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लाइव, सुप्रीम कोर्ट के एफ़आईआर रद्द करने के आदेश के बाद अभिजीत दीपके ने किससे मांगी माफ़ी

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 20 से 25 जुलाई के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज सभी एफ़आईआर रद्द करने का आदेश दिया.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल, रौनक भैड़ा

  1. सुप्रीम कोर्ट के एफ़आईआर रद्द करने के आदेश के बाद अभिजीत दीपके ने किससे मांगी माफ़ी

    सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 20 से 25 जुलाई के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज सभी एफ़आईआर रद्द करने का आदेश दिया.

    सीजेपी के संयोजक अभिजीत दीपके ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि आज वास्तविक अर्थों में न्याय हुआ है.

    उन्होंने कहा कि यह फ़ैसला उन सभी लोगों के लिए न्याय है, जिन्होंने जंतर-मंतर समेत देशभर में नीट पेपर लीक के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई थी.

    अभिजीत दीपके ने मीडिया से बातचीत में कहा, "मैं माननीय कोर्ट का धन्यवाद करना चाहता हूं क्योंकि आज सही मायने में न्याय हुआ है. यह उन सभी लोगों के लिए न्याय है, जो जंतर-मंतर पर लड़ रहे थे और उन बच्चों के लिए भी, जिन्होंने नीट पेपर लीक विवाद के दौरान आत्महत्या कर ली थी. आज उन परिवारों के साथ भी न्याय हुआ है, जिन्होंने पेपर लीक की वजह से अपने बच्चों को खो दिया."

    "यह हर उस व्यक्ति की जीत है, जो प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर उतरा था, सिर्फ़ जंतर-मंतर पर ही नहीं बल्कि पूरे देश में. इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि आपने अपनी आवाज़ कैसे उठाई, मायने यह रखता है कि आपने अपनी आवाज़ उठाई. यह आप सभी की जीत है."

    उन्होंने कहा, "मैं उन माता-पिता से माफ़ी मांगना चाहता हूं, जिनके बच्चों ने पेपर लीक की वजह से आत्महत्या की, हम उनके बच्चे बचा नहीं सके. मैं जानता हूं कि यह कमी कभी पूरी नहीं की जा सकती है. आप लोगों के बच्चों के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था. मैं कई परिवारों से मिला हूं और उनसे कहना चाहता हूं कि हम माफ़ी मांगते हैं कि आपके बच्चों को जान गंवानी पड़ी, जबकि उनकी कोई ग़लती नहीं थी. बच्चों ने मेहनत और ईमानदारी से पढ़ाई की, लेकिन ये सरकार की विफलता की वजह से पेपर लीक हो गया."

    गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान सीजेपी ने दिल्ली में 5 सितंबर के लिए प्रस्तावित विरोध मार्च वापस लेने की बात कही है.

    (आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की 'जीवन आस्था' हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)

  2. कार्टून: मुँह तो मीठा करें

  3. ममता बनर्जी की भतीजी का शव मिला, भर्ती रद्द होने के बाद चली गई थी नौकरी

    पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी (28) का शव मिला है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस के हवाले से बताया कि शव मंगलवार को रामपुरहाट क्षेत्र के कुसुंबा गांव स्थित उनके आवास की दूसरी मंज़िल के एक कमरे में मिला.

    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना की जानकारी मंगलवार दोपहर मिली. इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

    पुलिस अधिकारी के मुताबिक़, “इस मामले की जांच की जा रही है. मौत के पीछे की परिस्थितियां पोस्टमार्टम और अन्य प्रक्रियागत जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होंगी.”

    परिजनों के अनुसार, बृष्टि मुखर्जी पिछले कुछ वर्षों से अवसाद से जूझ रही थीं और उनका इलाज चल रहा था.

    परिवार के सदस्यों ने यह भी बताया कि सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कथित भ्रष्टाचार के मामले में भर्ती रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बृष्टि की नौकरी चली गई थी.

