आईआरजीसी ने कहा- 'वर्षों युद्ध चले तो भी आख़िर तक मिसाइलें दागता रहेगा ईरान'
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इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) के प्रमुख कमांडर के एक वरिष्ठ सलाहकार ने कहा कि ईरान पर हाल में थोपा गया युद्ध यह दिखाता है कि अमेरिकी सेना उतनी मजबूत नहीं है, जितना ईरान उसे पहले समझता था.
उन्होंने कहा कि अगर यह संघर्ष कई वर्षों तक भी चलता है, तब भी इस्लामिक रिपब्लिक अपने दुश्मनों के ठिकानों पर मिसाइलें दागता रहेगा.
ईरान की अर्द्धसकारी फ़ार्स न्यूज के मुताबि़क अमेरिकी प्रसारक पीबीएस को दिए एक इंटरव्यू में आईआरजीसी के एक प्रमुख कमांडर के वरिष्ठ सलाहकार मोहम्मद रज़ा नक़दी ने कहा कि पिछले पांच महीनों में ईरान को अमेरिकी सेना की क्षमताओं की पहले से कहीं ज्यादा साफ़ तस्वीर मिली है.
उन्होंने कहा, "इन पांच महीनों में हमने यह भी देखा है कि अमेरिकी सेना उतनी मजबूत नहीं है, जितना हमने समझा था."
नक़दी ने जोर देकर कहा कि ईरान ने यह युद्ध जीत लिया है. उन्होंने कहा कि युद्ध जितना लंबा चलेगा, ईरान को उतना ही अधिक अनुभव मिलेगा.
उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से जीत हमारी तरफ है, क्योंकि अमेरिका के दो मुख्य उद्देश्यों को नाकाम कर दिया गया है. नेतृत्व को सत्ता से हटाना और ईरान को विभाजित करना."
उत्तराखंड: चमोली में टीएचडीसी के निर्माणाधीन टनल में पानी और मलबा घुसा, 16 लोग सुरक्षित निकाले गए, आसिफ़ अली, देहरादून से बीबीसी हिन्दी के लिए
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उत्तराखंड के चमोली ज़िले में मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी के निर्माणाधीन टनल में पानी और मलबा भरने के बाद रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है.
जिला प्रशासन के मुताबिक़, गुरुवार शाम करीब 7:05 बजे टनल में पानी और मलबा भरने की सूचना मिली थी.
शुरुआती जानकारी में टनल में काम कर रहे 18 से 19 लोगों के फंसे होने की बात सामने आई थी.
प्रशासन की ओर से जारी दूसरे अपडेट के मुताबिक़,अब तक 16 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. बाकी लोगों की तलाश और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अभियान जारी है.
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घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, सीआईएसएफ और डीआईआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू अभियान शुरू किया.
इसके बाद एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और सेना की टीमें भी घटनास्थल के लिए रवाना की गईं.
जिलाधिकारी गौरव कुमार भी मौके पर पहुंचे हैं और राहत और बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं.
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प्रशासन के मुताबिक़, टनल में फंसे लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीमें लगातार काम कर रही हैं. टनल का निर्माण एचसीसी कंपनी की ओर से किया जा रहा था.
प्रशासन ने घटनास्थल पर आवश्यक संसाधन जुटाए हैं और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.
इस बीच, उत्तराखंड के सीएम दफ़्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ‘’सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चमोली के पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी टनल के भीतर मलबा एवं पानी आने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं.
''मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ़ और एसडीआरएफ़ की टीमों को तत्काल घटनास्थल पर भेज दिया गया है. जिला प्रशासन सहित सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को को-ऑर्ड़िनेशन के साथ तुरंत राहत और बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं.''
''मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वो खुद सीनियर अधिकारियों से निरंतर संपर्क में हैं और स्थिति की पल-पल की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं.उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है और इस दिशा में सभी जरूरी संसाधन लगाए गए हैं.''
