चीन ने कहा, मध्य पूर्व और फ़ारस की खाड़ी का इलाक़ा एक नाज़ुक मोड़ पर

बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने संबंधित पक्षों से जल्द से जल्द बातचीत पर लौटने की अपील की.

सारांश

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  • ये घटना रविवार, 23 अगस्त की है.
  • नागपुर में मछलियां नष्ट की गईं
  • रोबोट और उसैन बोल्ट
  • फ़ोन पर हुए विवाद को लेकर महाराष्ट्र में एक परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई
  • नैटली हार्प के बारे में जानिए
  •  जेन ज़ी ने बताया उनके लिए क्या हैं आज़ादी के मायने
  • इनके पास अलग-अलग मौके के लिए हैं अलग-अलग तरह की नाक

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, चंदन कुमार जजवाड़े

  1. अमेरिका की 'सबसे बड़े आर्थिक हमले' की धमकी पर आईआरजीसी ने ये कहा

    आईआरजीईसी

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    इमेज कैप्शन, आईआरजीसी ने कहा कि अमेरिका की यह धमकी उसकी नाकामी को दिखाती है (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका ने ईरान पर सबसे बड़ा 'आर्थिक हमला' करने की चेतावनी दी है, जिस पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने प्रतिक्रिया दी है.

    आईआरजीसी के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेबीबी ने कहा कि इस तरह की धमकी देना एक तरह से अमेरिका की नाकामी है.

    दरअसल, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि अमेरिका ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा 'आर्थिक हमला' करने वाला है.

    इस पर आईआरजीसी के प्रवक्ता ने कहा, "अमेरिका की ओर से आर्थिक हमले की बात करना असल में सैन्य मोर्चे पर बड़ी नाकामी की अप्रत्यक्ष स्वीकारोक्ति है."

    मोहेबीबी ने कहा, "दुश्मन ताक़तों को अपने जहाज़ों को काफ़ी पीछे हटाने के लिए मजबूर होना पड़ा है. जबकि होर्मुज़ स्ट्रेट को खोलने या ईरान की रक्षा क्षमता को तोड़ने की कोशिशें भी नाकाम रही हैं."

    ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, आईआरजीसी के प्रवक्ता ने ईरानी मीडिया से अपील की कि वह युद्ध की असली स्थिति और इसमें शामिल पक्षों की सही जानकारी लोगों को दें.

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, महाराष्ट्र: अमरावती के अस्पताल में आग लगने से तीन नवजातों की मौत, नितेश राउत, बीबीसी मराठी के लिए, अमरावती

    अमरावती अस्पताल
    इमेज कैप्शन, दमकल कर्मियों ने छह बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया

    महाराष्ट्र के अमरावती में सोमवार तड़के ज़िला महिला अस्पताल की एनआईसीयू (चाइल्ड यूनिट) में आग लगने से तीन नवजातों की मौत हो गई.

    अमरावती के ज़िला सर्जन डॉ विनोद पवार ने बताया कि आग लगने की सूचना सुबह करीब 3:30 बजे मिली.

    जिस वार्ड में आग लगी, उसमें नौ बच्चे थे. दमकल कर्मियों ने छह बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन तीन बच्चों को निकालने में वे असफल रहे.

    डॉ पवार ने यह भी बताया कि जिन छह बच्चों को सुरक्षित निकाला गया था, उनकी हालत अब स्थिर है.

    अमरावती ज़िले के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि सरकार मृतक बच्चों के परिजनों के साथ खड़ी है.

    उन्होंने कहा, "मैं ज़िला प्रशासन के साथ निरंतर संपर्क में हूं और मैंने उन्हें सभी आवश्यक निर्देश दे दिए हैं. प्रशासन स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहा है. मैंने इस संबंध में अधिकारियों से भी चर्चा की है."

  3. गिनी में कचरे का पहाड़ ढहने से 30 लोगों की मौत, 22 घायल, जारोस्लाव लुकीव

    गिनी

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    इमेज कैप्शन, सरकार ने राहत और बचाव अभियान के लिए सेना समेत बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को मौके पर तैनात किया है

    गिनी की राजधानी कोनाक्री में भारी बारिश के बाद कचरे का पहाड़ ढहकर आसपास के घरों पर जा गिरा, इस हादसे में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई.

    वहीं, 22 अन्य घायल हुए हैं. घायलों में छह की हालत गंभीर बताई जा रही है.

    हादसा शहर के डार-एस-सलाम इलाक़े में स्थानीय समयानुसार रात क़रीब दो बजे हुआ. गिनी सरकार के मुताबिक़, भारी बारिश के बाद कचरे का ढेर अचानक ढह गया, जिसके मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है.

