भाजपा को दिल्ली से भी बेदखल करना है: रजक

shyam rajak
    • Author, पंकज प्रियदर्शी
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, पटना से
  • प्रकाशित

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) नेता श्याम रजक ने दावा किया है कि बिहार में अगली सरकार महागठबंधन की बनेगी. बिहार के बाद अगली लड़ाई दिल्ली की है और वहां से भाजपा को बेदखल करेंगे.

उन्होंने कहा कि आज देश की जनता महंगाई से परेशान हैं. लेकिन भाजपा नेता ऊल-जलूल बयान दे रहे हैं. इससे जाहिर है कि भाजपा के नेता दहशत में हैं. उनके बयान उनकी कुंठित भावना को दर्शाते हैं. इससे साफ लगता है कि वो अंदर से परेशान हैं.

रजक ने कहा कि लालू प्रसाद ने कभी भी मंडल राज-2 की बात नहीं कही. मंडल कहीं भी अगड़े और पिछड़े का प्रतीक नहीं है. दरअसल यह अगड़े-पिछड़े की नहीं बल्कि ग़रीबी और अमीरी की लड़ाई है.

जेडीयू नेता ने कहा कि पिछड़ों और दलितों को न्याय नहीं मिला है. जातिवाद की बात करने वाले भाजपा नेता बताएंगे कि जिनकी आबादी तीन फीसद है, उनकी संसाधनों पर 97 फीसद हिस्सेदारी कैसे हो गई.

भाजपा कार्यकर्ता

उन्होंने कहा कि आज विधानसभा चुनाव प्रचार में भाजपा नीतीश कुमार से अधिक लालू प्रसाद को निशाना बना रही है. वह बिहार में जंगलराज की बात याद की दिला रही है.

उन्होंने कहा कि अगर बिहार में जंगल राज है तो जंगल राज की परिभाषा क्या है? जंगलराज वहां के लिए कहा जाता है, जहां कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो गई हो. गृहमंत्री ने संसद में क्राइम रिपोर्ट पेश की थी, भाजपा नेता उस क्राइम रिपोर्ट को पढ़ें.

देश में सबसे ख़राब क़ानून-व्यवस्था दिल्ली में है. ख़राब क़ानून व्यवस्था के मामले में बिहार का स्थान 22वां है.

लालू प्रसाद.

रजक ने कहा कि वो लालू यादव और राबड़ी देवी के शासनकाल को भी जंगलराज नहीं मानते हैं.

लालू सरकार की आलोचना नीतीश कुमार ने कभी नहीं की. उन्होंने जंगलराज कभी नहीं कहा. नीतीश और लालू प्रसाद दोनों की मंजिल एक थी. दोनों गरीबों को उनका अधिकार दिलाना चाहते हैं.

उन्होंने कहा कि उनके लिए नीतियां महत्वपूर्ण हैं, कोई व्यक्ति विशेष नहीं. हमारी सोच और भाजपा की सोच में बुनियादी अंतर यह है कि हम नीतियों में विश्वास करते हैं और वो व्यक्ति में विश्वास करते हैं.

नीतीश कुमार

जेडीयू नेता ने कहा कि नीतीश कुमार ने जीतन राम मांझी को महादलित होने की वजह से मुख्यमंत्री नहीं बनाया था. नीतीश कुमार ने उस समय कहा भी था कि जीतन राम मांझी को इसलिए मुख्यमंत्री बनाया गया है कि वो उनके पुराने सहयोगी हैं. इसलिए वो पार्टी के संकल्प और नीतियों को आगे बढ़ाएंगे.

रजक ने कहा कि इस चुनाव में मांझी से महागठबंधन को कोई चुनौती नहीं मिल रही है. उन्हें कोई नोटिस नहीं ले रहा है. मांझी का इतिहास यह रहा है कि उन्होंने कभी एक विधानसभा क्षेत्र से लगातार चुनाव नहीं लड़ा. वो एक पार्टी में टिककर नहीं रहे. आप उनका इतिहास उठाकर देख सकते हैं.

उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं और मीडिया ने पहले कहा कि लालू और नीतीश का गठबंधन नहीं होगा, अगर हो भी गया तो अधिक समय तक नहीं चलेगा, दोनों में सीटों को लेकर समझौता नहीं हो पाएगा. लेकिन दोनों ने गठबंधन भी किया, सीटों का समझौता भी किया और यह गठबंधन स्थाई भी है.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां <link type="page"><caption> क्लिक </caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link>करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक </caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link>और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>