कार्टून: सिग्नल पर तिरंगा
इमेज कैप्शन, हर घर तिरंगा अभियान पर आज का कार्टून
बार काउंसिल ने नालसार के 2026 बैच पर फ़ैसला बदला, पहले क्या कहा था
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इमेज कैप्शन, नालसर यूनिवर्सिटी के कुछ स्टूडेंट्स ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों पर मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणियों के विरोध में उन्हें दीक्षांत समारोह में आमंत्रित करने का विरोध किया था
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने हैदराबाद स्थित नेशनल एकेडमी ऑफ़ लीगल स्टडीज़ एंड रिसर्च (नालसार) लॉ यूनिवर्सिटी के 2026 बैच के ग्रेजुएट्स की एनरोलमेंट पर रोक लगाने के अपने फ़ैसले को वापस ले लिया.
इससे पहले बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने देश के सभी राज्यों की बार काउंसिल को निर्देश दिया था कि वो 2026 में हैदराबाद की एनएएलएसएआर (नालसर) लॉ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हुए स्टूडेंट्स को अगले आदेश तक वकील के तौर पर एनरॉल न करें.
क़ानूनी ख़बरों और विश्लेषणों की वेबसाइट्स लाइव लॉ और बार एंड बेंच ने ये ख़बर दी थी.
इसके साथ ही इसने यूनिवर्सिटी से भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की दीक्षांत समारोह में भागीदारी का विरोध करने वाले अभियान में शामिल लोगों के बारे में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी थी.
पिछले सप्ताह ऐसी खबरें आई थीं कि पास आउट होने वाले नालसर यूनिवर्सिटी के कुछ स्टूडेंट्स ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों पर मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणियों के विरोध में उन्हें दीक्षांत समारोह में आमंत्रित करने का विरोध किया था.
स्टूडेंट्स के इस अभियान पर आपत्ति जताते हुए, बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने एनएएलएसएआर के कुलपति से तीन दिनों के भीतर एक प्रामाणिक रिपोर्ट पेश करने को कहा था, जिसमें उन व्यक्तियों की पहचान करने की बात की गई थी जिन्होंने ये अभियान शुरू किया था.
संसद का मानसून सत्र: कौन- किस पर पड़ा भारी? 13 अगस्त, 2026 | दिनभर (बीबीसी हिन्दी)
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बांग्लादेश के पीएम तारिक़ रहमान के भारत दौरे को लेकर बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने क्या बताया
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बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री तारिक़ रहमान की भारत यात्रा दोनों देशों के बीच वार्ता की प्रगति पर निर्भर करेगी.
बीबीसी की बांग्ला सेवा के मुताबिक़, भारत ने तारिक़ रहमान को अपने यहां आने का निमंत्रण दिया है.
बीबीसी की बांग्ला सेवा के मुताबिक़, बांग्लादेश के विदेश मामलों की राज्य मंत्री शमा आबिद इस्लाम ने कहा, ''प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के बारे में बातचीत चल रही है. भारत यात्रा समेत किसी भी यात्रा को अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है.''
उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री इस समय कई राजनीतिक और संवैधानिक कार्यक्रमों के कारण काफ़ी व्यस्त हैं. अभी तक किसी भी यात्रा को अंतिम रूप नहीं दिया गया है. यदि सब कुछ ठीक रहा तो यात्रा होगी. यह प्रधानमंत्री के समय और दोनों देशों के बीच वार्ता की प्रगति पर निर्भर करेगा."
भारत यात्रा के संबंध में उन्होंने कहा, "जब दो देशों के राष्ट्राध्यक्ष बातचीत करते हैं और द्विपक्षीय वार्ता करते हैं, तो कई समस्याओं को हल करने का अवसर मिलता है. वह अवसर मौजूद है और बना रहेगा."
उन्होंने कहा, "भारत को भी इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए."
पुतिन की कुरील द्वीप की यात्रा पर जापान नाराज़, जापानी पीएम ताकाइची ने क्या कहा, कोह ईवे और कुरुमी मोरी, टोक्यो संवाददाता
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इमेज कैप्शन, जापान में इतुरुप द्वीप को एतोरोफू के नाम से जाना जाता है
जापान की प्रधानमंत्री सनाय ताकाइची ने गुरुवार को व्लादिमीर पुतिन की कुरील द्वीप समूह की पहली यात्रा पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
रूसी सरकारी मीडिया के मुताबिक़, पुतिन ने इतुरुप द्वीप का दौरा किया था जिसे जापान एतोरोफू कहता है.
