'भारत माता की जय पर पलट गया आरएसएस'

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    • Author, ज़ुबैर अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
  • प्रकाशित

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के विधायक वारिस पठान ने 'भारत माता की जय' के मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर यू टर्न मारने का आरोप लगाया है.

'भारत माता की जय' न बोलने पर महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र से निलंबित पठान ने कहा, "पता नहीं, ये अब यू-टर्न मार रहे हैं."

हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि किसी से 'ज़बरदस्ती भारत माता की जय न बुलवाई जाए'.

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भागवत ने कहा था, "भारत को एक ऐसा देश बनाया जाए, जहां लोग खुद ही 'भारत माता की जय' कहें. उन्हें ज़बरदस्ती बुलवाने की ज़रूरत नहीं."

बीबीसी के साथ बातचीत में वारिस पठान ने कहा कि वे अब भी अपने बयान पर डटे हैं. उनका कहना था, "भागवत जी के बयान से स्पष्ट है कि इस मुद्दे पर हमारा स्टैंड सही है."

पठान को निलंबित कराने के लिए विधानसभा में सभी पार्टियां एकजुट हो गई थीं. वह कहते हैं, "ये सब पार्टियां एक जैसी हैं. मौक़ा पड़ने पर सभी यू-टर्न मारती हैं."

भारतीय जनता पार्टी के अलावा कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और शिवसेना सभी ने पठान को विधानसभा से निलंबित कराने की सिफ़ारिश की थी.

लेकिन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नवाब मलिक का कहना है कि उनकी पार्टी ने यह प्रस्ताव नहीं रखा था.

उनके मुताबिक़, पठान को निलंबित करने के पीछे कारण यह नहीं था कि वे 'भारत माता की जय' बोलने से इनकार कर रहे थे, बल्कि यह था कि वे सदन की कार्रवाई चलने नहीं दे रहे थे.

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उन्होंने पठान और उनकी पार्टी के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी पर प्रहार करते हुए कहा, "ये नूराकुश्ती है जो भाजपा और ओवैसी की पार्टी आपस में खेल रही हैं."

उनका कहना था कि ओवैसी और पठान देख रहे हैं कि आरएसएस और बीजेपी को किस तरह फ़ायदा पहुँचाएं. मलिक के अनुसार इस मुद्दे को तूल देने वाले केवल ओवैसी हैं.

वहीं भाजपा इस मुद्दे पर किसी तरह के यूटर्न से इनकार करती है.

महाराष्ट्र भाजपा के प्रवक्ता माधव भंडारी कहते हैं, "वो (ओवैसी) सियासत कर रहे हैं. अपने समुदाय और धर्म का ग़लत इस्तेमाल कर रहे हैं. अपने समुदाय को गुमराह कर रहे हैं."

माधव भंडारी ने भागवत के ताज़ा बयान पर कहा, ''संघ प्रमुख ने कोई 'यू-टर्न' नहीं लिया है. उनका बयान स्पष्ट है कि हर भारतीय को खुद से 'भारत माता की जय' कहना चाहिए. यह आवाज़ उसके दिल से निकलनी चाहिए. ज़बरदस्ती करने की ज़रूरत ही न पड़े.''

इस विवाद पर देशभर में चर्चा हो रही है. नवाब मलिक के अनुसार आरएसएस प्रमुख ने जब देखा कि प्रतिक्रिया उनके ख़िलाफ़ हो रही है, तो उन्होंने बयान बदल दिया.

उन्होंने कहा, "आरएसएस और बीजेपी दो क़दम आगे बढ़ाते हैं और हालात सही न हों तो दो क़दम पीछे हो जाते हैं."

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बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी कहा था कि 'भारत माता की जय' पर बहस बेमानी है.

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