इमरान ख़ान की पार्टी के ख़िलाफ़ कार्रवाई, कई कार्यकर्ता गिरफ्तार

पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पूर्व विपक्षी नेता ख्वाजा फारूक अहमद समेत कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है.

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लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, दीपक मंडल

  1. पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान पर बरसाए बम, तालिबान ने किया दावा

    ज़बीहुल्लाह मुजाहिद
    इमेज कैप्शन, तालिबान शासन के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद (फ़ाइल फ़ोटो)

    अफ़ग़ानिस्तान के तालिबान शासन ने दावा किया है कि रविवार रात को पाकिस्तानी सेना ने कुनार और पक्तिका प्रांतों में आम लोगों के इलाक़ों पर बमबारी की है.

    तालिबान शासन के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने इस हमले की जानकारी देते हुए कहा कि उचित जवाब दिया जाएगा.

    ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "बीती रात पाकिस्तानी सेना ने अफ़ग़ानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में आम लोगों के इलाक़ों पर बमबारी की."

    "कुनार में एक महिला और दो पुरुष मारे गए, जबकि दो महिलाएं और दो पुरुष घायल हुए. ये सभी स्थानीय आम नागरिक हैं. पक्तिका में एक घर और एक स्थानीय दुकान पर बमबारी की गई, लेकिन किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है. हम इस हमले और ज़ुल्म की निंदा करते हैं और इसे अपराधों की दोहराई गई घटना मानते हैं."

    उन्होंने लिखा, "पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व ने अपने देश की अंदरूनी सुरक्षा की नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए एक बार फिर ऐसा अपराध किया है. इंशाअल्लाह! अफ़ग़ान के लोग इस हमले का उचित जवाब देंगे."

    पाकिस्तान की इस दावे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

    गौरतलब है कि इसी साल फ़रवरी में भी पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव और संघर्ष देखने को मिला था.

  2. पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री बोले- ऐसा हुआ तो एक लीटर तेल 1000 रुपये में भी मिलना मुश्किल

    अली परवेज़ मलिक
    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज़ मलिक (फ़ाइल फ़ोटो)

    यमन के हूती विद्रोहियों की बढ़ती गतिविधियों और सऊदी अरब के तेल संयंत्रों पर हमलों से पाकिस्तान के लिए तेल आयात करना और मुश्किल हो गया है.

    बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, इससे पहले होर्मुज़ स्ट्रेट से आवाजाही रुकने के कारण मुश्किलें पैदा हुई थीं.

    इस बीच पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज़ मलिक ने कहा है कि तेल की कमी होने की स्थिति में इसकी क़ीमत 1,000 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती है.

    लाहौर में रविवार को मीडिया से बातचीत के दौरान अली परवेज़ मलिक ने कहा, "अगर देश में तेल की कमी हुई, तो 1,000 रुपये प्रति लीटर की क़ीमत पर भी तेल मिलना मुश्किल हो सकता है."

    पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि तेल की कमी के कारण पाकिस्तान के पड़ोसी देशों में अव्यवस्था की स्थिति देखने को मिली है.

    उन्होंने कहा, "मेरी प्राथमिक ज़िम्मेदारी लोगों को इस संकट से बचाना है और हम अंत तक इसके लिए प्रयास करते रहेंगे."

    अली परवेज़ मलिक ने कहा, "मौजूदा संघर्ष कब ख़त्म होगा, यह स्पष्ट नहीं है. संघर्ष के कारण दुनियाभर में तेल की क़ीमतों में 80 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है, जबकि पाकिस्तान में क़ीमतों में क़रीब 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है."

    उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में तेल की क़ीमतों में कम बढ़ोतरी सरकार की कोशिशों की वजह से हुई है.

    (यहां रुपये का मतलब पाकिस्तानी रुपये से है)

  3. अमेरिकी कारोबारियों ने क्यों कहा- ये तो कोरोना से भी बुरा दौर

    डोनाल्ड ट्रंप
    इमेज कैप्शन, एक न्यूज़ रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका में कारोबारियों को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है (फ़ाइल फ़ोटो: डोनाल्ड ट्रंप)

    अमेरिका में गैसोलीन और डीज़ल की क़ीमतों में भारी बढ़ोतरी का असर अब उद्योगों और कृषि क्षेत्र पर भी दिखाई देने लगा है.