यह कुरील द्वीप समूह के उन चार द्वीपों में शामिल है, जिन पर रूस और जापान दोनों अपना दावा करते हैं.
ताकाइची ने पत्रकारों से कहा कि पुतिन की यात्रा से "रूस के प्रति जापानी लोगों की भावनाएं और खराब हुई हैं."
उन्होंने कहा कि ये द्वीप "ऐतिहासिक रूप से और अंतरराष्ट्रीय क़ानून के तहत जापान का विशिष्ट क्षेत्र" हैं.
कुरील द्वीपों को लेकर दोनों देशों के बीच दशकों से विवाद चला आ रहा है. यही वजह है कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद रूस और जापान के बीच अब तक शांति संधि नहीं हो सकी है.
कुरील द्वीप समूह जापान के उत्तरी द्वीप होक्काइडो और रूस के कामचटका प्रायद्वीप के बीच स्थित है. इसके सबसे दक्षिणी चार द्वीपों पर जापान अपना दावा करता है और उन्हें 'उत्तरी क्षेत्र' कहता है.
इन द्वीपों पर फिलहाल रूस का प्रशासन है. द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में सोवियत संघ ने इस द्वीप समूह पर कब्ज़ा कर लिया था और क़रीब 17,000 जापानी निवासियों को वहां से निर्वासित कर दिया था.
रूसी सरकारी मीडिया के मुताबिक़, यात्रा के दौरान पुतिन ने मछली के अंडों से बने व्यंजन का स्वाद लिया और द्वीप के स्थानीय लोगों से बातचीत की.
गुरुवार को प्रधानमंत्री कार्यालय से ताकाइची ने कहा कि पुतिन की यात्रा "जापानी लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाती है" और "उत्तरी क्षेत्रों को लेकर जापान के लगातार चले आ रहे रुख़ के अनुरूप नहीं है."
पाकिस्तान और सऊदी अरब के साथ अब सैन्य अभ्यास करेगा तुर्की
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तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने अंकारा में साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा है कि सऊदी अरब और पाकिस्तान के साथ समझौते का मुख्य मक़सद रक्षा और सैन्य संबंधों को ज्यादा ‘संस्थागत और टिकाऊ’ आधार देना है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ मंत्रालय ने कहा, "समझौते के तहत रक्षा मंत्रियों, विदेश मंत्रियों, थल सेना प्रमुखों और सशस्त्र बलों के कमांडरों को शामिल किया गया है. इसे रणनीतिक राजनीतिक और सैन्य तंत्र में तब्दील किया जाएगा. तीनों देशों के बीच सर्वोच्च स्तर पर को-ऑर्डिनेशन होगा. ‘’
मंत्रालय ने बताया कि तीनों देशों की थल सेना, नौसेना और वायु सेना के साथ-साथ वायु रक्षा और ड्रोन जैसी मानवरहित प्रणालियों को शामिल करके संयुक्त सैन्य अभ्यास किया जाएगा.
इसके अलावा तीनों देशों के बीच रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग को और मजबूत किया जाएगा.
तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच पिछले सप्ताह रक्षा और सामरिक समझौता हुआ था. इसके मुताबिक़ एक देश पर हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा
बिहार: भरत तिवारी एनकाउंटर केस में परिजन को नौकरी मिलेगी
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बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि सरकार पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता देगी. इसके अलावा उनके एक परिजन को सरकारी नौकरी दी जाएगी.
सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है.
उन्होंने लिखा, ''न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर बिहार सरकार द्वारा दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता एवं एक परिजन को सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी.''
बिहार के भोजपुर जिले के बिलौती गांव के रहने वाले भरत तिवारी की 17 जून को कथित पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी.
