सीरिया में आज क्या हुआ और किसने क्या कहा?

सीरिया में रविवार को हयात तहरीर अल-शाम के नेतृत्व में विद्रोही गुटों ने दमिश्क पर कब्ज़ा कर लिया.

सारांश

लाइव कवरेज

सुमंत सिंह और अश्वनी पासवान

  1. पीएम मोदी के हरियाणा दौरे से पहले क्या बोले किसान नेता सरवन सिंह पंढेर

    सरवन सिंह पंढेर
    इमेज कैप्शन, किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा है कि 'अगर प्रधानमंत्री किसानों की मांगों पर घोषणा करते हैं तो सारा गतिरोध ख़त्म हो जाएगा.'

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हरियाणा जाएंगे. इस बीच किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने पीएम मोदी के दौरे को लेकर अपनी बात रखी है.

    पंढेर ने कहा, "सौ से ज़्यादा किसान जख़्मी हुए हैं, क्या प्रधानमंत्री आकर यही दावे करेंगे कि हम 24 फ़सलें खरीद (एमएसपी पर) रहे हैं. ये असत्य है हरियाणा में भी 24 फ़सलें नहीं खरीदी जा रही हैं."

    सरवन सिंह पढेर ने कहा, "चाहे इंडिया गठबंधन की सरकारें हों या सत्ता में बैठी भाजपा और उनके सहयोगियों की सरकार हो, किसान उनसे खुश नहीं हैं."

    "किसान और खेत-मज़दूर के अलग मुद्दे हैं, देश में युवाओं के अलग मुद्दे हैं. देश बेरोज़गारी और महंगाई से जूझ रहा है. इन सब का भार हमारे किसान-मज़दूर पर पड़ रहा है."

    उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री जी आज आ रहे हैं. आंदोलन पर संज्ञान लें और जो हमारी मांगें हैं उसपर कोई घोषणा करें, जिससे सारा गतिरोध ख़त्म हो जाएगा."

    पंढेर ने कहा, "अगर मांगें मान ली जाती हैं तो मोर्चा समाप्ति के बारे में सोचेंगे. अगर प्रधानमंत्री अपनी वार्ता में किसान-मज़दूर के मसलों पर बात भी करते हैं तो ये भी पॉज़िटिव होगा कि उन्होंने अब मन बना लिया है और किसानों के मसलों की ओर आगे बढ़ रहे हैं."

    हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर किसान बीते कई महीनों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर क़ानूनी गारंटी समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं.

    रविवार को किसानों ने एक जत्थे को दिल्ली रवाना करने का एलान किया था, लेकिन हरियाणा पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया.

    इससे पहले भी किसानों को दिल्ली जाने से रोका जा चुका है.

  2. बशर अल-असद की सत्ता जाने के बाद जॉर्डन और लेबनान से लौट रहे सीरियाई नागरिक

    सीरियाई नागरिक
    इमेज कैप्शन, लेबनान-सीरिया सीमा पर मनसा क्रॉसिंग पर लोग सूटकेस और बैग लेकर जाते दिखे

    सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद की सत्ता जाने के कुछ घंटों बाद ही सीरियाई नागरिक पड़ोसी मुल्क लेबनान और जॉर्डन से लौटने लगे हैं.

    रविवार को ऐसी कई तस्वीरें सामने आईं जिनमें सीरियाई नागरिक इन दोनों मुल्कों से सीरिया की सीमा में प्रवेश करते दिख रहे हैं.

    समाचार एजेंसी एएफपी के संवाददाता ने लेबनान-सीरिया सीमा पर देखा कि दर्जनों कारें मसना क्रॉसिंग पर कतार में खड़ी हैं और भीड़ बशर अल-असद के ख़िलाफ़ नारे लगा रही है.

    उधर, जॉर्डन की तरफ से जबेर क्रॉसिंग पर समाचार एजेंसी रॉयटर्स से एक व्यक्ति ने कहा, "मैं जॉर्डन में 12 सालों से हूं. जब हमने यह ख़बर सुनी की बशर अल-असद की सरकार गिर गई है तो हम भावुक हो गए. हम अपने देश सुरक्षा के साथ लौट सकते हैं."

    सीरियाई नागरिक
    इमेज कैप्शन, मनसा क्रॉसिंग पर लगातार लोग अपना सामान लेकर आ रहे हैं
    लेबनान-सीरिया सीमा
    इमेज कैप्शन, सीरियाई नागरिक कारों में अपना सामान भरकर सीरिया की तरफ जा रहे हैं
    सीरियाई नागरिक
    इमेज कैप्शन, जॉर्डन के जबेर बॉर्डर क्रॉसिंग पर भी लोग अपना सामान लेकर दिखे
  3. सीरिया पर ईरान बोला- हमसे नहीं मांगी बशर अल-असद ने मदद

    अब्बास अरागची
    इमेज कैप्शन, अब्बास अरागची ने कहा कि यह चौंकाने वाली बात है कि सीरियाई सेना विद्रोहियों को रोकने में नाकामयाब रही

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद ने ईरान से कोई मदद नहीं मांगी थी.

    अब्बास अरागची ने रविवार को ईरानी मीडिया को यह बयान दिया है. ईरान, पूर्व राष्ट्रपति असद का सहयोगी रहा है.

    अब्बास अरागची ने कहा, "हमसे कभी भी मदद के लिए नहीं कहा गया लेकिन मूल रूप से यह काम सीरियाई सेना का था, हम इसे अपनी ड्यूटी नहीं मान रहे हैं."

    उन्होंने कहा, "इसमें जो चौंकाने वाली बात है वो ये कि सीरियाई सेना विद्रोहियों को रोकने में असमर्थ रही और यह सब बहुत तेज़ी से हुआ."

    इस बीच रूसी मीडिया ने कहा है कि मॉस्को पहुंचे बशर अल-असद और उसके परिवार को राजनीतिक शरण मिल सकती है.

    इससे पहले बीते हफ़्ते में विद्रोहियों ने तेजी से सीरिया के शहरों में कब्जा किया, जिसके परिणामस्वरूप सीरिया के तत्कालीन राष्ट्रपति बशर अल-असद को देश छोड़कर भागना पड़ा.

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