    अमेरिकी न्यूज़ आउटलेट सीएनएन की एक रिपोर्ट में अमेरिकी बिज़नेस ऑनर्स और किसानों से बातचीत के आधार पर बढ़ती ईंधन क़ीमतों के कारण पैदा हो रही चुनौतियों को सामने रखा गया है.

    रिपोर्ट में इंस्टीट्यूट फ़ॉर सप्लाई मैनेजमेंट के मासिक सर्वे का हवाला दिया गया है, जिसमें कई अधिकारियों और कारोबारियों ने मौजूदा परिस्थितियों की तुलना कोरोना महामारी के दौर से की.

    रिपोर्ट के अनुसार, कुछ कारोबारियों ने मौजूदा हालात को महामारी के दौर से भी अधिक चुनौतीपूर्ण बताया और कहा कि कोरोना का दौर मौजूदा परिस्थितियों की तुलना में बेहतर था.

    सीएनएन ने एक कॉफ़ी कारोबारी के हवाले से कहा कि परिवहन व्यवस्था में बाधा, कंटेनरों की कमी, लाल सागर की घटनाओं के कारण बढ़ी लागत और उर्वरकों की क़ीमतों में इज़ाफ़े ने कारोबार पर दबाव बढ़ा दिया है.

    सीएनएन के मुताबिक़, देश के अलग-अलग उद्योगों से जुड़े अमेरिकी कारोबारी भी ऐसी ही स्थिति का सामना कर रहे हैं.

  4. ट्रंप से बात होने के बाद बोले यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की- बहुत कुछ बदल सकता है

    वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की
    इमेज कैप्शन, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा कि ट्रंप न्यूयॉर्क में मिलने पर सहमत हुए हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने बताया है कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की है और वो न्यूयॉर्क में मिलने पर सहमत हुए हैं.

    ज़ेलेंस्की ने रविवार देर रात को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि ट्रंप से होने वाली बैठक बहुत कुछ बदल सकती है.

    ज़ेलेंस्की ने लिखा, "मैंने अभी राष्ट्रपति ट्रंप से बात की. यह एक अहम बातचीत थी और हमने कई मुद्दों पर बात की. हम न्यूयॉर्क में मिलने पर सहमत हुए हैं और यह बैठक बहुत कुछ बदल सकती है. बातचीत आगे बढ़ रही है."

    "मैंने राष्ट्रपति को स्टीव विटकॉफ़ और जेरेड कुशनर के किएव दौरे के लिए धन्यवाद दिया. हमने ज़रूरी बातों पर विस्तार से चर्चा की और उन्होंने यूक्रेन की स्थिति को ख़ुद देखा. शांति की कोशिश हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है."

    "हम अमेरिकी टीम के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और वास्तव में बड़े क़दम उठाने के लिए तैयार हैं."

    उन्होंने लिखा, "मैंने अमेरिकी राष्ट्रपति को लिंडसे ग्राहम बिल को क़ानून बनाने के लिए धन्यवाद दिया. हम सभी सहमत हैं कि शांति होनी चाहिए. यूक्रेन के साथ खड़े सभी लोगों का धन्यवाद!"

    दरअसल, लिंडसे ग्राहम बिल हाल ही में क़ानून बना है, जब डोनाल्ड ट्रंप के इस पर हस्ताक्षर हुए हैं. इससे पहले इसे अमेरिकी कांग्रेस (संसद) में पास किया गया.

    यह क़ानून अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस से कच्चा तेल या प्राकृतिक गैस ख़रीदने वाले शीर्ष पाँच देशों (जैसे भारत और चीन) पर 100% तक का भारी-भरकम आयात शुल्क (टैरिफ़) लगाने का अधिकार देता है.

  5. दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ के चुनाव नतीजों पर क्या बोले अखिलेश यादव

    अखिलेश यादव
    इमेज कैप्शन, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर घपला करके जीतने का आरोप लगाया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव नतीजों पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार देर रात प्रतिक्रिया दी है.

    अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने डीयू छात्रसंघ का चुनाव घपले से जीता है.

    अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "जेन ज़ी ने दिखा दिया है कि बीजेपी का विरोध इस हद तक था कि उन्हें दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ का चुनाव भी घपले से जीतना पड़ा."

    "जब निर्दलियों से दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी हार गई हो, तो उसकी हालत युवाओं के बीच कितनी जर्जर है ये कहने की ज़रूरत नहीं है. दरअसल, बीजेपी सारे पद हारी है. बीजेपी समर्थित प्रत्याशी झूठे सर्टिफ़िकेट से जीते हैं, सच्ची मतगणना से नहीं."