घटना के बाद पूरे इलाके में विवाद हो गया था. भरत तिवारी के परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दावा किया था कि उन्होंने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था और अपना हथियार रख दिया था. इसके बावजूद पुलिस ने उनपर गोली चलाई
मामले को लेकर बढ़ते विवाद के बाद सरकार ने इस मामले में न्यायिक जांच के आदेश दिए थे.
खड़गे की रैली के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ पर बोले नड्डा-मुद्दे का राजनीतिकरण न करें
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केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ कथित भेदभाव के मामले की जांच कराई जाएगी.
जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा, "यह बेहद दुखद घटना है, सिर्फ कांग्रेस के लिए नहीं, बल्कि हम सभी के लिए. बीजेपी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती. हम इसकी जांच करेंगे और मैं इस घटना की निंदा करता हूं."
उन्होंने कहा, ''जो बात कही गई है. उसके मुझे दुख है.हमने बार-बार कहा है कि गलत हुआ है. लेकिन बार-बार कहा जा रहा है तुम ऐसा करते हो. हम ये कह रहे हैं इसे सनसनीखेज न बनाया जाए. इसका राजनीतिकरण न हो. जब हम आपकी संवेदना का सम्मान करते हैं तो मेरा भी कहना है कि आप इसका राजनीतिकरण नहीं कीजिए. ये चिंता का विषय है.''
यह बयान उत्तराखंड के हल्द्वानी में खड़गे की रैली के बाद हुए कथित 'शुद्धिकरण' को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया है.
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हल्द्वानी में कांग्रेस की रैली के बाद रामलीला मैदान में हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ हवन को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कड़ी नाराजगी जताई थी.
उन्होंने कहा था कि वह इस मुद्दे को राजनीतिक नहीं बनाना चाहते, लेकिन जिस तरह उनके कार्यक्रम के बाद ‘शुद्धिकरण’ किया गया, वह उनके लिए अपमानजनक है.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में बोलते हुए कहा, "मैं इस मुद्दे को राजनीतिक नहीं बनाना चाहता. मैं इस सदन में कई सालों से हूं. मैं अनुसूचित जाति से आता हूं और दलित हूं. ये बोल कर मैंने आज तक किसी के सामने यह नहीं कहा कि मेरी मदद करो या मेरी रक्षा करो. मुझमें लड़ने की ताकत है और मैं लड़ता भी हूं. लेकिन आप मुझे अछूत की तरह मानकर, शुद्धिकरण करते हैं और मेरा अपमान करते हैं."
होर्मुज़ को लेकर ट्रंप के दावे पर ईरान बोला- 'फ़ेक ख़ुफ़िया जानकारी, फ़ेक न्यूज़ से भी बदतर'
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इमेज कैप्शन, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागच़ी ने अमेरिका पर ख़ुफ़िया जानकारी के मामले में नाकाम बनाया है
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराग़ची ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे का जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका का होमुर्ज़ स्ट्रेट पर पूरा नियंत्रण है.
उन्होंने कहा कि अमेरिका बार-बार खुफ़िया जानकारी के मामले में नाकाम साबित हो रहा है. अराग़ची ने कहा कि रणनीतिक जलमार्गों को लेकर अमेरिका बड़ी 'ग़लतफहमी' का शिकार है.
अराग़ची ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''अमेरिका गलत ख़ुफ़िया जानकारी की वजह से लंबे वक़्त से ग़लतियां करता आ रहा है. उदाहरण के तौर पर ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध सामने है. अब होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर इससे भी बड़ी ग़लती उससे हो रही है. फ़ेक न्यूज़ से ख़राब है फे़क ख़ुफ़िया जानकारी. सावधान रहें.''
कुछ दिनों पहले ट्रंप ने दावा किया था कि होर्मुज़ स्ट्रेट पर अमेरिका का पूर्ण नियंत्रण है और वो इसे बनाए रखेगा.
उन्होंने कहा था कि होर्मुज़ क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की तैनाती 'स्टील की दीवार' है. ईरान के पास इसका मुक़ाबला करने की क्षमता नहीं है.
