ईरान शर्तें मानेगा, बशर्ते दूसरे भी मानें: रूहानी

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ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा है कि उनका मुल्क़ परमाणु समझौते की रूपरेखा में किए गए वायदों को पूरा करेगा बशर्ते दूसरे भी वैसा करें.

टेलीवीज़न पर दिए गए एक भाषण में उन्होंने कहा, ”दुनियां को ये समझना चाहिए कि हमारा इरादा धोखा देना नहीं है.“

लेकिन रूहानी ने चेतावनी देते हुए कि अगर आने वाले दिनों में दुनिया कोई और रास्ता अपनाने का फ़ैसला करती है तो ईरान के पास दूसरे रास्ते खुले होंगे.

गुरूवार को समझौते की रूपरेखा पर हस्ताक्षर हुए. इसके तहत ईरान अपने कार्यक्रमों में कुछ रोक लगाएगा जिसके बदले उसे आर्थिक प्रतिबंधों में छूट मिलेगी.

इसराइल का अस्तित्व

इससे पहले इसराइल के प्रधानमंत्री बेंयामिन नेतन्याहू ने कहा है समझौते से क्षेत्र के लिए ,ख़ासतौर पर उनके मुल्क के लिए ख़तरा पैदा होगा.

उनका कहना था कि आख़िरी समझौते पर हस्ताक्षर से पहले ईरान को इस बात के लिए राज़ी करना होगा कि वो इसराइल की मौजूदगी को स्वीकार करे.

वहीं हसन रूहानी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है.

उन्होंने कहा, “बातचीत में शामिल छह मुल्कों ने माना है कि ईरान संवर्धन कर सकता है.दूसरे शब्दों में कहा जाए तो वो कल तक संवर्धन को क्षेत्र के लिए ख़तरा मान रहे थे लेकिन अब कह रहे हैं कि यूरेनियम संवर्धन से किसी को ख़तरा पैदा नहीं होता है.”

दूसरी तरफ़ जर्मनी के विदेश मंत्री फ्रैंक वालटर स्टाईन मायर ने कहा कि समझौते पर खुशी मनाना जल्दबाज़ी होगी.

रूस ने हालांकि इस मामले को सकारात्मक माना है.

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