    (आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की 'जीवन आस्था' हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)

  4. उत्तराखंड के इन इलाक़ों में है बाढ़ और भूस्खलन का ख़तरा

    उत्तराखंड के कई ज़िलों में लगातार हो रही बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है. बागेश्वर ज़िले के कई इलाक़ों में भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है.

    उत्तराखंड सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने बताया, "रवाईखाल क्षेत्र में भूस्खलन के कारण सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गया है. मार्ग को खोलने के लिए संबंधित विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है."

    सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मुताबिक़, उत्तरकाशी के भटवाड़ी क्षेत्र के पापड़गाड में बाढ़ की सूचना पर यूजेवीएनएल मनेरी, जोशियाड़ा और धरासू को अलर्ट मोड पर रखा गया है. तहसील प्रशासन, एसडीआरएफ़, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मौके़ पर मौजूद हैं.

    इससे पहले सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने दोपहर 12:21 बजे जारी एक्स पोस्ट में अगले तीन घंटों के दौरान राज्य के कई ज़िलों में त्वरित बाढ़ के ख़तरे की आशंका जताई थी.

    विभाग के अनुसार, देहरादून, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत ज़िलों के कुछ हिस्सों में निम्न से मध्यम स्तर की त्वरित बाढ़ का ख़तरा हो सकता है.

  5. चलती बस में नाबालिग के साथ गैंगरेप के मामले में राहुल गांधी ने क्या कहा?

    दिल्ली में चलती बस में 16 वर्षीय लड़की के साथ कथित गैंगरेप के मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने मामले पर चिंता जताते हुए दोषियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की मांग की है.

    राहुल गांधी ने मंगलवार को सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की राजधानी में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "दिल्ली एनसीआर महिलाओं के लिए इतना असुरक्षित हो चुका है कि एक नाबालिग बच्ची के साथ एक स्लीपर बस में 47 किलोमीटर तक गैंगरेप हुआ - ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक."

    "हैरानी की बात है कि पूरी दिल्ली या नोएडा पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी. यह बस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली का रिंग रोड, बॉर्डर - सब पार कर गई, बिना एक भी चेकपोस्ट पर रोके गए."

    राहुल गांधी ने लिखा, "बस की सीटों पर पर्दे लगे थे, ताकि अंदर क्या हो रहा है कोई देख न सके. अपराधियों में प्रशासन का कोई डर भी नहीं. निर्भया के बाद इतने सालों में, इतनी घटनाओं के बाद भी ऐसी बसों की जाँच और निगरानी के नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा?"

    "पर्दे सिर्फ़ उस बस में नहीं डाले गए थे - साल दर साल सरकार द्वारा प्रशासन की नाकामियों पर डाले गए पर्दों का नतीजा है कि देश की राजधानी में भी महिलाएं एक सुरक्षित सफ़र नहीं कर सकतीं. और कितनी महिलाओं और बच्चियों के साथ ऐसा होना बाक़ी है, तब जाकर केंद्र और राज्य सरकारें इस व्यवस्था को ठीक करेंगी?"

    उन्होंने लिखा, "क्या अमित शाह के अधीन दिल्ली पुलिस और आदित्यनाथ के अधीन यूपी पुलिस की जवाबदेही तय की जाएगी? कोई गुंजाइश ही नहीं - इस अपराध पर भी एक पर्दा डाल दिया जाएगा."

    हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, उत्तरी दिल्ली की डीसीपी निहारिका भट्ट ने पुष्टि की थी कि ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को घटना के दिन (4 अगस्त) ही तिमारपुर इलाक़े के पार्किंग इलाक़े से गिरफ़्तार कर लिया गया था.

    वहीं, नाबालिग लड़की को परिजनों को सौंप दिया गया है जबकि अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.

  6. कॉकरोच जनता पार्टी ने 5 सितंबर को होने वाला मार्च वापस लिया, सुप्रीम कोर्ट में क्या बोले सौरव दास?

    सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को स्टूडेंट प्रदर्शनों को लेकर देशभर में दर्ज एफ़आईआर को लेकर बड़ा आदेश दिया है.

    कोर्ट ने निर्देश दिया कि 20 जुलाई से 25 जुलाई के बीच हुए छात्र प्रदर्शनों के संबंध में किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में दर्ज एफ़आईआर पर आगे कार्रवाई या जांच नहीं की जाएगी. इन सभी एफ़आईआर को हर उद्देश्य के लिए बंद माना जाएगा.

    सुनवाई के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दिल्ली में 5 सितंबर के लिए प्रस्तावित विरोध मार्च वापस लेने की बात भी कही.

    सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की पीठ को इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद यह फ़ैसला लिया गया है.

    लाइव लॉ के अनुसार, सौरव दास मंगलवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष पेश हुए. पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे.

    सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि केंद्र (दिल्ली पुलिस) के साथ-साथ बिहार, असम, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र सरकारों ने स्टूडेंट प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में दर्ज एफ़आईआर रद्द करने के लिए आवेदन दाख़िल किए हैं.

    तुषार मेहता ने यह भी आश्वासन दिया कि 20 से 25 जुलाई के बीच हुए विरोध प्रदर्शन से संबंधित घटनाओं को लेकर भविष्य में कोई नई एफ़आईआर दर्ज नहीं की जाएगी.

  7. ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने कहा- अमेरिका समझौते पर लौटता है तो हम भी...

    ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि अमेरिका अगर इस्लामाबाद एमओयू के तहत अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए वापस आता है, तो ईरान भी समझौते को लागू करने की प्रक्रिया तुरंत फिर शुरू कर देगा.

    शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए मसूद पेज़ेश्कियान ने मंगलवार को कहा, "ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद एमओयू पर अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर थे.''

    पेज़ेश्कियान ने कहा, "लेकिन इस दस्तावेज के प्रति अमेरिका ने केवल दो हफ़्ते से भी कम समय तक प्रतिबद्धता दिखाई. अमेरिका ने वादों और दायित्वों का उल्लंघन किया, जिसके जवाब में ईरान ने भी उचित प्रतिक्रिया दी है.''

    ईरान के कई नेताओं और सैन्य अधिकारियों ने हाल के हफ्तों में बार-बार कहा है कि अगर अमेरिका इस्लामाबाद एमओयू पर लौटता है और इसकी शर्तों को लागू करता है, तो ईरान भी समझौते पर लौटने के लिए तैयार है.

    गौरतलब है कि इस्लामाबाद एमओयू अमेरिका और ईरान के बीच जून 2026 में हुआ 14 बिंदुओं वाला एक अंतरिम समझौता है, जिसे पाकिस्तान की मध्यस्थता में तैयार किया गया था.

  8. अभी तक बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करें.

    सिंधु जल संधि पर परमानेंट कोर्ट ऑफ़ आर्बिट्रेशन का पाकिस्तान के पक्ष में फ़ैसला, भारत पर क्या असर?

    सुभाष चंद्रा: 22 हज़ार करोड़ के बदले 6.5 करोड़ पर एनसीएलटी का रुख़ 'बदला', जानिए पूरा मामला

    नेपाल: ग्लोबल वार्मिंग का 'ज़िम्मेदार' नहीं फिर भी आपदाओं का शिकार, क्या ये है वजह

  9. नेपाल: बाढ़ में मरने वालों की संख्या 1000 पार पहुँची, जेक लाफाम, केली एनजी और बीबीसी नेपाली

    नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या 1,000 के पार पहुँच गई है.

    नेपाल की आपदा एजेंसी के मुताबिक़ 3,900 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं. इनमें 600 से अधिक कर्मचारी हैं.

    माना जा रहा है कि ये त्रिशूली नदी के किनारे हाइड्रो इलेक्ट्रिसिटी परियोजनाओं में बनी मिट्टी से भरी सुरंगों के बड़े नेटवर्क में फंसे हुए हैं.