    सरकार ने राहत और बचाव अभियान के लिए सेना समेत बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को मौके पर तैनात किया है.

    स्थानीय मीडिया से बातचीत में एक महिला ने बताया कि हादसे में उसके पांच बच्चों की मौत हो गई. अधिकारियों को आशंका है कि मलबे के नीचे और लोग दबे हो सकते हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.

    घटनास्थल का दौरा करने पहुंचे गिनी के प्रधानमंत्री अमादौ ओउरी बा ने स्थिति का जायज़ा लिया.

    इससे पहले स्थानीय नेता लांसिने सिला ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया था कि हादसे में बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की आशंका है. उन्होंने कहा कि अब तक 18 शवों को निकालकर मुर्दाघर भेजा जा चुका है.

  4. न्यूयॉर्क: गोलीबारी की घटना में एक भारतीय नागरिक की मौत, वाणिज्य दूतावास ने ये कहा

    पुलिस

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    इमेज कैप्शन, न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में हुई गोलीबारी की घटना में भारतीय नागरिक की मौत हुई (सांकेतिक तस्वीर)

    न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में गोलीबारी की एक घटना में भारतीय नागरिक की मौत हो गई. न्यूयॉर्क स्थित भारतीय कॉन्सुलेट ने इसकी पुष्टि की है.

    भारतीय वाणिज्य दूतावास ने बताया है कि घटना में मरने वाले शख़्स का नाम गुरदीप सिंह है और अधिकारी उनके परिवार के संपर्क में हैं.

    दूतावास ने लिखा, "हमें भारतीय नागरिक गुरदीप सिंह के असमय निधन की ख़बर से बहुत दुख हुआ. न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में हुई गोलीबारी की घटना में उनकी अपनी जान चली गई."

    भारतीय कॉन्सुलेट ने आगे लिखा, "इस मुश्किल समय में हमारी संवेदनाएं और दिल से सहानुभूति उनके परिवार के साथ हैं. दूतावास परिवार के संपर्क में है और हर संभव मदद कर रहा है."

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, शुक्रवार रात ईस्ट न्यूयॉर्क इलाके में एक अज्ञात व्यक्ति के साथ कहासुनी के बाद 27 वर्षीय गुरदीप सिंह को गोली मारी गई.

    वारदात के बाद अभियुक्त मौके से फरार हो गया. पैरामेडिक्स ने गुरदीप को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

  5. अमेरिकी वित्त मंत्री बोले- ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक हमला करेंगे

    स्कॉट बेसेंट

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट का दावा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सैन्य ताक़त को ख़त्म कर दिया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि अमेरिका ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा 'आर्थिक हमला' करने वाला है.

    स्कॉट बेसेंट ने सोमवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर दावा किया राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सैन्य ताक़त ख़त्म कर दी और अब आर्थिक मोर्चे पर एक बड़ा अभियान शुरू होगा.

    वित्त मंत्री बेसेंट ने लिखा, "राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की सैन्य ताक़त को ख़त्म कर दिया है, उसकी क़रीब 100 फ़ीसदी सैन्य फ़ैक्ट्रियों को नष्ट कर दिया है और उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम को ख़त्म कर दिया है."

    "अब हम आख़िरी दौर में पहुंच रहे हैं. सुबह होते ही आर्थिक मोर्चे पर एक बड़ा अभियान शुरू होगा- किसी विरोधी के ख़िलाफ़ अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक हमला."

    उन्होंने लिखा, "ईरान के शासन ने सुरक्षा की गारंटी के नाम पर धमकी और दबाव के सहारे ख़ुद को चलाया है. उसे भरोसा था कि अगर कोई उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगा, तो वो जवाबी हमला ज़रूर करेगा और अमेरिका की कार्रवाई को बातचीत के ज़रिए रोका जा सकता है. राष्ट्रपति ट्रंप के आने के बाद अब यह दौर ख़त्म हो गया है. जो लोग ईरान का विरोध करने से डरते हैं, उन्हें अमेरिका को चुनौती देने की क़ीमत को कम नहीं आंकना चाहिए."

    बेसेंट ने लिखा, "राष्ट्रपति ने ऐसी स्थिति बना दी है कि हर एजेंसी, हर अधिकार और उन सभी क़दमों का इस्तेमाल किया जा सके, जिनके बारे में कई लोगों ने सोचा था कि हम उन्हें कभी नहीं अपनाएंगे. हमारा लक्ष्य उस तानाशाही सरकार को सहारा देने वाले हर आर्थिक रास्ते को बंद करना है, जब तक कि ईरानी शासन पूरी तरह अकेला न रह जाए."

