सुप्रीम कोर्ट के एफ़आईआर रद्द करने के आदेश के बाद अभिजीत दीपके ने किससे मांगी माफ़ी
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 20 से 25 जुलाई के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज सभी एफ़आईआर रद्द करने का आदेश दिया.
सीजेपी के संयोजक अभिजीत दीपके ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि आज वास्तविक अर्थों में न्याय हुआ है.
उन्होंने कहा कि यह फ़ैसला उन सभी लोगों के लिए न्याय है, जिन्होंने जंतर-मंतर समेत देशभर में नीट पेपर लीक के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई थी.
अभिजीत दीपके ने मीडिया से बातचीत में कहा, "मैं माननीय कोर्ट का धन्यवाद करना चाहता हूं क्योंकि आज सही मायने में न्याय हुआ है. यह उन सभी लोगों के लिए न्याय है, जो जंतर-मंतर पर लड़ रहे थे और उन बच्चों के लिए भी, जिन्होंने नीट पेपर लीक विवाद के दौरान आत्महत्या कर ली थी. आज उन परिवारों के साथ भी न्याय हुआ है, जिन्होंने पेपर लीक की वजह से अपने बच्चों को खो दिया."
"यह हर उस व्यक्ति की जीत है, जो प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर उतरा था, सिर्फ़ जंतर-मंतर पर ही नहीं बल्कि पूरे देश में. इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि आपने अपनी आवाज़ कैसे उठाई, मायने यह रखता है कि आपने अपनी आवाज़ उठाई. यह आप सभी की जीत है."
उन्होंने कहा, "मैं उन माता-पिता से माफ़ी मांगना चाहता हूं, जिनके बच्चों ने पेपर लीक की वजह से आत्महत्या की, हम उनके बच्चे बचा नहीं सके. मैं जानता हूं कि यह कमी कभी पूरी नहीं की जा सकती है. आप लोगों के बच्चों के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था. मैं कई परिवारों से मिला हूं और उनसे कहना चाहता हूं कि हम माफ़ी मांगते हैं कि आपके बच्चों को जान गंवानी पड़ी, जबकि उनकी कोई ग़लती नहीं थी. बच्चों ने मेहनत और ईमानदारी से पढ़ाई की, लेकिन ये सरकार की विफलता की वजह से पेपर लीक हो गया."
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान सीजेपी ने दिल्ली में 5 सितंबर के लिए प्रस्तावित विरोध मार्च वापस लेने की बात कही है.
(आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की 'जीवन आस्था' हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)