    इंजीनियर इन सुरंगों के अंदर हवा पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. एक टीम इनमें से एक सुरंग के अंदर जाने में कामयाब भी हुई, लेकिन वहां किसी को न पाकर उसे वापस लौटना पड़ा.

    33 वर्षीय इंजीनियर ऑरस भंडारी एक परियोजना स्थल से लापता हैं. उनकी पत्नी अनुषिला भंडारी ने बीबीसी नेपाली से कहा, "काश हम उन्हें ढूंढ पाते. काश वह घर वापस आ जाते."

    नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने सोमवार को कहा कि इन परियोजना स्थलों से 279 लोगों को बचाया जा चुका है.

    बचाव अभियान की अगुआई चीन और नेपाल के सैन्यकर्मियों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम कर रही है.

    भारत, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के विशेषज्ञ भी इस अभियान में शामिल हैं.

  10. पीएम मोदी ने एससीओ बैठक में आतंकवाद का मुद्दा उठाया, क्या कहा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान के विश्केक में आयोजित एससीओ की बैठक में आतंकवाद का मुद्दा उठाया है.

    उन्होंने एससीओ की बैठक में कहा, ''आतंकवाद को धन मुहैया करने, आतंकवादियों की भर्ती करने, उनके रैडिकलाइजेशन और उन्हें सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराने के पूरे इको सिस्टम को ध्वस्त करना होगा.''

    उन्होंने कहा, ''हमें एक स्वर में बोलना होगा कि इस आतंकवाद पर दोहरे मापदंड के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता.''

    उन्होंने दुनिया में चल रहे संघर्षों के बारे में कहा, ''सभी तनावों और युद्धों का समाधान युद्ध के मैदान पर नहीं बल्कि संवाद और डिप्लोमेसी से ही संभव है.''

    उन्होंने कहा, ''भारत के लिए एससीओ का मतलब है सिक्योरिटी, कनेक्टिविटी और अपॉर्च्युनिटी.''

    '' भारत उन सभी प्रयासों का समर्थन करता है जो मार्केट्स को जोड़ते हैं. व्यापार को सुगम बनाते हैं और विकास के लिए नए रास्ते खोलते हैं.''

  11. इंडिगो के विमान में उड़ान भरते ही आई ख़राबी, करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग

    मंगलवार सुबह 229 यात्रियों को लेकर दिल्ली जा रहा इंडिगो का एक विमान इंजन में ख़राबी आने के बाद गोवा लौट आया.

    विमान की मनोहर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी.

    इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा, "आज नॉर्थ गोवा से दिल्ली जा रही इंडिगो की उड़ान 6R 2102 के उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एक तकनीकी समस्या का पता चला.''

    उन्होंने कहा, ''मानक प्रक्रिया के तहत संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई. इसके बाद पायलट विमान को वापस गोवा ले आए और मनोहर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई.

    ''विमान की फिलहाल तकनीकी जांच की जा रही है. सभी जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद ही इसे दोबारा उड़ान भरने की अनुमति दी जाएगी."

  12. 'रूस के लिए लड़ते हुए 51 भारतीयों की मौत', विदेश मंत्रालय ने और क्या बताया

    भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा है कि रूस के लिए लड़ने वाले 51 भारतीय नागरिकों की मौत हुई है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के सवालों के जवाब में मिसरी ने कहा, "रूसी सशस्त्र बलों में हमारे नागरिकों की भर्ती का मुद्दा भारत और रूस के बीच कई मौकों पर विभिन्न स्तरों पर उठाया गया है.''

    उन्होंने कहा, '' मॉस्को में हमारा दूतावास इन भारतीय नागरिकों की रिहाई और स्वदेश वापसी के मामले पर लगातार नज़र रख रहा है. हम रूसी पक्ष के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं, ताकि बचे हुए सभी मामलों में जल्द से जल्द इन लोगों को सेना से मुक्त कराया जा सके और उन्हें उनके परिवारों के पास वापस लाया जा सके.''