    उन्होंने लिखा, "बीजेपी के ऊपर अपनी नैतिक जीत अर्जित करने वाले विपक्ष के सभी प्रत्याशियों को हार्दिक बधाई. इसी अन्याय और भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ हम सबको एकजुट होना होगा तभी बदलाव आएगा."

    गौरतलब है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव नतीजों में तीन प्रमुख सीटों पर एबीवीपी और एक पर निर्दलीय विजयी रहे हैं.

    दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026 के विजेताओं की सूची इस प्रकार है-

    अध्यक्ष: यश डबास (एबीवीपी)

    उपाध्यक्ष: दीपांशु शौकीन (निर्दलीय)

    सचिव: रिया छावड़ी (एबीवीपी)

    संयुक्त सचिव: लक्ष्यराज चौधरी (एबीवीपी)

  6. 13 साल की चीनी लड़की ने एशियन गेम्स में बनाया नया रिकॉर्ड, इस स्पर्धा में जीता गोल्ड मेडल

    यू ज़िदी
    इमेज कैप्शन, चीन की 13 वर्षीय तैराक यू ज़िदी ने कहा कि वो अगली बार इससे भी बेहतर प्रदर्शन करेंगी

    चीन की 13 वर्षीय तैराक यू ज़िदी ने एशियन गेम्स के पहले दिन महिलाओं की 200 मीटर बटरफ़्लाई स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीत लिया.

    यू ज़िदी ने 2 मिनट 05.08 सेकंड के समय के साथ रेस पूरी की और इस दौरान एशियन गेम्स का नया रिकॉर्ड बनाया.

    यू ज़िदी का समय तीन साल पहले उनकी हमवतन तैराक झांग युफ़ेई के रिकॉर्ड से क़रीब आधा सेकंड बेहतर रहा. उन्होंने अपनी टीम की साथी चांग मोहान को तीन सेकंड से अधिक के अंतर से पीछे छोड़ते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया.

    गोल्ड मेडल जीतने के बाद यू ज़िदी ने अपने प्रदर्शन को "सिर्फ़ ठीक-ठाक" बताया. उन्होंने कहा कि उनकी बटरफ़्लाई तकनीक में अभी सुधार की गुंजाइश है.

    यू ज़िदी ने कहा, "मैं इससे भी तेज़ तैरना चाहती हूं. यहां मैंने अपने समय में 0.9 सेकंड का सुधार किया है और मुझे विश्वास है कि अगली बार मैं इससे बेहतर प्रदर्शन करूंगी."

    यू ज़िदी को 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए चीन की उभरती हुई तैराकों में गिना जा रहा है. एशियन गेम्स में वह अभी दो और व्यक्तिगत स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगी.

    इससे पहले यू ज़िदी ने 12 साल की उम्र में विश्व चैंपियनशिप में मेडल जीतकर सुर्ख़ियां बटोरी थीं. वह पिछले साल चीन की 4x200 मीटर फ़्रीस्टाइल रिले टीम का हिस्सा थीं, जिसने कांस्य पदक जीता था.

    इसके साथ ही वह विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली सबसे कम उम्र की तैराक बनी थीं.

  7. सीरिया के अलेप्पो में हथियार डिपो में कई धमाके, अब तक क्या-क्या जानकारी सामने आई

    धमाका
    इमेज कैप्शन, सीरियाई सरकारी टेलीविज़न अल-इख़बारिया समेत कई मीडिया संस्थानों ने इन धमाकों की जानकारी दी है (सांकेतिक तस्वीर)

    सीरिया के उत्तरी हिस्से में अलेप्पो प्रांत के अल-ऐस शहर में सोमवार सुबह कई धमाके हुए.

    सीरियाई सरकारी टेलीविज़न अल-इख़बारिया समेत कई मीडिया संस्थानों ने इन धमाकों की जानकारी दी है.

    बीबीसी फ़ारसी ने स्थानीय सूत्रों के हवाले से बताया, धमाके सीरियाई रक्षा मंत्रालय से जुड़े एक हथियार डिपो में हुए. घटना के बाद इलाक़े में स्थिति को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है.

    हालांकि, अब तक धमाकों में किसी के हताहत या घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

    कुछ स्थानीय सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों में इन धमाकों के पीछे इसराइली हवाई हमले की आशंका जताई गई है. हालांकि, बीबीसी इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है.

    इन रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि निशाना बनाया गया डिपो तुर्की के समर्थन वाले हथियारों को रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता था.