आय से अधिक संपत्ति मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे राहुल गांधी
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उन आदेशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें राहुल गांधी की संपत्ति के मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराए जाने का निर्देश दिया गया था.
क़ानूनी ख़बरों और विश्लेषणों की दो वेबसाइटों लाइव लॉ और बार एंड बेंच के मुताबिक़, कांग्रेस नेता ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उन आदेशों के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट का रुख़ किया है, जिनमें कर्नाटक के बीजेपी कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर की ओर से की गई शिकायत में लगाए गए आरोपों की सीबीआई और ईडी से जांच कराने को कहा गया था.
हाई कोर्ट ने इस साल मई महीने में दिए अपने आदेश में कहा था कि अगर याचिकाकर्ता की शिकायत मिली है, तो उसमें लगाए गए आरोपों का क़ानून के मुताबिक़ सत्यापन किया जा सकता है.
अदालत ने यह भी कहा था कि सीबीआई या ईडी क़ानून के तहत उचित कदम उठा सकती हैं.
कब़्जे वाले वेस्ट बैंक में फ़लस्तीनी परिवारों को घेरने का मुद्दा गहराया, इसराइल और सैनिक करेगा तैनात, योलांद नेल, मध्य पूर्व संवाददाता, यरूशलम
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इमेज कैप्शन, कब्जे वाले वेस्ट बैंक के कुसरा गांव बुधवार को तैनात इसराइली सैनिक
इसराइली सेना का कहना है कि वह कब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में अतिरिक्त सैनिक तैनात करेगी.
इसराइली सैटलर्स को वहां से हटाने में नाकाम रहने के बाद ये फ़ैसला किया गया है.
इन लोगों ने रविवार से दो फ़लीस्तीनी परिवारों को उनके घरों में घेर रखा है.
अबू रिदी और हसन परिवार नैब्लुस के दक्षिण में कुसरा गांव के बाहरी इलाके में रहते हैं.
दोनों परिवारों ने मदद की अपील की थी, क्योंकि उनका पानी और बिजली की सप्लाई काट दी गई है और घर में रखा खाना भी कम पड़ने लगा है.
इस मामले के बाद पूरी दुनिया की निगाह इस बात पर गई है कि इस इलाक़े में बसे इसराइलियों को तुलनात्मक तौर पर छूट मिली हुई है.
साथ ही सैटलर्स की बढ़ती हिंसा से निपटने मे किस तरह इसराइली बलों को मुश्किल आ रही है.
असम-अरुणाचल सीमा पर फिर भिड़े प्रदर्शनकारी, हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा- बॉर्डर दिलों को नहीं बांट सकती
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इमेज कैप्शन, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दोनों राज्यों के लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की (फ़ाइल फ़ोटो)
असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर एक बार फिर तनाव की स्थिति पैदा हो गई है. गुरुवार को असम के धेमाजी ज़िले में दोनों राज्यों के प्रदर्शनकारियों के बीच ताज़ा झड़प की ख़बर सामने आई है.
स्थिति को काबू में करने के लिए अरुणाचल प्रदेश पुलिस को कथित तौर पर हवा में फ़ायरिंग करनी पड़ी.
इस बीच, अरुणाचल प्रदेश के ख़िलाफ़ जारी अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी दूसरे दिन भी जारी रही.
घटना के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दोनों राज्यों के लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की.
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच का रिश्ता सीमाओं से कहीं आगे का है. पीढ़ियों से यहां के लोग प्यार, स्नेह और आपसी सम्मान के बंधन में बंधकर भाई-बहन की तरह रहते आए हैं."
सीएम सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "मैं असम और अरुणाचल के लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील करता हूं. सीमाएं हमारे राज्यों को भले ही परिभाषित करती हों, लेकिन वे हमारे दिलों को कभी अलग नहीं कर सकतीं."
सीमा विवाद को लेकर दोनों राज्यों के बीच पहले भी तनाव की स्थिति बनती रही है.
ताज़ा झड़प और आर्थिक नाकेबंदी के कारण सीमावर्ती इलाकों में तनाव बढ़ गया है. प्रशासन की ओर से हालात पर नज़र रखी जा रही है.