    उन्होंने कहा, ''आख़िरी जानकारी के मुताबिक़, हमें पता था कि 227 भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में भर्ती किया गया था. इनमें से 139 भारतीय नागरिकों के सेना से मुक्त होने की जानकारी हमें मिली है. दुर्भाग्य से, हमें यह भी जानकारी मिली है कि अब तक 51 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है.''

    उन्होंने कहा, ''यह ऐसा मुद्दा है जिस पर हम रूसी पक्ष के साथ लगातार और नियमित रूप से बातचीत कर रहे हैं."

  13. नेपाल ने तय की विदेशी शवों को सौंपने की प्रक्रिया, भारतीय दूतावास ने क्या बताया

    नेपाल ने पिछले सप्ताह बुधवार को आई भीषण बाढ़ में मारे गए विदेशी लोगों के शव को सौंपने के लिए प्रक्रिया तय कर दी है.

    नेपाल सरकार के मुताबिक़, विदेशी नागरिकों के शव उनके परिवारों को सौंपने के लिए कई प्रक्रिया पूरी करनी होगी.

    इनमें शव से संबंधित दस्तावेज तैयार कराना, शव की तस्वीरें और अन्य विवरण दर्ज कराना, पोस्टमार्टम जांच और मौत के कारण की पुष्टि शामिल है.

    अगर मृतक के रिश्तेदार और परिवार वाले नेपाल पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध मृतकों की तस्वीरों और विवरण के जरिए शव की पहचान कर सकते हैं, तो काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय करके शव सौंपने और भारत भेजने की प्रक्रिया में मदद करेगा.

    भारतीय दूतावास ने कहा है कि बड़ी संख्या में शवों से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम को देखते हुए नेपाल सरकार ने शवों को अस्थायी रूप से सुरक्षित रखने की व्यवस्था की है.

    इन शवों की पहचान पहले दर्ज किए गए निकटतम रिश्तेदारों के डीएनए से मिलान करके की जाएगी.

    अगर शव की पहचान संभव नहीं हो पाती है या शव को अस्थायी रूप से दफना दिया गया है, तो नेपाल सरकार डीएनए मिलान की प्रक्रिया में मदद करेगी.

    नेपाल में अधिकारी शवों से डीएनए के नमूने ले रहे हैं, ताकि डीएनए प्रोफ़ाइल तैयार की जा सके.

    डीएनए मिलान के लिए मृतक के पहले दर्जे के रिश्तेदार ईमेल के जरिए अपना डीएनए प्रोफ़ाइल भेज सकते हैं या ख़ून का नमूना दे सकते हैं. इसके लिए नेपाली अधिकारियों की ओर से कुछ शुरुआती जानकारी मांगी जा सकती है.

    भारतीय दूतावास की मदद से पहले दर्जे के रिश्तेदारों के डीएनए प्रोफ़ाइल भी एक निर्धारित ईमेल पते पर भेजे जा सकते हैं.

    डीएनए प्रोफ़ाइल से संबंधित पूरी जानकारी नेपाल पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध है. हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है.

    किसी भी अन्य सहायता या जानकारी के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के हेल्पलाइन नंबरों पर व्हॉट्सऐप के जरिए संपर्क किया जा सकता है. ये नंबर है- + 9779841616095

    काठमांडू में भारतीय दूतावास के इन हेल्पलाइंस पर भी मदद ले सकते हैं.

    +9779851316807

    +9779709107500

    +9779810326117

  14. जूनियर इंजीनियरों की भर्ती में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर क्या बोले डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक

    उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (जूनियर इंजीनियर) के अभ्यर्थियों ने रिक्रूटमेंट में कथित गड़बड़ी के आरोपों के बीच उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से मुलाकात की.

    हालांकि उप मुख्यमंत्री ने भर्ती में गड़बड़ी के आरोपों से इनकार किया है.

