जेएनयू छात्रों के समर्थन में भारत प्रशासित कश्मीर बंद

    • Author, रियाज़ मसरूर
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर
  • प्रकाशित

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्रों के समर्थन में शनिवार को भारत प्रशासित कश्मीर में बंद रखा गया.

बंद के कारण सामान्य जनजीवन पर ख़ासा असर पड़ा है. सड़कें, शॉपिंग मॉल और व्यवसायिक भवन खाली नज़र आए.

अलगाववादियों ने श्रीनगर के अलग-अलग इलाक़ों में बैनर और प्लेकार्ड लेकर 'देशद्रोह' के आरोप में पकड़े गए छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किया.

बंद समर्थकों के मुताबिक़ यूनिवर्सिटी में पुलिस कार्रवाई ग़लत है. जेएनयू में इस साल नौ फ़रवरी को कथित तौर पर कश्मीरी अलगाववादी अफ़ज़ल गुरु की फांसी की तीसरी बरसी मनाई गई थी.

छात्र और उनके नेता सरकारी और मीडिया के इस दावे का विरोध कर रहे हैं कि उन्होंने भारत के ख़िलाफ़ नारे लगाए.

हालांकि कई छात्रों पर 'नज़र' रखी जा रही है और छात्र नेता कन्हैया कुमार, उमर ख़ालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य से पुलिस हिरासत में पूछताछ चल रही है.

संसद पर हमले के आरोपी और बाद में रिहा किए गए कश्मीरी प्रोफ़ेसर एसएआर गीलानी को भी पुलिस ने गिरफ़्तार किया है और उनसे मक़बूल भट और अफ़ज़ल गुरु को लेकर एक सम्मेलन कराने के बारे में पूछताछ चल रही है. भट को भी देशद्रोह के आरोप में 1984 में फांसी दे दी गई थी.

कश्मीर में बंद समर्थकों का दावा है कि भारतीय समाज का ''सचेत वर्ग'' हमेशा से ''कश्मीर की आज़ादी के संघर्ष'' को अपना समर्थन देता है.

हुर्रियत कांफ्रेंस नेता मीरवाइज़ उमर के मुताबिक़ ''अब कश्मीर का सवाल भारत की राजनीति पर असर डालने लगा है और इस कड़वी सच्चाई को कुबूलने से नई दिल्ली में बैठी सरकार को परहेज़ नहीं करना चाहिए.''

सैकड़ों कश्मीरी लड़के-लड़कियां भारत के अलग-अलग विश्वविद्यालयों में पढ़ते हैं और दिल्ली में अधिकारियों को लगता है कि कश्मीर को लेकर जो बहस चल रही है उसके पीछे कश्मीर और उत्तर पूर्व के कुछ "देशद्रोही तत्व" हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)