अब मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को इजाज़त दीजिए. अब से रात दस बजे तक बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
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दुनिया का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट बना इंचियोन, पहली बार अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के मामले में नंबर-1
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इमेज कैप्शन, यह इंचियोन इंटरनेशनल एयरपोर्ट दक्षिण कोरिया का मुख्य प्रवेश द्वार है
दक्षिण कोरिया का इंचियोन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहली बार दुनिया का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट बन गया है. शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, इस साल के पहले छह महीनों में इंचियोन एयरपोर्ट से 3.84 करोड़ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों ने सफर किया.
एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल (एसीआई) के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, इस सूची में लंदन का हीथ्रो एयरपोर्ट 3.779 करोड़ यात्रियों के साथ दूसरे और सिंगापुर का चांगी एयरपोर्ट 3.453 करोड़ यात्रियों के साथ तीसरे स्थान पर रहा.
इंचियोन एयरपोर्ट की इस बढ़त की एक बड़ी वजह मध्य पूर्व में चल रहा अमेरिका-ईरान संघर्ष भी माना जा रहा है.
एयरपोर्ट प्रबंधन के मुताबिक, संघर्ष के चलते मध्य पूर्व के प्रमुख एविएशन हब से कुछ यात्रियों ने अपने रूट बदल दिए और यूरोप जाने के लिए इंचियोन के रास्ते यात्रा करना शुरू किया.
दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जो 2024 और 2025 की पूरे साल की रैंकिंग में दूसरे स्थान पर रहा था, इस बार शीर्ष पांच से बाहर हो सकता है.
वहीं, लंदन का हीथ्रो 2024 में पांचवें और 2025 में सातवें स्थान पर था. इंचियोन की रैंकिंग इन दोनों वर्षों में क्रमशः 12वीं और 13वीं रही थी.
इंचियोन एयरपोर्ट कॉरपोरेशन के मुताबिक, पिछले साल की समान अवधि की तुलना में ट्रांजिट यात्रियों की संख्या में 18 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इनमें कई ऐसे यात्री हैं, जो पहले यूरोप जाते समय दुबई के रास्ते कनेक्टिंग फ्लाइट लेते थे, लेकिन अब इंचियोन के जरिए यात्रा कर रहे हैं.
एयरपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, इंचियोन से ट्रांजिट करने वाले और यूरोप को अंतिम गंतव्य बनाने वाले यात्रियों की संख्या 63.2 फीसदी बढ़कर 2.10 लाख हो गई है. मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने वैश्विक हवाई यातायात के रूट और यात्रियों की पसंद पर भी असर डाला है.
मानसून सत्र में 12 विधेयक पास, लेकिन बहस और चर्चा के मामले में संसद की उत्पादकता कम रही: किरेन रिजिजू
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इमेज कैप्शन, रिजिजू ने बताया कि लोकसभा में सिर्फ एक विधेयक पर पूरी तरह चर्चा हो सकी (फ़ाइल फ़ोटो)
मानसून सत्र के समापन के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद के कामकाज का ब्योरा साझा किया.
उन्होंने कहा कि कामकाज के लिहाज से मानसून सत्र काफी सफल रहा और इस दौरान कुल 12 विधेयक पारित किए गए. हालांकि, बहस और चर्चा के लिहाज से सत्र उतना प्रभावी नहीं रहा.
रिजिजू ने कहा, "मानसून सत्र आज समाप्त हो गया. हम इसे दो नज़रिए से देखते हैं. कामकाज के लिहाज से यह बहुत सफल सत्र रहा, इस दौरान कुल 12 विधेयक पारित किए गए. लेकिन बहस और चर्चा के नजरिए से यह उतना सफल नहीं रहा. लोकसभा में निर्धारित कुल समय के मुकाबले सिर्फ 19 फीसदी उत्पादकता रही. वहीं राज्यसभा में उत्पादकता 39 फीसदी रही."
उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों की ओर से हंगामा और कई मौकों पर वॉकआउट किया गया, लेकिन एनडीए के ज़्यादातर सांसदों के साथ कुछ विपक्षी दलों के सांसदों ने भी सदन की बहस और चर्चा में हिस्सा लिया.