    ब्रजेश पाठक ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ‘’परीक्षा में कोई अनियमितता या गड़बड़ी नहीं हुई है. अभ्यर्थी सिर्फ़ ये मांग करने आए थे कि इसका रिजल्ट जल्द निकाला जाए. इन अभ्यर्थियों का एक दल आज बोर्ड के चेयरमैन से मुलाक़ात करेगा.

    उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की जूनियर इंजीनियर भर्ती के अभ्यर्थियों ने शनिवार को उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आवास का घेराव किया था.

    4,612 पदों पर प्रस्तावित भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और दस्तावेज सत्यापन का परिणाम जल्द जारी करने की मांग उठाई है.

    प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना था कि भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है, लेकिन दस्तावेज सत्यापन के परिणाम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है.

    इससे अभ्यर्थियों में असमंजस बना हुआ है. उन्होंने सरकार और आयोग से जल्द परिणाम जारी कर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग की.

  15. नेपाल की बाढ़ में अब तक सबसे ज्यादा शव चितवन में मिले, 282 तक पहुंचा आंकड़ा

    बुधवार को नेपाल की भोटेकोशी और त्रिशूली में आई विनाशकारी बाढ़ में मारे गए लोगों के शव लगातार मिल रहे हैं.

    सरकारी एजेंसियों ने बताया है कि अब तक सबसे अधिक शव चितवन में मिले हैं. रसुवा से लेकर नवलपरासी पश्चिम तक आठ जिलों में शव बरामद हुए हैं.

    नेपाल पुलिस की अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित जानकारी के मुताबिक़, कल शाम तक मृतकों की संख्या 951 हो गई है.

    पुलिस के मुताबिक़, इनमें से 282 शव चितवन में मिले हैं.

    नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल शुरुआत से ही खोज, बचाव और राहत कार्यों में लगे हुए हैं.

    हाइड्रोइलेक्ट्रिसिटी प्रोजेक्ट की सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश करने और सड़क पर मौजूद बाधाओं को हटाने के लिए भी सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है.

    ये भी पढ़ें : नेपाल की सुरंगों में फंसे 900 से अधिक लोगों को कैसे बचाने की कोशिशें हो रही हैं?

  16. ट्रंप के 'ड्रोन मैन' देंगे इस्तीफ़ा, क्या है वजह

    अमेरिकी सेना के सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल ने करीब 18 महीने इस पद पर रहने के बाद इस्तीफे़ की घोषणा कर दी है.

    उनके पद छोड़ने की पुष्टि बीबीसी के अमेरिकी मीडिया साझेदार सीबीएस ने की है.

    सीबीएस के मुताबिक़, ड्रिस्कॉल और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बीच कई महीनों से मतभेद और टकराव चल रहा था.

    ड्रिस्कॉल अब तक के सबसे कम उम्र के आर्मी सेक्रेट्री हैं. उन्हें अक्सर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का "ड्रोन मैन" कहा जाता रहा है.

    व्हाइट हाउस ने सीबीएस को दिए एक बयान में कहा कि डैन ड्रिस्कॉल ट्रंप के "अमेरिका को फिर से मजबूत बनाने" के एजेंडे को आगे बढ़ाने में "बेहद प्रभावी" रहे और सैन्य अभियानों के दौरान उन्होंने "शानदार नेतृत्व" दिया.

    बीबीसी ने इस मामले पर व्हाइट हाउस, पेंटागन और अमेरिकी सेना से प्रतिक्रिया मांगी है.

    ड्रिस्कॉल हाल के दिनों में पद छोड़ने वाले कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों में सबसे नए हैं. इनमें नेवी सेक्रेटरी जॉन फेलन भी शामिल हैं, जिन्होंने अप्रैल में अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.

    इसके अलावा सेना प्रमुख रैंडी जॉर्ज, आर्मी जनरल डेविड होडने और मेजर जनरल विलियम ग्रीन भी हाल में अपने पदों से हट चुके हैं.

    पेंटागन की कमान संभालने के बाद से रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को पद से हटा चुके हैं.

    इनमें नौसेना संचालन प्रमुख और अमेरिकी वायुसेना के उप प्रमुख भी शामिल हैं.

