमारतों का सर्वे किया. इस दौरान भवनों की स्थिति और सुरक्षा मानकों का आकलन किया गया.
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक़, 1 जून से 9 सितंबर के बीच एमसीडी ने शहरभर में अभियान के तहत 1,053 तोड़फोड़ की कार्रवाई की.
इसके अलावा 491 संपत्तियों को सील किया गया, जबकि नियमों के उल्लंघन के संबंध में 2,316 कारण बताओ नोटिस और 757 तोड़फोड़ नोटिस जारी किए गए हैं.