    हालांकि, अमेरिकी वित्त मंत्री बेसेंट ने अपनी इस एक्स पोस्ट में यह जानकारी नहीं दी कि अमेरिका ईरान के ख़िलाफ़ अब क्या क़दम उठाने वाला है.

  6. पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़ को क्रिकेट जगत के 21 पूर्व कप्तानों ने क्यों लिखा पत्र

    शहबाज़ शरीफ़

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    इमेज कैप्शन, पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़ से इमरान ख़ान को उचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है (फ़ाइल फ़ोटो)

    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के स्वास्थ्य को लेकर क्रिकेट जगत के 21 पूर्व कप्तानों ने पीएम शहबाज़ शरीफ़ को पत्र लिखा है.

    पूर्व कप्तानों ने इमरान ख़ान को उचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है.

    क्रिकइन्फो के मुताबिक़, पत्र में कहा गया है कि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने इमरान ख़ान को अस्पताल ले जाकर मेडिकल बोर्ड से उनकी जांच कराने का निर्देश दिया था.

    इस बोर्ड में इमरान ख़ान के निजी डॉक्टरों के साथ उनकी बहन डॉ उज़मा ख़ान को भी शामिल किया जाना था. अदालत ने उनके परिवार से साप्ताहिक मुलाक़ातें भी बहाल की थीं.

    पूर्व कप्तानों ने दावा किया कि इमरान ख़ान को अस्पताल में केवल कुछ घंटे रखा गया. उनकी जाँच अदालत के निर्देशानुसार गठित मेडिकल बोर्ड के बजाय सरकार की ओर से नियुक्त टीम ने की. टीम ने उन्हें 'मेडिकली फ़िट' घोषित कर वापस अदियाला जेल भेज दिया.

    यह प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ को पूर्व कप्तानों की ओर से भेजा गया दूसरा पत्र है. इससे पहले इसी साल फ़रवरी में 14 पूर्व कप्तानों ने इमरान ख़ान के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते हुए पत्र लिखा था. उस समय इमरान ख़ान के परिवार ने दावा किया था कि आंख की समस्या के कारण उनकी एक आंख की रोशनी लगभग पूरी तरह चली गई है और जेल में उन्हें उचित इलाज नहीं मिल रहा है.

    इन 21 पूर्व कप्तानों ने लिखा पत्र

    माइकल अथर्टन, एलेक्स ब्लैकवेल, एलन बॉर्डर, माइकल ब्रियरली, ग्रेग चैपल, इयान चैपल, बेलिंडा क्लार्क, एलेस्टर कुक, सुनील गावस्कर, ली जर्मन, एडम गिलक्रिस्ट, डेविड गॉवर, किम ह्यूजेस, नासिर हुसैन, क्लाइव लॉयड, कपिल देव, अर्जुना रणतुंगा, एंड्रयू स्ट्रॉस, दिलीप वेंगसरकर, स्टीव वॉ और जॉन राइट

  7. भारतीय महिला हॉकी टीम वर्ल्ड कप से बाहर

    हॉकी

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    इमेज कैप्शन, यह लगातार तीसरा मुक़ाबला था, जिसमें भारतीय टीम गोल नहीं कर सकी

    भारतीय महिला हॉकी टीम वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में जगह नहीं बना सकी. नीदरलैंड्स के एमस्टेलवीन के वैगनर हॉकी स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ खेला गया मुक़ाबला 0-0 से ड्रॉ रहा.

    भारत को सेमीफ़ाइनल में पहुंचने के लिए इस मैच में जीत दर्ज करना ज़रूरी था, लेकिन टीम गोल करने में नाकाम रही. जबकि ऑस्ट्रेलिया ने ड्रॉ के बाद टॉप-4 में जगह बना ली.

    यह लगातार तीसरा मुक़ाबला है, जिसमें भारतीय टीम गोल नहीं कर सकी. इससे पहले नीदरलैंड्स ने भारत को 0-2 से हराया था, जबकि इंग्लैंड के ख़िलाफ़ मुक़ाबला भी 0-0 से ड्रॉ रहा था.

    भारत की ओर से आख़िरी गोल 18 अगस्त को दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ मुक़ाबले में आया था. उस मैच में भारतीय टीम ने 6-1 से जीत दर्ज की थी.

    भारत के सेमीफ़ाइनल में पहुंचने की उम्मीदें नीदरलैंड्स और चीन के मुक़ाबले के नतीजे पर भी टिकी थीं.

    नीदरलैंड्स ने चीन को 4-1 से हराकर भारत के लिए समीकरण आसान कर दिए थे. ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ जीत हासिल करने पर भारतीय टीम टॉप-4 में पहुंच जाती.

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