  17. कांग्रेस ने जीडीपी के आँकड़ों पर कहा- ‘ख़राब तस्वीर पर जश्न मना रहे पीएम मोदी’

    कांग्रेस ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के जीडीपी आंकड़ों पर सवाल उठाए हैं.

    सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक़ पहली तिमाही में ग्रोथ रेट 7.8 फ़ीसदी रहा है. एक साल पहले इसी तिमाही में ग्रोथ रेट 6.9 फ़ीसदी रहा था.

    वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पार्टी के कम्युनिकेशन प्रभारी जयराम रमेश ने इन आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''तिमाही जीडीपी के आंकड़े, जिस रूप में भी वे रिपोर्ट किए जा रहे हैं, अर्थव्यवस्था की जीडीपी-यानी ग्रेटली डिस्टॉर्टेडे पिक्चर (बेहद खराब तस्वीर)-पेश करते हैं.''

    उन्होंने लिखा, ''ये आंकड़े अर्थव्यवस्था में घरेलू और विदेशी, दोनों तरह के प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को लेकर कमज़ोर सेंटीमेंट को नहीं दिखाते. कंज्यूमर कॉन्फिडेंस सुस्त है, जो कोविड के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है और नवंबर 2025 से लगातार नीचे जा रहा है.''

    जयराम रमेश ने लिखा, "घरेलू ज़रूरत की चीज़ों की क़ीमतें तेज़ी से बढ़ रही हैं. पढ़े-लिखे लोगों में बेरोज़गारी का स्तर चिंताजनक है. चीन के साथ लगातार बढ़ता व्यापार घाटा भारी नुक़सान पहुँचा रहा है. प्रधानमंत्री की ओर से जानबूझकर प्रोत्साहित किए गए कुछ बड़े कारोबारी समूहों का प्रमुख सेक्टर्स पर क़ब्ज़ा बेहद नुकसानदेह असर डाल रहा है.''

    रमेश ने लिखा, ''भारत के पाँच सबसे अमीर परिवारों की संपत्ति में 400 फ़ीसदी की वृद्धि हुई है, जबकि वेतनभोगी कामगारों की वास्तविक मज़दूरी घटी है. घरेलू बचत दर में गिरावट आई है और क़र्ज़ रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. यह प्रधानमंत्री के समय से पहले जश्न मनाने का मामला है.''

    पीएम नरेंद्र मोदी ने जीडीपी के आंकड़ों की तारीफ़ करते हुए इसे बड़ी कामयाबी बताया था.

    उन्होंने एक्स पर पोस्ट शेयर कर लिखा, "वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की 7.8 फ़ीसदी की शानदार जीडीपी वृद्धि एक बड़ी उपलब्धि है."

    "हमारे लोगों की सामूहिक ताक़त ने यह सुनिश्चित किया कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच, तेल की क़ीमतों में बढ़ोतरी और सप्लाई चेन की समस्याओं के बावजूद भारत ने इतनी वृद्धि दर्ज की. भारत के बारे में निराशाजनक बातें करने वालों की बातें गलत साबित हुईं और भारत एक बार फिर आगे बढ़ा..."

  18. पाकिस्तान ने इंग्लैंड दौरे से तकरीबन आधी क्रिकेट टीम वापस बुलाई, ये रही वजह

    इंग्लैंड के ख़िलाफ़ लॉर्ड्स टेस्ट में मिली हार के बाद, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने टीम से सात खिलाड़ियों को वापस बुलाने का फैसला किया है.

    उनके स्थान पर शामिल किए जाने वाले खिलाड़ियों के नामों की घोषणा कर दी गई है.

    बीबीसी उर्दू के मुताबिक़ पीसीबी ने एक बयान में कहा कि मोहम्मद रिज़वान, इमाम-उल-हक़,सलमान आग़ा,अली उस्मान,आमिर जमाल,ओवैस जफर और ख़ुर्रम शहजाद को टेस्ट टीम से बाहर कर दिया गया है.