रिजिजू ने बताया कि लोकसभा में सिर्फ एक विधेयक पर पूरी तरह चर्चा हो सकी. यह विधेयक परीक्षाओं में पेपर लीक और अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों से संबंधित था.
उन्होंने कहा, “लोकसभा में सिर्फ एक विधेयक पर पूरी चर्चा हुई. यह परीक्षाओं में पेपर लीक और अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े मुद्दे पर था. इसी सत्र में ‘पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट’ पारित किया गया. इस कानून पर लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में चर्चा हुई."
रिजिजू के मुताबिक, सत्र में विधायी कामकाज पूरा हुआ, लेकिन विपक्ष के लगातार विरोध और हंगामे के कारण सदन में व्यापक बहस और चर्चा के लिए उपलब्ध समय का पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हो सका.
मानसून सत्र के आखिरी दिन हंगामे के बीच लोकसभा और राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
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इमेज कैप्शन, मानसून सत्र के आखिरी दिन बीजेपी और विपक्षी सांसदों ने एक-दूसरे के ख़िलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी की (फ़ाइल फ़ोटो)
मानसून सत्र के आखिरी दिन राज्यसभा और लोकसभा, दोनों की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई.
परंपरा के मुताबिक ‘वंदे मातरम्’ के गायन के बाद सदन की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी. विपक्षी सांसदों के लगातार विरोध और जोरदार नारेबाजी के बीच लोकसभा को स्थगित करना पड़ा.
सत्र के समापन के दौरान संसद परिसर के मकर द्वार पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा टकराव देखने को मिला. बीजेपी और विपक्षी सांसदों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी की.
बीजेपी सांसदों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया. सत्ता पक्ष का आरोप था कि कांग्रेस ने झारखंड में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन को लेकर कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया और राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रखी.
इसके जवाब में विपक्षी सांसदों की ओर से भी नारेबाजी की गई.
मल्लिकार्जुन खड़गे किस घटना का ज़िक्र करके बोले, 'मुझे अछूत मानकर किया शुद्धिकरण, यह मेरा अपमान'
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इमेज कैप्शन, मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रतिक्रिया दी(फ़ाइल फ़ोटो)
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस की रैली के बाद रामलीला मैदान में हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ हवन को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कड़ी नाराजगी जताई.
उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को राजनीतिक नहीं बनाना चाहते, लेकिन जिस तरह उनके कार्यक्रम के बाद ‘शुद्धिकरण’ किया गया, वह उनके लिए अपमानजनक है.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में बोलते हुए कहा, "मैं इस मुद्दे को राजनीतिक नहीं बनाना चाहता. मैं इस सदन में कई सालों से हूं. मैं अनुसूचित जाति से आता हूं और दलित हूं. ये बोल कर मैंने आज तक किसी के सामने यह नहीं कहा कि मेरी मदद करो या मेरी रक्षा करो. मुझमें लड़ने की ताकत है और मैं लड़ता भी हूं. लेकिन आप मुझे अछूत की तरह मानकर, शुद्धिकरण करते हैं और मेरा अपमान करते हैं."
इसके बाद खड़गे के बयान पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रतिक्रिया दी.
उन्होंने कहा कि बीजेपी इस तरह की किसी भी गतिविधि का समर्थन नहीं करती और इस घटना की जांच कराई जाएगी.
नड्डा ने कहा, “मैं पहले ही कह चुका हूं कि बीजेपी ऐसी किसी गतिविधि का समर्थन नहीं करती. यह हम सभी के लिए और पूरे देश के लिए दुख की बात है. हम इसकी जांच कराएंगे. लेकिन अगर खड़गे साहब कहते हैं कि ‘आप ऐसा करते हैं’, तो यह सही नहीं है.”
इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं. खड़गे ने जहां इसे अपने अपमान और दलित होने के कारण भेदभाव से जोड़कर सवाल उठाया, वहीं बीजेपी ने घटना से दूरी बनाते हुए जांच की बात कही है.