'ज़्यादा बच्चे' वाले बयान पर संघ की सफाई

मोहन भागवत
प्रकाशित

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने स्पष्ट किया है कि संघ प्रमुख भागवत ने कभी नहीं कहा कि हिंदुओं को ज़्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए.

संघ का कहना है कि आगरा में अध्यापकों और प्रोफ़ेसरों के साथ सवाल-जवाब सत्र के दौरान भागवत ने हिंदुओं की जनसंख्या पर बयान दिया था, जिसे मीडिया और राजनीतिक पार्टियां तोड़-मरोड़कर पेश कर रही हैं.

संघ ने ट्विटर पर एक स्पष्टीकरण पोस्ट किया है.

इसमें कहा गया है- "एक सवाल पूछा गया था कि भारत में हिंदुओं की ग्रोथ 2.1 प्रतिशत है और मुसलमानों की 5.3 प्रतिशत. अगर जनसंख्या की यही रफ़्तार जारी रही तो अगले 50 साल में क्या ये देश इस्लामिक देश नहीं बन जाएगा? भागवत जी ने इसका जवाब दिया, भारत में कौन सा क़ानून हिंदुओं को अधिक बच्चे पैदा करने से रोकता है?"

भागवत के इस बयान की बसपा प्रमुख मायावती ने तीखी आलोचना की थी.

मायावती

मायावती ने आगरा में एक रैली में कहा था, "आरएसएस के हेड बोल रहे हैं कि हिंदुओं को भी ज़्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए. मैं उन्हें ये कहना चाहती हूं कि वे नरेंद्र मोदी को भी बताएं कि हिंदू दो से ज़्यादा बच्चे तो पैदा कर लेंगे लेकिन क्या उनको ये रोज़ी रोटी दे पाएंगे."

मायावती ने भाजपा पर दलित विरोधी पार्टी होने का आरोप लगाते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री आरक्षण समाप्त कराना चाहते हैं और केवल उद्योगपतियों के हित में काम कर रहे हैं.

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