बिहारः तीसरे मोर्चे की चुनावी दस्तक

    • Author, नीरज सहाय
    • पदनाम, पटना से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
  • प्रकाशित

एनडीए और महागठबंधन के बीच तीसरी ताकत बनने को बेताब समाजवादी पार्टी ने बिहार विधान सभा चुनाव में दस्तक दे दी है.

समाजवादी पार्टी और पांच दलों के संयुक्त सम्मेलन में एनसीपी के तारिक अनवर की अध्यक्षता में चुनाव लड़ने की घोषणा भी कर दी गयी.

लालू नीतीश पर हमला नहीं

लेकिन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव महागठबंधन के दोनों नेताओं लालू प्रसाद और सीएम नीतीश कुमार के ख़िलाफ़ खुलकर बोलने से बचते नज़र आये.

डीएनए प्रकरण की चर्चा तो उन्होंने की लेकिन, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम नहीं लिया.

वहीँ एनडीए पर भी उनका हमला भी सतही था.

उन्होनें भारतीय जनता पार्टी के अच्छे दिन के नारे पर चुटकी ली.

अखिलेश यादव ने कहा कि वह पार्टी का नहीं बल्कि एक ब्रांडिग और मार्केटिंग कंपनी का नारा था.

लेकिन, आज वह कंपनी बदल गयी है और दूसरे को चुनाव लड़ा रही है.

मुस्लिम-यादव वोट पर नज़र

वरिष्ठ पत्रकार मिथिलेश कुमार के मुताबिक तीसरे मोर्चा का फ़ोकस मुस्लिम और यादव वोट होगा.

मिथलेश कहते हैं कि इसी वोट बैंक पर महागठबंधन भी निर्भर रहा है. परिणामस्वरूप इसका फायदा एनडीए को मिल सकता है.

सम्मेलन में तीसरे मोर्चे के घटक दलों के मुख्य नेताओं में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के तारिक अनवर, जन- अधिकार मोर्चा के पप्पू यादव, समरस समाज पार्टी के नागमणि, समाजवादी जनता दल के देवेन्द्र प्रसाद यादव और नेशनल पीपुल्स पार्टी के नेता भी थे.

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