    इन सात खिलाड़ियों की जगह साइम अयूब,अब्दुल्ला फ़जल, अराफात मिन्हास, इमरान जूनियर, साद बेग, इमरान रंधावा और रजाउल्लाह को टीम में शामिल किया गया है.

    पीसीबी के मुताबिक़,ये सात खिलाड़ी तीसरे टेस्ट से पहले पाकिस्तानी टीम से जुड़ जाएंगे.

    इस बीच, पीसीबी ने यह भी कहा कि मुख्य कोच सरफ़राज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल अपने पदों से हट जाएंगे.

    मुख्य कोच और बॉलिंग कोच की भी छुट्टी

    उनकी जगह माइक हेसन मुख्य कोच और एशले नोफ्के गेंदबाजी कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे.

    गौरतलब है कि माइक हेसन पहले से ही पाकिस्तान के व्हाइट बॉल क्रिकेट के कोच हैं और अब उन्हें रेड-बॉल क्रिकेट की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

    लॉर्ड्स टेस्ट मैच में पाकिस्तान की हार के बाद सलामी बल्लेबाज इमाम-उल-हक और दूसरे पाकिस्तानी खिलाड़ी आलोचनाओं के घेरे में हैं.

    कमेंटेटर स्टुअर्ट ब्रॉड ने लॉर्ड्स में पाकिस्तान के दूसरे टेस्ट मैच के दौरान पिंडली में चोट लगने के बावजूद इमाम-उल-हक के मैदान से बाहर अभ्यास करने के फ़ैसले पर सवाल उठाया, जिससे मैच के दौरान मैदान से बाहर अभ्यास करने के बारे में सोशल मीडिया पर और भी नकारात्मक टिप्पणियां आने लगीं.

    इंग्लैंड ने लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट के चौथे दिन पाकिस्तान को 194 रनों से हराकर तीन मैचों की श्रृंखला में 2-0 की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली थी.

    रविवार के मैच में सऊद शकील की 97 रनों की पारी के बाद ऐसा लग रहा था कि पाकिस्तान की हार को टाला जा सकता है, लेकिन इंग्लैंड ने मेहमान टीम को 194 रनों पर ऑल आउट कर दिया और मैच जीत लिया.

  19. ईरान पर सीमित हमले की योजना बना रहे हैं ट्रंप, अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट

    अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस ने अधिकारियों का हवाला देते हुए एक रिपोर्ट में लिखा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर सीमित हमला करने की योजना बना रहे हैं.

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप होमुर्ज़ स्ट्रेट में जहाजों पर हमलों को रोकने के लिए ईरानी मिसाइल और रडार क्षमताओं पर सीमित हमले करने पर विचार कर रहे हैं.

    बीबीसी फ़ारसी ने एक्सियोस की उस रिपोर्ट का हवाला दिया है जिसमें कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके शीर्ष सहयोगी होर्मुज़ स्ट्रेट में सीमित हमला करने पर विचार कर रहे हैं.

    ऐसा कहा जा रहा है कि वो "ईरान की रडार और मिसाइल क्षमताओं' को दोबारा खड़ा होने से रोकना चाहते हैं.

    इस बीच, सोमवार की रात ईरान में अमेरिकी हमलों में तीन लोग मारे गए और कई घायल हो गए.हमले के तुरंत बाद ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया.

    इससे पहले अमेरिकी सेना ने ईरान के लाराक द्वीप पर दो ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था.

    बीबीसी को एक अमेरिकी अधिकारी ने यह जानकारी दी. जुलाई के बाद ईरान पर अमेरिका का यह पहला ज्ञात हमला था.

    बीबीसी के अमेरिकी पार्टनर सीबीएस न्यूज़ ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कमांडर टिम हॉकिन्स के हवाले से बताया था, "ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को होर्मुज़ स्ट्रेट में समुद्री बारूदी सुरंगों के साथ रॉकेट लॉन्च करने की तैयारी करते देखा गया था.

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